हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर)
Jharkhand Board · Class 11 · Hindi
Flashcards for हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर) — Jharkhand Board Class 11 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
Interactive on Super Tutor
Studying हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for flashcards and more.
1,000+ Class 11 students started this chapter today
मीरा का जन्म कब और कहाँ हुआ था? उनकी मृत्यु कब हुई?
Answer
मीरा का जन्म सन् 1498 में कुड़की गाँव (मारवाड़ रियासत) में हुआ था। उनकी मृत्यु सन् 1546 में हुई। माना जाता है कि उनकी मृत्यु द्वारका में रणछोड़ दास जी की मूर्ति में समाहित होकर हुई।…
मीरा की प्रमुख रचनाएँ कौन सी हैं और उनके गुरु कौन थे?
Answer
मीरा की प्रमुख रचनाएँ हैं: 'मीरा पदावली' और 'नरसीजी-रो-माहेरो'। संत कवि रैदास उनके गुरु माने जाते हैं। उनकी कविता में सगुण भक्ति मुख्य रूप से मौजूद है।…
'मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई' पंक्ति में मीरा का क्या भाव व्यक्त हो रहा है?
Answer
इस पंक्ति में मीरा अपनी अनन्य भक्ति व्यक्त कर रही हैं। 'गिरधर गोपाल' कृष्ण का नाम है जिन्होंने गोवर्धन पर्वत को उठाया था। मीरा कह रही हैं कि केवल कृष्ण ही उनके हैं, उनके अतिरिक्त कोई और नहीं। यह एकनिष…
'जा के सिर मोर-मुकुट, मेरो पति सोई' में कौन सा अलंकार है और इसका क्या अर्थ है?
Answer
यहाँ 'लक्षणा अलंकार' है। 'मोर-मुकुट' कृष्ण की पहचान है जो उनके सिर पर मोर पंख का मुकुट धारण करते हैं। मीरा कह रही हैं कि जिसके सिर पर मोर-मुकुट है, वही (कृष्ण) उनके पति हैं। यह कृष्ण के प्रति उनके पात…
'छाँड़ि दयी कुल की कानि' से मीरा का क्या तात्पर्य है?
Answer
'छाँड़ि दयी कुल की कानि' का अर्थ है 'कुल की मर्यादा छोड़ दी'। मीरा ने सामाजिक बंधनों, पारंपरिक मर्यादाओं और कुल की प्रतिष्ठा की चिंता छोड़कर कृष्ण भक्ति का मार्ग अपनाया। यह उनके विद्रोही स्वभाव और आत्…
'संतन ढिग बैठि-बैठि, लोक-लाज खोयी' पंक्ति का क्या अभिप्राय है?
Answer
इसका अर्थ है कि मीरा संतों के पास बैठकर सत्संग करती थीं और इससे लोक-लाज (समाज की शर्म) खो दी। उस समय महिलाओं का साधु-संतों के साथ उठना-बैठना सामाजिक रूप से अस्वीकार्य था। मीरा ने इन बंधनों को तोड़कर आ…
'अंसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम-बेलि बोयी' में कौन सा रूपक अलंकार है?
Answer
यहाँ 'रूपक अलंकार' है जहाँ प्रेम को बेल (लता) के रूप में चित्रित किया गया है। आँसुओं को पानी माना गया है जिससे प्रेम रूपी बेल को सींचा गया है। यह दर्शाता है कि मीरा ने अपने आँसुओं (विरह की पीड़ा) से क…
'अब त बेलि फैलि गयी, आणंद-फल होयी' का भावार्थ समझाइए।
Answer
इसका अर्थ है कि अब प्रेम रूपी बेल फैल गई है और उसमें आनंद रूपी फल लग गए हैं। मीरा कह रही हैं कि लंबे विरह और साधना के बाद उन्हें कृष्ण प्रेम की प्राप्ति हुई है। उनकी भक्ति अब परिपक्व हो गई है और उन्हे…
+12 more flashcards available
Practice AllFrequently Asked Questions
What are the important topics in हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर) for Jharkhand Board Class 11 Hindi?
How to score full marks in हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर) — Jharkhand Board Class 11 Hindi?
How many flashcards are available for हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर)?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर)
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
NCERT Solutions
Every textbook question solved step by step
For serious students
Get the full हम तौ एक एक करि जांनां (कबीर) chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Jharkhand Board Class 11 Hindi.