संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत)
Odisha Board · Class 11 · Hindi
Most important questions from संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत) for Odisha Board Class 11 Hindi board exam 2026. MCQs, short answer, and long answer questions with marks.
Interactive on Super Tutor
Studying संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for important questions and more.
1,000+ Class 11 students started this chapter today
Sample Questions
'दरिद्रता पापों की जननी' से कवि का क्या तात्पर्य है?
Show answer
गरीबी के कारण लोग मजबूरी में गलत काम करने को विवश होते हैं
कवि इस पंक्ति से यह संदेश देना चाहता है कि गरीबी अनेक सामाजिक बुराइयों की जड़ है। जब लोग अत्यधिक गरीबी में होते हैं, तो वे जीवन यापन के लिए कभी-कभी गलत रास्ते अपनाने को मजबूर हो जाते हैं। यह उनकी नैतिकता की कमी नहीं बल्कि परिस्थितियों का दबाव है। कवि यहाँ गरीबी को समाज की समस्याओं की जड़ बताकर इसे मिटाने की आवश्यकता पर बल दे रहा है। यह एक गहरा सामाजिक संदेश है जो आर्थिक न्याय की मांग करता है।
कविता में 'घुग्घू' शब्द किसके लिए प्रयोग हुआ है?
Show answer
उल्लू या घुग्घू पक्षी
घुग्घू उल्लू के लिए प्रयोग होने वाला एक पारंपरिक शब्द है। कविता में 'चीख उठा घुग्घू डालों में' से स्पष्ट है कि यह एक पक्षी है जो रात के समय पेड़ों की डालियों में बैठकर आवाज करता है। उल्लू रात्रिचर पक्षी है और रात के समय इसकी आवाज सुनाई देती है। कवि ने रात्रि के वातावरण को चित्रित करने के लिए इस प्राकृतिक ध्वनि का प्रयोग किया है। यह ग्रामीण परिवेश की विशेषता है जहाँ रात में विभिन्न पक्षियों की आवाजें सुनाई देती हैं।
'क्षीण ज्योति ने चुपके ज्यों गोपन मन को दे दी हो भाषा' का क्या अर्थ है?
Show answer
मंद प्रकाश में व्यक्ति के छुपे हुए मन की बात व्यक्त हो रही है
यह एक सुंदर काव्यात्मक अभिव्यक्ति है जहाँ कवि कहता है कि दीपक की मंद रोशनी (क्षीण ज्योति) में व्यापारी के मन के छुपे हुए भाव और विचार प्रकट हो रहे हैं। जब व्यापारी दुकान में अकेला बैठा है तो मंद प्रकाश में उसके मन की गहरी बातें, उसकी चिंताएं और सपने सामने आ रहे हैं। 'गोपन मन' यानी छुपा हुआ मन और 'भाषा देना' यानी व्यक्त करना। यह दिखाता है कि अकेलेपन और मंद रोशनी में व्यक्ति अपने सच्चे मन से रूबरू होता है।
निम्नलिखित में से कौन से तत्व कविता में संध्या के प्राकृतिक चित्रण में शामिल हैं? (एक से अधिक सही उत्तर हैं)
Show answer
सूर्य का क्षितिज पर छुपना, पीपल के पत्तों से किरणों का झरना, नदी में सूर्य का प्रतिबिंब
कविता में संध्या के प्राकृतिक चित्रण में तीनों तत्व शामिल हैं: 1) सूर्य क्षितिज पर छुप रहा है ('सूर्य क्षितिज पर होता ओझल'), 2) पीपल के पत्तों से सुनहरी किरणें झर रही हैं ('ताम्रपर्ण पीपल से शतमुख झरते चंचल स्वर्णिम निर्झर'), और 3) नदी में सूर्य का प्रतिबिंब दिख रहा है ('ज्योति स्तंभ-सा धंस सरिता में')। बारिश का कोई उल्लेख कविता में नहीं है। ये सभी तत्व मिलकर संध्याकालीन प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत चित्रण करते हैं।
+40 more questions available
Practice AllFrequently Asked Questions
What are the important topics in संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत) for Odisha Board Class 11 Hindi?
How to score full marks in संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत) — Odisha Board Class 11 Hindi?
How many important questions are there in संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत)?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत)
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
NCERT Solutions
Every textbook question solved step by step
For serious students
Get the full संध्या के बाद (सुमित्रानंदन पंत) chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Odisha Board Class 11 Hindi.