पद (विद्यापति) — Practice Quiz
Bihar Board · Class 12 · Hindi
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Quick Quiz: पद (विद्यापति)
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विद्यापति का जन्म किस स्थान पर हुआ था?
प्रथम पद में नायिका का मुख्य दुख क्या है?
विद्यापति किस काल के कवि माने जाते हैं?
विद्यापति ने किन तीन भाषाओं में रचनाएँ कीं?
Sample Questions
विद्यापति की महत्वपूर्ण कृतियाँ कौन सी हैं? (सभी सही विकल्प चुनें)
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कीर्तिलता, पदावली, भू-परिक्रमा, कीर्तिपताका
पाठ के अनुसार विद्यापति की महत्वपूर्ण कृतियाँ हैं - कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पुरुष परीक्षा, भू-परिक्रमा, लिखनावली और पदावली। इनमें से कीर्तिलता, पदावली, भू-परिक्रमा और कीर्तिपताका सही विकल्प हैं। 'गीत गोविंद' जयदेव की रचना है, विद्यापति की नहीं।
द्वितीय पद में नायिका की कौन सी भावनाएँ व्यक्त हुई हैं? (सभी सही विकल्प चुनें)
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प्रियतम के रूप को देखने की तृष्णा, मधुर वाणी सुनने की लालसा, प्रेम की नित्य नवीनता, हृदय की अतृप्ति
द्वितीय पद में नायिका कहती है 'जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरिपित भेल' (जन्म भर रूप देखा पर आंखें तृप्त नहीं हुईं), 'सेहो मधुर बोल' (मधुर वाणी), 'तिल तिल नूतन होए' (प्रति क्षण नवीन होता प्रेम) और 'तइअो हिअ जरनि न गेल' (फिर भी हृदय की आग नहीं बुझी)। क्रोध का कोई उल्लेख नहीं है।
तृतीय पद में नायिका की कौन सी शारीरिक अवस्था का वर्णन है? (सभी सही विकल्प चुनें)
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आंखों से अश्रुधारा का बहना, शरीर का क्षण-क्षण क्षीण होना, नेत्रों का न खुल पाना, कानों का बंद हो जाना
तृतीय पद में 'नयन गरए जल-धारा' (आंखों से आंसुओं की धारा), 'छन-छन तनु छिन' (क्षण-क्षण शरीर क्षीण होना), 'मूदि रहए दु नयान' (दोनों आंखें बंद रहना), और 'कर देइ झाँपि कान' (हाथों से कान ढकना) का उल्लेख है। भूख न लगने का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है।
'सेह पिरिति अनुराग बखानिअ तिल तिल नूतन होए' पंक्ति का क्या अर्थ है? (सभी सही विकल्प चुनें)
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प्रेम प्रति क्षण नवीन होता रहता है, प्रेम की व्याख्या करना कठिन है, प्रेम में नित्य नवीनता है
'तिल तिल नूतन होए' का अर्थ है प्रति क्षण नया होना। यह पंक्ति बताती है कि सच्चा प्रेम कभी पुराना नहीं पड़ता, वह हमेशा ताजा और नवीन लगता है। इसकी व्याख्या भी कठिन है क्योंकि यह एक गहरा अनुभव है। 'प्रेम समाप्त हो जाता है' गलत है क्योंकि यहाँ नवीनता की बात है।
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