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Chapter 4 of 17
Flashcards

गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन (Part 2) — Flashcards

CBSE · Class 10 · Hindi- Course B

35 flashcards for गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन (Part 2) (CBSE Class 10 Hindi- Course B) to test yourself on key terms and facts.

119 questions35 flashcards5 concepts

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35 Flashcards·
कथ्य और दृष्टिबचपन का वातावरणशिक्षा के प्रति दृष्टिकोणशब्दार्थपात्र और समाजलोकोक्तिस्मृति और अनुभव
Card 1कथ्य और दृष्टि

लेखक अपने बचपन और स्कूल-जीवन को किस दृष्टि से याद करता है?

Answer

लेखक बचपन को खेल, चोट, डर, स्कूल की कठिनाई, और छोटे-छोटे सुखों के मिश्रण के रूप में याद करता है। उसके लिए यह समय बाहर से भले ही कठिन था, लेकिन स्मृतियों में बहुत जीवंत और भावनात्मक है।…

Card 2बचपन का वातावरण

लेखक के साथी बच्चों की सामान्य स्थिति कैसी थी?

Answer

अधिकतर बच्चे नंगे पाँव, फटी-मैली कच्ची पोशाकों, टूटे बटनों और बिखरे बालों वाले थे। खेलते समय गिरना, चोट लगना और घर वालों से डाँट या पिटाई पाना उनके जीवन का सामान्य हिस्सा था।…

Card 3शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण

क्यों अधिकतर बच्चे स्कूल जाना जरूरी नहीं समझते थे?

Answer

बहुत से घरों में स्कूल-शिक्षा को जरूरी नहीं माना जाता था। लोग सोचते थे कि बच्चे बड़े होकर दुकान या काम में लग जाएंगे, इसलिए उन्हें स्कूल भेजने की बजाय पंडित से लंडे और मुनीमी सिखवाना पर्याप्त है।…

Card 4शब्दार्थ

लंडे क्या हैं?

Answer

लंडे हिसाब-किताब लिखने की पंजाबी प्राचीन लिपि है। यह कोई भाषा नहीं है। पुराने समय में दुकान या व्यापार के लेखे-जोखे लिखने में इसका प्रयोग होता था।…

Card 5शब्दार्थ

बहियाँ का क्या अर्थ है?

Answer

बहियाँ दुकान के हिसाब-किताब का ब्यौरा होती हैं। इनमें आय-व्यय, उधार और लेन-देन का विवरण लिखा जाता है।…

Card 6पात्र और समाज

पंडित घनश्याम दास की भूमिका क्या थी?

Answer

गाँव के पंडित घनश्याम दास बच्चों को लंडे और मुनीमी सिखाते थे। कुछ अभिभावक स्कूल शिक्षा की जगह बच्चों को उनके पास भेजना अधिक उपयोगी मानते थे।…

Card 7लोकोक्ति

‘एह खेडण' दे दिन चार’ का भाव क्या है?

Answer

इस लोकोक्ति का भाव है कि खेलने के दिन बहुत जल्दी बीत जाते हैं। बचपन का समय चंचल और क्षणभंगुर लगता है।…

Card 8स्मृति और अनुभव

बचपन में तालाब और ननिहाल की क्या भूमिका थी?

Answer

छुट्टियों में ननिहाल जाना, नानी का स्नेह, दूध-दही-मक्खन खाना और तालाब में नहाना बचपन के आनंद के हिस्से थे। तालाब बच्चों के खेलने, कूदने और मौज करने की जगह था।…

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
Key topics in गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन include कथावाचक और बचपन की पृष्ठभूमि, स्कूल का ढाँचा और व्यवस्था, पीटी प्रीतमचंद और अनुशासन, हेडमास्टर शर्मा जी का स्वभाव. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 10 board exam.
How many flashcards are available for गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन?
There are 35 flashcards for गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन covering key definitions, facts and ideas. A few sample cards are shown on this page.
How should I revise गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन for the CBSE Class 10 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 119 practice questions on गुरदयाल सिंह-सपनों के-से दिन. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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