शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) (Part 2) — Flashcards
Haryana Board · Class 12 · Hindi
26 flashcards for शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) (Part 2) (Haryana Board Class 12 Hindi) to test yourself on key terms and facts.
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One of 5 illustrations for शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) in Super Tutor — alongside flashcards, concept maps and practice questions.
शिरीष के फूल किस प्रकार का रचना-रूप है और इसका मूल भाव क्या है?
Answer
यह एक ललित निबंध है। इसका मूल भाव शिरीष वृक्ष के माध्यम से जीवन की अजेयता, धैर्य, अनासक्ति और आत्मबल को समझाना है।…
शिरीष वृक्ष को ‘अवधूत’ क्यों कहा गया है?
Answer
शिरीष भीषण गर्मी, लू और कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहता है और फूलता रहता है। यह सांसारिक दबावों से ऊपर उठे हुए संन्यासी जैसा लगता है, इसलिए उसे अवधूत कहा गया है।…
शिरीष के फूल की कोमलता के बारे में क्या विशेष बात बताई गई है?
Answer
शिरीष का फूल बहुत कोमल माना गया है, लेकिन यह कोमलता केवल फूल तक सीमित है। उसके फल बहुत मजबूत होते हैं, इसलिए उसे पूरी तरह कोमल मानना गलत है।…
शिरीष के साथ आरग्वध की तुलना क्यों नहीं की जा सकती?
Answer
आरग्वध केवल पंद्रह-बीस दिन तक फूलता है, जबकि शिरीष गर्मी और कठिन मौसम में भी लंबे समय तक अपना सौंदर्य बनाए रखता है। इसलिए दोनों की प्रकृति और स्थायित्व समान नहीं हैं।…
कबीर को पलाश की कौन-सी बात पसंद नहीं थी?
Answer
कबीर को यह पसंद नहीं था कि पलाश थोड़े समय के लिए फूलकर जल्दी ही ठूँठ बन जाता है। वे क्षणिक चमक के बजाय स्थायित्व को अधिक महत्व देते थे।…
‘दिन दस फूला फूलिके खंखड़ भया पलास!’ का आशय क्या है?
Answer
इस पंक्ति का आशय है कि जो चीज़ बहुत थोड़े समय में खिलती है और जल्दी नष्ट हो जाती है, उसकी सुंदरता स्थायी नहीं होती। यह क्षणभंगुर वैभव पर व्यंग्य है।…
शिरीष के पुराने फल किस बात का प्रतीक बनते हैं?
Answer
पुराने फल जमे रहने की प्रवृत्ति और अधिकार-लिप्सा का प्रतीक बनते हैं। जब नए फूल-फल आते हैं, तब भी पुराने फल आसानी से नहीं हटते, जैसे पुरानी पीढ़ी बदलाव को स्वीकार नहीं करती।…
जरा और मृत्यु के संदर्भ में तुलसीदास की उक्ति का क्या महत्त्व है?
Answer
यह उक्ति बताती है कि जो जन्मता है, वह नष्ट भी होता है। जीवन का यह सत्य अटल है, इसलिए मनुष्य को समय रहते परिवर्तन और सत्य को स्वीकार करना चाहिए।…
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