ईदगाह (प्रेमचंद)
Himachal Pradesh Board · Class 11 · Hindi
NCERT Solutions for ईदगाह (प्रेमचंद) — Himachal Pradesh Board Class 11 Hindi.
Interactive on Super Tutor
Studying ईदगाह (प्रेमचंद)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.
1,000+ Class 11 students started this chapter today
प्रश्न-अभ्यास — ईदगाह (प्रेमचंद)
1'ईदगाह' कहानी के उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जिनसे ईद के अवसर पर ग्रामीण परिवेश का उल्लास प्रकट होता है।Show solution
ग्रामीण उल्लास के प्रमुख प्रसंग:
1. सुबह का उत्साह: ईद की सुबह गाँव में अपूर्व उत्साह छाया रहता है। बच्चे नए कपड़े पहनकर, टोपियाँ लगाकर ईदगाह जाने के लिए तैयार होते हैं। हामिद भी नए कपड़े पहनकर प्रसन्न है।
2. ईदगाह की ओर यात्रा: गाँव के लोग झुंड बनाकर ईदगाह की ओर चलते हैं। रास्ते में आम के बागों की छाया, खेतों की हरियाली और मेले का दृश्य ग्रामीण उल्लास को दर्शाता है।
3. मेले का दृश्य: ईदगाह के पास लगे मेले में खिलौनों, मिठाइयों और झूलों की दुकानें सजी हैं। बच्चे खिलौने और मिठाइयाँ खरीदते हैं — महमूद सिपाही, मोहसिन भिश्ती और नूरे वकील का खिलौना खरीदते हैं।
4. नमाज का दृश्य: हजारों लोग एक साथ कतारों में खड़े होकर नमाज अदा करते हैं। 'मानो भ्रातृत्व का एक सूत्र इन समस्त आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है' — यह दृश्य सामूहिक उल्लास और एकता का प्रतीक है।
5. वापसी का उत्साह: बच्चे खिलौने और मिठाइयाँ लेकर खुशी-खुशी घर लौटते हैं। गाँव में ईद की खुशी चारों ओर फैली रहती है।
निष्कर्ष: इन सभी प्रसंगों से स्पष्ट होता है कि ईद का त्योहार ग्रामीण जीवन में सामूहिक आनंद, भाईचारे और उत्सव का प्रतीक है।
2'उसके अंदर प्रकाश है, बाहर आशा। विपत्ति अपना सारा दलबल लेकर आए, हामिद की आनंद भरी चितवन उसका विध्वंस कर देगी।' – इस कथन से लेखक का क्या आशय है?Show solution
आशय:
- 'अंदर प्रकाश' से लेखक का तात्पर्य है कि हामिद के हृदय में आत्मविश्वास, संतोष और सकारात्मक सोच का प्रकाश है। वह अपनी गरीबी और अभावों से विचलित नहीं होता।
- 'बाहर आशा' से आशय है कि हामिद को भविष्य के प्रति पूरी उम्मीद है। उसे विश्वास है कि उसके अब्बाजान रुपये लेकर आएँगे और अम्मीजान भी लौटेंगी।
- 'आनंद भरी चितवन' से लेखक यह बताना चाहते हैं कि हामिद की मुस्कुराहट और प्रसन्न दृष्टि इतनी शक्तिशाली है कि बड़ी-से-बड़ी विपत्ति भी उसे तोड़ नहीं सकती।
निष्कर्ष: लेखक का आशय यह है कि बाहरी परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन हों, यदि मनुष्य के भीतर आत्मबल और आशा का दीपक जलता रहे तो वह हर विपत्ति को पराजित कर सकता है। हामिद इसी आंतरिक शक्ति का प्रतीक है।
3'उन्हें क्या खबर कि चौधरी आज आँखें बदल लें, तो यह सारी ईद मुहर्रम हो जाए।' – इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।Show solution
आशय:
1. गाँव के गरीब लोगों ने ईद मनाने के लिए चौधरी से उधार लिया है — किसी ने कपड़ों के लिए, किसी ने मिठाई के लिए।
2. उनकी सारी खुशी और उत्साह इस उधार पर निर्भर है। वे इस बात से बेखबर हैं कि यदि चौधरी ने अपना रवैया बदल लिया — अर्थात् उधार देने से मना कर दिया या पुराना कर्ज माँगने लगा — तो उनकी सारी ईद की खुशी समाप्त हो जाएगी।
3. 'ईद मुहर्रम हो जाए' — ईद खुशी का त्योहार है और मुहर्रम शोक का। इस मुहावरे का अर्थ है कि खुशी दुख में बदल जाएगी।
व्यापक आशय: यह कथन ग्रामीण समाज की आर्थिक परतंत्रता और साहूकारी व्यवस्था पर करारा व्यंग्य है। गरीब किसान और मजदूर अपनी खुशियाँ भी उधार पर मनाते हैं और उनका सुख-दुख धनवानों की इच्छा पर निर्भर रहता है। यह स्थिति अत्यंत दयनीय और विडंबनापूर्ण है।
4'मानो भ्रातृत्व का एक सूत्र इन समस्त आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है।' इस कथन के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि 'धर्म तोड़ता नहीं जोड़ता है।'Show solution
कथन का स्पष्टीकरण:
1. भ्रातृत्व का सूत्र: ईदगाह में अमीर-गरीब, छोटे-बड़े, जवान-बूढ़े सभी एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर नमाज पढ़ते हैं। यहाँ कोई भेदभाव नहीं है। सभी एक ही ईश्वर के सामने झुकते हैं — यही भ्रातृत्व का सूत्र है।
2. धर्म जोड़ता है: सच्चा धर्म मनुष्यों को आपस में जोड़ता है। ईद की नमाज में सभी वर्गों के लोग एकत्र होते हैं, एक-दूसरे से गले मिलते हैं, ईद की मुबारकबाद देते हैं। यह एकता और प्रेम का भाव ही धर्म का वास्तविक स्वरूप है।
3. धर्म तोड़ता नहीं: जो धर्म के नाम पर घृणा, भेदभाव और हिंसा फैलाते हैं, वे धर्म का दुरुपयोग करते हैं। वास्तविक धर्म तो मनुष्यता, करुणा और भाईचारे का संदेश देता है।
निष्कर्ष: प्रेमचंद इस कथन के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि धर्म का मूल उद्देश्य मनुष्यों को एकता के सूत्र में बाँधना है। ईद की नमाज का यह दृश्य इस सत्य का जीवंत प्रमाण है कि सच्चा धर्म तोड़ता नहीं, जोड़ता है।
5(क)निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए – 'कई बार यही क्रिया होती है……………आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है।'Show solution
व्याख्या:
लेखक बताते हैं कि ईदगाह में नमाज की यही क्रिया — रुकू (झुकना), सिजदा (माथा टेकना), खड़े होना — बार-बार दोहराई जाती है। यह क्रिया केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि इसमें गहरी आध्यात्मिक शक्ति है।
जब हजारों लोग एक साथ एक ही भाव से, एक ही दिशा में झुकते हैं तो एक अद्भुत दृश्य उपस्थित होता है। इस दृश्य में अमीर-गरीब, ऊँच-नीच का कोई भेद नहीं रहता। सभी एक ही ईश्वर के सामने समान रूप से नतमस्तक होते हैं।
'मानो भ्रातृत्व का एक सूत्र इन समस्त आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है' — इस पंक्ति में लेखक ने एक सुंदर रूपक का प्रयोग किया है। जिस प्रकार एक धागा अनेक मोतियों को एक माला में पिरो देता है, उसी प्रकार भाईचारे और धर्म का सूत्र इन सभी आत्माओं को एकता में बाँध देता है।
विशेषता: इस गद्यांश में प्रेमचंद ने धर्म के सकारात्मक और एकीकृत स्वरूप को उजागर किया है। भाषा सरल, प्रवाहमयी और भावपूर्ण है।
5(ख)निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए – 'बुद्धिया का क्रोध……………स्वाद से भरा हुआ।'Show solution
व्याख्या:
जब हामिद चिमटा लेकर घर आता है तो दादी अमीना पहले क्रोधित होती है। वह सोचती है कि इस नासमझ बच्चे ने तीन पैसों में यह लोहे का टुकड़ा क्यों खरीदा? उसे खिलौना या मिठाई लेनी चाहिए थी।
किंतु जब हामिद बताता है कि उसने यह चिमटा दादी के लिए इसलिए खरीदा क्योंकि रोटी सेंकते समय उनकी उँगलियाँ जल जाती थीं — तो अमीना का क्रोध तुरंत स्नेह में बदल जाता है।
अमीना सोचती है — इस छोटे से बच्चे में कितना विवेक है! मेले में इतने खिलौने और मिठाइयाँ देखकर भी उसका मन नहीं डोला। उसने अपनी इच्छाओं को दबाकर दादी की जरूरत को प्राथमिकता दी।
'स्वाद से भरा हुआ' — यहाँ 'स्वाद' का अर्थ भौतिक स्वाद नहीं, बल्कि वह भावनात्मक संतुष्टि है जो हामिद के निःस्वार्थ प्रेम को देखकर अमीना के हृदय में उत्पन्न होती है।
विशेषता: यह गद्यांश बाल-मनोविज्ञान और वात्सल्य भाव का सुंदर चित्रण करता है। यहाँ क्रोध से करुणा की यात्रा अत्यंत स्वाभाविक और मार्मिक है।
6हामिद ने चिमटे की उपयोगिता को सिद्ध करते हुए क्या-क्या तर्क दिए?Show solution
हामिद के तर्क:
1. मजबूती का तर्क: हामिद ने कहा कि उसका चिमटा लोहे का बना है और बहुत मजबूत है। यह कभी टूटेगा नहीं, जबकि मिट्टी के खिलौने जल्दी टूट जाते हैं।
2. बहुउपयोगिता का तर्क: चिमटे से रोटी सेंकी जा सकती है, दुश्मन को मारा जा सकता है, कंधे पर रखकर बंदूक की तरह चला सकते हैं। यह एक साथ कई काम आता है।
3. सिपाही वाला तर्क: हामिद ने कहा कि उसका चिमटा एक 'बहादुर सिपाही' है। वह महमूद के सिपाही के खिलौने को चुनौती देते हुए बोला कि उसका चिमटा उसके सिपाही को एक ही चोट में गिरा देगा।
4. व्यावहारिकता का तर्क: हामिद ने कहा कि खिलौने और मिठाइयाँ तो कुछ देर में खत्म हो जाती हैं, लेकिन चिमटा सालों-साल काम आएगा।
5. दादी की जरूरत: हामिद ने बताया कि उसकी दादी के पास चिमटा नहीं है, इसलिए रोटी सेंकते समय उनकी उँगलियाँ जल जाती हैं। यह चिमटा उनके काम आएगा।
निष्कर्ष: हामिद के ये तर्क उसकी असाधारण बुद्धिमत्ता, व्यावहारिक सोच और दादी के प्रति गहरे प्रेम को दर्शाते हैं। अंततः उसके साथी भी मान जाते हैं कि चिमटा सबसे उपयोगी वस्तु है।
7गाँव से शहर जानेवाले रास्ते के मध्य पड़नेवाले स्थलों का ऐसा वर्णन लेखक ने किया है मानो आँखों के सामने चित्र उपस्थित हो रहा हो। अपने घर और विद्यालय के मध्य पड़नेवाले स्थानों का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।Show solution
नमूना वर्णन:
मेरे घर से विद्यालय की दूरी लगभग एक किलोमीटर है। घर से निकलते ही एक चौड़ी सड़क मिलती है जिसके दोनों ओर नीम और पीपल के पुराने पेड़ खड़े हैं। सुबह की ताजी हवा में उनकी पत्तियाँ हिलती रहती हैं।
आगे चलने पर एक छोटा-सा बाजार आता है जहाँ सुबह-सुबह सब्जीवाले अपनी दुकानें सजाते हैं। हरी-हरी सब्जियों की खुशबू मन को प्रसन्न कर देती है। चाय की एक छोटी-सी दुकान पर लोग बैठकर गपशप करते दिखते हैं।
बाजार के बाद एक पुराना मंदिर आता है जहाँ से घंटियों की मधुर आवाज सुनाई देती है। मंदिर के सामने एक छोटा-सा तालाब है जिसमें कमल के फूल खिले रहते हैं।
तालाब के पास से एक पगडंडी विद्यालय की ओर जाती है। इस पगडंडी के दोनों ओर गुलाब और गेंदे के फूल लगे हैं। विद्यालय का लाल रंग का भवन दूर से ही दिखाई देने लगता है।
विशेषता: इस वर्णन में दृश्य, गंध और ध्वनि — तीनों इंद्रियों का उपयोग किया गया है जिससे वर्णन जीवंत और चित्रात्मक बन जाता है।
8'बच्चे हामिद ने बूढ़े हामिद का पार्ट खेला था। बुद्धिया अमीना बालिका अमीना बन गई।' इस कथन में 'बूढ़े हामिद' और 'बालिका अमीना' से लेखक का क्या आशय है? स्पष्ट कीजिए।Show solution
'बूढ़े हामिद' से आशय:
हामिद उम्र में बच्चा है — मात्र चार-पाँच वर्ष का। किंतु उसने जो कार्य किया वह एक परिपक्व, जिम्मेदार और विवेकशील बुजुर्ग व्यक्ति का था। उसने अपनी इच्छाओं को दबाकर, मेले के सारे आकर्षणों को ठुकराकर, दादी की व्यावहारिक जरूरत के बारे में सोचा और चिमटा खरीदा। यह सोच एक बच्चे की नहीं, बल्कि एक अनुभवी और जिम्मेदार बुजुर्ग की थी। इसीलिए लेखक ने कहा कि 'बच्चे हामिद ने बूढ़े हामिद का पार्ट खेला।'
'बालिका अमीना' से आशय:
अमीना उम्र में बूढ़ी है — वह हामिद की दादी है। किंतु जब उसने देखा कि उसके छोटे से पोते ने उसके लिए इतना बड़ा त्याग किया, तो उसका हृदय भर आया और वह एक छोटी बच्ची की तरह रोने लगी। उसका वह परिपक्व, धैर्यशील बुजुर्ग का आवरण हट गया और भीतर की कोमल, भावुक बालिका बाहर आ गई।
निष्कर्ष: लेखक ने इस कथन के माध्यम से एक गहरी विडंबना और मार्मिक सत्य को उजागर किया है — जब बच्चा बड़ों जैसा व्यवहार करता है और बड़े बच्चों जैसे भावुक हो जाते हैं, तो यह प्रेम और त्याग की पराकाष्ठा होती है।
9'दामन फैलाकर हामिद को दुआएँ देती जाती थी और आँसू की बड़ी-बड़ी बूँदें गिराती जाती थी। हामिद इसका रहस्य क्या समझता!' – लेखक के अनुसार हामिद अमीना की दुआओं और आँसुओं के रहस्य को क्यों नहीं समझ पाया? कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।Show solution
हामिद के न समझ पाने के कारण:
1. बाल-सुलभ सरलता: हामिद एक छोटा बच्चा है। उसने चिमटा इसलिए खरीदा क्योंकि दादी की उँगलियाँ जलती थीं — यह उसके लिए एक सरल और स्वाभाविक कार्य था। वह नहीं जानता था कि इस छोटे से कार्य का दादी के लिए इतना गहरा भावनात्मक अर्थ है।
2. अमीना के आँसुओं का रहस्य: अमीना इसलिए रो रही थी क्योंकि —
- उसे अपनी गरीबी और असहायता का बोध हो रहा था कि वह हामिद को ईद पर कुछ नहीं दे सकी।
- उसे अपने मृत बेटे और बहू की याद आ रही थी।
- उसे यह देखकर आश्चर्य और गर्व हो रहा था कि इतने छोटे बच्चे में इतना विवेक और त्याग है।
- वह सोच रही थी कि इस बच्चे ने अपनी सारी इच्छाएँ दबाकर उसके बारे में सोचा।
3. बचपन की सीमा: हामिद अभी इतना परिपक्व नहीं है कि वह एक बूढ़ी दादी के हृदय में उठने वाले वात्सल्य, ग्लानि, गर्व और करुणा के मिश्रित भावों को समझ सके।
निष्कर्ष: लेखक यहाँ यह बताना चाहते हैं कि बचपन और बुढ़ापे के बीच एक भावनात्मक खाई होती है। हामिद का प्रेम निःस्वार्थ और सहज था, किंतु अमीना के आँसुओं में जीवन के अनेक अनुभव, दुख और ममता समाए थे — जिन्हें एक बच्चा नहीं समझ सकता।
10हामिद की जगह आप होते तो क्या करते?Show solution
यदि मैं हामिद की जगह होता तो मैं भी संभवतः वही करता जो हामिद ने किया — क्योंकि हामिद का निर्णय अत्यंत विवेकपूर्ण और प्रेमपूर्ण था।
मेरे विचार:
1. हामिद ने जो किया वह असाधारण था। उसने अपनी उम्र से बड़ी सोच दिखाई। मैं भी अपनी दादी या माँ की जरूरत को अपनी इच्छाओं से ऊपर रखने की कोशिश करता।
2. हालाँकि यह स्वीकार करना होगा कि मेले के आकर्षण — खिलौने, मिठाइयाँ, झूले — को देखकर मन ललचाना स्वाभाविक है। शायद मैं पहले थोड़ी मिठाई खाता और फिर बचे पैसों से कुछ उपयोगी चीज खरीदता।
3. किंतु हामिद की तरह मैं भी यह सोचता कि घर में दादी अकेली हैं, उनके पास पैसे नहीं हैं, और उनकी जरूरत मेरी खुशी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष: हामिद का यह कार्य हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम त्याग में होता है। मैं हामिद के इस निर्णय से प्रेरणा लेकर अपने परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की कोशिश करता।
योग्यता-विस्तार
1प्रेमचंद की कहानियों का संग्रह 'मानसरोवर' नाम से आठ भागों में प्रकाशित है। अपने पुस्तकालय से लेकर उसे पढ़िए।Show solution
निर्देश: छात्र अपने विद्यालय या सार्वजनिक पुस्तकालय से प्रेमचंद का 'मानसरोवर' (किसी भी भाग) लेकर पढ़ें।
'मानसरोवर' के बारे में जानकारी:
- 'मानसरोवर' प्रेमचंद की कहानियों का विशाल संग्रह है जो आठ भागों में प्रकाशित है।
- इसमें 'पंच परमेश्वर', 'बड़े घर की बेटी', 'नमक का दारोगा', 'कफन', 'पूस की रात' जैसी अनेक प्रसिद्ध कहानियाँ संकलित हैं।
- इन कहानियों में ग्रामीण जीवन, गरीबी, सामाजिक अन्याय, स्त्री-जीवन और मानवीय संवेदनाओं का यथार्थ चित्रण है।
- छात्र इन कहानियों को पढ़कर अपनी भाषा, विचार और सामाजिक समझ को समृद्ध कर सकते हैं।
2इस कहानी में लोक प्रचलित मुहावरों की भरमार है, जैसे – नानी मरना, छक्के छूटना आदि। इसमें आए मुहावरों की एक सूची तैयार कीजिए।Show solution
| मुहावरा | अर्थ |
|---|---|
| नानी मरना | बहुत कठिनाई होना |
| छक्के छूटना | बुरी तरह हार जाना, घबरा जाना |
| दाँतों तले उँगली दबाना | आश्चर्यचकित होना |
| आँखें बदल लेना | रवैया बदल लेना, मुकर जाना |
| मन ललचाना | इच्छा जागना |
| गद्गद होना | अत्यंत प्रसन्न होना |
| दामन फैलाना | दुआ माँगना |
| जी जुड़ाना | मन को शांति मिलना |
| आँखें चार होना | आमना-सामना होना |
| मन मारना | इच्छाओं को दबाना |
| हाथ पीले करना | विवाह करना |
| पेट में चूहे दौड़ना | बहुत भूख लगना |
नोट: छात्र कहानी को ध्यान से पढ़कर और अधिक मुहावरे खोज सकते हैं और उनके अर्थ तथा वाक्य-प्रयोग लिख सकते हैं।
Stuck on a step?
Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.
Ask a Doubt FreeFrequently Asked Questions
What are the important topics in ईदगाह (प्रेमचंद) for Himachal Pradesh Board Class 11 Hindi?
How to score full marks in ईदगाह (प्रेमचंद) — Himachal Pradesh Board Class 11 Hindi?
Where can I get free NCERT Solutions for ईदगाह (प्रेमचंद) Class 11 Hindi?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for ईदगाह (प्रेमचंद)
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
For serious students
Get the full ईदगाह (प्रेमचंद) chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Himachal Pradesh Board Class 11 Hindi.