आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन)
Himachal Pradesh Board · Class 12 · Hindi
Flashcards for आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन) — Himachal Pradesh Board Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
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Get startedहरिवंश राय बच्चन कौन थे?
Answer
हरिवंश राय बच्चन एक प्रमुख कवि थे। वे ‘आत्मपरिचय’ कविता और ‘निशा निमंत्रण’ गीत संग्रह के ‘एक गीत’ के रचनाकार हैं। उनका जन्म सन् 1907 में इलाहाबाद में हुआ और निधन सन् 2003 में मुंबई में हुआ।…
बच्चन की कविता-भाषा की प्रमुख विशेषता क्या है?
Answer
बच्चन ने छायावाद की लाक्षणिक वक्रता के बजाय सीधी-सादी, जीवंत और संवेदनसिक्त गेय भाषा अपनाई। इसी कारण उनकी कविता सरल होते हुए भी भावपूर्ण और प्रभावशाली बनती है।…
‘आत्मपरिचय’ कविता का केंद्रीय भाव क्या है?
Answer
इस कविता का सार यह है कि कवि का दुनिया से संबंध प्रीतिकलह का है और उसका जीवन विरुद्धों का सामंजस्य है। वह दुख और सुख, राग और आग, हँसी और रोदन जैसी विरोधी स्थितियों को साथ लेकर चलता है।…
‘मैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ, फिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूँ’ का आशय क्या है?
Answer
इस पंक्ति में कवि बताता है कि जीवन की जिम्मेदारियाँ और कठिनाइयाँ उसके साथ हैं, फिर भी वह प्रेम और अपनापन नहीं छोड़ता। यह संघर्ष और स्नेह के साथ जीने की भावना है।…
‘मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ’ से कवि क्या कहना चाहता है?
Answer
कवि यह बताता है कि वह भीड़ की अपेक्षाओं के अनुसार नहीं चलता। वह अपने मन की बात सुनता है और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखता है।…
‘मैं स्वप्नों का संसार लिए फिरता हूँ’ में ‘स्वप्नों का संसार’ क्या दर्शाता है?
Answer
यह आदर्श, कल्पना और भविष्य की आकांक्षाओं का संसार दर्शाता है। कवि अपूर्ण संसार से असंतुष्ट होकर अपने मन में एक सुंदर और अधिक अर्थपूर्ण दुनिया रचता है।…
‘मैं यौवन का उन्माद लिए फिरता हूँ, उन्मादों में अवसाद लिए फिरता हूँ’ का विरोधाभास कैसे समझें?
Answer
यहाँ यौवन की ऊर्जा और उत्साह के साथ भीतर छिपा दुख भी साथ दिखाया गया है। कवि के व्यक्तित्व में उल्लास और पीड़ा दोनों एक साथ मौजूद हैं।…
‘कर यत्न मिटे सब, सत्य किसी ने जाना?’—इस पंक्ति का भाव क्या है?
Answer
इस पंक्ति में यह संकेत है कि बहुत प्रयास करने पर भी अंतिम सत्य को पूरी तरह जान लेना संभव नहीं है। इसलिए मनुष्य को अहंकार छोड़कर सीखते रहना चाहिए।…
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