मेरे संग की औरतें
Himachal Pradesh Board · Class 9 · Hindi
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Get startedSample Questions
लेखिका की माँ की विशेषताएँ कौन सी थीं?
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वे कभी झूठ नहीं बोलती थीं, वे एक की गुप्त बात दूसरे को नहीं बताती थीं, वे किताबें पढ़ने में समय बिताती थीं
पाठ के अनुसार, लेखिका की माँ की मुख्य विशेषताएँ थीं - वे कभी झूठ नहीं बोलती थीं, जिससे उन्हें घरवालों का आदर मिलता था। वे एक व्यक्ति की गोपनीय बात को दूसरे पर जाहिर नहीं होने देती थीं, जिससे बाहरवालों की दोस्ती मिली। उनका अधिकांश समय किताबें पढ़ने, साहित्य-चर्चा और संगीत सुनने में बीतता था। वे पारंपरिक माँ की भूमिका नहीं निभाती थीं - न बच्चों को लाड़ करती थीं, न खाना बनाती थीं।
लेखिका की परदादी की विशेषताएँ कौन सी थीं?
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उन्होंने अपरिग्रह का व्रत लिया था, उन्होंने पहले बच्चे के लिए लड़की की मन्नत मांगी, उन्होंने तीसरी धोती दान करने का व्रत लिया था
लेखिका की परदादी एक अनूठे व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने व्रत ले रखा था कि यदि उनके पास दो से ज्यादा धोतियाँ हो जाएं तो तीसरी दान कर देंगी - यह अपरिग्रह का सिद्धांत था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उन्होंने मंदिर में मन्नत मांगी कि उनकी पतोहू का पहला बच्चा लड़की हो, जो उस समय की परंपरा के विपरीत था। उनका यह व्यवहार दिखाता था कि वे समाज की परंपराओं से हटकर अपने तरीके से जीती थीं।
लेखिका की माँ के बारे में कौन से कथन सत्य हैं?
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वे खादी की साड़ी पहनने का अभ्यास करती थीं, वे बहुत नाजुक थीं, वे गांधी जी के सिद्धांतों का पालन करती थीं, दादी ने उनकी तुलना हाथी से की थी
लेखिका की माँ बहुत नाजुक स्वभाव की थीं। खादी की साड़ी उन्हें इतनी भारी लगती थी कि कमर दुखने लगती, इसलिए वे रात-रात भर जागकर उसे पहनने का अभ्यास करती थीं। वे गांधी जी और अपनी माँ के सिद्धांतों के कारण सादा जीवन जीने पर मजबूर थीं। दादी ने कहा था 'हम हाथी पे हल ना जुतवाया करते, हम पे बैल हैं' - यानी वे नाजुक थीं और उनसे मोटे काम की अपेक्षा नहीं की जा सकती थी।
लेखिका की बहनों की विशेषताएँ कौन सी थीं?
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रेणु गाड़ी में बैठने से मना करती थी, चित्रा दूसरों को पढ़ाने में रुचि रखती थी, अचला अंग्रेजी में लिखती है, मंजुल पहली लेखिका बनी
लेखिका की बहनों की अलग-अलग विशेषताएँ थीं। मंजुल (रानी) पहली लेखिका बनीं और मंजुल भगत के नाम से लिखीं। रेणु को गाड़ी में बैठना सामंतशाही का प्रतीक लगता था, इसलिए वह पैदल चलती थी। चित्रा को खुद पढ़ने से ज्यादा दूसरों को पढ़ाने में रुचि थी। अचला समय के बदलाव के अनुसार अंग्रेजी में लिखती है। हालांकि सभी बहनें लेखिका नहीं बनीं - चित्रा और रेणु ने लेखन नहीं किया। चार बहनें और एक भाई कुल मिलाकर लेखन से जुड़े।
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