शिरीष के फूल
Jharkhand Board · Class 12 · Hindi
Flashcards for शिरीष के फूल — Jharkhand Board Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
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See them allहजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म कब और कहाँ हुआ था? उनकी मुख्य रचनाएँ कौन सी हैं?
Answer
जन्म: 1907, आरत दुबे का छपरा, बलिया (उत्तर प्रदेश)। मुख्य रचनाएँ: निबंध-संग्रह - अशोक के फूल, कल्पलता, कुटज; उपन्यास - बाणभट्ट की आत्मकथा, चारुचंद्रलेख; आलोचना - सूर साहित्य, कबीर, हिंदी साहित्य का आद…
लेखक ने शिरीष को 'कालजयी अवधूत' क्यों कहा है?
Answer
शिरीष को कालजयी अवधूत इसलिए कहा गया है क्योंकि यह जेठ की भयंकर गर्मी, लू और कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर फूलता रहता है। अवधूत की तरह यह सभी बाह्य कष्टों से अनासक्त रहकर अपनी मस्ती और सरसता बनाए रखत…
'दिन दस फूला फूलि के खंखड़ भया पलास' - कबीर की इस उक्ति का संदर्भ और अर्थ बताएं।
Answer
यह कबीर की उक्ति है जिसका अर्थ है - पलाश का फूल केवल दस दिन खिलकर फिर सूख जाता है। लेखक इसे उन लोगों के लिए उदाहरण देता है जो थोड़े समय के लिए चमकते हैं फिर नष्ट हो जाते हैं। कबीर ऐसे अस्थायी उत्साह क…
शिरीष के पुराने फलों की 'अधिकार-लिप्सा' से लेखक का क्या तात्पर्य है?
Answer
शिरीष के पुराने फल वसंत आने पर भी अपना स्थान नहीं छोड़ते और खड़खड़ाते रहते हैं। जब तक नए फल-पत्ते उन्हें धक्का मारकर बाहर नहीं निकालते, वे डटे रहते हैं। लेखक इसे उन नेताओं से जोड़ता है जो समय का रुख न…
कालिदास के अनुसार शिरीष पुष्प की विशेषता क्या है? संस्कृत श्लोक का अर्थ बताएं।
Answer
'पदं सहेत भ्रमरस्य पेलवं शिरीष पुष्पं न पुनः पतत्रिणाम्' - इस श्लोक का अर्थ है कि शिरीष का फूल इतना कोमल है कि केवल भ्रमर के मुलायम पैरों का दबाव सहन कर सकता है, पक्षियों का नहीं। कालिदास ने शिरीष की …
'हिलते-डुलते रहो, स्थान बदलते रहो, आगे की ओर मुँह किए रहो तो कोड़े की मार से बच भी सकते हो' - इस कथन का दार्शनिक अर्थ क्या है?
Answer
यह जीवन की गतिशीलता और अनुकूलनशीलता का संदेश है। लेखक कहता है कि समय के साथ बदलते रहना और प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। जो लोग जड़ता में फंसे रहते हैं, वे काल की मार से नहीं बच सकते। निरंतर परि…
लेखक के अनुसार सच्चे कवि के लिए कौन से दो गुण आवश्यक हैं?
Answer
सच्चे कवि के लिए दो गुण आवश्यक हैं: 1) अनासक्त योगी की स्थिर-प्रज्ञता - जो विपरीत परिस्थितियों में भी मानसिक संतुलन बनाए रखे, और 2) विदग्ध प्रेमी का हृदय - जो संवेदनशील और भावुक हो। कालिदास में ये दोन…
'फक्कड़' शब्द का अर्थ और लेखक के संदर्भ में इसका महत्व क्या है?
Answer
फक्कड़ का अर्थ है - निश्चिंत, बेपरवाह, अनासक्त व्यक्ति जो सांसारिक लाभ-हानि की चिंता नहीं करता। लेखक कहता है कि कवि बनने के लिए फक्कड़ होना जरूरी है। शिरीष भी फक्कड़ाना मस्ती से फूलता है। कबीर और कालि…
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