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Chapter 27 of 30
NCERT Solutions

ग्राम श्री

Jharkhand Board · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for ग्राम श्री — Jharkhand Board Class 9 Hindi.

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9 Questions Solved · 1 Section

प्रश्न-अभ्यास — ग्राम श्री (सुमित्रानंदन पंत)

1कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' क्यों कहा है?Show solution
दिया गया है: कविता 'ग्राम श्री' में कवि सुमित्रानंदन पंत ने गाँव के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया है।

उत्तर: कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' इसलिए कहा है क्योंकि गाँव का प्राकृतिक सौंदर्य अत्यंत मनमोहक और आकर्षक है। चारों ओर हरे-भरे खेत, रंग-बिरंगी फसलें, गंगा की सतरंगी रेती, बगुलों की कतारें, सुरखाब पक्षी, तरबूजों की खेती — ये सब मिलकर एक ऐसा अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं जो देखने वाले के मन को मोह लेता है। पन्ने (मरकत) जैसा हरा-भरा गाँव नीले आकाश की छाया में इतना सुंदर लगता है कि वह हर किसी के मन को आकर्षित कर लेता है। इसीलिए कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' कहा है।
2कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?Show solution
दिया गया है: कविता 'ग्राम श्री' में विभिन्न प्राकृतिक चित्र प्रस्तुत किए गए हैं।

उत्तर: इस कविता में हेमंत ऋतु (शीत ऋतु के आरंभ) अर्थात् शरद ऋतु के अंत और सर्दी के प्रारंभ के मौसम के सौंदर्य का वर्णन है। इसके प्रमाण निम्नलिखित हैं:
- 'हिम-आतप' (सर्दी की धूप) का उल्लेख।
- 'निरुपम हिमांत' (हिम-ऋतु का अंत) का उल्लेख।
- खेतों में अरहर, सनई, तिल, उड़द, मकई जैसी फसलों का पकना।
- तरबूजों की खेती और गंगा की रेती का दृश्य।

इन सभी संकेतों से स्पष्ट होता है कि यह हेमंत ऋतु का सौंदर्य-चित्रण है।
3गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा गया है?Show solution
दिया गया है: कविता की पंक्ति — 'मरकत डिब्बे सा खुला ग्राम'।

प्रयुक्त अलंकार: उपमा अलंकार।

उत्तर: 'मरकत' का अर्थ है — पन्ना नामक हरा रत्न। गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' इसलिए कहा गया है क्योंकि:
1. चारों ओर हरे-भरे खेत, हरी-हरी फसलें और हरियाली से ढका गाँव पन्ने (मरकत) की तरह हरा और चमकीला दिखाई देता है।
2. जिस प्रकार एक खुले हुए डिब्बे में रखे पन्ने की हरी आभा चारों ओर बिखरती है, उसी प्रकार गाँव की हरियाली भी चारों दिशाओं में फैली हुई है।
3. ऊपर नीले आकाश (नीलम नभ) की छत और नीचे हरे-भरे गाँव की तुलना एक खुले मरकत के डिब्बे से की गई है जो अत्यंत सटीक और सुंदर है।
4अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं?Show solution
दिया गया है: कविता 'ग्राम श्री' में अरहर और सनई के खेतों का वर्णन।

उत्तर: कवि को अरहर और सनई के खेत अत्यंत सुंदर और मनोरम दिखाई देते हैं:
- अरहर के खेत — अरहर की फलियाँ पककर लहलहा रही हैं। उनके पीले-पीले फूल और हरी-भरी फलियाँ खेत को सोने जैसा चमकीला बना देती हैं।
- सनई के खेत — सनई के पौधों पर सुनहरे फूल खिले हुए हैं जो किंकिणी (करधनी) की तरह झंकार करते प्रतीत होते हैं। कवि ने लिखा है — 'हँसती सनई'।

कवि को ये खेत इतने सजीव और आनंददायक लगते हैं मानो वे हँस रहे हों और अपनी सुंदरता से सबका मन मोह रहे हों। इन खेतों में कवि को प्रकृति की अपार सुंदरता के दर्शन होते हैं।
5भाव स्पष्ट कीजिए —
(क) बालू के साँपों से अंकित
गंगा की सतरंगी रेती
(ख) हँसमुख हरियाली हिम-आतप
सुख से अलसाए-से सोए
Show solution
(क) बालू के साँपों से अंकित / गंगा की सतरंगी रेती

भाव: इन पंक्तियों में कवि ने गंगा नदी के तट का अत्यंत सुंदर चित्रण किया है। गंगा की रेत (बालू) पर हवा के कारण बालू की लहरें बन जाती हैं जो साँप की टेढ़ी-मेढ़ी चाल जैसी दिखाई देती हैं। इन्हें कवि ने 'बालू के साँप' कहा है। गंगा की रेती सात रंगों से युक्त (सतरंगी) अर्थात् अत्यंत रंगीन और चमकदार दिखाई देती है। इस प्रकार कवि ने प्रकृति के एक साधारण दृश्य को अत्यंत काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया है।

प्रयुक्त अलंकार: उपमा अलंकार ('बालू के साँपों से')।

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(ख) हँसमुख हरियाली हिम-आतप / सुख से अलसाए-से सोए

भाव: इन पंक्तियों में कवि ने हेमंत ऋतु की सर्दी की धूप और हरियाली का मानवीकरण किया है। सर्दी की मीठी-मीठी धूप में हरियाली इस प्रकार शांत और स्थिर दिखाई देती है मानो वह सुख से अलसाई हुई सो रही हो। जिस प्रकार कोई व्यक्ति सुखद वातावरण में आलस्य से लेट जाता है, उसी प्रकार हरियाली भी हिम-आतप (सर्दी की धूप) में सुख से अलसाई-सी प्रतीत होती है। यह दृश्य अत्यंत शांत, सुखद और मनोरम है।

प्रयुक्त अलंकार: मानवीकरण (हरियाली का अलसाना) तथा अनुप्रास ('हँसमुख हरियाली हिम')।
6निम्न पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
तिनकों के हरे हरे तन पर
हिल हरित रुधिर है रहा झलक
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दी गई पंक्तियाँ:
'तिनकों के हरे हरे तन पर / हिल हरित रुधिर है रहा झलक'

अलंकार पहचान:

इन पंक्तियों में निम्नलिखित अलंकार हैं:

1. अनुप्रास अलंकार — 'हरे हरे', 'हिल हरित' में 'ह' वर्ण की बार-बार आवृत्ति हुई है, अतः यहाँ अनुप्रास अलंकार है।

2. मानवीकरण अलंकार — तिनकों (घास) के तन पर हरे रंग को 'हरित रुधिर' (हरा खून) कहा गया है। रुधिर (खून) मनुष्य या प्राणियों में होता है, परंतु यहाँ तिनकों में रुधिर की कल्पना की गई है, अतः यह मानवीकरण अलंकार है।

निष्कर्ष: इन पंक्तियों में अनुप्रास और मानवीकरण — दोनों अलंकार एक साथ प्रयुक्त हुए हैं।
7इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है वह भारत के किस भू-भाग पर स्थित है?Show solution
दिया गया है: कविता 'ग्राम श्री' में गाँव के प्राकृतिक परिवेश का वर्णन।

उत्तर: इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है, वह भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के गंगा के मैदानी क्षेत्र में स्थित है। इसके प्रमाण निम्नलिखित हैं:

1. गंगा नदी का उल्लेख — 'गंगा की सतरंगी रेती' से स्पष्ट है कि गाँव गंगा के तट के निकट है।
2. फसलों का वर्णन — अरहर, सनई, तिल, उड़द, मकई आदि फसलें उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र में उगाई जाती हैं।
3. कवि का परिचय — सुमित्रानंदन पंत का जन्म उत्तराखंड में हुआ था और उन्होंने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को निकट से देखा था।
4. तरबूजों की खेती — गंगा के तटीय क्षेत्रों में तरबूज की खेती होती है।

अतः यह गाँव उत्तर भारत के गंगा के मैदानी भू-भाग पर स्थित है।
8भाव और भाषा की दृष्टि से आपको यह कविता कैसी लगी? उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।Show solution
रचना और अभिव्यक्ति

भाव की दृष्टि से:

यह कविता भाव की दृष्टि से अत्यंत सुंदर और हृदयस्पर्शी है। कवि सुमित्रानंदन पंत ने भारतीय ग्रामीण जीवन और प्रकृति के सौंदर्य को बड़ी कुशलता से चित्रित किया है। हेमंत ऋतु में गाँव का जो चित्र कवि ने खींचा है, वह पाठक के मन में एक जीवंत दृश्य उपस्थित कर देता है। खेतों में लहलहाती फसलें, गंगा की रेती, बगुलों की कतारें, सुरखाब पक्षी — ये सभी चित्र मन को आनंद और शांति प्रदान करते हैं। कविता पढ़कर ऐसा लगता है मानो हम स्वयं उस गाँव में खड़े हैं।

भाषा की दृष्टि से:

भाषा की दृष्टि से यह कविता खड़ी बोली हिंदी में लिखी गई है। भाषा सरल, प्रवाहमयी और संगीतात्मक है। कवि ने उपमा, अनुप्रास, मानवीकरण जैसे अलंकारों का सुंदर प्रयोग किया है। 'मरकत डिब्बे सा खुला ग्राम', 'बालू के साँपों से अंकित' जैसे प्रयोग भाषा को अत्यंत चित्रात्मक बनाते हैं। तत्सम शब्दों का प्रयोग कविता को गरिमा प्रदान करता है।

निष्कर्ष: कुल मिलाकर यह कविता भाव और भाषा दोनों दृष्टियों से एक उत्कृष्ट रचना है जो पाठक के मन में ग्रामीण भारत के प्रति प्रेम और आकर्षण जगाती है।
9आप जहाँ रहते हैं उस इलाके के किसी मौसम विशेष के सौंदर्य को कविता या गद्य में वर्णित कीजिए।Show solution
रचना और अभिव्यक्ति

*(यह प्रश्न छात्र की अपनी अनुभूति पर आधारित है। नीचे एक आदर्श उत्तर प्रस्तुत है।)*

वर्षा ऋतु का सौंदर्य *(गद्य में)*

जब आषाढ़ के काले-काले बादल आकाश में छा जाते हैं और बिजली की चमक के साथ मूसलाधार वर्षा होती है, तो हमारा पूरा इलाका जीवंत हो उठता है। सूखी धरती पानी पाकर महक उठती है। पेड़-पौधे नहाकर ताजे और हरे-भरे हो जाते हैं। सड़कों पर बहता पानी, छतों से गिरती जलधाराएँ और बच्चों की किलकारियाँ — सब मिलकर एक अद्भुत वातावरण बना देते हैं। खेतों में किसान हल लेकर निकल पड़ते हैं। मेंढकों की टर्र-टर्र और झींगुरों की आवाज रात को और भी मनोरम बना देती है। ऐसे में मन करता है कि बस इसी वर्षा में भीगते रहें और प्रकृति के इस अनुपम उपहार का आनंद लेते रहें।

*(नोट: छात्र अपने स्थान और अनुभव के अनुसार इसे परिवर्तित कर सकते हैं।)*

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in ग्राम श्री for Jharkhand Board Class 9 Hindi?
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Sources & Official References

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