दूसरा देवदास (ममता कालिया)
Manipur Board · Class 12 · Hindi
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कहानी 'दूसरा देवदास' की लेखिका कौन हैं?
कहानी में हर की पौड़ी का स्थान कहाँ है?
संभव कहानी में किस परीक्षा की तैयारी कर रहा था?
पुजारी ने संभव और लड़की को क्या आशीर्वाद दिया?
Sample Questions
मन्नू बच्चे ने लड़की को क्या कहकर संबोधित किया?
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बुआ
मन्नू बच्चे ने लड़की को 'बुआ' कहकर संबोधित किया था। कहानी में स्पष्ट रूप से लिखा है 'पारो बुआ, पारो बुआ'। इससे पता चलता है कि लड़की का नाम पारो था और मन्नू उसे बुआ कहकर पुकारता था। यह रिश्ता दिखाता है कि वे एक ही परिवार से थे और मन्नू पारो का भतीजा था। इस संबोधन से कहानी में पारिवारिक संबंधों का पता चलता है।
कहानी का शीर्षक 'दूसरा देवदास' क्यों रखा गया है?
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शरतचंद्र के देवदास से भिन्न प्रेम कहानी
कहानी का शीर्षक 'दूसरा देवदास' इसलिए रखा गया है क्योंकि यह शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास 'देवदास' से एकदम अलग प्रकार की प्रेम कहानी है। पारंपरिक देवदास की तरह यहाँ दुःखद अंत नहीं है बल्कि एक सकारात्मक और आशावादी प्रेम की शुरुआत है। लेखिका ने फिल्मी रोमांस से हटकर पवित्र और स्वाभाविक प्रेम को दर्शाया है। यह देवदास-पारो की एक नई व्याख्या है।
गंगा की आरती के समय पंडित जी का स्वर कब थकने लगता है?
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जब लता मंगेशकर की आवाज़ सहयोग करने लगती है
कहानी में स्पष्ट रूप से लिखा है कि जब पुजारियों का स्वर थकने लगता है तो लता मंगेशकर की सुरीली आवाज़ लाउडस्पीकरों के साथ सहयोग करने लगती है। इससे आरती में एक स्निग्ध सौंदर्य की रचना हो जाती है। 'ॐ जय जगदीश हरे' से हर की पौड़ी गुंजायमान हो जाती है। यह दिखाता है कि कैसे पारंपरिक और आधुनिक तत्व मिलकर आध्यात्मिक माहौल बनाते हैं।
संभव ने अपना नाम कैसे बताया?
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संभव देवदास
कहानी के अंत में जब मन्नू पारो से संभव का परिचय करा रहा था, तो संभव ने हंसते हुए अपना नाम 'संभव देवदास' बताया। यह कहानी का चरमोत्कर्ष है जो शीर्षक से जुड़ता है। इससे पता चलता है कि वह अपने आप को दूसरा देवदास मान रहा था। इसमें व्यंग्य और रोमांस दोनों है। यह नाम बताकर उसने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।
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