अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर)
Meghalaya Board · Class 11 · Hindi
Most important questions from अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर) for Meghalaya Board Class 11 Hindi board exam 2026. MCQs, short answer, and long answer questions with marks.
Interactive on Super Tutor
Studying अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for important questions and more.
1,000+ Class 11 students started this chapter today
Sample Questions
पहले पद 'अरे इन दोहुन राह न पाई' में कबीर किसकी आलोचना करते हैं?
Show answer
हिंदुओं के धार्मिक आडंबर, मुसलमानों के धार्मिक आडंबर, जातिगत भेदभाव, सामाजिक कुरीतियाँ
कबीर इस पद में दोनों धर्मों - हिंदू और मुसलमान - के बाह्य आडंबरों की आलोचना करते हैं। वे हिंदुओं की छुआछूत और मुसलमानों की कुरीतियों दोनों पर प्रहार करते हैं। उनका मकसद जातिगत भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों का विरोध करना है। वे किसी एक धर्म को लक्षित नहीं करते बल्कि सभी धर्मों के आडंबरों का विरोध करते हैं।
दूसरे पद 'बालम आवो हमारे गेह रे' में कौन से भाव व्यक्त हुए हैं?
Show answer
विरह की पीड़ा, प्रियतम से मिलने की इच्छा, दाम्पत्य प्रेम, घर की महत्ता
इस पद में कबीर ने अपने आप को एक विरहिणी स्त्री के रूप में प्रस्तुत किया है जो अपने पति की प्रतीक्षा कर रही है। यहाँ विरह की पीड़ा, प्रियतम से मिलने की तीव्र इच्छा, दाम्पत्य प्रेम की गहराई और घर-परिवार की महत्ता के भाव व्यक्त हुए हैं। यह धार्मिक उपदेश नहीं बल्कि प्रेम की अभिव्यक्ति है।
निर्गुण भक्ति परंपरा में कबीर की विशेषताएँ क्या हैं?
Show answer
धर्म के बाह्याडंबरों का विरोध, राम-रहीम की एकता, जातिगत भेदभाव का खंडन, मानवीयता पर बल
कबीर निर्गुण भक्ति की ज्ञानमार्गी शाखा के प्रतिनिधि हैं। वे धर्म के बाहरी आडंबरों का विरोध करते हैं, हिंदू-मुस्लिम एकता (राम-रहीम) की स्थापना करते हैं, जातिगत भेदभाव का खंडन करते हैं और मनुष्य की मनुष्यता पर बल देते हैं। वे मूर्ति पूजा के विरोधी थे, समर्थक नहीं।
कबीर की काव्य भाषा की विशेषताएँ कौन सी हैं?
Show answer
जनभाषा की सहजता, भावों की गहराई, दार्शनिक चिंतन की सहज अभिव्यक्ति, अनुभव के धरातल पर आधारित
कबीर की भाषा में जनभाषा की सहजता है - यह आम लोगों की भाषा है। उसमें भावों की गहराई है और दार्शनिक विषयों को सहज रूप में व्यक्त करने की शक्ति है। उनकी कविता अनुभव के ठोस धरातल पर टिकी है जो इसे विश्वसनीय बनाती है। वे कठिन संस्कृत शब्दों का प्रयोग नहीं करते बल्कि सरल भाषा में गहरी बात कहते हैं।
+41 more questions available
Practice AllFrequently Asked Questions
What are the important topics in अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर) for Meghalaya Board Class 11 Hindi?
How to score full marks in अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर) — Meghalaya Board Class 11 Hindi?
How many important questions are there in अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर)?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर)
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
NCERT Solutions
Every textbook question solved step by step
For serious students
Get the full अरे इन दोहुन राह न पाई (कबीर) chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Meghalaya Board Class 11 Hindi.