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Chapter 1 of 30
NCERT Solutions

दो बैलों की कथा

Meghalaya Board · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for दो बैलों की कथा — Meghalaya Board Class 9 Hindi.

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प्रेमचंद के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं, जन्म, शिक्षा, लेखन कार्य, प्रमुख रचनाओं (उपन्यास, कहानियाँ, पत्रिका संपादन) और उनके साहित्यिक विचारों को दर्शाने वाला एक इन्फोग्राफिक।
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15 Questions Solved · 3 Sections

प्रश्न-अभ्यास

1कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी?Show solution
दिया गया है: कांजीहौस एक ऐसा स्थान है जहाँ आवारा या लावारिस पशुओं को कैद करके रखा जाता था।

उत्तर:
कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी निम्नलिखित कारणों से ली जाती होगी—

1. पशुओं की संख्या की जाँच: यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई पशु भाग तो नहीं गया। यदि कोई पशु कम हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके।
2. सरकारी रिकॉर्ड: सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज पशुओं का हिसाब-किताब रखने के लिए।
3. स्वास्थ्य की निगरानी: पशुओं के जीवित रहने या मर जाने का रिकॉर्ड रखने के लिए।
4. नीलामी की तैयारी: जिन पशुओं को बाद में नीलाम किया जाना हो, उनकी गिनती सही रखने के लिए।

निष्कर्ष: हाजिरी लेना मूलतः प्रशासनिक नियंत्रण और जवाबदेही बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
2छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?Show solution
दिया गया है: गया के घर में एक छोटी बच्ची थी जो हीरा और मोती को रोटी खिलाती थी।

उत्तर:
छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम उमड़ने के निम्नलिखित कारण थे—

1. समान दुख: बच्ची की माँ मर चुकी थी और उसे भी सौतेली माँ के अत्याचार सहने पड़ते थे। हीरा और मोती भी अपने असली घर (झूरी) से दूर थे और उन्हें भी कष्ट दिया जा रहा था। दोनों की पीड़ा एक जैसी थी।
2. सहानुभूति: बच्ची स्वयं उपेक्षित और दुखी थी, इसलिए उसे दूसरों के दुख को समझने की शक्ति थी।
3. निश्छल प्रेम: बच्चों का स्वभाव स्वाभाविक रूप से पशुओं के प्रति कोमल और प्रेमपूर्ण होता है।

निष्कर्ष: दुख की साझेदारी ने बच्ची और बैलों के बीच एक भावनात्मक रिश्ता बना दिया, जिससे उसके मन में उनके प्रति गहरा प्रेम उमड़ आया।
3कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभर कर आए हैं?Show solution
दिया गया है: 'दो बैलों की कथा' में हीरा और मोती के चरित्र के माध्यम से प्रेमचंद ने अनेक नैतिक मूल्यों को उजागर किया है।

उत्तर:
कहानी में निम्नलिखित नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं—

1. मित्रता और सहयोग: हीरा और मोती सदैव एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं, एक-दूसरे की रक्षा करते हैं। सच्ची मित्रता में सुख-दुख साझा किए जाते हैं।
2. स्वाभिमान: बैल किसी के अन्याय को चुपचाप सहन नहीं करते। वे शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हैं।
3. परोपकार: कांजीहौस में बंद अन्य पशुओं को मुक्त कराने के लिए मोती दीवार तोड़ता है।
4. स्त्री का सम्मान: हीरा कहता है कि औरत पर सींग चलाना उचित नहीं — यह स्त्री-सम्मान का मूल्य है।
5. अन्याय का विरोध: शोषण और अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाना नैतिक कर्तव्य है।
6. धैर्य और सहनशीलता: विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना।

निष्कर्ष: ये मूल्य केवल पशुओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मनुष्य समाज के लिए भी आदर्श हैं।
4प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ 'मूर्ख' का प्रयोग न कर किस नए अर्थ की ओर संकेत किया है?Show solution
दिया गया है: कहानी के आरंभ में प्रेमचंद ने गधे के स्वभाव की चर्चा की है।

उत्तर:
प्रेमचंद ने गधे की निम्नलिखित स्वभावगत विशेषताओं का उल्लेख किया है—

1. सहनशीलता: गधा सुख-दुख, लाभ-हानि, किसी भी परिस्थिति में न खुश होता है, न दुखी — वह सदैव एक-सा रहता है।
2. संतोष: वह जो मिले उसी में संतुष्ट रहता है, कभी शिकायत नहीं करता।
3. विरोध न करना: चाहे कितना भी बोझ लादो, कितना भी मारो — वह चुपचाप सहता रहता है।

नए अर्थ की ओर संकेत:
प्रेमचंद ने 'मूर्ख' के रूढ़ अर्थ को नकारते हुए गधे को 'सबसे बड़ा सहिष्णु प्राणी' के रूप में प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार गधे की यह विशेषता मूर्खता नहीं, बल्कि परम सहनशीलता और संतोष है। इस प्रकार प्रेमचंद ने गधे के प्रति प्रचलित नकारात्मक धारणा को बदलकर उसे एक सकारात्मक और आदरणीय गुण के रूप में स्थापित किया।
5किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी?Show solution
दिया गया है: हीरा और मोती दोनों झूरी के बैल हैं जो सदैव साथ रहते हैं।

उत्तर:
निम्नलिखित घटनाओं से हीरा और मोती की गहरी दोस्ती का पता चलता है—

1. एक-दूसरे को चाटना: दोनों बैल एक-दूसरे को चाटकर और सूँघकर अपना प्रेम प्रकट करते थे। रात को एक-दूसरे की गर्दन पर सिर रखकर सोते थे।
2. साथ मिलकर भागना: गया के घर से दोनों ने मिलकर भागने की योजना बनाई और साथ-साथ भागे।
3. एक-दूसरे की रक्षा: जब मोती को दंड मिलता था तो हीरा दुखी होता था। जब हीरा खूँटे से बँधा रहा तो मोती ने अकेले भागने से इनकार कर दिया।
4. कांजीहौस में साथ: कांजीहौस में भी दोनों ने मिलकर दीवार तोड़ने का प्रयास किया।
5. मोती का त्याग: जब हीरा पकड़ा गया तो मोती स्वयं भाग सकता था, किंतु उसने मित्र को अकेला नहीं छोड़ा और वापस लौट आया।

निष्कर्ष: ये सभी घटनाएँ सिद्ध करती हैं कि दोनों में सच्ची और गहरी मित्रता थी।
6'लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।' — हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।Show solution
दिया गया है: जब मोती गया की पत्नी पर सींग चलाने को तैयार हो जाता है, तब हीरा उसे रोकते हुए यह कथन कहता है।

उत्तर:
हीरा के इस कथन के माध्यम से प्रेमचंद के स्त्री के प्रति दृष्टिकोण के निम्नलिखित पहलू उजागर होते हैं—

1. स्त्री-सम्मान: प्रेमचंद मानते हैं कि स्त्री का सम्मान करना प्रत्येक प्राणी का कर्तव्य है। स्त्री पर बल प्रयोग करना कायरता और अनैतिकता है।
2. स्त्री की कोमलता: स्त्री स्वभाव से कोमल और ममतामयी होती है, इसलिए उसके साथ कठोर व्यवहार उचित नहीं।
3. नैतिक मर्यादा: प्रेमचंद यह संदेश देते हैं कि शक्तिशाली को कमजोर पर अपनी शक्ति का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
4. प्रगतिशील विचार: प्रेमचंद एक प्रगतिशील लेखक थे जो स्त्री को समाज में उचित स्थान और सम्मान दिलाना चाहते थे।

निष्कर्ष: इस कथन के माध्यम से प्रेमचंद ने स्पष्ट किया है कि स्त्री का सम्मान करना सभ्यता और मानवता की पहचान है।
7किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?Show solution
दिया गया है: यह कहानी ग्रामीण किसान जीवन की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

उत्तर:
कहानी में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को निम्न प्रकार व्यक्त किया गया है—

1. आत्मीय संबंध: झूरी अपने बैलों हीरा और मोती से बहुत प्रेम करता है। वह उन्हें परिवार के सदस्य की तरह मानता है। उनके वापस आने पर वह और उसकी पत्नी दोनों के माथे चूमते हैं।
2. पारस्परिक निर्भरता: किसान खेती के लिए बैलों पर निर्भर है और बैल अपने भोजन, आश्रय और देखभाल के लिए किसान पर। यह संबंध परस्पर आश्रय का है।
3. भावनात्मक जुड़ाव: बैल भी झूरी के घर को अपना घर मानते हैं। गया के घर में उन्हें बेगानापन लगता है और वे वापस झूरी के पास लौट आते हैं।
4. शोषण का पहलू: गया जैसे लोग पशुओं को केवल काम का साधन मानते हैं, उनसे प्रेम नहीं करते — यह संबंध का नकारात्मक पक्ष है।

निष्कर्ष: कहानी यह दर्शाती है कि किसान जीवन में पशु और मनुष्य का संबंध केवल आर्थिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और पारिवारिक भी होता है।
8'इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे'—मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।Show solution
दिया गया है: कांजीहौस की दीवार तोड़ने के बाद जब अन्य पशु भाग जाते हैं और मोती पकड़ा जाता है, तब वह यह कथन कहता है।

उत्तर:
मोती के इस कथन से उसकी निम्नलिखित विशेषताएँ उभरकर आती हैं—

1. परोपकारी स्वभाव: मोती दूसरों की भलाई के लिए स्वयं कष्ट उठाने को तैयार है। नौ-दस प्राणियों की जान बचाना उसे संतुष्टि देता है।
2. निःस्वार्थता: वह अपनी पकड़े जाने की चिंता न करके दूसरों के बचने की खुशी मनाता है — यह निःस्वार्थ भावना का प्रमाण है।
3. सकारात्मक सोच: विपरीत परिस्थिति में भी वह निराश नहीं होता, बल्कि जो अच्छा हुआ उसमें संतोष खोजता है।
4. साहसी: दीवार तोड़ने का जोखिम उठाना उसके साहस को दर्शाता है।
5. संवेदनशील: दूसरे प्राणियों की पीड़ा उसे व्यथित करती है और वह उनकी मदद करता है।

निष्कर्ष: मोती का यह कथन उसे एक आदर्श, परोपकारी और साहसी चरित्र के रूप में स्थापित करता है।
9आशय स्पष्ट कीजिए—
(क) अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।
(ख) उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।
Show solution
(क) आशय:

दिया गया है: यह पंक्ति हीरा और मोती की आपसी भाषाहीन संवाद-शक्ति के संदर्भ में कही गई है।

आशय: लेखक कहना चाहते हैं कि हीरा और मोती बिना बोले, केवल आँखों और संकेतों से एक-दूसरे के मन की बात समझ लेते थे। यह एक ऐसी गुप्त शक्ति है — जिसे हम मूक भाषा या हृदय की भाषा कह सकते हैं — जो मनुष्य में नहीं होती। मनुष्य भले ही स्वयं को सर्वश्रेष्ठ प्राणी मानता हो, किंतु वह इस निःशब्द प्रेम और समझ की शक्ति से वंचित है। प्रेमचंद यहाँ व्यंग्यात्मक रूप से मनुष्य के अहंकार पर प्रहार करते हैं।

---

(ख) आशय:

दिया गया है: गया के घर में छोटी बच्ची रात को चुपके से हीरा-मोती को एक रोटी खिलाती है।

आशय: एक रोटी से दो बड़े बैलों की भूख शांत नहीं हो सकती थी, यह स्वाभाविक है। किंतु उस रोटी के साथ जो प्रेम, सहानुभूति और अपनापन था, वह उनके हृदय को तृप्त कर गया। लेखक यह बताना चाहते हैं कि भावनात्मक संतुष्टि शारीरिक भूख से बड़ी होती है। प्रेम और अपनेपन का एहसास किसी भी कष्ट को कम कर देता है। यह पंक्ति मानवीय संवेदना की शक्ति को रेखांकित करती है।
10गया ने हीरा-मोती को दोनों बार सूखा भूसा खाने के लिए दिया क्योंकि—
(क) गया पराये बैलों पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था।
(ख) गरीबी के कारण खली आदि खरीदना उसके बस की बात न थी।
(ग) वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था।
(घ) उसे खली आदि सामग्री की जानकारी न थी।
Show solution
सही उत्तर: (ग) वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था। ✓

कारण: पहली बार गया ने सूखा भूसा इसलिए दिया क्योंकि वह पराये बैलों पर खर्च नहीं करना चाहता था, किंतु दूसरी बार जब हीरा-मोती ने उसकी नई बहू को मारने का प्रयास किया और खेत में हल चलाने से इनकार किया, तब गया उनके व्यवहार से अत्यंत दुखी और क्रोधित हो गया। इसीलिए उसने दंड के रूप में उन्हें सूखा भूसा दिया। अतः दोनों बार मिलाकर देखें तो मुख्य कारण उनका व्यवहार ही था।

रचना और अभिव्यक्ति

11हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही। हीरा-मोती की इस प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रकट करें।Show solution
दिया गया है: हीरा और मोती ने गया के अत्याचार का विरोध किया, जिसके कारण उन्हें मार और भूखा रहना पड़ा।

विचार:

हीरा और मोती की यह प्रतिक्रिया पूर्णतः उचित और प्रेरणादायक है। इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए जा सकते हैं—

1. स्वाभिमान की रक्षा: शोषण को चुपचाप सहते रहना कायरता है। हीरा-मोती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा की, जो प्रत्येक प्राणी का अधिकार है।

2. अन्याय का विरोध आवश्यक: यदि अन्याय का विरोध न किया जाए तो शोषण बढ़ता जाता है। हीरा-मोती ने यह संदेश दिया कि अत्याचार को सहन नहीं किया जाएगा।

3. प्रताड़ना स्वीकार्य: स्वतंत्रता और सम्मान के लिए कष्ट सहना वीरता की निशानी है। महान स्वतंत्रता सेनानियों ने भी यही किया।

4. दूसरों के लिए प्रेरणा: उनके संघर्ष ने कांजीहौस के अन्य पशुओं को भी मुक्ति दिलाई।

निष्कर्ष: हीरा और मोती की यह प्रतिक्रिया हमें सिखाती है कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना प्रत्येक प्राणी का नैतिक कर्तव्य है, चाहे उसके लिए कितनी भी कठिनाई क्यों न उठानी पड़े।
12क्या आपको लगता है कि यह कहानी आजादी की लड़ाई की ओर भी संकेत करती है?Show solution
दिया गया है: यह कहानी प्रेमचंद ने स्वतंत्रता आंदोलन के काल में लिखी थी।

उत्तर: हाँ, यह कहानी स्पष्ट रूप से आजादी की लड़ाई की ओर संकेत करती है। इसके प्रमाण निम्नलिखित हैं—

1. प्रतीकात्मकता: हीरा और मोती भारतीय जनता के प्रतीक हैं जो अंग्रेजी शासन (गया और कांजीहौस) के अत्याचार सह रहे हैं।

2. शोषण का चित्रण: जिस प्रकार गया बैलों से काम लेता है और उन्हें उचित भोजन नहीं देता, उसी प्रकार अंग्रेज भारत का शोषण करते थे।

3. विद्रोह: बैलों का गया के घर से भागना और कांजीहौस की दीवार तोड़ना — ये घटनाएँ स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक हैं।

4. एकता का संदेश: हीरा और मोती की मित्रता यह संदेश देती है कि एकजुट होकर लड़ने से ही स्वतंत्रता मिल सकती है।

5. कांजीहौस: यह ब्रिटिश जेलों का प्रतीक है जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों को बंद किया जाता था।

निष्कर्ष: प्रेमचंद ने पशुओं की कथा के माध्यम से बड़ी चतुराई से स्वतंत्रता आंदोलन का संदेश दिया है — 'स्वतंत्रता प्रत्येक प्राणी का जन्मसिद्ध अधिकार है।'

भाषा-अध्ययन

13'ही', 'भी' वाक्य में किसी बात पर जोर देने का काम कर रहे हैं। ऐसे शब्दों को निपात कहते हैं। कहानी में से पाँच ऐसे वाक्य छाँटिए जिनमें निपात का प्रयोग हुआ हो।Show solution
निपात की परिभाषा: निपात वे अव्यय शब्द हैं जो वाक्य में किसी शब्द या बात पर विशेष बल देने का काम करते हैं। जैसे — ही, भी, तो, मात्र, केवल आदि।

कहानी से पाँच वाक्य जिनमें निपात का प्रयोग हुआ है:

1. 'बस इतना ही काफ़ी है।'
— यहाँ 'ही' निपात है जो 'इतना' पर बल दे रहा है।

2. 'फिर मैं भी जोर लगाता हूँ।'
— यहाँ 'भी' निपात है जो 'मैं' पर बल दे रहा है।

3. 'एक ही विजय ने उसे संसार की सभ्य जातियों में गण्य बना दिया।'
— यहाँ 'ही' निपात है।

4. 'मैं तो डर रहा था।'
— यहाँ 'तो' निपात है।

5. 'इतना तो हो ही गया।'
— यहाँ 'तो' और 'ही' दोनों निपात हैं।
14रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए तथा उपवाक्य छाँटकर उसके भी भेद लिखिए—
(क) दीवार का गिरना था कि अधमरे-से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे।
(ख) सहसा एक दद्दियल आदमी, जिसकी आँखे लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर, आया।
(ग) हीरा ने कहा—गया के घर से नाहक भागे।
(घ) मैं बेचूँगा, तो बिकेंगे।
(ङ) अगर वह मुझे पकड़ता तो मैं बे-मारे न छोड़ता।
Show solution
रचना के आधार पर वाक्य के भेद: सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य, मिश्र वाक्य।

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(क) दीवार का गिरना था कि अधमरे-से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे।

- वाक्य भेद: मिश्र वाक्य
- प्रधान उपवाक्य: दीवार का गिरना था
- आश्रित उपवाक्य: कि अधमरे-से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे — क्रियाविशेषण उपवाक्य

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(ख) सहसा एक दद्दियल आदमी, जिसकी आँखें लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर, आया।

- वाक्य भेद: मिश्र वाक्य
- प्रधान उपवाक्य: सहसा एक दद्दियल आदमी आया
- आश्रित उपवाक्य: जिसकी आँखें लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर — विशेषण उपवाक्य (यह 'आदमी' की विशेषता बता रहा है)

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(ग) हीरा ने कहा—गया के घर से नाहक भागे।

- वाक्य भेद: मिश्र वाक्य
- प्रधान उपवाक्य: हीरा ने कहा
- आश्रित उपवाक्य: गया के घर से नाहक भागे — संज्ञा उपवाक्य (यह 'कहा' का कर्म है)

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(घ) मैं बेचूँगा, तो बिकेंगे।

- वाक्य भेद: मिश्र वाक्य
- प्रधान उपवाक्य: तो बिकेंगे
- आश्रित उपवाक्य: मैं बेचूँगा — क्रियाविशेषण उपवाक्य (शर्त बताने वाला)

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(ङ) अगर वह मुझे पकड़ता तो मैं बे-मारे न छोड़ता।

- वाक्य भेद: मिश्र वाक्य
- प्रधान उपवाक्य: तो मैं बे-मारे न छोड़ता
- आश्रित उपवाक्य: अगर वह मुझे पकड़ता — क्रियाविशेषण उपवाक्य (शर्त/कारण बताने वाला)
15कहानी में जगह-जगह मुहावरों का प्रयोग हुआ है। कोई पाँच मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।Show solution
कहानी से पाँच मुहावरे और उनका वाक्यों में प्रयोग:

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1. गम खाना — दुख सहन करना

वाक्य: राम ने नौकरी जाने का गम खाकर भी हिम्मत नहीं हारी।

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2. टकटकी लगाना — एकटक देखते रहना

वाक्य: बच्चा घंटों टकटकी लगाए आकाश में उड़ते पक्षियों को देखता रहा।

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3. नाक में दम करना — बहुत परेशान करना

वाक्य: शरारती बच्चों ने अध्यापक की नाक में दम कर दिया।

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4. ईंट का जवाब पत्थर से देना — कड़ा जवाब देना

वाक्य: भारतीय सेना ने दुश्मन की ईंट का जवाब पत्थर से दिया।

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5. जी तोड़ काम करना — पूरी शक्ति से काम करना

वाक्य: किसान ने जी तोड़ काम करके अपनी फसल बचाई।

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Sources & Official References

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