मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय
Meghalaya Board · Class 9 · Hindi
NCERT Solutions for मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय — Meghalaya Board Class 9 Hindi.
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Get startedबोध-प्रश्न — मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय
1लेखक का ऑपरेशन करने से सर्जन क्यों हिचक रहे थे?Show solution
उत्तर: सर्जन इसलिए हिचक रहे थे क्योंकि लेखक की आयु अधिक थी और उनका शरीर इतना कमज़ोर हो चुका था कि ऑपरेशन के दौरान या उसके बाद उनके जीवित बचने की संभावना बहुत कम थी। हृदय का ऑपरेशन वैसे भी अत्यंत जोखिम भरा होता है, और लेखक की उस समय की शारीरिक दशा को देखते हुए सर्जन को भय था कि ऑपरेशन की प्रक्रिया उनके लिए घातक सिद्ध हो सकती है। इसी कारण वे ऑपरेशन करने में संकोच कर रहे थे।
2'किताबों वाले कमरे' में रहने के पीछे लेखक के मन में क्या भावना थी?Show solution
उत्तर: 'किताबों वाले कमरे' में रहने के पीछे लेखक के मन में यह भावना थी कि वे अपनी प्रिय पुस्तकों के बीच रहकर एक अद्भुत आत्मीय सुकून और ऊर्जा का अनुभव करते थे। उन्हें लगता था कि ये पुस्तकें केवल कागज़ और स्याही नहीं हैं, बल्कि इनमें टालस्टाय, दास्तोवस्की, कबीर, तुलसी, प्रेमचंद जैसे महापुरुषों की आत्मा बसती है। इन महान विभूतियों की उपस्थिति उन्हें जीने की शक्ति और प्रेरणा देती थी। वे इन कृतियों के बीच स्वयं को 'भरा-भरा' और सुरक्षित महसूस करते थे। यही भावना उन्हें उस कमरे में रहने के लिए प्रेरित करती थी।
3लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?Show solution
4लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?Show solution
5माँ लेखक की स्कूली पढ़ाई को लेकर क्यों चिंतित रहती थी?Show solution
6स्कूल से इनाम में मिली अंग्रेजी की दोनों पुस्तकों ने किस प्रकार लेखक के लिए नयी दुनिया के द्वार खोल दिए?Show solution
उत्तर: स्कूल से इनाम में मिली दोनों पुस्तकें थीं — 'ग्रिम्स फेयरी टेल्स' (परियों और जादू की कहानियाँ) तथा 'बच्चों के लिए चुनी हुई कविताएँ'। इन पुस्तकों ने लेखक के लिए नई दुनिया के द्वार इस प्रकार खोले:
1. कल्पना-जगत का विस्तार: 'ग्रिम्स फेयरी टेल्स' की परी-कथाओं ने लेखक की कल्पनाशक्ति को नए पंख दिए और उन्हें एक जादुई दुनिया से परिचित कराया।
2. काव्य-संवेदना का जागरण: कविताओं की पुस्तक ने उनके भीतर साहित्यिक संवेदना और भाव-जगत को जगाया।
3. पुस्तकों के प्रति प्रेम: इन पुस्तकों को पढ़कर लेखक को अनुभव हुआ कि पुस्तकें केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये ज्ञान, आनंद और अनुभव का अनंत भंडार हैं।
इस प्रकार इन दोनों पुस्तकों ने लेखक को साहित्य और पुस्तकों की उस विशाल दुनिया से परिचित कराया जो आगे चलकर उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गई।
7'आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी अपनी लाइब्रेरी है'—पिता के इस कथन से लेखक को क्या प्रेरणा मिली?Show solution
उत्तर: पिता के इस कथन से लेखक को निम्नलिखित प्रेरणाएँ मिलीं:
1. स्वामित्व का बोध: पिता के इस कथन ने लेखक में यह भावना जगाई कि उनकी अपनी एक निजी लाइब्रेरी है। इस स्वामित्व के बोध ने उनमें पुस्तकें सहेजने और बढ़ाने की उत्कट इच्छा जगाई।
2. पुस्तक-संग्रह की प्रेरणा: लेखक ने सोचा कि यदि यह उनकी अपनी लाइब्रेरी है, तो उन्हें इसे और समृद्ध बनाना चाहिए। इससे उन्होंने नई-नई पुस्तकें खरीदने और संग्रह करने का संकल्प लिया।
3. आत्मविश्वास और प्रोत्साहन: पिता के इस प्रोत्साहन ने लेखक को यह विश्वास दिलाया कि पुस्तकें पढ़ना और सहेजना एक सराहनीय कार्य है। इससे उनका मनोबल बढ़ा।
4. जीवन-दिशा का निर्धारण: इसी प्रेरणा के फलस्वरूप लेखक ने आगे चलकर एक विशाल निजी पुस्तकालय बनाया जो उनके जीवन की सबसे बड़ी धरोहर बनी।
8लेखक द्वारा पहली पुस्तक खरीदने की घटना का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।Show solution
इस घटना का लेखक के मन पर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्हें अनुभव हुआ कि अपने पैसों से खरीदी गई पुस्तक का आनंद और महत्त्व कुछ अलग ही होता है। उस पुस्तक को हाथ में लेकर उन्हें जो संतोष और प्रसन्नता मिली, वह अवर्णनीय थी। इसी घटना ने उनके भीतर पुस्तकें खरीदने और संग्रह करने की आदत को और पक्का कर दिया। यह पहली खरीदी हुई पुस्तक उनके निजी पुस्तकालय की नींव बनी और आगे चलकर उन्होंने हज़ारों पुस्तकों का संग्रह किया।
9'इन कृतियों के बीच अपने को कितना भरा-भरा महसूस करता हूँ'—का आशय स्पष्ट कीजिए।Show solution
आशय: इस पंक्ति का आशय यह है कि लेखक अपने पुस्तकालय में संग्रहीत महान कृतियों को केवल कागज़ की किताबें नहीं मानते, बल्कि उनके लिए ये टालस्टाय, दास्तोवस्की, कबीर, तुलसी, प्रेमचंद, निराला जैसे महापुरुषों की जीवंत उपस्थिति हैं। इन कृतियों के बीच रहकर लेखक को:
1. आत्मिक तृप्ति का अनुभव होता है — जैसे कोई प्रियजनों के बीच हो।
2. बौद्धिक और भावनात्मक समृद्धि का अहसास होता है — इतने महान विचारकों के विचार उनके पास हैं।
3. एकाकीपन का नाश होता है — ये पुस्तकें उनकी सच्ची साथी हैं।
4. जीवन-ऊर्जा मिलती है — जैसा कि कवि विंदा करंदीकर ने भी कहा कि इन्हीं महापुरुषों के आशीर्वाद से लेखक ऑपरेशन के बाद बचे।
संक्षेप में, 'भरा-भरा महसूस करना' का अर्थ है — मन, बुद्धि, आत्मा और हृदय सभी का पूर्णतः तृप्त और संतुष्ट होना। लेखक के लिए उनका पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि महान आत्माओं का सान्निध्य है।
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