Skip to main content
Chapter 15 of 30
NCERT Solutions

मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय

Meghalaya Board · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय — Meghalaya Board Class 9 Hindi.

44 questions20 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.

1,000+ Class 9 students started this chapter today

A dramatic scene depicting the author's critical condition after three heart attacks, with doctors giving up hope, and Dr. Borges administering 900-volt shocks to revive him. Show medical equipment, d
Super Tutor

Learn better with visuals Super Tutor has hundreds of illustrations like this across every chapter — all free to try.

Get started
9 Questions Solved · 1 Section

बोध-प्रश्न — मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय

1लेखक का ऑपरेशन करने से सर्जन क्यों हिचक रहे थे?Show solution
दिया गया तथ्य: लेखक धर्मवीर भारती को हृदय-रोग हो गया था और उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी।

उत्तर: सर्जन इसलिए हिचक रहे थे क्योंकि लेखक की आयु अधिक थी और उनका शरीर इतना कमज़ोर हो चुका था कि ऑपरेशन के दौरान या उसके बाद उनके जीवित बचने की संभावना बहुत कम थी। हृदय का ऑपरेशन वैसे भी अत्यंत जोखिम भरा होता है, और लेखक की उस समय की शारीरिक दशा को देखते हुए सर्जन को भय था कि ऑपरेशन की प्रक्रिया उनके लिए घातक सिद्ध हो सकती है। इसी कारण वे ऑपरेशन करने में संकोच कर रहे थे।
2'किताबों वाले कमरे' में रहने के पीछे लेखक के मन में क्या भावना थी?Show solution
दिया गया तथ्य: ऑपरेशन के बाद लेखक को किताबों वाले कमरे में रखा गया था।

उत्तर: 'किताबों वाले कमरे' में रहने के पीछे लेखक के मन में यह भावना थी कि वे अपनी प्रिय पुस्तकों के बीच रहकर एक अद्भुत आत्मीय सुकून और ऊर्जा का अनुभव करते थे। उन्हें लगता था कि ये पुस्तकें केवल कागज़ और स्याही नहीं हैं, बल्कि इनमें टालस्टाय, दास्तोवस्की, कबीर, तुलसी, प्रेमचंद जैसे महापुरुषों की आत्मा बसती है। इन महान विभूतियों की उपस्थिति उन्हें जीने की शक्ति और प्रेरणा देती थी। वे इन कृतियों के बीच स्वयं को 'भरा-भरा' और सुरक्षित महसूस करते थे। यही भावना उन्हें उस कमरे में रहने के लिए प्रेरित करती थी।
3लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?Show solution
उत्तर: लेखक के घर अनेक पत्रिकाएँ नियमित रूप से आती थीं। इनमें प्रमुख थीं — 'आर्यमित्र' साप्ताहिक, 'वेदोदय', 'सरस्वती' तथा 'गृहिणी'। इसके अलावा घर में 'हिंदी बंगवासी' भी आती थी। इन पत्रिकाओं को पढ़ते-पढ़ते ही लेखक में बचपन से पढ़ने की रुचि और पुस्तकों के प्रति लगाव उत्पन्न हुआ।
4लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?Show solution
उत्तर: लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक बचपन से ही घर के वातावरण के कारण लगा। उनके घर में अनेक पत्रिकाएँ आती थीं जिन्हें वे बचपन से पढ़ते थे। स्कूल में अच्छे अंक लाने पर उन्हें इनाम में अंग्रेजी की दो पुस्तकें मिलीं — एक 'ग्रिम्स फेयरी टेल्स' और दूसरी 'बच्चों के लिए चुनी हुई कविताएँ'। इन पुस्तकों ने उनके लिए एक नई दुनिया के द्वार खोल दिए। इसके बाद उनके पिता ने अलमारी में एक खाना (खंड) उनकी अपनी किताबों के लिए निश्चित कर दिया और कहा कि यह उनकी अपनी लाइब्रेरी है। पिता के इस प्रोत्साहन ने उनमें पुस्तकें सहेजने का शौक जगाया। धीरे-धीरे यह शौक इतना गहरा हो गया कि उन्होंने अपना एक निजी पुस्तकालय ही बना लिया।
5माँ लेखक की स्कूली पढ़ाई को लेकर क्यों चिंतित रहती थी?Show solution
उत्तर: माँ लेखक की स्कूली पढ़ाई को लेकर इसलिए चिंतित रहती थी क्योंकि लेखक पाठ्यपुस्तकों की बजाय अन्य पुस्तकें और पत्रिकाएँ पढ़ने में अधिक समय लगाते थे। माँ को डर था कि इस तरह बाहरी किताबें पढ़ने में व्यस्त रहने से लेखक की स्कूली पढ़ाई प्रभावित होगी और वे परीक्षा में अच्छे अंक नहीं ला पाएँगे। माँ चाहती थीं कि उनका बेटा पहले अपनी पाठ्यपुस्तकें ठीक से पढ़े और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करे। इसी चिंता के कारण वे लेखक की पढ़ाई को लेकर सदा चिंतित रहती थीं।
6स्कूल से इनाम में मिली अंग्रेजी की दोनों पुस्तकों ने किस प्रकार लेखक के लिए नयी दुनिया के द्वार खोल दिए?Show solution
दिया गया तथ्य: लेखक को स्कूल में अच्छे अंक लाने पर इनाम में दो अंग्रेजी पुस्तकें मिली थीं।

उत्तर: स्कूल से इनाम में मिली दोनों पुस्तकें थीं — 'ग्रिम्स फेयरी टेल्स' (परियों और जादू की कहानियाँ) तथा 'बच्चों के लिए चुनी हुई कविताएँ'। इन पुस्तकों ने लेखक के लिए नई दुनिया के द्वार इस प्रकार खोले:

1. कल्पना-जगत का विस्तार: 'ग्रिम्स फेयरी टेल्स' की परी-कथाओं ने लेखक की कल्पनाशक्ति को नए पंख दिए और उन्हें एक जादुई दुनिया से परिचित कराया।

2. काव्य-संवेदना का जागरण: कविताओं की पुस्तक ने उनके भीतर साहित्यिक संवेदना और भाव-जगत को जगाया।

3. पुस्तकों के प्रति प्रेम: इन पुस्तकों को पढ़कर लेखक को अनुभव हुआ कि पुस्तकें केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये ज्ञान, आनंद और अनुभव का अनंत भंडार हैं।

इस प्रकार इन दोनों पुस्तकों ने लेखक को साहित्य और पुस्तकों की उस विशाल दुनिया से परिचित कराया जो आगे चलकर उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गई।
7'आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी अपनी लाइब्रेरी है'—पिता के इस कथन से लेखक को क्या प्रेरणा मिली?Show solution
दिया गया तथ्य: लेखक के पिता ने अलमारी में एक खाना (खंड) लेखक की अपनी किताबों के लिए निश्चित करते हुए यह बात कही थी।

उत्तर: पिता के इस कथन से लेखक को निम्नलिखित प्रेरणाएँ मिलीं:

1. स्वामित्व का बोध: पिता के इस कथन ने लेखक में यह भावना जगाई कि उनकी अपनी एक निजी लाइब्रेरी है। इस स्वामित्व के बोध ने उनमें पुस्तकें सहेजने और बढ़ाने की उत्कट इच्छा जगाई।

2. पुस्तक-संग्रह की प्रेरणा: लेखक ने सोचा कि यदि यह उनकी अपनी लाइब्रेरी है, तो उन्हें इसे और समृद्ध बनाना चाहिए। इससे उन्होंने नई-नई पुस्तकें खरीदने और संग्रह करने का संकल्प लिया।

3. आत्मविश्वास और प्रोत्साहन: पिता के इस प्रोत्साहन ने लेखक को यह विश्वास दिलाया कि पुस्तकें पढ़ना और सहेजना एक सराहनीय कार्य है। इससे उनका मनोबल बढ़ा।

4. जीवन-दिशा का निर्धारण: इसी प्रेरणा के फलस्वरूप लेखक ने आगे चलकर एक विशाल निजी पुस्तकालय बनाया जो उनके जीवन की सबसे बड़ी धरोहर बनी।
8लेखक द्वारा पहली पुस्तक खरीदने की घटना का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।Show solution
उत्तर: लेखक द्वारा पहली पुस्तक खरीदने की घटना अत्यंत रोचक और भावपूर्ण है। एक बार लेखक के पास कुछ पैसे थे। उन्होंने उन पैसों से कोई खाने-पीने की चीज़ खरीदने की बजाय एक पुस्तक खरीदने का निर्णय किया। वे पुस्तक की दुकान पर गए और अपनी पसंद की एक पुस्तक खरीदी। यह उनके जीवन की पहली स्वयं खरीदी हुई पुस्तक थी।

इस घटना का लेखक के मन पर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्हें अनुभव हुआ कि अपने पैसों से खरीदी गई पुस्तक का आनंद और महत्त्व कुछ अलग ही होता है। उस पुस्तक को हाथ में लेकर उन्हें जो संतोष और प्रसन्नता मिली, वह अवर्णनीय थी। इसी घटना ने उनके भीतर पुस्तकें खरीदने और संग्रह करने की आदत को और पक्का कर दिया। यह पहली खरीदी हुई पुस्तक उनके निजी पुस्तकालय की नींव बनी और आगे चलकर उन्होंने हज़ारों पुस्तकों का संग्रह किया।
9'इन कृतियों के बीच अपने को कितना भरा-भरा महसूस करता हूँ'—का आशय स्पष्ट कीजिए।Show solution
दिया गया संदर्भ: यह पंक्ति लेखक धर्मवीर भारती ने अपने निजी पुस्तकालय में संग्रहीत विश्व के महान लेखकों, कवियों और चिंतकों की कृतियों के संदर्भ में कही है।

आशय: इस पंक्ति का आशय यह है कि लेखक अपने पुस्तकालय में संग्रहीत महान कृतियों को केवल कागज़ की किताबें नहीं मानते, बल्कि उनके लिए ये टालस्टाय, दास्तोवस्की, कबीर, तुलसी, प्रेमचंद, निराला जैसे महापुरुषों की जीवंत उपस्थिति हैं। इन कृतियों के बीच रहकर लेखक को:

1. आत्मिक तृप्ति का अनुभव होता है — जैसे कोई प्रियजनों के बीच हो।

2. बौद्धिक और भावनात्मक समृद्धि का अहसास होता है — इतने महान विचारकों के विचार उनके पास हैं।

3. एकाकीपन का नाश होता है — ये पुस्तकें उनकी सच्ची साथी हैं।

4. जीवन-ऊर्जा मिलती है — जैसा कि कवि विंदा करंदीकर ने भी कहा कि इन्हीं महापुरुषों के आशीर्वाद से लेखक ऑपरेशन के बाद बचे।

संक्षेप में, 'भरा-भरा महसूस करना' का अर्थ है — मन, बुद्धि, आत्मा और हृदय सभी का पूर्णतः तृप्त और संतुष्ट होना। लेखक के लिए उनका पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि महान आत्माओं का सान्निध्य है।

Stuck on a step?

Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.

Ask a Doubt Free

Frequently Asked Questions

What are the important topics in मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय for Meghalaya Board Class 9 Hindi?
मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय covers several key topics that are frequently asked in Meghalaya Board Class 9 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय — Meghalaya Board Class 9 Hindi?
Understand the core concepts first, then work through the 44 practice questions available for this chapter. Revise formulas and definitions regularly, and use flashcards for quick recall before the exam.
Where can I get free NCERT Solutions for मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय Class 9 Hindi?
This page has free step-by-step NCERT Solutions for every exercise question in मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय (Meghalaya Board Class 9 Hindi) — written the way examiners award marks: given, formula, working, answer.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Meghalaya Board Class 9 Hindi.