पद
Meghalaya Board · Class 9 · Hindi
NCERT Solutions for पद — Meghalaya Board Class 9 Hindi.
Interactive on Super Tutor
Studying पद? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.
1,000+ Class 9 students started this chapter today

Super Tutor has 8+ illustrations like this for पद alone — flashcards, concept maps, and step-by-step visuals.
See them allप्रश्न-अभ्यास
1(क)पहले पद में भगवान और भक्त की जिन-जिन चीजों से तुलना की गई है, उनका उल्लेख कीजिए।Show solution
उत्तर:
पहले पद में भगवान और भक्त की निम्नलिखित चीजों से तुलना की गई है—
| भक्त | भगवान |
|---|---|
| चंदन | पानी |
| घन (बादल) | मोर |
| चंद्रमा | चकोर |
| दीपक | बाती |
| मोती | धागा |
| सोना | सुहागा |
इस प्रकार कवि ने भक्त और भगवान के बीच के अटूट संबंध को इन उपमाओं के माध्यम से व्यक्त किया है। जैसे चंदन की सुगंध पानी में समा जाती है, वैसे ही भक्त भगवान में समाया रहता है।
1(ख)पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे— पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।Show solution
उत्तर:
पहले पद में अन्य तुकांत शब्द निम्नलिखित हैं—
इस प्रकार इन तुकांत शब्दों के प्रयोग से पद में नाद-सौंदर्य उत्पन्न हो गया है और पद गेय बन गया है।
1(ग)पहले पद में कुछ शब्द अर्थ की दृष्टि से परस्पर संबद्ध हैं। ऐसे शब्दों को छाँटकर लिखिए।Show solution
उत्तर:
अर्थ की दृष्टि से परस्पर संबद्ध शब्द-युग्म निम्नलिखित हैं—
| पहला शब्द | दूसरा शब्द |
|---|---|
| दीपक | बाती |
| चंदन | पानी |
| घन (बादल) | मोर |
| चंद्रमा | चकोर |
| मोती | धागा |
| सोना | सुहागा |
ये सभी शब्द-युग्म आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हैं — जैसे दीपक और बाती एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, उसी प्रकार भक्त और भगवान भी एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं।
1(घ)दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है? स्पष्ट कीजिए।Show solution
उत्तर:
दूसरे पद में कवि रैदास ने अपने आराध्य प्रभु (ईश्वर) को 'गरीब निवाजु' कहा है। 'गरीब निवाजु' का अर्थ है — दीन-दुखियों पर दया करने वाला, गरीबों का उद्धार करने वाला।
कवि कहते हैं कि ईश्वर ही वह शक्ति है जो दीन-हीन, निर्धन और समाज में उपेक्षित लोगों पर कृपा करता है। जिन लोगों को समाज छूत-अछूत के भेद के कारण तुच्छ समझता है, उन पर भी ईश्वर की कृपा बरसती है। इसीलिए रैदास ने ईश्वर को 'गरीब निवाजु' कहकर उनकी महानता और करुणा का बखान किया है।
1(ङ)दूसरे पद की 'जाकी छोति जगत कउ लागै ता पर तुहीं ढरै' इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।Show solution
आशय:
इस पंक्ति का आशय है — जिस व्यक्ति की छुआछूत (अस्पृश्यता) को संसार के लोग मानते हैं, जिसे समाज अपवित्र और नीच समझता है, उस पर भी हे प्रभु! तुम द्रवित होते हो, तुम्हारी कृपा उस पर भी बरसती है।
कवि रैदास स्वयं निम्न जाति से थे और समाज में उन्हें छुआछूत का शिकार होना पड़ता था। इस पंक्ति के माध्यम से वे कह रहे हैं कि भले ही संसार उन्हें अछूत माने, परंतु ईश्वर की दृष्टि में सभी समान हैं। ईश्वर जाति-पाँति का भेद नहीं करते और दीन-हीन पर भी अपनी कृपा करते हैं। यह पंक्ति सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध एक सशक्त संदेश देती है।
1(च)'रैदास' ने अपने स्वामी को किन-किन नामों से पुकारा है?Show solution
उत्तर:
रैदास ने अपने स्वामी (ईश्वर) को निम्नलिखित नामों से पुकारा है—
1. लाल — स्वामी के अर्थ में
2. गरीब निवाजु — दीन-दुखियों पर दया करने वाले
3. गुसईआ — स्वामी, गुसाई
4. गोबिंदु — गोविंद (श्रीकृष्ण का नाम)
इन विभिन्न नामों से पुकारकर रैदास ने अपने प्रभु के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा, प्रेम और विनम्रता व्यक्त की है।
1(छ)निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए— मोरा, चंद, बाती, जोति, बरै, राती, छत्रु, धरै, छोति, तुहीं, गुसईआShow solution
उत्तर:
| पुराना/पद का रूप | प्रचलित रूप |
|---|---|
| मोरा | मोर |
| चंद | चंद्रमा |
| बाती | बत्ती |
| जोति | ज्योति |
| बरै | जले |
| राती | रात |
| छत्रु | छत्र |
| धरै | धारण करे / रखे |
| छोति | छुआछूत / अस्पृश्यता |
| तुहीं | तुम ही |
| गुसईआ | गुसाईं / स्वामी |
2(क)निम्नलिखित पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए— जाकी अँग-अँग बास समानीShow solution
भाव:
इस पंक्ति में कवि रैदास ने भगवान और भक्त के संबंध को चंदन और पानी के माध्यम से व्यक्त किया है। जिस प्रकार चंदन को पानी में घिसने पर उसकी सुगंध पानी के कण-कण में समा जाती है, उसी प्रकार भक्त के अंग-अंग में, रोम-रोम में ईश्वर की सुगंध (उपस्थिति) व्याप्त हो जाती है। भक्त और भगवान इस प्रकार एकाकार हो जाते हैं कि उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। यह पंक्ति भक्त की ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना को व्यक्त करती है।
2(ख)निम्नलिखित पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए— जैसे चितवत चंद चकोराShow solution
भाव:
इस पंक्ति में कवि ने चंद्रमा और चकोर पक्षी के माध्यम से भक्त और भगवान के प्रेम-संबंध को व्यक्त किया है। चकोर पक्षी चंद्रमा का परम प्रेमी माना जाता है — वह सदैव चंद्रमा को एकटक निहारता रहता है। उसी प्रकार भक्त भी अपने प्रभु को उसी तन्मयता और प्रेम से निहारता रहता है। भक्त की दृष्टि सदा अपने आराध्य पर टिकी रहती है। यह पंक्ति भक्त की एकनिष्ठ भक्ति और प्रेम को दर्शाती है।
2(ग)निम्नलिखित पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए— जाकी जोति बरै दिन रातीShow solution
भाव:
इस पंक्ति में कवि ने दीपक और बाती के माध्यम से भगवान और भक्त के संबंध को व्यक्त किया है। जिस प्रकार दीपक की ज्योति बाती के कारण दिन-रात जलती रहती है — बाती दीपक में समाकर उसे प्रकाशित करती है — उसी प्रकार भक्त की भक्ति-ज्योति दिन-रात जलती रहती है। भक्त अपने आप को ईश्वर में समर्पित कर देता है और उसकी भक्ति निरंतर प्रज्वलित रहती है। यह पंक्ति अखंड भक्ति और समर्पण का प्रतीक है।
2(घ)निम्नलिखित पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए— ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करैShow solution
भाव:
इस पंक्ति में कवि रैदास अपने प्रभु (लाल = स्वामी) से कह रहे हैं कि हे प्रभु! तुम्हारे जैसी कृपा और दया अन्य कोई नहीं कर सकता। तुम्हारे बिना दीन-हीन, निर्धन और समाज से उपेक्षित लोगों का उद्धार कौन करेगा? तुम ही एकमात्र ऐसे हो जो गरीबों, अछूतों और पीड़ितों पर दया करते हो। यह पंक्ति ईश्वर की अनन्य करुणा और उनकी अपरिहार्यता को व्यक्त करती है। कवि पूर्ण विश्वास के साथ कहते हैं कि ईश्वर के अतिरिक्त कोई भी उनका सहारा नहीं है।
2(ङ)निम्नलिखित पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए— नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरैShow solution
भाव:
इस पंक्ति में कवि रैदास कह रहे हैं कि मेरे गोविंद (ईश्वर) में इतनी शक्ति और करुणा है कि वे नीच (निम्न जाति के, दीन-हीन) को भी ऊँचा उठा देते हैं। वे किसी से नहीं डरते — न समाज से, न जाति-व्यवस्था से। ईश्वर की दृष्टि में कोई ऊँचा-नीचा नहीं होता। जो समाज में तुच्छ और उपेक्षित है, ईश्वर उसे भी सम्मान और ऊँचाई प्रदान करते हैं। यह पंक्ति सामाजिक समानता का संदेश देती है और ईश्वर की निर्भीक करुणा का गुणगान करती है। कवि स्वयं निम्न जाति से थे, इसलिए यह पंक्ति उनके व्यक्तिगत अनुभव और विश्वास की भी अभिव्यक्ति है।
3रैदास के इन पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।Show solution
केंद्रीय भाव:
पहला पद:
पहले पद का केंद्रीय भाव भक्त और भगवान के अटूट प्रेम-संबंध को व्यक्त करना है। कवि रैदास ने चंदन-पानी, घन-मोर, चंद्रमा-चकोर, दीपक-बाती, मोती-धागा और सोना-सुहागा जैसे उपमानों के माध्यम से यह बताया है कि भक्त और भगवान एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। जिस प्रकार ये जोड़े एक-दूसरे में समाए रहते हैं, उसी प्रकार भक्त ईश्वर में और ईश्वर भक्त में रमे रहते हैं। यह पद भक्ति की पराकाष्ठा और आत्मा-परमात्मा के मिलन की भावना को व्यक्त करता है।
दूसरा पद:
दूसरे पद का केंद्रीय भाव ईश्वर की करुणा और सामाजिक समानता है। कवि रैदास ने ईश्वर को 'गरीब निवाजु' और 'गोबिंदु' कहकर उनकी उस विशेषता का वर्णन किया है जिसके अनुसार ईश्वर जाति-पाँति का भेद नहीं करते। जिसे समाज अछूत और नीच मानता है, उस पर भी ईश्वर की कृपा बरसती है। ईश्वर नीच को ऊँचा उठाते हैं और किसी से नहीं डरते। यह पद सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध एक सशक्त संदेश है और ईश्वर की सर्वव्यापी करुणा का गुणगान है।
दोनों पदों का सामूहिक केंद्रीय भाव:
रैदास के दोनों पदों का केंद्रीय भाव यह है कि ईश्वर और भक्त का संबंध अटूट है, ईश्वर सबके हैं — ऊँचे-नीचे, अमीर-गरीब सभी के। भक्ति में जाति-पाँति का कोई स्थान नहीं है।
Stuck on a step?
Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.
Ask a Doubt FreeFrequently Asked Questions
What are the important topics in पद for Meghalaya Board Class 9 Hindi?
How to score full marks in पद — Meghalaya Board Class 9 Hindi?
Where can I get free NCERT Solutions for पद Class 9 Hindi?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for पद
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
For serious students
Get the full पद chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Meghalaya Board Class 9 Hindi.