Skip to main content
Chapter 7 of 12
Flashcards

भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई

Telangana Board · Class 10 · Hindi

Flashcards for भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई — Telangana Board Class 10 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.

28 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for flashcards and more.

1,000+ Class 10 students started this chapter today

28 Flashcards
Card 1उन्मुखीकरण

गुरु की महत्ता को किस दोहे में व्यक्त किया गया है?

Answer

"गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागो पाय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।।" इस दोहे में गुरु को ईश्वर से भी पहले सम्मान दिया गया है, क्योंकि गुरु सही मार्ग दिखाते हैं और ईश्वर तक पहुँचने की राह बताते

Card 2गुरु-महिमा

गुरु को ईश्वर से श्रेष्ठ क्यों माना गया है?

Answer

गुरु को श्रेष्ठ इसलिए माना गया है क्योंकि वही भक्ति, ज्ञान और सही दिशा का बोध कराते हैं। संसार रूपी सागर से पार होने की सही राह गुरु ही बताता है।

Card 3रैदास

रैदास कौन थे?

Answer

रैदास ज्ञानमार्गी शाखा के प्रमुख कवियों में से एक थे। उनका जीवनकाल सन् 1482 से सन् 1527 तक माना गया है। वे मीराबाई के गुरु माने जाते हैं।

Card 4रैदास

रैदास के पदों की भाषा और विधा क्या है?

Answer

रैदास के पद प्राचीन कविता हैं और इनमें ब्रज भाषा का प्रयोग हुआ है। यह भाषा सरल, मधुर और भक्ति-भाव को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने वाली है।

Card 5रैदास पद

"प्रभुजी, तुम चंदन हम पानी" पंक्ति में भक्त और प्रभु का संबंध कैसे दिखाया गया है?

Answer

इस पंक्ति में भक्त और प्रभु को चंदन और पानी के समान बताया गया है। जैसे पानी चंदन की सुगंध को अपने भीतर समा लेता है, वैसे ही भक्त प्रभु के गुणों में लीन होना चाहता है।

Card 6रैदास पद

"प्रभुजी, तुम घन-बन हम मोरा" में कौन-सा भाव व्यक्त है?

Answer

इस पंक्ति में भक्त की प्रभु के प्रति तीव्र चाह व्यक्त हुई है। मोर जैसे चातक की तरह प्रभु के दर्शन के लिए व्याकुल रहता है। यह भक्ति की तड़प का सुंदर उदाहरण है।

Card 7रैदास पद

"प्रभुजी, तुम दीपक हम बाती" का अर्थ क्या है?

Answer

इस पंक्ति का अर्थ है कि प्रभु दीपक हैं और भक्त बाती है। जैसे दीपक की ज्योति से बाती जलती रहती है, वैसे ही भक्त का जीवन प्रभु की कृपा से प्रकाशित रहता है।

Card 8रैदास पद

"प्रभुजी, तुम मोती हम धागा" से क्या भाव निकलता है?

Answer

इस पंक्ति में प्रभु को मोती और भक्त को धागा कहा गया है। मोती और धागा मिलकर ही सुंदर हार बनाते हैं। इसी तरह भक्त प्रभु से जुड़कर जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है।

+20 more flashcards available

Practice All

Frequently Asked Questions

What are the important topics in भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई for Telangana Board Class 10 Hindi?
भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई covers several key topics that are frequently asked in Telangana Board Class 10 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई — Telangana Board Class 10 Hindi?
Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.
How many flashcards are available for भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई?
There are 28 flashcards for भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई covering key definitions, formulas, and concepts. Use them daily for 10–15 minutes for best results.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full भक्ति पद (कविता) - रैदास, मीराबाई chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Telangana Board Class 10 Hindi.