Skip to main content
Chapter 2 of 38
Chapter Summary

सूरदास की झोंपड़ी

Tripura Board · Class 12 · Hindi

Summary of सूरदास की झोंपड़ी for Tripura Board Class 12 Hindi. Key concepts, important points, and chapter overview.

45 questions30 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying सूरदास की झोंपड़ी? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for chapter summary and more.

1,000+ Class 12 students started this chapter today

एक रात में सूरदास की झोंपड़ी में आग लगने का दृश्य, जिसमें ग्रामीण लोग आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं और आसमान में लालिमा छाई हुई है।
Super Tutor

This is just one of 5+ visuals inside Super Tutor's सूरदास की झोंपड़ी chapter

Explore the full set

Overview

‘सूरदास की झोंपड़ी’ प्रेमचंद के उपन्यास ‘रंगभूमि’ का एक अंश है। यह अंश सूरदास के चरित्र, उसकी आत्मिक दृढ़ता, समाज की ईर्ष्या, भैरों की कुटिलता, जगधर की भड़काने वाली प्रवृत्ति और सुभागी के पश्चातापपूर्ण संवेदनशील मन को सामने लाता है। कथा का केंद्र एक झोंपड़ी का जलना नहीं, बल्कि उस घटना से उजागर होने

Key Concepts

सूरदास दृष्टिहीन भिखारी होते हुए भी

सूरदास दृष्टिहीन भिखारी होते हुए भी आत्मबल से भरा हुआ है। वह झोंपड़ी जलने, रुपयों के खोने और अपमान के बाद भी टूटता नहीं। वह प्रतिशोध के बजाय फिर से नि

भैरों अपनी ईर्ष्या और बदले की

भैरों अपनी ईर्ष्या और बदले की भावना में सूरदास की झोंपड़ी में आग लगाता है और थैली से रुपये चुरा लेता है। वह अपने अपराध को स्वीकार भी करता है और उसे उच

जगधर सूरदास के सुख

जगधर सूरदास के सुख-चैन से ईर्ष्या करता है। वह भैरों को उकसाने-भड़काने में भूमिका निभाता है और बाद में रुपये लौटाने की सलाह भी हसद से प्रेरित होकर देता

सुभागी भैरों की पत्नी है। वह

सुभागी भैरों की पत्नी है। वह सूरदास पर हुए अनर्थ से दुखी होकर उसे तसल्ली देने आती है और भैरों का घर छोड़कर मेहनत-मजूरी से जीवन चलाने का प्रण करती है।

सूरदास बार

सूरदास बार-बार जलने की स्थिति के सामने भी घर बनाने का निश्चय करता है। उसका उत्तर दृढ़ता और आशा का प्रतीक है।

Learning Objectives

  • सूरदास के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं को समझना।
  • भैरों, जगधर और सुभागी के व्यवहार का विश्लेषण करना।
  • ईर्ष्या, अपमान, पश्चाताप और पुनर्निर्माण के भावों को पहचानना।
  • कथानक की प्रमुख घटनाओं का क्रम समझना।
  • लेखक द्वारा प्रस्तुत सामाजिक और नैतिक दृष्टि को ग्रहण करना।

Frequently Asked Questions

What are the important topics in सूरदास की झोंपड़ी for Tripura Board Class 12 Hindi?
सूरदास की झोंपड़ी covers several key topics that are frequently asked in Tripura Board Class 12 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in सूरदास की झोंपड़ी — Tripura Board Class 12 Hindi?
Understand the core concepts first, then work through the 45 practice questions available for this chapter. Revise formulas and definitions regularly, and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full सूरदास की झोंपड़ी chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Tripura Board Class 12 Hindi.