शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) (Part 2) — Important Questions
Tripura Board · Class 12 · Hindi
44 important questions from शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) (Part 2) for Tripura Board Class 12 Hindi, with answers. Written for the board exams 2027.
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Important Questions from शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी)
शिरीष के फूल की विशेषता के बारे में कौन से कथन सत्य हैं?
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इसके फूल बहुत कोमल माने गए हैं, इसके फल बहुत मजबूत होते हैं और नए फूल आने पर भी स्थान नहीं छोड़ते, यह जेठ की जलती धूप में नीचे से ऊपर तक फूलों से लद जाता है
शिरीष का फूल संस्कृत-साहित्य में बहुत कोमल माना गया है, और लेखक ने यह भी कहा है कि इसके फल इतने मजबूत होते हैं कि नए फूल आने पर भी वे जगह नहीं छोड़ते। निबंध में यह वृक्ष जेठ की जलती धूप में भी नीचे से ऊपर तक फूलों से लदा हुआ बताया गया है। इसलिए ये तीनों कथन सही हैं, जबकि पंद्रह-बीस दिन फूलना आरग्वध के लिए कहा गया है, शिरीष के लिए नहीं।
निबंध में उल्लेखित महान व्यक्तित्वों में से कौन शामिल हैं?
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कालिदास, कबीरदास, महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, तुलसीदास
निबंध में लेखक ने कई महान व्यक्तित्वों का उल्लेख किया है: (1) कालिदास - शिरीष पुष्प के वर्णन और कविता के संदर्भ में, (2) कबीरदास - अवधूत की तरह मस्त और बेपरवाह होने के संदर्भ में, (3) महात्मा गांधी - आत्मबल और अवधूत के गुणों के संदर्भ में, (4) रवींद्रनाथ टैगोर - अनासक्ति की चर्चा में, (5) तुलसीदास - जरा और मृत्यु की सच्चाई के संदर्भ में। ये सभी व्यक्तित्व पाठ में विभिन्न प्रसंगों में आए हैं।
शिरीष के पुराने फलों के व्यवहार में कौन सी विशेषताएं हैं?
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वे डटे रहते हैं, वे खड़खड़ाते रहते हैं, नए फल-पत्ते उन्हें धकियाते हैं
शिरीष के पुराने फलों की तीन मुख्य विशेषताएं हैं: (1) वे अपनी जगह से डटे रहते हैं और आसानी से नहीं गिरते, (2) वसंत के समय जब नई पत्तियां आती हैं तो वे बुरी तरह खड़खड़ाते रहते हैं, (3) अंततः नए फल-पत्ते मिलकर उन्हें धक्का मारकर बाहर निकाल देते हैं। लेखक इसकी तुलना उन नेताओं से करता है जो जमाने का रुख नहीं पहचानते। विकल्प (1) और (5) गलत हैं क्योंकि वे स्वयं नहीं गिरते।
'मेघदूत' काव्य के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
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यह कालिदास की रचना है, यह अनासक्त हृदय से निकला है, यह फक्कड़ाना मस्ती का परिणाम है
लेखक के अनुसार 'मेघदूत' के बारे में तीन बातें सही हैं: (1) यह कालिदास की प्रसिद्ध रचना है, (2) यह अनासक्त, अनाविल और उन्मुक्त हृदय से उमड़ा काव्य है, (3) यह फक्कड़ाना मस्ती से ही उमगा है, जैसे शिरीष के फूल उमगते हैं। लेखक कहता है कि जो कवि अनासक्त नहीं रह सका, वह सच्चा कवि नहीं है। विकल्प (4) गलत है क्योंकि यह केवल प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि गहरे दर्शन से युक्त काव्य है।
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