भरत-राम का प्रेम / पद (तुलसीदास)
Bihar Board · Class 12 · Hindi
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तुलसीदास की कौन सी रचनाएं प्रामाणिक मानी जाती हैं? (एक से अधिक सही उत्तर)
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रामचरितमानस, कवितावली, गीतावली, विनयपत्रिका
तुलसीदास की बारह कृतियां प्रामाणिक मानी जाती हैं, परंतु उनकी मुख्य ख्याति चार रचनाओं पर आधारित है। रामचरितमानस उनका सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य है जो अवधी भाषा में लिखा गया। कवितावली कवित्त और सवैया छंद में रचित है। गीतावली पद शैली की रचना है। विनयपत्रिका में विनय और आत्म-निवेदन के पद हैं। ये चारों रचनाएं तुलसीदास की काव्य प्रतिभा का प्रमाण हैं।
तुलसीदास के काव्य की कौन सी विशेषताएं हैं? (एक से अधिक सही उत्तर)
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लोकमंगल की साधना, समन्वय की भावना, व्यापक जीवनानुभव, धार्मिक और सामाजिक दृष्टि
तुलसीदास को लोकमंगल और समन्वय का कवि कहा जाता है। उनका भावजगत धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत व्यापक है। उनके पास मानव-प्रकृति और जीवन-जगत संबंधी गहरी अंतर्दृष्टि थी। व्यापक जीवनानुभव के कारण ही वे लोकजीवन के विभिन्न पक्षों का उद्घाटन कर सके। उनके काव्य में विश्वबोध और आत्मबोध का अद्वितीय समन्वय हुआ है।
गीतावली के दूसरे पद में कौन से तत्व मिलते हैं? (एक से अधिक सही उत्तर)
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राम से अयोध्यापुरी लौट आने का निवेदन, अश्वों की दयनीय अवस्था देखकर करुणा व्यक्त करना
गीतावली के दूसरे पद में कौशल्या राम को पुकारकर एक बार फिर अयोध्या आने का निवेदन करती हैं: 'राघो! एक बार फिरि आवौ।' वे राम के वियोग में दुखी अश्वों की दशा भी देखती हैं और उनके लिए गहरी चिंता प्रकट करती हैं। इसलिए इस पद में निवेदन और करुणा, दोनों तत्व मिलते हैं।
'रहि चकि चित्रलिखी सी' का अर्थ क्या है?
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स्थिर हो जाना जैसे चित्र हो
यह पंक्ति माता कौशल्या की मानसिक दशा को दर्शाती है। जब वे राम के वनगमन को याद करती हैं तो शोक में चौंककर स्थिर हो जाती हैं, बिल्कुल चित्र की भांति। यह उपमा अलंकार का सुंदर प्रयोग है। 'चकि' का अर्थ है चौंकना और 'चित्रलिखी सी' का अर्थ है चित्र की भांति निष्क्रिय। यह माता की गहरी व्यथा और स्तब्धता को दर्शाता है।
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