यशपाल (लखनवी अंदाज़) — Practice Quiz
CBSE · Class 10 · Hindi - Course A
Try a 4-question quiz on यशपाल (लखनवी अंदाज़) for CBSE Class 10 Hindi - Course A: tap an answer to check it and see why.
Interactive on Super Tutor
Studying यशपाल (लखनवी अंदाज़)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for practice quiz and more.
Free trial, no card needed.

One of 6 illustrations for यशपाल (लखनवी अंदाज़) in Super Tutor — alongside flashcards, concept maps and practice questions.
Quick Quiz: यशपाल (लखनवी अंदाज़)
0/4Tap an answer to check it instantly. No sign-up needed for these 4.
लेखक ने सेकंड क्लास का टिकट क्यों लिया था?
नवाब साहब की आंखों में क्या भावना दिखाई दी?
नवाब साहब ने खीरे की तैयारी में कौन से कदम उठाए?
नवाब साहब ने खीरे के बारे में क्या कहा था?
Sample Questions
नवाब साहब के पास कौन सी वस्तुएं रखी थीं?
Show answer
दो ताजे-चिकने खीरे, सफेद तौलिया, चाकू, नमक-मिर्च की पुड़िया, लोटा
कहानी में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि नवाब साहब के पास दो ताजे-चिकने खीरे तौलिए पर रखे थे। बाद में उन्होंने सीट के नीचे से लोटा निकाला, जेब से चाकू निकाला, और लखनऊ के खीरे बेचने वालों की तरह नमक-मिर्च की पुड़िया भी थी। ये सभी वस्तुएं खीरे को खाने की पूरी तैयारी दिखाती हैं।
लेखक ने नवाब साहब की स्थिति के बारे में क्या अनुमान लगाया? (सभी सही विकल्प चुनें)
Show answer
वे अकेले यात्रा करने के लिए सेकंड क्लास का टिकट खरीदकर आए हैं और चाहते हैं कि कोई शहर का सफ़ेदपोश उन्हें इस दर्जे में न देखे, वे खीरे का शौक अकेले में पूरा करने के लिए चिंतित थे कि कोई उन्हें खीरा खाते देख लेगा
लेखक को लगा कि नवाब साहब ने अकेले सफ़र करने के लिए सेकंड क्लास का टिकट लिया होगा और किफ़ायत के कारण ऐसा किया होगा, लेकिन उन्हें इस बात का संकोच है कि कोई सफ़ेदपोश उन्हें मँझले दर्जे में यात्रा करते देखे। लेखक ने यह भी अनुमान लगाया कि वे अकेले सफ़र का वक्त काटने के लिए खीरे खरीदे होंगे और किसी सफ़ेदपोश के सामने खीरा खाने में असहज महसूस करते होंगे। इसलिए सही विकल्प वही हैं जो उनके संकोच, दिखावे और एकांत की चाह को व्यक्त करते हैं।
कहानी में व्यंग्य की निम्नलिखित स्थितियां कहां दिखाई गई हैं? (सभी सही उत्तर चुनें)
Show answer
नवाब साहब का खीरा न खाकर केवल सूंघना, बिना खाए पेट भरा डकार लेना, खानदानी तहजीब का दिखावा, लेखक का 'नई कहानी' से तुलना करना
यशपाल ने इस पूरी कहानी में व्यंग्य का सहारा लिया है। नवाब साहब का खीरा तैयार करके न खाना, केवल सूंघना, फिर बिना खाए डकार लेना, और इसे अपनी खानदानी तहजीब बताना - ये सभी बातें व्यंग्यपूर्ण हैं। अंत में लेखक इसकी तुलना बिना कथ्य की 'नई कहानी' से करके साहित्यिक व्यंग्य भी करता है।
इस कहानी में निम्नलिखित में से कौन से सामाजिक संदेश हैं? (सभी सही उत्तर चुनें)
Show answer
दिखावे की प्रवृत्ति की आलोचना, पतनशील सामंती वर्ग पर व्यंग्य, बनावटी जीवनशैली का विरोध, सच्ची संस्कृति और नकली तहजीब में अंतर
यशपाल ने इस कहानी के माध्यम से समाज की कई बुराइयों पर प्रहार किया है। मुख्य रूप से उन्होंने दिखावे की प्रवृत्ति, पतनशील नवाबी संस्कृति, बनावटी जीवनशैली, और नकली तहजीब की आलोचना की है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे कुछ लोग वास्तविकता से दूर रहकर केवल दिखावे में जीते हैं।
+40 more questions on यशपाल (लखनवी अंदाज़) (CBSE Class 10 Hindi - Course A)
Practise AllFrequently Asked Questions
What are the important topics in यशपाल (लखनवी अंदाज़) for CBSE Class 10 Hindi - Course A?
How many practice questions are there for यशपाल (लखनवी अंदाज़)?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for यशपाल (लखनवी अंदाज़)
Important Questions
Exam-style questions with answers
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Concept Maps
See how topics connect
Study Plan
Step-by-step plan for this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Syllabus
What topics to cover
NCERT Solutions
Every textbook question solved step by step
For serious students
Get the full यशपाल (लखनवी अंदाज़) chapter — start free.
Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for CBSE Class 10 Hindi - Course A. Free to start, no card needed.