प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) — Practice Quiz
CBSE · Class 12 · Hindi
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रामचंद्र शुक्ल के पिताजी किन भाषाओं के जानकार थे?
शुक्ल जी की बाल-बुद्धि में कौन से दो व्यक्तित्व मिले हुए थे?
मिर्जापुर आने पर शुक्ल जी की अवस्था कितनी थी?
प्रेमघन (बदरीनारायण चौधरी) के व्यक्तित्व की विशेषताओं में से कौन सी शामिल थी?
Sample Questions
शुक्ल जी के मुहल्ले में उनकी मंडली को क्या कहा जाता था?
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'निस्संदेह' लोग
निबंध के अनुसार, शुक्ल जी और उनके मित्र हिंदी में बातचीत करते थे जिसमें 'निस्संदेह' इत्यादि शब्द आया करते थे। उनके मुहल्ले में वकील, मुख्तार और कचहरी के अफसरों की बस्ती थी। उर्दू भाषी लोगों के कानों में उनकी बोली अनोखी लगती थी, इसलिए उन्होंने इनका नाम 'निस्संदेह' लोग रख छोड़ा था।
शुक्ल जी की समवयस्क मंडली में कौन-कौन शामिल था?
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काशीप्रसाद जायसवाल, भगवानदास हालना, बदरीनाथ गौड़ और उमाशंकर द्विवेदी
पाठ में 16 वर्ष की अवस्था तक लेखक की समवयस्क हिंदी-प्रेमियों की मंडली के मुख्य सदस्यों के रूप में काशीप्रसाद जी जायसवाल, बा. भगवानदास जी हालना, पं. बदरीनाथ गौड़ और पं. उमाशंकर द्विवेदी का नाम दिया गया है। यही शुक्ल जी की युवावस्था की प्रमुख मंडली थी।
प्रेमघन मिर्जापुर को क्या लिखते थे और क्यों?
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मीरजापुर लिखते थे, जिसका अर्थ था लक्ष्मीपुर
निबंध के अनुसार प्रेमघन मिर्जापुर न लिखकर मीरजापुर लिखा करते थे, जिसका अर्थ वे करते थे लक्ष्मीपुर—मीर=समुद्र+जा=पुत्री+पुर। यह उनकी भाषा संबंधी मौलिक सोच और व्युत्पत्ति के ज्ञान को दर्शाता है। वे नागरी को भाषा मानते थे और इसी तरह के अपने विशिष्ट विचार रखते थे।
वामनाचार्य गिरि ने प्रेमघन के लिए कौन सी कविता की थी?
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जिसका अंतिम अंश था 'खंभा टेकि खड़ी जैसे नारि मुगलानी की'
यह घटना निबंध में एक रोचक प्रसंग के रूप में वर्णित है। वामनाचार्य गिरि सड़क पर चलते हुए प्रेमघन के ऊपर एक कविता जोड़ रहे थे। जब उन्होंने प्रेमघन को खंभे के सहारे खड़े देखा तो तुरंत कविता का अंतिम चरण पूरा हो गया। यह प्रसंग प्रेमघन के व्यक्तित्व और उस समय के साहित्यिक माहौल को दर्शाता है।
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How many practice questions are there for प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल)?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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