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Chapter 5 of 10
Practice Quiz

कबीर के दोहे - कबीर

CBSE · Class 8 · Hindi

Practice quiz for कबीर के दोहे - कबीर — CBSE Class 8 Hindi. MCQs and questions with answers to test your preparation.

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Quick Quiz: कबीर के दोहे - कबीर

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1

कबीरदास के अनुसार सबसे बड़ा तप क्या है?

2

कबीर के अनुसार खजूर के पेड़ की तरह कैसे व्यक्ति व्यर्थ है?

3

गुरु और गोविंद के सामने कबीर किसे प्रणाम करना चाहते हैं?

4

कबीर के अनुसार किस प्रकार की वाणी बोलनी चाहिए?

45 Questions·
multiple choicemultiple correct

Sample Questions

1multiple choice
1 marks

निंदक को पास रखने से क्या फायदा है?

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वह हमारी कमियां बताकर हमें सुधारता है

कबीर कहते हैं 'निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाया। बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करै सुभाया।' निंदक को पास रखने से यह फायदा है कि वह बिना पानी और साबुन के ही हमें स्वच्छ बना देता है। यानी वह हमारी बुराइयों और कमियों को बताता रहता है जिससे हम सुधर जाते हैं। निंदा सुनकर व्यक्ति अपनी गलतियों को पहचानता है और उन्हें दूर करने का प्रयास करता है।

2multiple choice
1 marks

साधु को सूप के समान क्यों कहा गया है?

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क्योंकि वह अच्छे-बुरे में भेद करता है

कबीर कहते हैं 'साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाया। सार सार को गहि रहै, थोथा देइ उड़ाया।' सूप का काम होता है अनाज को साफ करना - अच्छे अनाज को अलग करना और भूसा उड़ा देना। इसी तरह साधु भी समाज में अच्छी बातों को अपनाता है और बुरी बातों को छोड़ देता है। वह सार रूप ज्ञान को ग्रहण करता है और व्यर्थ की बातों को त्याग देता है।

3multiple choice
1 marks

मन को पंछी कहने का क्या अर्थ है?

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मन चंचल है और भटकता रहता है

कबीर कहते हैं 'कबिरा मन पंछी भया, भवै तहाँ तहाँ जाया। जो जैसी संगति करै, सो तैसा फल पाया।' मन को पंछी इसलिए कहा गया है क्योंकि पक्षी की तरह मन भी चंचल होता है और इधर-उधर भटकता रहता है। जैसे पक्षी एक डाल से दूसरी डाल पर उड़ता रहता है, वैसे ही मन भी एक विषय से दूसरे विषय पर जाता रहता है। संगति के अनुसार मन का प्रभाव भी बदलता रहता है।

4multiple choice
1 marks

कबीर के अनुसार अति किस बात की हानिकारक है?

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सभी कामों की

कबीर कहते हैं 'अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप। अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।' इस दोहे में कबीर यह संदेश देते हैं कि किसी भी काम की अति हानिकारक है। न तो ज्यादा बोलना अच्छा है न बिल्कुल चुप रहना। न तो अधिक बारिश अच्छी है न अधिक धूप। जीवन में संतुलन होना आवश्यक है। मध्यम मार्ग अपनाना सबसे उत्तम है।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in कबीर के दोहे - कबीर for CBSE Class 8 Hindi?
कबीर के दोहे - कबीर covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 8 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in कबीर के दोहे - कबीर — CBSE Class 8 Hindi?
Understand the core concepts first, then work through the 45 practice questions available for this chapter. Revise formulas and definitions regularly, and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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