Skip to main content
Chapter 23 of 38
Flashcards

कवित्त (घनानंद) — Flashcards

Chhattisgarh Board · Class 12 · Hindi

20 flashcards for कवित्त (घनानंद) (Chhattisgarh Board Class 12 Hindi) to test yourself on key terms and facts. Sample: "घनानंद का साहित्यिक परिचय क्या है?"

44 questions20 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying कवित्त (घनानंद)? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for flashcards and more.

Free trial, no card needed.

घनानंद के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाने वाली एक समयरेखा, जिसमें उनके जन्म, दिल्ली दरबार में मीर मुंशी का पद, सुजान से प्रेम, दरबार से निष्कासन, वृंदावन गमन, निंबार्क संप्रदाय में दीक्षा और मृत्
Super Tutor

Learn better with visuals Super Tutor pairs illustrations like this with notes and quizzes for कवित्त (घनानंद).

20 Flashcards·
कवि-परिचयकवि-जीवनप्रेम-भावकाव्य-सौंदर्यभाषा-शैलीकाव्य-कलाकवित्त-विषयपंक्ति-अर्थ
Card 1कवि-परिचय

घनानंद का साहित्यिक परिचय क्या है?

Answer

घनानंद सन् १६७३-१७६० के कवि थे। वे रीतिकाल के रीतिमुक्त या स्वच्छंद काव्यधारा के प्रतिनिधि कवि थे। वे निंबार्क संप्रदाय के भक्त कवि थे और प्रेम की पीड़ा के कवि माने जाते हैं।…

Card 2कवि-जीवन

घनानंद का दरबारी जीवन किससे जुड़ा था?

Answer

घनानंद दिल्ली के बादशाह मुहम्मद शाह के मीर मुंशी थे। बादशाह के दरबार में उनका पद महत्वपूर्ण था, लेकिन सुजान के प्रेम के कारण हुई बे-अदबी से उन्हें दरबार से निकाल दिया गया।…

Card 3प्रेम-भाव

सुजान घनानंद के काव्य में क्यों महत्वपूर्ण हैं?

Answer

सुजान घनानंद की प्रेमिका थीं, जिनसे उनका अटूट प्रेम था। बाद में उनकी बेवफ़ाई से कवि दुखी हुए। उनकी रचनाओं में ‘सुजान’ नाम प्रतीकात्मक रूप से बार-बार आता है और वही विरह-भाव का केंद्र बन जाता है।…

Card 4काव्य-सौंदर्य

घनानंद को ‘साक्षात रसमूर्ति’ क्यों कहा गया है?

Answer

घनानंद की रचनाओं में प्रेम का अत्यंत गंभीर, निर्मल, आवेगमय और व्याकुल कर देने वाला रूप मिलता है। भाव की गहराई और काव्य-सौंदर्य के कारण उन्हें साक्षात रसमूर्ति कहा गया है।…

Card 5भाषा-शैली

घनानंद की भाषा की मुख्य विशेषता क्या है?

Answer

घनानंद की भाषा परिष्कृत और साहित्यिक ब्रजभाषा है। उसमें कोमलता, मधुरता और व्यंजकता का चरम विकास मिलता है। वे ब्रजभाषा के प्रवीण ही नहीं, सर्जनात्मक काव्यभाषा के प्रणेता भी माने जाते हैं।…

Card 6काव्य-कला

घनानंद की काव्य-कला में कौन-सा विशेष मेल मिलता है?

Answer

उनकी काव्य-कला में सहजता और वचन-वक्रता का अद्भुत मेल मिलता है। साथ ही लाक्षणिकता, वक्रोक्ति, वाग्विदग्धता और अलंकारों का कुशल प्रयोग दिखाई देता है।…

Card 7कवित्त-विषय

प्रस्तुत दोनों कवित्तों का मुख्य विषय क्या है?

Answer

इन दोनों कवित्तों में कवि अपनी प्रेमिका सुजान के दर्शन की अभिलाषा प्रकट करता है। पहला कवित्त प्रतीक्षा और संदेश की भावना से जुड़ा है, जबकि दूसरा कवित्त टालमटोल और उदासीनता पर आधारित है।…

Card 8पंक्ति-अर्थ

‘चाहत चलन ये सँदेसो ले सुजान को॥’ का भाव क्या है?

Answer

इस पंक्ति में कवि की प्रबल इच्छा है कि उसके प्राण सुजान के पास संदेश लेकर जाएँ। यहाँ प्रेम की तड़प, प्रतीक्षा और मिलन की उत्कंठा व्यक्त हुई है।…

+12 more flashcards

Practise All

Frequently Asked Questions

What are the important topics in कवित्त (घनानंद) for Chhattisgarh Board Class 12 Hindi?
Key topics in कवित्त (घनानंद) include कवि-परिचय और साहित्यिक स्थान, दोनों कवित्तों का भावार्थ, भाषा, शैली और काव्य-विशेषताएँ, महत्वपूर्ण शब्दार्थ. Study these first, then practise questions on each for the Chhattisgarh Board Class 12 board exam.
How many flashcards are available for कवित्त (घनानंद)?
There are 20 flashcards for कवित्त (घनानंद) covering key definitions, facts and ideas. A few sample cards are shown on this page.
How should I revise कवित्त (घनानंद) for the Chhattisgarh Board Class 12 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 44 practice questions on कवित्त (घनानंद). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full कवित्त (घनानंद) chapter — start free.

Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for Chhattisgarh Board Class 12 Hindi. Free to start, no card needed.