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Chapter 14 of 30
NCERT Solutions

वैज्ञानिक चेतना के वाहक चंद्रशेखर वेंकट रामन्

Haryana Board · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for वैज्ञानिक चेतना के वाहक चंद्रशेखर वेंकट रामन् — Haryana Board Class 9 Hindi.

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40 Questions Solved · 8 Sections

मौखिक प्रश्न (एक-दो पंक्तियों में उत्तर)

1रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे?Show solution
रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा एक महान वैज्ञानिक भी थे। वे प्रकृति की हर घटना को वैज्ञानिक दृष्टि से देखते और उसके पीछे छिपे वैज्ञानिक रहस्य को उजागर करने का प्रयास करते थे।
2समुद्र को देखकर रामन् के मन में कौन-सी दो जिज्ञासाएँ उठीं?Show solution
समुद्र को देखकर रामन् के मन में दो जिज्ञासाएँ उठीं— (1) समुद्र का रंग नीला क्यों होता है? (2) प्रकाश की किरणें जल में से गुजरने पर किस प्रकार प्रभावित होती हैं? इन्हीं जिज्ञासाओं ने आगे चलकर 'रामन् प्रभाव' की खोज का आधार तैयार किया।
3रामन् के पिता ने उनमें किन विषयों की सशक्त नींव डाली?Show solution
रामन् के पिता गणित और भौतिकी के शिक्षक थे। उन्होंने रामन् में गणित और भौतिकी विषयों की सशक्त नींव डाली, जिसने आगे चलकर उनके वैज्ञानिक जीवन को दिशा और आधार प्रदान किया।
4वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के अध्ययन के द्वारा रामन् क्या करना चाहते थे?Show solution
वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के अध्ययन के द्वारा रामन् यह सिद्ध करना चाहते थे कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों की तुलना में किसी भी प्रकार कमतर नहीं हैं। वे भारतीय वाद्ययंत्रों की वैज्ञानिक श्रेष्ठता को प्रमाणित करना चाहते थे।
5सरकारी नौकरी छोड़ने के पीछे रामन् की क्या भावना थी?Show solution
सरकारी नौकरी छोड़ने के पीछे रामन् की यह भावना थी कि वे विज्ञान की साधना को अपना पूरा जीवन समर्पित करना चाहते थे। उनके लिए सरस्वती की साधना सरकारी सुख-सुविधाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण थी।
6'रामन् प्रभाव' की खोज के पीछे कौन-सा सवाल हिलोरें ले रहा था?Show solution
'रामन् प्रभाव' की खोज के पीछे यह सवाल हिलोरें ले रहा था कि आखिर समुद्र का रंग नीला ही क्यों होता है? इस जिज्ञासा ने रामन् को प्रकाश की किरणों और उनके प्रकीर्णन के अध्ययन की ओर प्रेरित किया।
7प्रकाश तरंगों के बारे में आइंस्टाइन ने क्या बताया?Show solution
आइंस्टाइन ने बताया कि प्रकाश अति सूक्ष्म कणों की तीव्र धारा के रूप में होता है। इन कणों को 'फोटॉन' कहते हैं। प्रकाश में तरंग और कण दोनों के गुण पाए जाते हैं।
8रामन् की खोज ने किन अध्ययनों को सहज बनाया?Show solution
रामन् की खोज ने पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना के अध्ययन को सहज बनाया। इससे पहले इस कार्य के लिए 'इंफ्रा रेड स्पेक्ट्रोस्कोपी' का सहारा लिया जाता था, जो बहुत जटिल और कठिन थी।

लिखित (क) — 25-30 शब्दों में उत्तर

1कॉलेज के दिनों में रामन् की दिली इच्छा क्या थी?Show solution
कॉलेज के दिनों में रामन् की दिली इच्छा थी कि वे पूरी तरह से वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अपना जीवन समर्पित करें। वे विज्ञान की साधना में डूबे रहना चाहते थे। उनका मन सरकारी नौकरी में नहीं, बल्कि प्रयोगशाला में शोध करने में लगता था।
2वाद्ययंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने कौन-सी भ्रांति तोड़ने की कोशिश की?Show solution
वाद्ययंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने यह भ्रांति तोड़ने की कोशिश की कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों की तुलना में घटिया हैं। उन्होंने वैज्ञानिक आधार पर सिद्ध किया कि भारतीय वाद्ययंत्र वैज्ञानिक दृष्टि से भी श्रेष्ठ और उत्कृष्ट हैं।
3रामन् के लिए नौकरी संबंधी कौन-सा निर्णय कठिन था?Show solution
रामन् के लिए सरकारी नौकरी छोड़ने का निर्णय बहुत कठिन था। वे सरकारी वित्त विभाग में ऊँचे पद पर कार्यरत थे और उन्हें मोटी तनख्वाह मिलती थी। ऐसी सुरक्षित और सुविधाजनक नौकरी छोड़कर अनिश्चित वैज्ञानिक जीवन अपनाना साहस का काम था।
4सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?Show solution
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया— सन् 1924 में उन्हें 'फेलो ऑफ द रॉयल सोसायटी' बनाया गया, सन् 1929 में उन्हें 'सर' की उपाधि मिली, सन् 1930 में उन्हें भौतिकी का 'नोबेल पुरस्कार' प्रदान किया गया तथा सन् 1954 में उन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया।
5रामन् को मिलनेवाले पुरस्कारों ने भारतीय-चेतना को जाग्रत किया। ऐसा क्यों कहा गया है?Show solution
रामन् को मिलने वाले पुरस्कारों ने भारतीय चेतना को इसलिए जाग्रत किया क्योंकि उस समय भारत अंग्रेजों का गुलाम था। एक भारतीय वैज्ञानिक का नोबेल पुरस्कार जीतना देशवासियों में आत्मविश्वास और गर्व की भावना जगाता था। इससे यह संदेश मिला कि भारतीय भी विश्वस्तरीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर सकते हैं।

लिखित (ख) — 50-60 शब्दों में उत्तर

1रामन् के प्रारंभिक शोधकार्य को आधुनिक हठयोग क्यों कहा गया है?Show solution
रामन् सरकारी नौकरी करते हुए भी अपने शोधकार्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते थे। वे सुबह-शाम दफ्तर के काम से बचे समय में 'इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साइंस' की प्रयोगशाला में जाकर शोध करते थे। उस समय न तो उन्नत उपकरण थे, न पर्याप्त संसाधन। इस प्रकार अत्यंत सीमित साधनों और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहकर शोध करते रहना — यह दृढ़ संकल्प और अदम्य जिजीविषा ही आधुनिक हठयोग है। जिस प्रकार हठयोगी कठिन परिस्थितियों में भी अपनी साधना नहीं छोड़ता, उसी प्रकार रामन् ने भी अपनी वैज्ञानिक साधना जारी रखी।
2रामन् की खोज 'रामन् प्रभाव' क्या है? स्पष्ट कीजिए।Show solution
जब एकवर्णीय प्रकाश की किरण किसी तरल या ठोस रवेदार पदार्थ से गुजरती है, तो उसमें से कुछ किरणें छितरा जाती हैं। रामन् ने पाया कि इन छितराई हुई किरणों की प्रकृति और रंग में परिवर्तन आ जाता है। मूल प्रकाश की किरण की तुलना में इन किरणों की आवृत्ति बदल जाती है। यह परिवर्तन उस पदार्थ की आंतरिक संरचना पर निर्भर करता है जिससे होकर प्रकाश गुजरता है। इसी घटना को 'रामन् प्रभाव' कहते हैं। इस खोज की घोषणा 28 फरवरी 1928 को की गई, जिसे अब 'राष्ट्रीय विज्ञान दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
3'रामन् प्रभाव' की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य संभव हो सके?Show solution
'रामन् प्रभाव' की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य संभव हो सके— (1) पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन सरल हो गया। (2) अनेक पदार्थों का सटीक विश्लेषण संभव हुआ। (3) 'इंफ्रा रेड स्पेक्ट्रोस्कोपी' की जटिल विधि की जगह रामन् स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग होने लगा। (4) विभिन्न रासायनिक पदार्थों की पहचान और उनके गुणों का अध्ययन आसान हो गया। (5) भौतिकी और रसायन विज्ञान दोनों क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खुले।
4देश को वैज्ञानिक दृष्टि और चिंतन प्रदान करने में सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालिए।Show solution
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् ने देश को वैज्ञानिक दृष्टि और चिंतन प्रदान करने में अनेक महत्वपूर्ण योगदान दिए— (1) उन्होंने 'रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट' की स्थापना की जहाँ उन्नत शोध होता था। (2) उन्होंने 'इंडियन जर्नल ऑफ फिजिक्स' नामक शोध-पत्रिका प्रारंभ की। (3) 'करेंट साइंस' पत्रिका का संपादन कर विज्ञान के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया। (4) सैकड़ों शोध-छात्रों का मार्गदर्शन किया। (5) उन्होंने यह संदेश दिया कि प्राकृतिक घटनाओं को वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए। (6) नोबेल पुरस्कार जीतकर उन्होंने भारतीय वैज्ञानिक चेतना को जाग्रत किया।
5सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होनेवाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए।Show solution
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से हमें अनेक महत्वपूर्ण संदेश मिलते हैं— (1) हमें अपने आसपास की प्राकृतिक घटनाओं को वैज्ञानिक दृष्टि से देखना चाहिए। (2) सीमित साधनों में भी दृढ़ संकल्प और लगन से बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। (3) भौतिक सुख-सुविधाओं की अपेक्षा ज्ञान और साधना को प्राथमिकता देनी चाहिए। (4) जिज्ञासु प्रवृत्ति और कठोर परिश्रम से असंभव भी संभव हो जाता है। (5) देश और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाते हुए अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करना चाहिए।

लिखित (ग) — आशय स्पष्ट कीजिए

1उनके लिए सरस्वती की साधना सरकारी सुख-सुविधाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण थी।Show solution
इस कथन का आशय यह है कि रामन् के लिए विज्ञान की साधना (सरस्वती की साधना) सर्वोपरि थी। वे सरकारी नौकरी में उच्च पद पर थे और उन्हें मोटी तनख्वाह मिलती थी। इन सब सुख-सुविधाओं को छोड़कर उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान का मार्ग चुना। यह कथन उनकी विज्ञान के प्रति अगाध निष्ठा और समर्पण को दर्शाता है। उनके लिए भौतिक सुख-सुविधाएँ ज्ञान-साधना के सामने तुच्छ थीं।
2हमारे पास ऐसी न जाने कितनी ही चीजें बिखरी पड़ी हैं, जो अपने पात्र की तलाश में हैं।Show solution
इस कथन का आशय यह है कि हमारे चारों ओर प्रकृति में अनगिनत ऐसी घटनाएँ और रहस्य बिखरे पड़े हैं जिन्हें अभी तक खोजा और समझा नहीं गया है। ये सभी रहस्य किसी ऐसे जिज्ञासु, प्रतिभाशाली और परिश्रमी वैज्ञानिक की प्रतीक्षा में हैं जो उन्हें खोज सके। रामन् ने समुद्र के नीले रंग जैसी सामान्य-सी दिखने वाली घटना में से 'रामन् प्रभाव' जैसा महान वैज्ञानिक सिद्धांत खोज निकाला। इसी प्रकार हम भी अपने आसपास की घटनाओं में वैज्ञानिक रहस्य खोज सकते हैं, बशर्ते हमारे पास वैज्ञानिक दृष्टि और जिज्ञासा हो।
3यह अपने आपमें एक आधुनिक हठयोग का उदाहरण था।Show solution
इस कथन का आशय यह है कि रामन् ने सरकारी नौकरी करते हुए भी अपने वैज्ञानिक शोध को नहीं छोड़ा। वे सुबह-शाम कार्यालय के समय से पहले और बाद में 'इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साइंस' की साधारण प्रयोगशाला में जाकर शोध करते थे। न पर्याप्त उपकरण थे, न संसाधन, फिर भी वे अपनी साधना में लगे रहे। जिस प्रकार हठयोगी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी अपनी योग-साधना से विचलित नहीं होता, उसी प्रकार रामन् भी विपरीत परिस्थितियों में अपनी वैज्ञानिक साधना से विचलित नहीं हुए। यही उनका 'आधुनिक हठयोग' था।

लिखित (घ) — रिक्त स्थानों की पूर्ति

1रामन् का पहला शोध पत्र _______ में प्रकाशित हुआ था।Show solution
रामन् का पहला शोध पत्र फिलॉसॉफिकल मैगजीन में प्रकाशित हुआ था।
2रामन् की खोज _______ के क्षेत्र में एक क्रांति के समान थी।Show solution
रामन् की खोज भौतिकी के क्षेत्र में एक क्रांति के समान थी।
3कलकत्ता की मामूली-सी प्रयोगशाला का नाम _______ था।Show solution
कलकत्ता की मामूली-सी प्रयोगशाला का नाम इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साइंस था।
4रामन् द्वारा स्थापित शोध संस्थान _______ नाम से जानी जाती है।Show solution
रामन् द्वारा स्थापित शोध संस्थान रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट नाम से जानी जाती है।
5पहले पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए _______ का सहारा लिया जाता था।Show solution
पहले पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए इंफ्रा रेड स्पेक्ट्रोस्कोपी का सहारा लिया जाता था।

भाषा-अध्ययन

1नीचे कुछ समानदर्शी शब्द दिए जा रहे हैं जिनका अपने वाक्य में इस प्रकार प्रयोग करें कि उनके अर्थ का अंतर स्पष्ट हो सके— (क) प्रमाण (ख) प्रणाम (ग) धारणा (घ) धारण (ङ) पूर्ववर्ती (च) परवर्ती (छ) परिवर्तन (ज) प्रवर्तनShow solution
(क) प्रमाण (साक्ष्य/सबूत) — रामन् ने अपनी खोज के पक्ष में वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किए।

(ख) प्रणाम (अभिवादन) — छात्र ने कक्षा में प्रवेश करते ही गुरुजी को प्रणाम किया।

(ग) धारणा (विचार/मान्यता) — लोगों की यह धारणा गलत है कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों से कमतर हैं।

(घ) धारण (पहनना/ग्रहण करना) — उन्होंने सफेद वस्त्र धारण किए।

(ङ) पूर्ववर्ती (पहले का) — पूर्ववर्ती वैज्ञानिकों ने भी प्रकाश पर अनेक प्रयोग किए थे।

(च) परवर्ती (बाद का) — परवर्ती वैज्ञानिकों ने रामन् के सिद्धांत को और आगे बढ़ाया।

(छ) परिवर्तन (बदलाव) — रामन् की खोज ने भौतिकी में क्रांतिकारी परिवर्तन किया।

(ज) प्रवर्तन (आरंभ करना/चलाना) — उन्होंने एक नई शोध-पत्रिका का प्रवर्तन किया।
2रेखांकित शब्द के विलोम शब्द का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए— (क) मोहन के पिता मन से सशक्त होते हुए भी तन से ... हैं। (ख) अस्पताल के अस्थायी कर्मचारियों को ... रूप से नौकरी दे दी गई है। (ग) रामन् ने अनेक ठोस रवों और ... पदार्थों पर प्रकाश की किरण के प्रभाव का अध्ययन किया। (घ) आज बाजार में देशी और ... दोनों प्रकार के खिलौने उपलब्ध हैं। (ङ) सागर की लहरों का आकर्षण उसके विनाशकारी रूप को देखने के बाद ... में परिवर्तित हो जाता है।Show solution
(क) मोहन के पिता मन से सशक्त होते हुए भी तन से निर्बल हैं। (सशक्त का विलोम = निर्बल)

(ख) अस्पताल के अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी रूप से नौकरी दे दी गई है। (अस्थायी का विलोम = स्थायी)

(ग) रामन् ने अनेक ठोस रवों और तरल पदार्थों पर प्रकाश की किरण के प्रभाव का अध्ययन किया। (ठोस का विलोम = तरल)

(घ) आज बाजार में देशी और विदेशी दोनों प्रकार के खिलौने उपलब्ध हैं। (देशी का विलोम = विदेशी)

(ङ) सागर की लहरों का आकर्षण उसके विनाशकारी रूप को देखने के बाद विकर्षण में परिवर्तित हो जाता है। (आकर्षण का विलोम = विकर्षण)
3नीचे दिए उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द-युग्मों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए— सुख-सुविधा, अच्छा-खासा, प्रचार-प्रसार, आस-पासShow solution
सुख-सुविधा — रामन् ने सरकारी सुख-सुविधाओं को छोड़कर विज्ञान की साधना को अपनाया।

अच्छा-खासा — रामन् के शोध-छात्रों ने आगे चलकर अच्छा-खासा काम किया।

प्रचार-प्रसार — रामन् विज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए 'करेंट साइंस' पत्रिका का संपादन करते थे।

आस-पास — हमें अपने आस-पास की प्राकृतिक घटनाओं को वैज्ञानिक दृष्टि से देखना चाहिए।
4प्रस्तुत पाठ में आए अनुस्वार और अनुनासिक शब्दों को निम्न तालिका में लिखिए।Show solution
अनुस्वार (बिंदु — ं) :
(क) अंदर
(ख) संघर्ष
(ग) संस्थान
(घ) अनुसंधान
(ङ) रंग

अनुनासिक (चंद्रबिंदु — ँ) :
(क) ढूँढ़ते
(ख) हिलोरें
(ग) किरणें
(घ) चीजें
(ङ) छाँव

*(नोट: पाठ में उपलब्ध शब्दों के आधार पर उदाहरण दिए गए हैं।)*
5पाठ में निम्नलिखित विशिष्ट भाषा प्रयोग आए हैं। सामान्य शब्दों में इनका आशय स्पष्ट कीजिए— घंटों खोए रहते, स्वाभाविक रुझान बनाए रखना, अच्छा-खासा काम किया, हिम्मत का काम था, सटीक जानकारी, काफ़ी ऊँचे अंक हासिल किए, कड़ी मेहनत के बाद खड़ा किया था, मोटी तनख्वाहShow solution
1. घंटों खोए रहते — किसी काम में इतना तल्लीन हो जाना कि समय का ध्यान न रहे; पूरी तरह मग्न रहना।

2. स्वाभाविक रुझान बनाए रखना — अपनी प्राकृतिक रुचि और झुकाव को बनाए रखना; किसी विषय के प्रति सहज प्रेम बनाए रखना।

3. अच्छा-खासा काम किया — उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण कार्य किया; काफी बेहतर काम किया।

4. हिम्मत का काम था — साहस और दृढ़ता की आवश्यकता वाला कार्य; जोखिम भरा निर्णय।

5. सटीक जानकारी — बिल्कुल सही और सटीक, त्रुटिरहित जानकारी।

6. काफ़ी ऊँचे अंक हासिल किए — परीक्षा में बहुत अधिक अंक प्राप्त किए; उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

7. कड़ी मेहनत के बाद खड़ा किया था — बहुत परिश्रम और संघर्ष करके स्थापित किया था।

8. मोटी तनख्वाह — बहुत अधिक वेतन; भारी-भरकम पगार।
6पाठ के आधार पर मिलान कीजिए— नीला/पिता/तैनाती/उपकरण/घटिया/फोटॉन/भेदन — कामचलाऊ/रव/भारतीय वाद्ययंत्र/वैज्ञानिक रहस्य/समुद्र/वैज्ञानिक रहस्य/नींव/कलकत्ताShow solution
सही मिलान इस प्रकार है:

| बाईं ओर | दाईं ओर |
|---|---|
| नीला | समुद्र |
| पिता | नींव |
| तैनाती | कलकत्ता |
| उपकरण | कामचलाऊ |
| घटिया | भारतीय वाद्ययंत्र |
| फोटॉन | रव |
| भेदन | वैज्ञानिक रहस्य |
7पाठ में आए रंगों की सूची बनाइए। इनके अतिरिक्त दस रंगों के नाम और लिखिए।Show solution
पाठ में आए रंग:
1. नीला (नील वर्णीय)
2. बैंगनी
3. हरा
4. पीला
5. नारंगी
6. लाल
7. सफेद (श्वेत)

दस अतिरिक्त रंगों के नाम:
1. गुलाबी
2. भूरा
3. काला
4. स्लेटी (धूसर)
5. आसमानी
6. जामुनी
7. सुनहरा
8. चाँदी जैसा (रजत)
9. मैरून
10. क्रीम
8नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार 'ही' का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाइए। उदाहरण: उनके ज्ञान की सशक्त नींव उनके पिता ने ही तैयार की थी।Show solution
1. रामन् ने अपनी मेहनत से ही नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया था।
2. इस महान खोज का श्रेय रामन् को ही जाता है।
3. विज्ञान की उन्नति वैज्ञानिकों की जिज्ञासा से ही होती है।
4. सच्ची लगन से ही कठिन लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
5. प्रकृति के रहस्यों को वैज्ञानिक दृष्टि से ही समझा जा सकता है।

योग्यता-विस्तार

1'विज्ञान का मानव विकास में योगदान' विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।Show solution
संकेत बिंदु (चर्चा हेतु):
विज्ञान ने मानव जीवन को हर क्षेत्र में सुविधाजनक बनाया है। चिकित्सा के क्षेत्र में नई दवाइयों और उपकरणों से असाध्य रोगों का उपचार संभव हुआ है। यातायात और संचार के साधनों ने दुनिया को छोटा कर दिया है। कृषि में वैज्ञानिक विधियों से उत्पादन बढ़ा है। बिजली, कंप्यूटर, इंटरनेट आदि ने जीवन को सरल बनाया है। अंतरिक्ष विज्ञान ने मानव की सीमाओं का विस्तार किया है। इस प्रकार विज्ञान ने मानव सभ्यता के विकास में अतुलनीय योगदान दिया है।
2भारत के किन-किन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार मिला है? पता लगाइए और लिखिए।Show solution
भारत से संबंधित नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक:

1. सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् — सन् 1930 में भौतिकी के क्षेत्र में 'रामन् प्रभाव' की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला।

2. डॉ. हरगोविंद खुराना — सन् 1968 में चिकित्सा/शरीर विज्ञान के क्षेत्र में आनुवंशिक कोड की व्याख्या के लिए नोबेल पुरस्कार मिला (वे भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक थे)।

3. डॉ. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर — सन् 1983 में भौतिकी के क्षेत्र में तारों की संरचना और विकास पर शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिला (वे भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक थे)।

4. डॉ. वेंकटरमण रामकृष्णन — सन् 2009 में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में राइबोसोम की संरचना पर शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिला (भारतीय मूल के ब्रिटिश वैज्ञानिक)।
3न्यूटन के आविष्कार के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।Show solution
सर आइज़क न्यूटन (1643–1727) के प्रमुख आविष्कार और खोजें:

1. गुरुत्वाकर्षण का नियम — सेब को पेड़ से गिरते देख उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक नियम की खोज की। इसके अनुसार ब्रह्मांड में प्रत्येक वस्तु दूसरी वस्तु को आकर्षित करती है।

2. गति के तीन नियम — न्यूटन ने गति के तीन मूलभूत नियम दिए जो आज भी भौतिकी की आधारशिला हैं।

3. प्रकाश का विश्लेषण — उन्होंने प्रिज्म की सहायता से सिद्ध किया कि श्वेत प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है।

4. कलन गणित (Calculus) — उन्होंने गणित की एक नई शाखा 'कलन' का विकास किया।

5. परावर्ती दूरबीन — उन्होंने परावर्ती दूरबीन का आविष्कार किया।

न्यूटन की पुस्तक 'प्रिंसिपिया मैथेमेटिका' विज्ञान के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक मानी जाती है।

परियोजना कार्य

1भारत के प्रमुख वैज्ञानिकों की सूची उनके कार्यों/योगदानों के साथ बनाइए।Show solution
भारत के प्रमुख वैज्ञानिक और उनके योगदान:

| वैज्ञानिक | योगदान |
|---|---|
| सी. वी. रामन् | रामन् प्रभाव की खोज (1928), नोबेल पुरस्कार (1930) |
| जगदीश चंद्र बोस | पौधों में जीवन की खोज, रेडियो तरंगों पर शोध |
| होमी जहाँगीर भाभा | भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक |
| विक्रम साराभाई | भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक |
| ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | मिसाइल प्रौद्योगिकी, 'मिसाइल मैन' |
| श्रीनिवास रामानुजन | गणित में अद्भुत खोजें |
| सत्येंद्रनाथ बोस | बोस-आइंस्टाइन सांख्यिकी |
| मेघनाद साहा | साहा आयनीकरण समीकरण |
| हरगोविंद खुराना | आनुवंशिक कोड की व्याख्या |
| सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर | तारों की संरचना पर शोध |
2भारत के मानचित्र में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली और कलकत्ता की स्थिति दर्शाएँ।Show solution
संकेत:
- तिरुचिरापल्ली (त्रिची) — यह तमिलनाडु राज्य में स्थित है। तमिलनाडु भारत के दक्षिणी भाग में है। तिरुचिरापल्ली कावेरी नदी के किनारे बसा है और यह रामन् का जन्मस्थान है।
- कलकत्ता (कोलकाता) — यह पश्चिम बंगाल की राजधानी है और भारत के पूर्वी भाग में हुगली नदी के किनारे स्थित है। यहाँ रामन् ने अपना प्रारंभिक शोधकार्य किया था।

*(छात्र भारत के मानचित्र में इन दोनों स्थानों को चिह्नित करें।)*
3पिछले बीस-पच्चीस वर्षों में हुए उन वैज्ञानिक खोजों, उपकरणों की सूची बनाइए, जिसने मानव जीवन बदल दिया है।Show solution
पिछले 25 वर्षों की प्रमुख वैज्ञानिक खोजें और उपकरण:

1. इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब — सूचना क्रांति, संचार में आमूल परिवर्तन।
2. स्मार्टफोन — संचार, मनोरंजन और सूचना का एकीकृत साधन।
3. मानव जीनोम परियोजना — आनुवंशिक रोगों की पहचान और उपचार।
4. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) — चिकित्सा, शिक्षा, उद्योग में क्रांति।
5. COVID-19 वैक्सीन — mRNA तकनीक से तेज़ी से वैक्सीन निर्माण।
6. सौर ऊर्जा तकनीक — सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा।
7. 3D प्रिंटिंग — चिकित्सा, निर्माण उद्योग में क्रांति।
8. GPS तकनीक — नेविगेशन और यातायात में सुविधा।
9. इलेक्ट्रिक वाहन — प्रदूषण मुक्त परिवहन।
10. रोबोटिक्स — उद्योग और चिकित्सा में उपयोग।

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Frequently Asked Questions

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Sources & Official References

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