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Chapter 17 of 30
NCERT Solutions

शुक्रतारे के समान

Haryana Board · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for शुक्रतारे के समान — Haryana Board Class 9 Hindi.

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31 Questions Solved · 6 Sections

मौखिक प्रश्न (एक-दो पंक्तियों में उत्तर)

1महादेव भाई अपना परिचय किस रूप में देते थे?Show solution
महादेव भाई अपना परिचय गांधीजी के 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' के रूप में देते थे। अर्थात् वे गांधीजी के लिए महात्मा, रसोइया, पानी ढोने वाले और गधे — सभी की भूमिका निभाते थे और इसमें वे गौरव अनुभव करते थे।
2'यंग इंडिया' साप्ताहिक में लेखों की कमी क्यों रहने लगी थी?Show solution
'यंग इंडिया' साप्ताहिक में लेखों की कमी इसलिए रहने लगी थी क्योंकि जो लोग इसके लिए लिखते थे, वे अन्य कार्यों में व्यस्त हो गए थे और नियमित रूप से लेख नहीं दे पा रहे थे।
3गांधीजी ने 'यंग इंडिया' प्रकाशित करने के विषय में क्या निश्चय किया?Show solution
गांधीजी ने निश्चय किया कि वे स्वयं 'यंग इंडिया' के लिए नियमित रूप से लिखेंगे और इसे सप्ताह में एक बार की बजाय अधिक नियमित रूप से प्रकाशित करेंगे, ताकि पाठकों को ताज़ी और महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती रहे।
4गांधीजी से मिलने से पहले महादेव भाई कहाँ नौकरी करते थे?Show solution
गांधीजी से मिलने से पहले महादेव भाई सरकारी नौकरी करते थे। वे अनुवाद-कार्य से जुड़े थे और उनकी भाषा पर अच्छी पकड़ थी।
5महादेव भाई के झोलों में क्या भरा रहता था?Show solution
महादेव भाई के झोलों में पत्र, दस्तावेज़, रिपोर्टें और अन्य ज़रूरी कागज़ात भरे रहते थे। वे हर समय काम के लिए तैयार रहते थे।
6महादेव भाई ने गांधीजी की कौन-सी प्रसिद्ध पुस्तक का अनुवाद किया था?Show solution
महादेव भाई ने गांधीजी की प्रसिद्ध आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' (My Experiments with Truth) का अनुवाद किया था।
7अहमदाबाद से कौन-से दो साप्ताहिक निकलते थे?Show solution
अहमदाबाद से 'यंग इंडिया' (अंग्रेज़ी) और 'नवजीवन' (गुजराती) — ये दो साप्ताहिक निकलते थे।
8महादेव भाई दिन में कितनी देर काम करते थे?Show solution
महादेव भाई दिन में लगभग सत्रह-अठारह घंटे काम करते थे। वे अथक परिश्रमी थे और गांधीजी की हर ज़रूरत को पूरा करने के लिए सदा तत्पर रहते थे।
9महादेव भाई से गांधीजी की निकटता किस वाक्य से सिद्ध होती है?Show solution
गांधीजी की महादेव भाई से निकटता इस वाक्य से सिद्ध होती है कि बाद के वर्षों में जब प्यारेलाल जी को बुलाना होता था, तब भी गांधीजी के मुँह से अनायास 'महादेव' ही निकलता था। यह दर्शाता है कि महादेव भाई गांधीजी के हृदय में कितने गहरे बसे हुए थे।

लिखित (क) — 25-30 शब्दों में उत्तर

1गांधीजी ने महादेव को अपना वारिस कब कहा था?Show solution
दिया गया संदर्भ: यह प्रश्न पाठ 'शुक्रतारे के समान' पर आधारित है।

उत्तर: गांधीजी ने महादेव भाई को अपना वारिस उस समय कहा था जब महादेव भाई की असाधारण प्रतिभा, लगन और समर्पण को देखकर उन्हें विश्वास हो गया था कि महादेव ही उनके कार्य को आगे बढ़ा सकते हैं। गांधीजी उन्हें अपना उत्तराधिकारी मानते थे।
2गांधीजी से मिलने आनेवालों के लिए महादेव भाई क्या करते थे?Show solution
उत्तर: गांधीजी से मिलने आनेवाले पीड़ितों, नेताओं और आम लोगों की बात ध्यान से सुनना, उनकी समस्याओं का विवरण नोट करना और गांधीजी तक उनकी बात पहुँचाना — यह सब महादेव भाई बड़ी कुशलता और आत्मीयता से करते थे। वे सबके लिए सहज उपलब्ध रहते थे।
3महादेव भाई की साहित्यिक देन क्या है?Show solution
उत्तर: महादेव भाई की साहित्यिक देन अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने गांधीजी की आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' का अनुवाद किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 'यंग इंडिया' और 'नवजीवन' के लिए अनेक लेख लिखे तथा गांधीजी के पत्रों और भाषणों को लिपिबद्ध किया।
4महादेव भाई की अकाल मृत्यु का कारण क्या था?Show solution
उत्तर: महादेव भाई की अकाल मृत्यु का प्रमुख कारण उनका अत्यधिक परिश्रम था। वे दिन-रात सत्रह-अठारह घंटे काम करते थे। इसके अलावा जेल-यात्राओं और कठिन परिस्थितियों ने उनके स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया, जो अंततः उनकी असमय मृत्यु का कारण बना।
5महादेव भाई के लिखे नोट के विषय में गांधीजी क्या कहते थे?Show solution
उत्तर: महादेव भाई के लिखे नोट के विषय में गांधीजी कहते थे कि महादेव के नोट इतने सटीक, स्पष्ट और सुंदर होते थे कि उन्हें बिना किसी संशोधन के सीधे प्रकाशित किया जा सकता था। उनकी लिखावट और भाषा दोनों ही अत्यंत प्रभावशाली थीं।

लिखित (ख) — 50-60 शब्दों में उत्तर

1पंजाब में फ़ौजी शासन ने क्या कहर बरसाया?Show solution
उत्तर: पंजाब में फ़ौजी शासन ने अत्यंत क्रूर अत्याचार किए। जलियाँवाला बाग जैसे नरसंहार में निर्दोष लोगों को गोलियों से भून दिया गया। लोगों को कोड़े मारे गए, घरों से निकालकर सड़कों पर रेंगने पर मजबूर किया गया। अनेक निर्दोष नागरिकों को बिना मुकदमे के जेल में डाल दिया गया। पूरे पंजाब में आतंक का वातावरण था। इस दमन की जाँच के लिए गांधीजी ने महादेव भाई के साथ मिलकर पीड़ितों के बयान एकत्र किए और सरकार के अत्याचारों को दुनिया के सामने उजागर किया।
2महादेव जी के किन गुणों ने उन्हें सबका लाड़ला बना दिया था?Show solution
उत्तर: महादेव भाई में अनेक असाधारण गुण थे जिन्होंने उन्हें सबका प्रिय बना दिया। वे अत्यंत विनम्र, मिलनसार और सहृदय थे। हर आने वाले की बात ध्यान से सुनते और उसकी समस्या को अपनी समस्या समझते थे। उनकी भाषा में मिठास थी और व्यवहार में आत्मीयता। वे कभी किसी को निराश नहीं करते थे। उनकी अथक सेवाभावना, लगन और समर्पण ने उन्हें गांधीजी के आश्रम से लेकर देश-विदेश तक सबका चहेता बना दिया था।
3महादेव जी की लिखावट की क्या विशेषताएँ थीं?Show solution
उत्तर: महादेव भाई की लिखावट अत्यंत सुंदर, स्पष्ट और सुपाठ्य थी। उनके अक्षर मोती जैसे गोल और एक समान होते थे। वे इतनी तेज़ी से लिखते थे कि बोलने वाले की गति के साथ कदम मिला लेते थे, फिर भी लिखावट में कोई त्रुटि नहीं होती थी। गांधीजी के सभी पत्र और दस्तावेज़ महादेव भाई की लिखावट में जाते थे। उनके नोट इतने सटीक होते थे कि उन्हें बिना किसी बदलाव के प्रकाशित किया जा सकता था।

लिखित (ग) — आशय स्पष्ट कीजिए

1'अपना परिचय उनके 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' के रूप में देने में वे गौरवान्वित महसूस करते थे।'Show solution
आशय: इस वाक्य का आशय यह है कि महादेव भाई गांधीजी के लिए हर प्रकार की सेवा करते थे — वे उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शक (पीर) की तरह उनके विचारों को समझते थे, रसोइए (बावर्ची) की तरह उनकी दैनिक ज़रूरतें पूरी करते थे, पानी ढोने वाले (भिश्ती) की तरह हर छोटे-बड़े काम में हाथ बँटाते थे और गधे (खर) की तरह बोझ उठाने का काम भी करते थे। इतनी विविध और कभी-कभी साधारण भूमिकाएँ निभाने में भी वे गर्व अनुभव करते थे, क्योंकि यह सब गांधीजी की सेवा में था। यह उनकी निःस्वार्थ सेवाभावना और समर्पण का प्रतीक है।
2इस पेशे में आमतौर पर स्याह को सफ़ेद और सफ़ेद को स्याह करना होता था।Show solution
आशय: यह वाक्य वकालत के पेशे के संदर्भ में कहा गया है। इसका आशय यह है कि वकालत में प्रायः झूठ को सच और सच को झूठ साबित करना पड़ता है। अर्थात् गलत पक्ष को सही और सही पक्ष को गलत दिखाना होता है। यह एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी है जो बताती है कि इस पेशे में नैतिकता की बजाय चालाकी और वाक्-चातुर्य को अधिक महत्त्व दिया जाता है। महादेव भाई जैसे ईमानदार व्यक्ति के लिए ऐसा पेशा उचित नहीं था, इसीलिए उन्होंने गांधीजी की सेवा को चुना।
3देश और दुनिया को मुग्ध करके शुक्रतारे की तरह ही अचानक अस्त हो गए।Show solution
आशय: इस वाक्य का आशय यह है कि महादेव भाई ने अपने अल्प जीवन में ही अपनी प्रतिभा, लगन और सेवाभावना से देश और दुनिया को चमत्कृत कर दिया था। जिस प्रकार शुक्रतारा (Venus) आकाश में अत्यंत चमकीला दिखाई देता है और फिर अचानक अस्त हो जाता है, उसी प्रकार महादेव भाई भी अपनी असाधारण प्रतिभा की चमक बिखेरकर असमय ही इस संसार से चले गए। उनकी अकाल मृत्यु एक अपूरणीय क्षति थी। यह उपमा उनके व्यक्तित्व की दीप्ति और उनके असमय जाने की पीड़ा दोनों को एक साथ व्यक्त करती है।
4उन पत्रों को देख-देखकर दिल्ली और शिमला में बैठे वाइसराय लंबी साँस-उसौंस लेते रहते थे।Show solution
आशय: इस वाक्य का आशय यह है कि महादेव भाई द्वारा लिखे गांधीजी के पत्र इतने प्रभावशाली, तर्कपूर्ण और ओजस्वी होते थे कि उन्हें पढ़कर ब्रिटिश वाइसराय भी चिंतित और बेचैन हो जाते थे। वे समझ नहीं पाते थे कि इन पत्रों का जवाब कैसे दें। 'लंबी साँस-उसौंस लेना' यह दर्शाता है कि अंग्रेज़ शासक गांधीजी के तर्कों और माँगों के सामने असहाय और परेशान महसूस करते थे। महादेव भाई की लेखनी में इतनी शक्ति थी कि वह शासकों को भी विचलित कर देती थी।

भाषा-अध्ययन

1'इक' प्रत्यय लगाकर शब्दों का निर्माण कीजिए।Show solution
'इक' प्रत्यय लगाकर बने शब्द:

| मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|
| सप्ताह | साप्ताहिक |
| साहित्य | साहित्यिक |
| व्यक्ति | व्यक्तिक (वैयक्तिक) |
| राजनीति | राजनीतिक |
| अर्थ | आर्थिक |
| धर्म | धार्मिक |
| मास | मासिक |
| वर्ष | वार्षिक |
2नीचे दिए गए उपसर्गों का उपयुक्त प्रयोग करते हुए शब्द बनाइए — अ, नि, अन, दुर, वि, कु, पर, सु, अधिShow solution
उपसर्गों से बने शब्द:

| मूल शब्द | उपसर्ग | नया शब्द |
|---|---|---|
| आर्य | अन | अनार्य |
| आगत | स्व | स्वागत / अनागत |
| डर | नि | निडर |
| आकर्षण | वि | विकर्षण |
| क्रय | वि | विक्रय |
| मार्ग | कु | कुमार्ग |
| उपस्थित | अन | अनुपस्थित |
| लोक | परा | परलोक |
| नायक | वि | विनायक |
| भाग्य | दुर | दुर्भाग्य |
3निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए — आड़े हाथों लेना, अस्त हो जाना, दाँतों तले अंगुली दबाना, मंत्र-मुग्ध करना, लोहे के चने चबानाShow solution
मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग:

1. आड़े हाथों लेना (कड़ी आलोचना करना / खरी-खरी सुनाना):
अध्यापक ने गृहकार्य न करने पर रमेश को आड़े हाथों लिया।

2. अस्त हो जाना (समाप्त हो जाना / चले जाना):
महादेव भाई देश को मुग्ध करके शुक्रतारे की तरह अचानक अस्त हो गए।

3. दाँतों तले अंगुली दबाना (आश्चर्यचकित हो जाना):
सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाज़ी देखकर दर्शक दाँतों तले अंगुली दबाते रह गए।

4. मंत्र-मुग्ध करना (मोहित कर लेना):
लता मंगेशकर की आवाज़ ने पूरे देश को मंत्र-मुग्ध कर दिया।

5. लोहे के चने चबाना (बहुत कठिन काम करना):
हिमालय पर चढ़ाई करना लोहे के चने चबाने जैसा है।
4निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए — वारिस, जिगरी, कहर, मुकाम, रूबरू, फ़र्क, तालीम, गिरफ़्तारShow solution
शब्दों के पर्याय:

| शब्द | पर्याय |
|---|---|
| वारिस | उत्तराधिकारी, वंशज, हकदार |
| जिगरी | घनिष्ठ, अभिन्न, प्रिय |
| कहर | प्रकोप, आपदा, विपत्ति |
| मुकाम | स्थान, पड़ाव, ठिकाना |
| रूबरू | आमने-सामने, सम्मुख, प्रत्यक्ष |
| फ़र्क | अंतर, भेद, फ़ासला |
| तालीम | शिक्षा, ज्ञान, विद्या |
| गिरफ़्तार | बंदी, कैद, पकड़ा हुआ |
5उदाहरण के अनुसार वाक्य बदलिए — (सामान्य भूतकाल से सातत्यबोधक भूतकाल में)Show solution
उदाहरण:
गांधीजी ने महादेव भाई को अपना वारिस कहा था।
→ गांधीजी महादेव भाई को अपना वारिस कहा करते थे।

1. महादेव भाई अपना परिचय 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' के रूप में देते थे।
→ महादेव भाई अपना परिचय 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' के रूप में दिया करते थे।

2. पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ते रहते थे।
→ पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ा करते थे।

3. दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
→ दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकला करते थे।

4. देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधीजी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।
→ देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधीजी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी किया करते थे।

5. गांधीजी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।
→ गांधीजी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाया करते थे।

योग्यता-विस्तार एवं परियोजना कार्य

1गांधीजी की आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' को पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।Show solution
संकेत: यह एक स्वाध्याय गतिविधि है। 'सत्य के प्रयोग' (My Experiments with Truth) गांधीजी की आत्मकथा है जिसे उन्होंने गुजराती में लिखा था। इसका हिंदी और अंग्रेज़ी में अनुवाद उपलब्ध है। इसे पढ़कर गांधीजी के जीवन, उनके आदर्शों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को समझा जा सकता है।
2जलियाँवाला बाग में कौन-सी घटना हुई थी? जानकारी एकत्रित कीजिए।Show solution
जानकारी: 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन अमृतसर के जलियाँवाला बाग में हज़ारों निर्दोष भारतीय एकत्रित हुए थे। ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर ने बिना किसी चेतावनी के सैनिकों को गोली चलाने का आदेश दिया। इस नरसंहार में सैकड़ों निर्दोष लोग मारे गए और हज़ारों घायल हुए। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है।
3सूर्यमंडल में नौ ग्रह हैं। शुक्र सूर्य से क्रमशः दूरी के अनुसार दूसरा ग्रह है और पृथ्वी तीसरा। चित्र सहित परियोजना पुस्तिका में अन्य ग्रहों के क्रम लिखिए।Show solution
सूर्य से दूरी के अनुसार ग्रहों का क्रम:

1. बुध (Mercury)
2. शुक्र (Venus)
3. पृथ्वी (Earth)
4. मंगल (Mars)
5. बृहस्पति (Jupiter)
6. शनि (Saturn)
7. अरुण (Uranus)
8. वरुण (Neptune)

*(नोट: 2006 में प्लूटो को ग्रहों की सूची से हटा दिया गया है।)*

विद्यार्थी इन ग्रहों का चित्र बनाकर परियोजना पुस्तिका में लिखें।
4'स्वतंत्रता आंदोलन में गांधीजी का योगदान' विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।Show solution
संकेत (परिचर्चा के मुख्य बिंदु):
- असहयोग आंदोलन (1920)
- सविनय अवज्ञा आंदोलन और दांडी मार्च (1930)
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
- अहिंसा और सत्याग्रह का सिद्धांत
- चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह
- हरिजन उद्धार और सामाजिक सुधार

विद्यार्थी इन बिंदुओं पर शोध करके कक्षा में अपने विचार प्रस्तुत करें।
5भारत के मानचित्र पर निम्न स्थानों को दर्शाएँ: अहमदाबाद, जलियाँवाला बाग (अमृतसर), कालापानी (अंडमान), दिल्ली, शिमला, बिहार, उत्तर प्रदेशShow solution
संकेत: विद्यार्थी भारत का एक रेखा-मानचित्र लें और निम्नलिखित स्थानों को उचित स्थान पर चिह्नित करें:
- अहमदाबाद — गुजरात राज्य में
- जलियाँवाला बाग (अमृतसर) — पंजाब राज्य में
- कालापानी (अंडमान) — अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में
- दिल्ली — देश की राजधानी
- शिमला — हिमाचल प्रदेश में
- बिहार — पूर्वी भारत में
- उत्तर प्रदेश — उत्तर भारत में

मानचित्र में इन्हें रंगीन पेन से चिह्नित करें और नाम लिखें।

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Frequently Asked Questions

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Sources & Official References

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