कविता के बहाने | बात सीधी थी पर -( कुवर नारायण) (Part 3) — Practice Quiz
Himachal Pradesh Board · Class 12 · Hindi
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Quick Quiz: कविता के बहाने | बात सीधी थी पर -( कुवर नारायण)
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कुंवर नारायण की कविता 'कविता के बहाने' में कविता की तुलना किससे की गई है?
'बात सीधी थी पर' कविता में मुख्य समस्या क्या है?
कविता में 'सब घर एक कर देने के माने' का क्या अर्थ है?
'बात की चूड़ी मर गई' का क्या अर्थ है?
Sample Questions
कुंवर नारायण का जन्म कब हुआ था?
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19 सितंबर, 1927
कुंवर नारायण का जन्म: 1) 19 सितंबर, 1927 को उत्तर प्रदेश में हुआ, 2) वे नयी कविता के महत्वपूर्ण कवि थे, 3) उन्होंने 1950 के आसपास काव्य-लेखन शुरू किया, 4) 2017 में दिल्ली में उनका निधन हुआ। उनका साहित्यिक योगदान आधुनिक हिंदी कविता में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
'भाषा को सहूलियत से बरतना' का अर्थ है?
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भाषा का सरल और स्वाभाविक प्रयोग करना
'सहूलियत' का अर्थ है आसानी और सुविधा: 1) भाषा को जबरदस्ती नहीं बल्कि प्राकृतिक रूप से इस्तेमाल करना, 2) कृत्रिमता से बचना और सहजता अपनाना, 3) विचार और भाषा के बीच तालमेल बिठाना, 4) अनावश्यक जटिलता से बचना। यह कविता का मुख्य संदेश है कि अभिव्यक्ति सहज होनी चाहिए।
'बिना मुरझाए महकने के माने' में कौन-सा भाव छुपा है?
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कविता की स्थायित्व और शाश्वतता
यह पंक्ति कविता की विशेषता बताती है: 1) फूल खिलकर मुरझा जाते हैं लेकिन कविता नहीं, 2) कविता की महक कभी खत्म नहीं होती, 3) अच्छी कविता सदैव प्रासंगिक और जीवंत रहती है, 4) समय के साथ कविता का प्रभाव कम नहीं होता बल्कि बढ़ता रहता है। यह कविता की अमरता को दर्शाता है।
कविता में तमाशबीनों की 'शाबाशी और वाह वाह' का क्या महत्व है?
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दिखावे की प्रशंसा जो भटकाव का कारण बनती है
यह पंक्ति व्यंग्यात्मक है: 1) कवि को लगता था कि जटिल भाषा का प्रयोग करने से लोग प्रशंसा करेंगे, 2) यह प्रशंसा सतही और बनावटी थी, 3) इस झूठी प्रशंसा के चक्कर में कवि सही राह से भटक गया, 4) परिणामस्वरूप मूल बात ही नष्ट हो गई। यह दिखाता है कि कैसे गलत प्रेरणा हमें भटका देती है।
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