श्रम विभाजन और जाति-प्रथा / मेरी कल्पना का आदर्श समाज-( बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर) (Part 2) — Practice Quiz
Himachal Pradesh Board · Class 12 · Hindi
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Quick Quiz: श्रम विभाजन और जाति-प्रथा / मेरी कल्पना का आदर्श समाज-( बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर)
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डॉ. आंबेडकर का जन्म कहाँ हुआ था?
'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' का हिंदी रूपांतर किसने किया था?
आंबेडकर के अनुसार जाति-प्रथा श्रम विभाजन के साथ-साथ और क्या करती है?
आंबेडकर के आदर्श समाज के मुख्य स्तंभ कौन से हैं?
Sample Questions
आंबेडकर ने कौन सी तारीख को बौद्ध धर्म अपनाया था?
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14 अक्तूबर, 1956
डॉ. आंबेडकर ने 14 अक्तूबर, 1956 को 5 लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। यह एक ऐतिहासिक घटना थी जिसने भारतीय समाज में बड़ा बदलाव लाया। जातिवादी उत्पीड़न के कारण हिंदू समाज से मोहभंग के बाद उन्होंने बुद्ध के समतावादी दर्शन को अपनाया।
जाति-प्रथा के संदर्भ में 'पूर्व लेख' का क्या अर्थ है?
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जन्म के आधार पर पेशे का निर्धारण
आंबेडकर के अनुसार 'पूर्व लेख' का अर्थ है कि व्यक्ति का पेशा उसके जन्म से पहले ही, उसके माता-पिता की जाति के आधार पर निर्धारित हो जाता है। यह व्यवस्था व्यक्ति की रुचि, योग्यता या प्रशिक्षण को कोई महत्व नहीं देती। यह जाति-प्रथा की एक मुख्य बुराई है।
आंबेडकर के अनुसार लोकतंत्र क्या है?
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सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति
आंबेडकर के अनुसार लोकतंत्र केवल शासन की एक पद्धति नहीं है, बल्कि यह सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान का नाम है। इसमें सभी के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव होना आवश्यक है। यह व्यापक अर्थ में लोकतंत्र की व्याख्या है।
आंबेडकर के अनुसार भ्रातृता का वास्तविक रूप क्या है?
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दूध-पानी के मिश्रण की तरह
आंबेडकर ने भ्रातृता (भाईचारे) का वास्तविक रूप दूध-पानी के मिश्रण की तरह बताया है। इसका अर्थ है कि समाज में सभी लोग इस तरह घुल-मिल कर रहें कि उनमें कोई भेदभाव न हो। यह पूर्ण एकता और समरसता का प्रतीक है, जहाँ जातिगत बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।
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