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Chapter 7 of 30
NCERT Solutions

एवरेस्ट : मेरी शिखर यात्रा

Himachal Pradesh Board · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for एवरेस्ट : मेरी शिखर यात्रा — Himachal Pradesh Board Class 9 Hindi.

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38 Questions Solved · 7 Sections

मौखिक — एक-दो पंक्तियों में उत्तर

1अग्रिम दल का नेतृत्व कौन कर रहा था?Show solution
दिया गया है: अभियान दल के अग्रिम दल का वर्णन पाठ में है।

उत्तर: अग्रिम दल का नेतृत्व उपनेता प्रेमचंद कर रहे थे। वे दल को आगे का मार्ग तैयार करने और परिस्थितियों का जायजा लेने के लिए आगे भेजे गए थे।
2लेखिका को सागरमाथा नाम क्यों अच्छा लगा?Show solution
दिया गया है: एवरेस्ट के नेपाली नाम 'सागरमाथा' का उल्लेख पाठ में है।

उत्तर: लेखिका को 'सागरमाथा' नाम इसलिए अच्छा लगा क्योंकि इस नाम का अर्थ है — सागर का माथा अर्थात् आकाश का मस्तक। यह नाम पर्वत की विशालता और ऊँचाई को भव्य रूप से व्यक्त करता है।
3लेखिका को ध्वज जैसा क्या लगा?Show solution
दिया गया है: लेखिका एवरेस्ट की ओर देख रही थी।

उत्तर: लेखिका को एवरेस्ट की चोटी पर बर्फ़ का एक बड़ा फहराता हुआ हिस्सा ध्वज जैसा लगा। तेज़ हवा के कारण उड़ती हुई बर्फ़ किसी फहराते झंडे जैसी प्रतीत हो रही थी।
4हिमस्खलन से कितने लोगों की मृत्यु हुई और कितने घायल हुए?Show solution
दिया गया है: अभियान के दौरान हिमस्खलन की घटना का वर्णन पाठ में है।

उत्तर: हिमस्खलन से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई और चार अन्य घायल हो गए। यह घटना अभियान दल के लिए बहुत दुखद थी।
5मृत्यु के अवसाद को देखकर कर्नल खुल्लर ने क्या कहा?Show solution
दिया गया है: हिमस्खलन में मृत्यु के बाद दल में अवसाद छा गया था।

उत्तर: मृत्यु के अवसाद को देखकर कर्नल खुल्लर ने कहा — "एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए।" उन्होंने दल का मनोबल बनाए रखने की कोशिश की।
6रसोई सहायक की मृत्यु कैसे हुई?Show solution
दिया गया है: अभियान के दौरान एक रसोई सहायक की मृत्यु का उल्लेख है।

उत्तर: रसोई सहायक की मृत्यु हिमस्खलन के कारण हुई। वह हिमस्खलन की चपेट में आ गया और उसे बचाया नहीं जा सका।
7कैंप-चार कहाँ और कब लगाया गया?Show solution
दिया गया है: अभियान के दौरान विभिन्न कैंप लगाए गए।

उत्तर: कैंप-चार साउथ कोल पर लगाया गया। यह कैंप 7900 मीटर की ऊँचाई पर 23 मई को स्थापित किया गया था।
8लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय किस तरह दिया?Show solution
दिया गया है: लेखिका की मुलाकात एक शेरपा कुली से हुई।

उत्तर: लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय देते हुए कहा कि वह "बचेंद्री पाल" है और पहली बार एवरेस्ट पर चढ़ने वाली भारतीय महिला बनना चाहती है। उसने अपने आप को एक नौसिखिया पर्वतारोही बताया।
9लेखिका की सफलता पर कर्नल खुल्लर ने उसे किन शब्दों में बधाई दी?Show solution
दिया गया है: लेखिका के एवरेस्ट पर पहुँचने के बाद कर्नल खुल्लर ने बधाई दी।

उत्तर: कर्नल खुल्लर ने लेखिका को बधाई देते हुए कहा — "मैं तुम्हारी इस अनूठी उपलब्धि के लिए तुम्हारे माता-पिता को बधाई देना चाहूँगा। देश को तुम पर गर्व है और अब तुम ऐसे संसार में वापस जाओगी जो तुम्हारे अपने पहले के संसार से एकदम भिन्न होगा।"

लिखित (क) — 25-30 शब्दों में उत्तर

1नजदीक से एवरेस्ट को देखकर लेखिका को कैसा लगा?Show solution
दिया गया है: लेखिका ने नजदीक से एवरेस्ट को देखा।

उत्तर: नजदीक से एवरेस्ट को देखकर लेखिका अभिभूत हो गई। उसे एवरेस्ट बहुत विशाल, भव्य और रहस्यमय लगा। पर्वत की ऊँचाई और उसकी चोटी पर उड़ती बर्फ़ देखकर उसके मन में श्रद्धा और रोमांच का भाव उत्पन्न हुआ। वह इस दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो गई।
2डॉ. मीनू मेहता ने क्या जानकारियाँ दीं?Show solution
दिया गया है: डॉ. मीनू मेहता ने अभियान दल को जानकारी दी।

उत्तर: डॉ. मीनू मेहता ने अल्युमिनियम की सीढ़ियों से अस्थायी पुलें बनाने, रस्सियों को बाँधने तथा बर्फ़ की आड़ी-तिरछी दीवारों पर रस्सी बाँधकर रास्ता बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार खुंभु हिमपात में सुरक्षित रास्ता बनाया जाता है।
3तेनजिंग ने लेखिका की तारीफ़ में क्या कहा?Show solution
दिया गया है: तेनजिंग ने लेखिका की प्रशंसा की।

उत्तर: तेनजिंग ने लेखिका की तारीफ़ करते हुए कहा — "तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो। तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए।" यह सुनकर लेखिका बहुत प्रसन्न हुई और उसका उत्साह और बढ़ गया।
4लेखिका को किनके साथ चढ़ाई करनी थी?Show solution
दिया गया है: लेखिका के साथ चढ़ाई करने वाले साथियों का उल्लेख पाठ में है।

उत्तर: लेखिका को अंगदोरजी, ल्हाटू और थुली के साथ चढ़ाई करनी थी। इसके अलावा लोपसांग भी उनके साथ था। ये सभी अनुभवी शेरपा थे जो लेखिका की सहायता करने वाले थे।
5लोपसांग ने तंबू का रास्ता कैसे साफ़ किया?Show solution
दिया गया है: तंबू पर बर्फ़ गिर गई थी और रास्ता बंद हो गया था।

उत्तर: लोपसांग ने अपने हाथों और एक बर्फ़ की कुल्हाड़ी (आइस-एक्स) की सहायता से तंबू के ऊपर जमी बर्फ़ को हटाया। उसने बड़ी मेहनत और साहस के साथ बर्फ़ की मोटी परत काटकर तंबू का रास्ता साफ़ किया।
6साउथ कोल कैंप पहुँचकर लेखिका ने अगले दिन की महत्वपूर्ण चढ़ाई की तैयारी कैसे शुरू की?Show solution
दिया गया है: लेखिका साउथ कोल कैंप पहुँची और अगले दिन की तैयारी की।

उत्तर: साउथ कोल कैंप पहुँचकर लेखिका ने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला, उन्हें लाल कपड़े में लपेटकर पूजा-अर्चना की और बर्फ़ में दबा दिया। इसके बाद उसने ऑक्सीजन सिलेंडर, खाना और जरूरी सामान तैयार किया।

लिखित (ख) — 50-60 शब्दों में उत्तर

1उपनेता प्रेमचंद ने किन स्थितियों से अवगत कराया?Show solution
दिया गया है: उपनेता प्रेमचंद अग्रिम दल के साथ आगे गए थे।

उत्तर: उपनेता प्रेमचंद ने अभियान दल को निम्नलिखित स्थितियों से अवगत कराया —

- खुंभु हिमपात अत्यंत खतरनाक है और वहाँ बर्फ़ की विशाल नदी बहती है।
- बर्फ़ की दरारें (क्रेवास) बहुत गहरी और चौड़ी हैं जो किसी भी समय और बड़ी हो सकती हैं।
- हिमखंड कभी भी टूटकर गिर सकते हैं।
- रास्ते में अल्युमिनियम की सीढ़ियों से पुल बनाए गए हैं।
- बेस कैंप से आगे का रास्ता अत्यंत कठिन और जोखिम भरा है।

इन सब जानकारियों से दल को आगे की चढ़ाई के लिए मानसिक रूप से तैयार किया गया।
2हिमपात किस तरह होता है और उससे क्या-क्या परिवर्तन आते हैं?Show solution
दिया गया है: पाठ में हिमपात का विस्तृत वर्णन है।

उत्तर: हिमपात में बर्फ़ के विशाल खंड धीरे-धीरे खिसकते रहते हैं। इससे निम्नलिखित परिवर्तन आते हैं —

- बर्फ़ में दरारें पड़ जाती हैं जो गहरे-चौड़े हिम-विदर (क्रेवास) में बदल जाती हैं।
- बर्फ़ के बड़े-बड़े खंड टूटकर इधर-उधर बिखर जाते हैं।
- रास्ते बंद हो जाते हैं और नए रास्ते बनाने पड़ते हैं।
- हिमस्खलन का खतरा बना रहता है।
- पूरा क्षेत्र अस्थिर और खतरनाक हो जाता है।

इस प्रकार हिमपात पर्वतारोहियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता है।
3लेखिका के तंबू में गिरे बर्फ़ पिंड का वर्णन किस तरह किया गया है?Show solution
दिया गया है: रात को लेखिका के तंबू पर बर्फ़ का पिंड गिरा।

उत्तर: लेखिका के तंबू में रात को अचानक एक बड़ा बर्फ़ का पिंड आकर गिरा। इस घटना का वर्णन इस प्रकार है —

- रात को एक जोरदार धमाके के साथ बर्फ़ का पिंड तंबू पर गिरा।
- इससे तंबू पूरी तरह दब गया और लेखिका उसमें दब गई।
- लेखिका को लगा जैसे कोई भारी चीज़ उस पर आ गिरी हो।
- वह बर्फ़ में दब गई और उसे साँस लेने में कठिनाई होने लगी।
- लोपसांग ने बाहर से तंबू खोदकर उसे बाहर निकाला।

यह घटना अत्यंत भयावह थी और लेखिका के साहस की परीक्षा थी।
4लेखिका को देखकर 'की' हक्का-बक्का क्यों रह गया?Show solution
दिया गया है: 'की' एक शेरपा था जो लेखिका से मिला।

उत्तर: 'की' (शेरपा कुली) इसलिए हक्का-बक्का रह गया क्योंकि —

- उसे एक महिला पर्वतारोही से मिलने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।
- उस समय तक महिलाओं का एवरेस्ट अभियान में भाग लेना बहुत असामान्य बात थी।
- लेखिका ने उसे बताया कि वह एवरेस्ट पर चढ़ने आई है, जो उसे अविश्वसनीय लगा।
- एक भारतीय महिला का इतने कठिन अभियान में भाग लेना उसकी कल्पना से परे था।

इस प्रकार लेखिका का साहस और दृढ़ निश्चय देखकर 'की' आश्चर्यचकित रह गया।
5एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए कुल कितने कैंप बनाए गए? उनका वर्णन कीजिए।Show solution
दिया गया है: अभियान के दौरान विभिन्न ऊँचाइयों पर कैंप बनाए गए।

उत्तर: एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए कुल छह कैंप बनाए गए —

| कैंप | स्थान/ऊँचाई |
|------|-------------|
| बेस कैंप | एवरेस्ट के आधार पर |
| कैंप-एक | खुंभु हिमपात के ऊपर |
| कैंप-दो | पश्चिमी कुम में |
| कैंप-तीन | लोत्से की दीवार पर |
| कैंप-चार | साउथ कोल पर (7900 मीटर) |
| शिखर कैंप | अंतिम चढ़ाई के लिए |

प्रत्येक कैंप पर आवश्यक सामग्री, भोजन, ऑक्सीजन और तंबू रखे गए थे। इन कैंपों के सहारे ही पर्वतारोही धीरे-धीरे ऊपर चढ़ते थे और आराम करते थे।
6चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी?Show solution
दिया गया है: लेखिका ने एवरेस्ट की चोटी की स्थिति का वर्णन किया है।

उत्तर: चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण थी —

- चोटी पर तेज़ और बर्फ़ीली हवाएँ चल रही थीं।
- तापमान बहुत कम था जिससे शरीर सुन्न हो रहा था।
- ऑक्सीजन की कमी के कारण साँस लेना कठिन था।
- बर्फ़ की परत बहुत फिसलन भरी थी।
- दृश्यता कम थी और बादल घिरे हुए थे।

इन सब कठिनाइयों के बावजूद लेखिका ने हिम्मत नहीं हारी और 23 मई 1984 को एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचकर इतिहास रच दिया।
7सम्मिलित अभियान में सहयोग एवं सहायता की भावना का परिचय बचेंद्री के किस कार्य से मिलता है?Show solution
दिया गया है: बचेंद्री पाल ने अभियान के दौरान सहयोग की भावना दिखाई।

उत्तर: सम्मिलित अभियान में सहयोग एवं सहायता की भावना का परिचय बचेंद्री के निम्नलिखित कार्यों से मिलता है —

- जब जय और मीनू थके हुए थे, तब बचेंद्री ने उनके लिए गर्म चाय और खाना तैयार किया।
- उसने साथी पर्वतारोहियों की हर संभव सहायता की।
- कठिन परिस्थितियों में भी उसने दूसरों का हौसला बढ़ाया।
- उसने दल की एकता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस प्रकार बचेंद्री ने यह सिद्ध किया कि पर्वतारोहण केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास है।

लिखित (ग) — आशय स्पष्ट कीजिए

1एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए।Show solution
संदर्भ: यह कथन कर्नल खुल्लर ने हिमस्खलन में एक साथी की मृत्यु के बाद दल का मनोबल बनाए रखने के लिए कहा।

आशय: इस कथन का आशय यह है कि —

- एवरेस्ट जैसे महान और कठिन अभियान में खतरे और जोखिम अनिवार्य रूप से जुड़े हुए हैं।
- पर्वतारोही को मानसिक रूप से इतना मजबूत होना चाहिए कि वह खतरों से न घबराए।
- मृत्यु का भय मन में रखकर कोई भी महान कार्य नहीं किया जा सकता।
- जो व्यक्ति जोखिम उठाने से डरता है, वह कभी भी असाधारण उपलब्धि प्राप्त नहीं कर सकता।
- साहसी व्यक्ति खतरों को स्वीकार करके आगे बढ़ता है।

संक्षेप में, यह कथन साहस, दृढ़ता और मानसिक शक्ति का संदेश देता है।
2सीधे धरातल पर दरार पड़ने का विचार और इस दरार का गहरे-चौड़े हिम-विदर में बदल जाने का मात्र खयाल ही बहुत डरावना था। इससे भी ज्यादा भयानक इस बात की जानकारी थी कि हमारे संपूर्ण प्रयास के दौरान हिमपात लगभग एक दर्जन आरोहियों और कुलियों को प्रतिदिन छूता रहेगा।Show solution
संदर्भ: यह वर्णन खुंभु हिमपात के खतरों के संदर्भ में है।

आशय: इस कथन का आशय यह है कि —

- हिमपात क्षेत्र में बर्फ़ की सतह पर कभी भी दरारें पड़ सकती हैं जो धीरे-धीरे गहरे और चौड़े हिम-विदर (क्रेवास) में बदल जाती हैं।
- इन दरारों में गिरने पर जीवित बचना असंभव होता है, इसलिए इनका विचार मात्र ही भयावह है।
- इससे भी अधिक भयानक यह था कि पूरे अभियान के दौरान प्रतिदिन लगभग एक दर्जन लोग इस खतरनाक हिमपात क्षेत्र से गुजरते थे।
- हर दिन इतने लोगों की जान खतरे में रहती थी।

यह कथन हिमपात के भयंकर खतरे और पर्वतारोहियों के असाधारण साहस को एक साथ उजागर करता है।
3बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटा, छोटी-सी पूजा-अर्चना की और इनको बर्फ़ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता-पिता का ध्यान आया।Show solution
संदर्भ: यह वर्णन उस क्षण का है जब लेखिका एवरेस्ट की चोटी पर पहुँची।

आशय: इस कथन का आशय यह है कि —

- एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचकर लेखिका ने सबसे पहले ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
- दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा उसकी आस्था और श्रद्धा के प्रतीक हैं।
- उसने इन्हें बर्फ़ में दबाकर यह संदेश दिया कि यह सफलता केवल उसकी नहीं बल्कि ईश्वर की कृपा से मिली है।
- माता-पिता का स्मरण यह दर्शाता है कि सफलता के क्षण में भी वह अपनी जड़ों और परिवार को नहीं भूली।
- यह कथन भारतीय संस्कृति, आस्था और पारिवारिक प्रेम का सुंदर चित्रण है।

संक्षेप में, यह कथन विनम्रता, कृतज्ञता और आस्था का प्रतीक है।

भाषा-अध्ययन

1इस पाठ में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों की व्याख्या पाठ का संदर्भ देकर कीजिए — निहारा है, धसकना, खिसकना, सागरमाथा, जायजा लेना, नौसिखियाShow solution
शब्दों की व्याख्या:

1. निहारा है — अर्थ: ध्यान से देखना।
*संदर्भ:* लेखिका ने एवरेस्ट की चोटी को दूर से ध्यानपूर्वक निहारा। यहाँ 'निहारना' का अर्थ है — किसी वस्तु को एकटक, श्रद्धा और जिज्ञासा से देखना।

2. धसकना — अर्थ: नीचे की ओर धँसना या दबना।
*संदर्भ:* हिमपात में बर्फ़ की सतह के धसकने का खतरा रहता है। बर्फ़ की परत के नीचे खाली जगह होने पर वह धसक जाती है।

3. खिसकना — अर्थ: धीरे-धीरे सरकना या हटना।
*संदर्भ:* हिमपात में बर्फ़ के विशाल खंड धीरे-धीरे खिसकते रहते हैं जिससे दरारें पड़ जाती हैं।

4. सागरमाथा — अर्थ: सागर का माथा अर्थात् आकाश का मस्तक।
*संदर्भ:* यह एवरेस्ट का नेपाली नाम है। लेखिका को यह नाम बहुत पसंद आया क्योंकि यह पर्वत की विशालता को व्यक्त करता है।

5. जायजा लेना — अर्थ: किसी स्थिति या परिस्थिति का मूल्यांकन करना।
*संदर्भ:* उपनेता प्रेमचंद आगे जाकर रास्ते का जायजा लेने गए थे ताकि दल को सही जानकारी दी जा सके।

6. नौसिखिया — अर्थ: जो किसी काम में नया हो, अनुभवहीन।
*संदर्भ:* लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय देते हुए स्वयं को नौसिखिया पर्वतारोही बताया, अर्थात् जो पहली बार पर्वतारोहण कर रही हो।
2निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए — (क) उन्होंने कहा तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए (ख) क्या तुम भयभीत थीं (ग) तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्रीShow solution
विराम चिह्नों सहित सही वाक्य:

(क) उन्होंने कहा, "तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो। तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए।"

(ख) क्या तुम भयभीत थीं?

(ग) तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली, बचेंद्री?

प्रयुक्त विराम चिह्न:
- अल्पविराम (,) — वाक्य में रुकने के लिए
- पूर्ण विराम (।) — वाक्य की समाप्ति पर
- प्रश्नवाचक चिह्न (?) — प्रश्नवाचक वाक्यों में
- उद्धरण चिह्न (" ") — किसी के कथन को उद्धृत करने के लिए
3नीचे दिए उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द-युग्मों का वाक्य में प्रयोग कीजिए — टेढ़ी-मेढ़ी, हक्का-बक्का, गहरे-चौड़े, इधर-उधर, आस-पास, लंबे-चौड़ेShow solution
शब्द-युग्मों का वाक्य में प्रयोग:

1. टेढ़ी-मेढ़ी — पहाड़ों में टेढ़ी-मेढ़ी सड़कों पर गाड़ी चलाना बहुत कठिन होता है।

2. हक्का-बक्का — अचानक शेर को सामने देखकर वह हक्का-बक्का रह गया।

3. गहरे-चौड़े — हिमपात में गहरे-चौड़े हिम-विदर पड़ जाते हैं जो बहुत खतरनाक होते हैं।

4. इधर-उधर — बच्चे मैदान में इधर-उधर दौड़ रहे थे।

5. आस-पास — हमारे घर के आस-पास बहुत हरियाली है।

6. लंबे-चौड़े — राजस्थान के लंबे-चौड़े मैदानों में ऊँट चरते हैं।
4उदाहरण के अनुसार विलोम शब्द बनाइए — नियमित, विख्यात, आरोही, निश्चित, सुंदरShow solution
विलोम शब्द:

| शब्द | विलोम |
|------|-------|
| अनुकूल (उदाहरण) | प्रतिकूल |
| नियमित | अनियमित |
| विख्यात | अविख्यात / कुख्यात |
| आरोही | अवरोही |
| निश्चित | अनिश्चित |
| सुंदर | असुंदर / कुरूप |
5निम्नलिखित शब्दों में उपयुक्त उपसर्ग लगाइए — वास, व्यवस्थित, कूल, गति, रोहण, रक्षितShow solution
उपसर्ग लगाकर नए शब्द:

| मूल शब्द | उपसर्ग | नया शब्द |
|----------|---------|----------|
| वास | सु | सुवास |
| व्यवस्थित | अ | अव्यवस्थित |
| कूल | प्रति | प्रतिकूल |
| गति | प्र | प्रगति |
| रोहण | आ | आरोहण |
| रक्षित | सु | सुरक्षित |
6निम्नलिखित क्रिया विशेषणों का उचित प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए — अगले दिन, कम समय में, कुछ देर बाद, सुबह तकShow solution
रिक्त स्थानों की पूर्ति:

(क) मैं अगले दिन यह कार्य कर लूँगा।

(ख) बादल घिरने के कुछ देर बाद ही वर्षा हो गई।

(ग) उसने बहुत कम समय में इतनी तरक्की कर ली।

(घ) नाइकेसा को सुबह तक गाँव जाना था।

योग्यता-विस्तार

1इस पाठ में आए दस अंग्रेजी शब्दों का चयन कर उनके अर्थ लिखिए।Show solution
पाठ में आए दस अंग्रेजी शब्द और उनके अर्थ:

| अंग्रेजी शब्द | हिंदी अर्थ |
|--------------|------------|
| 1. कैंप (Camp) | पड़ाव, शिविर |
| 2. बेस कैंप (Base Camp) | आधार शिविर |
| 3. ऑक्सीजन (Oxygen) | प्राणवायु |
| 4. वॉकी-टॉकी (Walkie-Talkie) | चलते-फिरते बात करने का यंत्र |
| 5. क्रेवास (Crevasse) | हिम-विदर, बर्फ़ में गहरी दरार |
| 6. टीम (Team) | दल |
| 7. रेडियो (Radio) | आकाशवाणी यंत्र |
| 8. कर्नल (Colonel) | सेना का एक पद |
| 9. साउथ कोल (South Col) | दक्षिणी दर्रा |
| 10. एक्सपीडिशन (Expedition) | अभियान |
2पर्वतारोहण से संबंधित दस चीजों के नाम लिखिए।Show solution
पर्वतारोहण से संबंधित दस चीजें:

1. ऑक्सीजन सिलेंडर — ऊँचाई पर साँस लेने के लिए
2. आइस-एक्स (बर्फ़ की कुल्हाड़ी) — बर्फ़ काटने के लिए
3. क्रैम्पन — जूतों में लगाई जाने वाली धातु की कीलें
4. रस्सी — सुरक्षा और रास्ता बनाने के लिए
5. तंबू — रात्रि विश्राम के लिए
6. स्लीपिंग बैग — ठंड से बचाव के लिए
7. थर्मल कपड़े — शरीर को गर्म रखने के लिए
8. हेलमेट — सिर की सुरक्षा के लिए
9. वॉकी-टॉकी — संचार के लिए
10. अल्युमिनियम की सीढ़ियाँ — दरारों को पार करने के लिए
3तेनजिंग शेरपा की पहली चढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।Show solution
तेनजिंग शेरपा की पहली चढ़ाई:

- तेनजिंग नोर्गे शेरपा का जन्म 1914 में नेपाल में हुआ था।
- उन्होंने 29 मई 1953 को न्यूजीलैंड के सर एडमंड हिलेरी के साथ मिलकर एवरेस्ट पर पहली बार सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
- यह विश्व इतिहास में एवरेस्ट की पहली सफल चढ़ाई थी।
- तेनजिंग ने इससे पहले छह बार एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास किया था।
- उन्हें 'टाइगर ऑफ द स्नो' की उपाधि दी गई।
- भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।
- उनकी इस उपलब्धि ने बचेंद्री पाल सहित अनेक पर्वतारोहियों को प्रेरणा दी।
4इस पर्वत का नाम 'एवरेस्ट' क्यों पड़ा? जानकारी प्राप्त कीजिए।Show solution
'एवरेस्ट' नाम का इतिहास:

- इस पर्वत का नाम सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया।
- सर जॉर्ज एवरेस्ट ब्रिटिश भारत के सर्वेयर जनरल (1830-1843) थे।
- उन्होंने भारत के महान त्रिकोणमितीय सर्वेक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- 1856 में जब इस पर्वत को विश्व की सबसे ऊँची चोटी घोषित किया गया, तब रॉयल ज्योग्राफिकल सोसायटी ने इसका नाम सर जॉर्ज एवरेस्ट के सम्मान में 'माउंट एवरेस्ट' रखा।
- इसका नेपाली नाम 'सागरमाथा' और तिब्बती नाम 'चोमोलुंगमा' (पर्वतों की देवी माँ) है।
- इसकी ऊँचाई 8848.86 मीटर है।

परियोजना कार्य

1आगे बढ़ती भारतीय महिलाओं की पुस्तक पढ़कर उनसे संबंधित चित्रों का संग्रह कीजिए एवं संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करके लिखिए — (क) पी.टी. उषा (ख) आरती साहा (ग) किरण बेदीShow solution
भारतीय महिलाओं की संक्षिप्त जानकारी:

(क) पी.टी. उषा:
- पूरा नाम: पिलावुल्लकंडी थेक्केपरम्बिल उषा
- जन्म: 27 जून 1964, केरल
- 'उड़न परी' और 'पय्योली एक्सप्रेस' के नाम से प्रसिद्ध
- 1984 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ में चौथा स्थान प्राप्त किया
- एशियाई खेलों में अनेक स्वर्ण पदक जीते
- पद्मश्री से सम्मानित

(ख) आरती साहा:
- जन्म: 24 सितंबर 1940, कोलकाता
- इंग्लिश चैनल पार करने वाली पहली एशियाई महिला (1959)
- उन्होंने 16 घंटे 20 मिनट में इंग्लिश चैनल पार किया
- पद्मश्री से सम्मानित
- 1994 में उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया गया

(ग) किरण बेदी:
- जन्म: 9 जून 1949, अमृतसर
- भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल होने वाली पहली भारतीय महिला (1972)
- तिहाड़ जेल में सुधार कार्यों के लिए विश्व प्रसिद्ध
- रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित
- पुडुचेरी की उपराज्यपाल भी रहीं

*(नोट: छात्र पुस्तकालय से इन महिलाओं के चित्र एकत्र करें और अपनी परियोजना पुस्तिका में चिपकाएँ।)*
2रामधारी सिंह दिनकर का लेख— 'हिम्मत और जिंदगी' पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।Show solution
निर्देश: यह एक स्वाध्याय कार्य है। छात्र अपने विद्यालय के पुस्तकालय से रामधारी सिंह 'दिनकर' का लेख 'हिम्मत और जिंदगी' प्राप्त करें और पढ़ें।

दिनकर जी के बारे में संक्षिप्त जानकारी:
- रामधारी सिंह 'दिनकर' (1908-1974) हिंदी के महान राष्ट्रकवि थे।
- उनकी प्रमुख रचनाएँ: रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र, उर्वशी, हुंकार आदि।
- 'उर्वशी' के लिए उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला।
- उनका साहित्य वीर रस, राष्ट्रप्रेम और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत है।
- 'हिम्मत और जिंदगी' लेख में उन्होंने साहस और जीवन के संघर्ष के बारे में प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए हैं।
3'मन के हारे हार है, मन के जीते जीत'— इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।Show solution
परिचर्चा के लिए मुख्य बिंदु:

विषय: 'मन के हारे हार है, मन के जीते जीत'

पक्ष में तर्क:
1. बचेंद्री पाल ने मानसिक दृढ़ता से एवरेस्ट जीता।
2. तेनजिंग शेरपा ने सात बार प्रयास करके सफलता पाई।
3. थॉमस एडिसन ने हजारों असफलताओं के बाद बल्ब का आविष्कार किया।
4. मन की शक्ति शारीरिक शक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है।

उदाहरण:
- जो व्यक्ति मन से हार मान लेता है, वह शारीरिक रूप से सक्षम होने पर भी सफल नहीं होता।
- जो मन से दृढ़ है, वह शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद सफलता प्राप्त करता है।

निष्कर्ष: मनुष्य की इच्छाशक्ति और मानसिक दृढ़ता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। जीवन में सफलता और असफलता का निर्णय मन की स्थिति पर निर्भर करता है।

*(नोट: छात्र कक्षा में इस विषय पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत करें।)*

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