Skip to main content
Chapter 10 of 38
Chapter Summary

अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में (Part 2) — Chapter Summary

Manipur Board · Class 12 · Hindi

Summary of अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में (Part 2) for Manipur Board Class 12 Hindi. Part of the Manipur Board Class 12 Hindi syllabus.

45 questions34 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for chapter summary and more.

Free trial, no card needed.

मालवा पठार की प्रमुख नदियों (शिप्रा, चंबल, गंभीर, पार्वती, कालीसिंध, चोरल, नर्मदा) और उनकी सहायक नदियों को दर्शाने वाला एक भौगोलिक मानचित्र, जिसमें उनके उद्गम स्थल और बहाव मार्ग स्पष्ट रूप से चिह्नित
Super Tutor

One of 5 illustrations for अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में in Super Tutor — alongside flashcards, concept maps and practice questions.

Overview

प्रभाष जोशी का यह निबंध मालवा की धरती, उसकी नदियों, तालाबों, वर्षा और जनजीवन का जीवंत चित्र प्रस्तुत करता है। इसमें मालवा की पुरानी समृद्धि और आज की पर्यावरणीय बिगड़ती स्थिति का तुलनात्मक बोध कराया गया है। लेखक मालवा को केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि जल, संस्कृति, स्मृति और सभ्यता का जीवित रूप

Key Concepts

मालवा को ऐसी धरती के रूप

मालवा को ऐसी धरती के रूप में प्रस्तुत किया गया है जहाँ कभी डग-डग रोटी और पग-पग नीर की स्थिति थी। तालाब, बावड़ियाँ, नदियाँ और कुएँ इस क्षेत्र की समृद्ध

नर्मदा

नर्मदा, शिप्रा, चंबल, गंभीर, पार्वती, कालीसिंध और चोरल जैसी नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि जीवन, आस्था और सभ्यता की वाहक हैं। लेखक नर्मदा को माँ मान

यह ऐसी औद्योगिक जीवन पद्धति है

यह ऐसी औद्योगिक जीवन पद्धति है जो उपभोग को बढ़ाती है, प्रकृति को नुकसान पहुँचाती है और जल, पर्यावरण तथा जीवन-संतुलन को बिगाड़ती है।

धरती के तापमान का बढ़ना

धरती के तापमान का बढ़ना, मौसम चक्र का बिगड़ना, नदियों का नालों में बदलना और जलस्रोतों का सूखना इसी संकट के लक्षण हैं। लेखक इसके लिए औद्योगिक सभ्यता और

विक्रमादित्य

विक्रमादित्य, भोज और मुंज जैसे प्राचीन शासकों ने तालाब और बावड़ियाँ बनवाकर बरसात का जल रोकने की व्यवस्था की थी। इससे भूजल और कृषि दोनों सुरक्षित रहते

Learning Objectives

  • मालवा की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को समझना
  • नदियों, तालाबों और वर्षा के महत्व को पहचानना
  • खाऊ-उजाड़ सभ्यता के पर्यावरणीय दुष्परिणामों को समझना
  • मालवा की पुरानी समृद्धि और आज की स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण करना
  • लेखक की पर्यावरण-चिंता और सभ्यतागत दृष्टि को ग्रहण करना

Frequently Asked Questions

What are the important topics in अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में for Manipur Board Class 12 Hindi?
Key topics in अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में include मालवा का प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप, यात्रा के अनुभव और नदी-संवेदना, नर्मदा, शिप्रा और चंबल का भूगोल और भाव, तालाब, बावड़ियाँ और जल-प्रबंधन. Study these first, then practise questions on each for the Manipur Board Class 12 board exam.
How should I revise अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में for the Manipur Board Class 12 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 45 practice questions on अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में chapter — start free.

Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for Manipur Board Class 12 Hindi. Free to start, no card needed.