Skip to main content
Chapter 34 of 38
Syllabus

शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) (Part 2) — Syllabus

Manipur Board · Class 12 · Hindi

What शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) (Part 2) covers in Manipur Board Class 12 Hindi: 4 topics, for the 2026-27 session.

44 questions26 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी)? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for syllabus and more.

Free trial, no card needed.

एक शिरीष वृक्ष का चित्रण जो जेठ की जलती धूप में भी फूलों से लदा हुआ है, उसकी छायादार और घनी हरीतिमा को दर्शाता है। इसमें शिरीष के फूलों की कोमलता और फलों की दृढ़ता भी दिखाई गई है।
Super Tutor

One of 5 illustrations for शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) in Super Tutor — alongside flashcards, concept maps and practice questions.

4 Topics · Manipur Board Class 12 Hindi · 2026-27

Topics in शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी)

1

रचना का स्वरूप और केंद्रीय विचार

  • यह ललित निबंध है और संग्रह ‘कल्पलता’ से उद्धृत है।
  • केंद्रीय प्रतीक शिरीष है, जो भीषण गर्मी, लू और विपरीत परिस्थितियों में भी खिलता रहता है।
  • शिरीष जीवन की अजेयता, धैर्य और परिस्थितियों के बीच भी मस्त बने रहने की शक्ति का प्रतीक है।
2

शिरीष का प्राकृतिक और सांस्कृतिक चित्र

  • जेठ की जलती धूप में शिरीष नीचे से ऊपर तक फूलों से लद जाता है।
  • शिरीष पुराने भारत के मंगल-जनक वृक्षों में गिना गया है।
  • वाटिका के छायादार वृक्षों के बीच इसे लगाया जाता था।
3

शिरीष और कोमलता का प्रसंग

  • संस्कृत साहित्य में शिरीष का फूल बहुत कोमल माना गया है।
  • कालिदास के श्लोक में शिरीष पुष्प की कोमलता का वर्णन है।
  • लेखक का अनुमान है कि शिरीष की कोमलता की बात कालिदास ने शुरू की होगी।
4

पुरानी और नई पीढ़ी का द्वंद्व

  • शिरीष के पुराने फल लंबे समय तक डटे रहते हैं।
  • नए फूल-फलों के निकलने पर पुराने फल हटाए जाते हैं।
  • लेखक इस दृश्य को साहित्य, समाज और राजनीति में पुरानी व नई पीढ़ी के संघर्ष के रूप में देखता है।

Key Concepts

Central concept: शिरीष के फूल में शिरीष वृक्ष को कालजयी अवधूत, अनासक्ति, जिजीविषा, सौंदर्य-बोध और मानवीय मूल्यों के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

लेखक और दृष्टिकोणशिरीष वृक्षकोमलता और कठोरताकालिदास और काव्य-चेतनाशकुंतला-दुष्यंत प्रसंगकबीर और पलाशतुलसीदास और जरा-मृत्युविज्जिका देवी और सच्चे कवि की दुर्लभता

Work through every topic in शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) with notes and quizzes

Start This Chapter

Frequently Asked Questions

What are the important topics in शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) for Manipur Board Class 12 Hindi?
Key topics in शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) include रचना का स्वरूप और केंद्रीय विचार, शिरीष का प्राकृतिक और सांस्कृतिक चित्र, शिरीष और कोमलता का प्रसंग, पुरानी और नई पीढ़ी का द्वंद्व. Study these first, then practise questions on each for the Manipur Board Class 12 board exam.
How should I revise शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) for the Manipur Board Class 12 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 44 practice questions on शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full शिरीष के फूल-(हजारी प्रसाद द्विवेदी) chapter — start free.

Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for Manipur Board Class 12 Hindi. Free to start, no card needed.