प्रेमचंद के फटे जूते
Meghalaya Board · Class 9 · Hindi
Flashcards for प्रेमचंद के फटे जूते — Meghalaya Board Class 9 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
Interactive on Super Tutor
Studying प्रेमचंद के फटे जूते? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for flashcards and more.
1,000+ Class 9 students started this chapter today

Super Tutor has 7+ illustrations like this for प्रेमचंद के फटे जूते alone — flashcards, concept maps, and step-by-step visuals.
See them allप्रेमचंद के फटे जूते निबंध के लेखक कौन हैं और उन्हें किस विधा के लिए जाना जाता है?
Answer
लेखक: हरिशंकर परसाई। वे हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध व्यंग्यकार हैं और व्यंग्य विधा के जनक माने जाते हैं। उनके लेखन में सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक पाखंड पर तीखे व्यंग्य हैं।…
प्रेमचंद की फोटो में क्या विशेषता लेखक ने देखी जिसने उनका ध्यान आकर्षित किया?
Answer
प्रेमचंद के बाएं पैर के जूते में बड़ा छेद था जिससे उनकी अंगुली बाहर निकली हुई थी। दाहिना जूता ठीक था लेकिन बाएं जूते की यह दशा ने लेखक को सोचने पर मजबूर कर दिया।…
व्यंग्य किसे कहते हैं और इस निबंध में व्यंग्य की विशेषता क्या है?
Answer
व्यंग्य का अर्थ है हास्य के माध्यम से समाज की बुराइयों पर प्रहार करना। इस निबंध में परसाई जी ने आज के युग की दिखावे की प्रवृत्ति, ढोंग, और सामाजिक भ्रष्टाचार पर तीखा व्यंग्य किया है।…
लेखक ने प्रेमचंद की व्यंग्य-मुस्कान का क्या अर्थ समझा है?
Answer
लेखक के अनुसार प्रेमचंद की मुस्कान में व्यंग्य और उपहास है। यह मुस्कान उन लोगों पर है जो दिखावा करते हैं, परदे में रहते हैं, और सच्चाई से आंखें मूंदकर चलते हैं।…
पोशाक' शब्द का प्रसंग में अर्थ स्पष्ट करते हुए प्रेमचंद के व्यक्तित्व की विशेषता बताइए।
Answer
पोशाक का अर्थ है वेश-भूषा। प्रेमचंद में 'पोशाकें बदलने का गुण नहीं था' - अर्थात वे सदैव सरल और सहज रहते थे। वे दिखावा नहीं करते थे और जैसे थे वैसे ही रहते थे।…
लेखक और प्रेमचंद के जूतों की दशा में क्या अंतर है और इसका प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
Answer
प्रेमचंद का जूता ऊपर से फटा था (अंगुली दिखती थी) पर तला सुरक्षित था। लेखक का जूता ऊपर से ठीक था पर तला फटा था। प्रतीकात्मक अर्थ: प्रेमचंद खुले में सच्चाई दिखाते थे, आज के लोग बाहर से ठीक दिखते हैं पर …
'टोपी' और 'जूते' के आनुपातिक मूल्य से लेखक का क्या तात्पर्य है?
Answer
उस जमाने में टोपी आठ आने में मिलती थी और जूते पांच रुपए में। जूता हमेशा टोपी से महंगा रहा है। लेखक का तात्पर्य है कि प्रेमचंद के पास टोपी खरीदने के पैसे थे पर जूते के लिए नहीं - यह उनकी आर्थिक तंगी को…
कुंभनदास का उदाहरण देकर लेखक क्या कहना चाहता है?
Answer
कुंभनदास के जूते फतेहपुर सीकरी जाने-आने में घिस गए थे। उन्होंने कहा था 'अवत जात पन्हैया घिस गई, बिसर गयो हरि नाम'। लेखक कहना चाहता है कि चलने से जूता घिसता है, फटता नहीं। प्रेमचंद का जूता किसी सख्त ची…
+12 more flashcards available
Practice AllFrequently Asked Questions
What are the important topics in प्रेमचंद के फटे जूते for Meghalaya Board Class 9 Hindi?
How to score full marks in प्रेमचंद के फटे जूते — Meghalaya Board Class 9 Hindi?
How many flashcards are available for प्रेमचंद के फटे जूते?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for प्रेमचंद के फटे जूते
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
NCERT Solutions
Every textbook question solved step by step
For serious students
Get the full प्रेमचंद के फटे जूते chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Meghalaya Board Class 9 Hindi.