प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) — Important Questions
Nagaland Board · Class 12 · Hindi
44 important questions from प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) for Nagaland Board Class 12 Hindi, with answers. Written for the board exams 2027.
Interactive on Super Tutor
Studying प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for important questions and more.
Free trial, no card needed.

One of 7 illustrations for प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) in Super Tutor — alongside flashcards, concept maps and practice questions.
Important Questions from प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल)
शुक्ल जी के मुहल्ले में उनकी मंडली को क्या कहा जाता था?
Show answer
'निस्संदेह' लोग
निबंध के अनुसार, शुक्ल जी और उनके मित्र हिंदी में बातचीत करते थे जिसमें 'निस्संदेह' इत्यादि शब्द आया करते थे। उनके मुहल्ले में वकील, मुख्तार और कचहरी के अफसरों की बस्ती थी। उर्दू भाषी लोगों के कानों में उनकी बोली अनोखी लगती थी, इसलिए उन्होंने इनका नाम 'निस्संदेह' लोग रख छोड़ा था।
शुक्ल जी की समवयस्क मंडली में कौन-कौन शामिल था?
Show answer
काशीप्रसाद जायसवाल, भगवानदास हालना, बदरीनाथ गौड़ और उमाशंकर द्विवेदी
पाठ में 16 वर्ष की अवस्था तक लेखक की समवयस्क हिंदी-प्रेमियों की मंडली के मुख्य सदस्यों के रूप में काशीप्रसाद जी जायसवाल, बा. भगवानदास जी हालना, पं. बदरीनाथ गौड़ और पं. उमाशंकर द्विवेदी का नाम दिया गया है। यही शुक्ल जी की युवावस्था की प्रमुख मंडली थी।
प्रेमघन मिर्जापुर को क्या लिखते थे और क्यों?
Show answer
मीरजापुर लिखते थे, जिसका अर्थ था लक्ष्मीपुर
निबंध के अनुसार प्रेमघन मिर्जापुर न लिखकर मीरजापुर लिखा करते थे, जिसका अर्थ वे करते थे लक्ष्मीपुर—मीर=समुद्र+जा=पुत्री+पुर। यह उनकी भाषा संबंधी मौलिक सोच और व्युत्पत्ति के ज्ञान को दर्शाता है। वे नागरी को भाषा मानते थे और इसी तरह के अपने विशिष्ट विचार रखते थे।
वामनाचार्य गिरि ने प्रेमघन के लिए कौन सी कविता की थी?
Show answer
जिसका अंतिम अंश था 'खंभा टेकि खड़ी जैसे नारि मुगलानी की'
यह घटना निबंध में एक रोचक प्रसंग के रूप में वर्णित है। वामनाचार्य गिरि सड़क पर चलते हुए प्रेमघन के ऊपर एक कविता जोड़ रहे थे। जब उन्होंने प्रेमघन को खंभे के सहारे खड़े देखा तो तुरंत कविता का अंतिम चरण पूरा हो गया। यह प्रसंग प्रेमघन के व्यक्तित्व और उस समय के साहित्यिक माहौल को दर्शाता है।
+40 more questions on प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) (Nagaland Board Class 12 Hindi)
Practise AllFrequently Asked Questions
What are the important topics in प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) for Nagaland Board Class 12 Hindi?
How many important questions are there in प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल)?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल)
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Concept Maps
See how topics connect
Study Plan
Step-by-step plan for this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Syllabus
What topics to cover
NCERT Solutions
Every textbook question solved step by step
For serious students
Get the full प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) chapter — start free.
Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for Nagaland Board Class 12 Hindi. Free to start, no card needed.