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Chapter 25 of 38
Syllabus

प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) — Syllabus

Nagaland Board · Class 12 · Hindi

What प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) covers in Nagaland Board Class 12 Hindi: 4 topics, for the 2026-27 session.

44 questions30 flashcards5 concepts

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रामचंद्र शुक्ल के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों, जन्म, शिक्षा, प्रमुख कार्यस्थलों (मिर्जापुर, काशी नागरी प्रचारिणी सभा, काशी हिंदू विश्वविद्यालय), और निधन को दर्शाने वाली एक समयरेखा.
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4 Topics · Nagaland Board Class 12 Hindi · 2026-27

Topics in प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल)

1

निबंध का स्वरूप, लेखक-परिचय और केंद्रीय भाव

  • यह एक संस्मरणात्मक निबंध है, जिसमें स्मृति के आधार पर साहित्यिक व्यक्तित्व का चित्रण किया गया है।
  • लेखक रामचंद्र शुक्ल हिंदी के उच्चकोटि के आलोचक, इतिहासकार और साहित्य-चिंतक हैं।
  • शुक्ल जी का जीवनकाल सन् 1884-1941 था।
2

बाल्यकाल, साहित्यिक वातावरण और प्रेमघन से पहली भेंट

  • लेखक के पिता फारसी के अच्छे ज्ञाता और पुरानी हिंदी कविता के प्रेमी थे।
  • वे रात को रामचरितमानस और रामचंद्रिका बड़े चित्ताकर्षक ढंग से पढ़ते थे।
  • आधुनिक हिंदी-साहित्य में भारतेंदु जी के नाटक उन्हें बहुत प्रिय थे।
3

हिंदी-प्रेमी मंडली, 'निस्संदेह' लोग और सामाजिक वातावरण

  • सयाना होते-होते लेखक का झुकाव हिंदी के नूतन साहित्य की ओर बढ़ता गया।
  • लेखक के समवयस्क हिंदी-प्रेमियों की एक खासी मंडली बन गई थी।
  • इस मंडली में काशीप्रसाद जी जायसवाल, बा. भगवानदास जी हालना, पं. बदरीनाथ गौड़ और पं. उमाशंकर द्विवेदी मुख्य थे।
4

प्रेमघन का व्यक्तित्व, विनोद, व्यंग्य और भाषा-चेतना

  • प्रेमघन एक खासे हिंदुस्तानी रईस थे।
  • वसंत पंचमी, होली आदि अवसरों पर उनके यहाँ नाचरंग और उत्सव होते थे।
  • उनकी हर अदा से रियासत और तबीयतदारी झलकती थी।

Key Concepts

Central concept: रामचंद्र शुक्ल का संस्मरणात्मक निबंध और उसमें प्रेमघन के व्यक्तित्व, साहित्यिक परिवेश तथा हिंदी-प्रेम की स्मृतियाँ

रामचंद्र शुक्लप्रेमघनभारतेंदु हरिश्चंद्रपारिवारिक और शैशव परिवेशसाहित्यिक मंडलीकथात्मक घटनाएँभाषा और शैलीस्मृति का साहित्यिक महत्व

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) for Nagaland Board Class 12 Hindi?
Key topics in प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल) include निबंध का स्वरूप, लेखक-परिचय और केंद्रीय भाव, बाल्यकाल, साहित्यिक वातावरण और प्रेमघन से पहली भेंट, हिंदी-प्रेमी मंडली, 'निस्संदेह' लोग और सामाजिक वातावरण, प्रेमघन का व्यक्तित्व, विनोद, व्यंग्य और भाषा-चेतना. Study these first, then practise questions on each for the Nagaland Board Class 12 board exam.
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Learn the core ideas first, then work through the 44 practice questions on प्रेमघन की छाया-स्मृति (रामचंद्र शुक्ल). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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