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Chapter 29 of 39
NCERT Solutions

घर की याद (भवानी प्रसाद मिश्र)

Manipur Board · Class 11 · Hindi

NCERT Solutions for घर की याद (भवानी प्रसाद मिश्र) — Manipur Board Class 11 Hindi.

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7 Questions Solved · 2 Sections

कविता के साथ

1पानी के रात भर गिरने और प्राण-मन के घिरने में परस्पर क्या संबंध है?Show solution
दिया गया संदर्भ: कविता 'घर की याद' में कवि भवानी प्रसाद मिश्र जेल में बंद हैं और सावन की रात को वर्षा हो रही है।

संबंध:
पानी का रात भर गिरना और प्राण-मन का घिरना — दोनों में गहरा भावनात्मक संबंध है। सावन की वर्षा बाहर से बरसती है, किंतु उसकी रिमझिम ध्वनि और वातावरण कवि के मन के भीतर घर की यादों को जगा देती है। जिस प्रकार बादल चारों ओर से घिरकर वर्षा करते हैं, उसी प्रकार घर की स्मृतियाँ कवि के प्राण और मन को चारों ओर से घेर लेती हैं।

अर्थात् बाहर की वर्षा कवि के भीतर की भावनाओं को उद्वेलित करती है — दोनों एक साथ घटित होते हैं और एक-दूसरे को तीव्र करते हैं। प्रकृति की यह क्रिया कवि की विरह-वेदना को और गहरा कर देती है।

निष्कर्ष: पानी का गिरना बाह्य घटना है और प्राण-मन का घिरना आंतरिक अनुभव — दोनों में कारण-कार्य का संबंध है।
2मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को परिताप का घर क्यों कहा है?Show solution
दिया गया संदर्भ: कवि जेल में बंद है और सावन के महीने में उसे घर की याद आ रही है।

कारण:
सावन का महीना भाई-बहन के प्रेम का, रक्षाबंधन का और मिलन का महीना होता है। इस समय बहन मायके आती है — भाई से मिलने की उम्मीद लेकर। किंतु कवि जेल में बंद है, इसलिए वह घर पर उपस्थित नहीं है।

बहन मायके आई है, परंतु भाई (कवि) का घर पर न होना उसके लिए अत्यंत दुखद है। भाई की अनुपस्थिति में घर की खुशियाँ अधूरी हैं। बहन जिस भाई से मिलने की आस लेकर आई, वह वहाँ नहीं है — यह स्थिति घर को आनंद का नहीं, बल्कि परिताप (अत्यधिक दुख) का घर बना देती है।

निष्कर्ष: कवि की अनुपस्थिति के कारण मायके आई बहन को भाई का प्यार नहीं मिल पाता, जिससे घर खुशियों की जगह दुख और पीड़ा का केंद्र बन जाता है। इसीलिए कवि ने उसे 'परिताप का घर' कहा है।
3पिता के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं को उकेरा गया है?Show solution
दिया गया संदर्भ: कविता 'घर की याद' में कवि ने अपने पिता के व्यक्तित्व का मार्मिक चित्रण किया है।

पिता के व्यक्तित्व की विशेषताएँ:

1. धैर्यशील एवं संयमी: पिता अत्यंत धैर्यवान हैं। पुत्र के जेल में होने की पीड़ा को वे मन में दबाए रखते हैं, बाहर प्रकट नहीं होने देते।

2. भावनाओं को छिपाने वाले: पिता रोते नहीं, अपने दुख को अंदर ही रखते हैं — वे कठोर बाहरी आवरण में कोमल हृदय छिपाए हुए हैं।

3. परिवार के स्तंभ: वे परिवार को संभालने वाले हैं। घर के सभी सदस्य उनके इर्द-गिर्द हैं और वे सबका सहारा हैं।

4. पुत्र-प्रेम से भरे: पिता का हृदय पुत्र के लिए गहरे प्रेम से भरा है, यद्यपि वे इसे खुलकर व्यक्त नहीं करते।

5. सहनशील: पुत्र के जेल जाने की पीड़ा को वे चुपचाप सहते हैं — यह उनकी असाधारण सहनशक्ति को दर्शाता है।

निष्कर्ष: कवि के पिता एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी हैं जो बाहर से कठोर, किंतु भीतर से अत्यंत संवेदनशील और स्नेहमय हैं।
4निम्नलिखित पंक्तियों में 'बस' शब्द के प्रयोग की विशेषता बताइए —
मैं मजे में हूँ सही है
घर नहीं हूँ बस यही है
किन्तु यह बस बड़ा बस है,
इसी बस से सब विरस है
Show solution
दिया गया संदर्भ: ये पंक्तियाँ कविता 'घर की याद' से ली गई हैं जिनमें कवि अपनी स्थिति का वर्णन करते हुए 'बस' शब्द का बार-बार प्रयोग करता है।

'बस' शब्द के प्रयोग की विशेषता:

इन पंक्तियों में 'बस' शब्द का प्रयोग अत्यंत कुशलता और व्यंजना के साथ किया गया है:

- पहले प्रयोग में ('घर नहीं हूँ बस यही है') — 'बस' का अर्थ है 'केवल/सिर्फ'। कवि कहता है कि मैं मजे में हूँ, बस एक ही कमी है — घर पर नहीं हूँ।

- दूसरे और तीसरे प्रयोग में ('यह बस बड़ा बस है', 'इसी बस से सब विरस है') — यहाँ 'बस' का अर्थ 'छोटी-सी बात/सीमा' है, किंतु कवि कहता है कि यह 'बस' (केवल इतनी-सी बात) वास्तव में बहुत बड़ी है — इसी एक कमी ने सब कुछ विरस (नीरस/बेस्वाद) कर दिया है।

विशेषता: यहाँ यमक अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है — एक ही शब्द 'बस' को तीन बार दोहराया गया है, किंतु हर बार उसका भाव गहरा होता जाता है। जो बात पहले 'केवल इतनी-सी' लगती है, वही धीरे-धीरे जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा बन जाती है। यह लघुता में विशालता की अभिव्यक्ति है।

निष्कर्ष: 'बस' शब्द के इस प्रयोग से कवि ने घर से दूरी की पीड़ा को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया है।
5कविता की अंतिम 12 पंक्तियों को पढ़कर कल्पना कीजिए कि कवि अपनी किस स्थिति व मन:स्थिति को अपने परिजनों से छिपाना चाहता है?Show solution
दिया गया संदर्भ: कविता 'घर की याद' की अंतिम 12 पंक्तियों में कवि सावन से निवेदन करता है कि वह उसके परिजनों को उसकी वास्तविक स्थिति न बताए।

कवि जो स्थिति और मन:स्थिति छिपाना चाहता है:

1. एकाकीपन और अवसाद: कवि जागता रहता है — अर्थात् उसे नींद नहीं आती। वह अपने परिजनों को यह नहीं बताना चाहता कि वह रात-रात भर जागकर घर को याद करता है।

2. लोगों से कटाव: कवि 'आदमी से भागता है' — वह लोगों से दूर भागने लगा है, एकांत में रहना चाहता है। यह उसके मानसिक अवसाद की निशानी है।

3. मौन और आत्म-विस्मृति: वह मौन हो गया है और स्वयं को भी नहीं पहचान पा रहा — 'खुद न समझूँ कौन हूँ मैं'। यह पहचान का संकट उसे भीतर से तोड़ रहा है।

4. वास्तविक दुख: वह बाहर से दिखाता है कि 'मस्त हूँ', 'व्यस्त हूँ', 'कूदता-खेलता हूँ' — किंतु भीतर से वह टूटा हुआ है। इस भीतरी पीड़ा को वह परिजनों से छिपाना चाहता है ताकि वे चिंतित न हों।

5. मानसिक अस्थिरता: 'यों न कहना अस्त हूँ मैं' — वह नहीं चाहता कि परिवार को पता चले कि वह मानसिक रूप से डूब रहा है।

निष्कर्ष: कवि अपने परिजनों की चिंता और दुख को कम करने के लिए अपनी वास्तविक पीड़ा, एकाकीपन, अनिद्रा, मौन और आत्म-संशय को छिपाना चाहता है। यह उसके परिवार के प्रति गहरे प्रेम और उत्तरदायित्व का प्रमाण है।

कविता के आस-पास

1ऐसी पाँच रचनाओं का संकलन कीजिए जिसमें प्रकृति के उपादानों की कल्पना संदेशवाहक के रूप में की गई है।Show solution
निर्देश: यह एक परियोजना-आधारित प्रश्न है। नीचे पाँच प्रसिद्ध रचनाओं के उदाहरण दिए जा रहे हैं जिनमें प्रकृति के उपादानों को संदेशवाहक के रूप में कल्पित किया गया है:

1. मेघदूत (कालिदास): इस संस्कृत काव्य में यक्ष अपनी प्रिया को संदेश भेजने के लिए मेघ (बादल) को दूत बनाता है। यह प्रकृति को संदेशवाहक मानने की सर्वश्रेष्ठ रचना है।

2. घर की याद (भवानी प्रसाद मिश्र): इसी कविता में कवि सावन से निवेदन करता है कि वह उसके घर जाकर परिजनों को संदेश दे।

3. पवन-दूतिका (सूरदास): सूरदास की रचनाओं में गोपियाँ पवन (हवा) को दूत बनाकर कृष्ण को संदेश भेजती हैं।

4. बादल राग (सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'): इसमें बादल को क्रांति और परिवर्तन का संदेशवाहक माना गया है।

5. विरहिणी (मीराबाई के पद): मीरा ने पक्षियों (विशेषतः मोर और पपीहे) को अपने प्रिय श्रीकृष्ण तक संदेश पहुँचाने का माध्यम बनाया है।

नोट: विद्यार्थी इन रचनाओं की पंक्तियाँ पुस्तकालय से एकत्र करके अपनी परियोजना पुस्तिका में संकलित करें।
2घर से अलग होकर आप घर को किस तरह से याद करते हैं? लिखें।Show solution
निर्देश: यह एक व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रश्न है। नीचे एक आदर्श उत्तर प्रस्तुत किया जा रहा है:

घर से अलग होने पर घर की याद बहुत गहरी और मार्मिक होती है। जब भी मैं घर से दूर होता/होती हूँ, तो —

- माँ के हाथ का खाना सबसे पहले याद आता है। बाहर का खाना कितना भी अच्छा हो, माँ के हाथ की रोटी की बात ही अलग होती है।

- परिवार के सदस्यों की आवाजें — पिता की डाँट, माँ की ममता, भाई-बहन की शरारतें — सब याद आती हैं।

- घर के छोटे-छोटे कोने — अपना कमरा, आँगन, छत — सब आँखों के सामने तैरने लगते हैं।

- त्योहारों और उत्सवों के समय घर की याद और भी तीव्र हो जाती है।

- कभी-कभी बारिश की आवाज या किसी परिचित खुशबू से घर की याद अचानक जाग उठती है।

घर केवल एक इमारत नहीं, बल्कि प्रेम, सुरक्षा और अपनेपन का वह स्थान है जहाँ हम सबसे अधिक स्वयं होते हैं। घर से दूर होने पर यही एहसास सबसे अधिक सताता है।

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