रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी)
Meghalaya Board · Class 12 · Hindi
Flashcards for रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी) — Meghalaya Board Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
Interactive on Super Tutor
Studying रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for flashcards and more.
1,000+ Class 12 students started this chapter today

This is just one of 5+ visuals inside Super Tutor's रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी) chapter
Explore the full setफ़िराक गोरखपुरी कौन थे और इस पाठ में उनका साहित्यिक महत्व क्या है?
Answer
फ़िराक गोरखपुरी का मूल नाम रघुपति सहाय ‘फ़िराक’ था। वे रूबाइयों के रचनाकार थे, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में अध्यापक रहे, और उनकी शायरी में परंपरा के साथ नई भाषा, नए विषय और लोकजीवन का …
रुबाई क्या है?
Answer
रुबाई उर्दू और फ़ारसी का एक छंद या लेखन शैली है। इसमें चार पंक्तियाँ होती हैं। इसकी पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में तुक मिलती है, जबकि तीसरी पंक्ति स्वच्छंद होती है।…
रुबाई की तुक-योजना कैसी होती है?
Answer
रुबाई की तुक-योजना में पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में तुक मिलती है। तीसरी पंक्ति तुकहीन और स्वच्छंद रहती है। यही इसका विशिष्ट ढाँचा है।…
फ़िराक की रूबाइयों की भाषा की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
Answer
फ़िराक की रूबाई की भाषा हिंदी, उर्दू और लोकभाषा का अनूठा गठबंधन है। इसमें घर-परिवार, बच्चे, माँ और त्योहारों से जुड़ी सहज शब्दावली आती है, इसलिए भाषा बहुत जीवंत और घरेलू लगती है।…
फ़िराक की रूबाई में सूरदास की याद क्यों आती है?
Answer
फ़िराक की रूबाई में हिंदी का घरेलू रूप और वात्सल्य का सहज चित्रण मिलता है। यह सादगी सूरदास के वात्सल्य वर्णन की याद दिलाती है। बच्चे, माँ और खिलौने का भाव भी उसी कोमलता से व्यक्त होता है।…
“मुझे चाँद चाहिए, मैया री, मैं चंद खिलौना लैहों” किस भाव से जुड़ा बिंब है?
Answer
यह बिंब बाल-मन की चंद्र-ललक और वात्सल्य भाव से जुड़ा है। इसे सूरदास के भाव से तुलना हेतु उद्धृत किया गया है और इससे बच्चे की मासूम इच्छा तथा माँ के स्नेह का संकेत मिलता है।…
माँ बच्चे को आईना क्यों देती है?
Answer
माँ बच्चे को बहलाने के लिए आईना देती है और कहती है कि चाँद आईने में उतर आया है। इससे बच्चे की जिद शांत होती है और खेल-खेल में उसका मन बदल जाता है।…
“देख, आईने में चाँद उतर आया है।” इस पंक्ति में कौन-सा भाव छिपा है?
Answer
इस पंक्ति में माँ की चतुराई, स्नेह और बालक को बहलाने की कोमल युक्ति छिपी है। चाँद की छवि को आईने में दिखाकर माँ बच्चे की इच्छा को कल्पना में बदल देती है।…
+26 more flashcards available
Practice AllFrequently Asked Questions
What are the important topics in रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी) for Meghalaya Board Class 12 Hindi?
How to score full marks in रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी) — Meghalaya Board Class 12 Hindi?
How many flashcards are available for रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी)?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी)
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Concept Maps
See how topics connect visually
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Syllabus
What topics to cover
NCERT Solutions
Every textbook question solved step by step
For serious students
Get the full रुबाइयाँ-( फ़िराक गोरखपुरी) chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Meghalaya Board Class 12 Hindi.