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Chapter 10 of 15
NCERT Solutions

स्वयं प्रकाश (नेताजी का चश्मा)

Bihar Board · Class 10 · Hindi

NCERT Solutions for स्वयं प्रकाश (नेताजी का चश्मा) — Bihar Board Class 10 Hindi.

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45 Questions Solved · 4 Sections

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Exercises

1सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?Show solution
कहानी में कैप्टन एक बूढ़ा, लँगड़ा, फेरीवाला चश्मेवाला था। वह सेना का सेनानी नहीं था, फिर भी लोग उसे कैप्टन कहते थे क्योंकि वह स्वयं को उसी नाम से प्रस्तुत करता था और चश्मे बेचने का काम करता था। उसके व्यक्तित्व में एक अलग-सी पहचान और गरिमा थी, इसलिए यह नाम उसके साथ जुड़ गया।

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2हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा—Show solution
पहले हालदार साहब ने मूर्ति को देखकर सोचा था कि अब वे आगे निकल जाएँगे और पान भी नहीं खाएँगे। लेकिन चौराहा आते ही आदत के कारण उनकी आँखें मूर्ति की ओर उठीं और उन्होंने देखा कि नेताजी की आँखों पर सरकंडे का छोटा-सा चश्मा रखा हुआ है। यह दृश्य देखकर वे तुरंत रुकने को कहने लगे।

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2(क)हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?Show solution
जब हालदार साहब ने दूसरी बार देखा कि मूर्ति पर चश्मा नहीं है और पान की दुकान भी बंद है, तो वे दुखी हो गए। अगली बार भी चश्मा न देखकर उन्हें पानवाले से पता चला कि कैप्टन मर गया। इसी कारण वे पहले ही मायूस हो गए थे।

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2(ख)मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?Show solution
सरकंडे का बना छोटा-सा चश्मा इस बात का संकेत है कि देशभक्ति और सम्मान की भावना समाप्त नहीं हुई है। कैप्टन नहीं रहा, फिर भी किसी बच्चे ने नेताजी की मूर्ति पर चश्मा रख दिया। इससे हालदार साहब को लगा कि अगली पीढ़ी में भी संवेदना, आदर और देशप्रेम बचा हुआ है।

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2(ग)हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?Show solution
हालदार साहब को पहले कैप्टन की मौत के बाद लगा था कि अब नेताजी की मूर्ति बिना चश्मे के ही रहेगी। लेकिन जब उन्होंने मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा देखा, तो उन्हें महसूस हुआ कि बच्चे भी नेताजी का सम्मान करना जानते हैं। इतनी-सी बात में उन्हें आशा, संवेदना और देशप्रेम दिखाई दिया, इसलिए उनकी आँखें भर आईं।

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3आशय स्पष्ट कीजिए—
“बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।”
Show solution
इस कथन का आशय यह है कि जो लोग देश के लिए सब कुछ न्योछावर करने वाले लोगों का सम्मान नहीं करते, बल्कि उनका मजाक उड़ाते हैं, और स्वयं स्वार्थ या लाभ के लिए अवसर तलाशते रहते हैं, उनका भविष्य अच्छा नहीं हो सकता। ऐसी कौम में देशभक्ति, कृतज्ञता और त्याग की भावना नहीं होती। लेखक को ऐसी मानसिकता दुख देती है।

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4पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।Show solution
पानवाला एक मोटा, काला, खुशमिजाज आदमी था। वह पान खाते-खाते बात करता था, आँखों-ही-आँखों में हँसता था, उसकी लाल-काली बत्तीसी दिखाई देती थी और उसकी तोंद हिलती थी। वह चालाक, हँसमुख और थोड़ी उपहासपूर्ण प्रकृति का था। पर देशभक्त कैप्टन का मजाक उड़ाने के कारण उसका यह रूप कुछ असंवेदनशील भी लगता है।

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5“वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
Show solution
पानवाले की यह टिप्पणी अनुचित और असंवेदनशील है। कैप्टन लँगड़ा था, फिर भी वह अपने ढंग से नेताजी के प्रति सम्मान दिखाता था। उसका मजाक उड़ाना ठीक नहीं था। किसी व्यक्ति की शारीरिक कमी पर हँसने के बजाय हमें उसके अच्छे कार्य और भावना को देखना चाहिए। कैप्टन जैसे लोगों में सच्ची देशभक्ति और सेवा-भावना थी।

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रचना और अभिव्यक्ति

6निम्नलिखित वाक्य पात्रों की कौन-सी विशेषता की ओर संकेत करते हैं—Show solution
ये वाक्य पात्रों की निम्न विशेषताओं की ओर संकेत करते हैं:
- (क) हालदार साहब की संवेदनशीलता, जिज्ञासा और आदरभाव
- (ख) पानवाले की भावुकता, मानवीय संवेदना और अपनापन
- (ग) कैप्टन की देशभक्ति, लगन और नेताजी के प्रति सम्मान

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6(क)हालदार साहब हमेशा चौराहे पर रुकते और नेताजी को निहारते।Show solution
हालदार साहब का बार-बार चौराहे पर रुककर नेताजी को निहारना उनकी आदत, जिज्ञासा और भावुकता दिखाता है। वे धीरे-धीरे मूर्ति और चश्मे के प्रति लगाव महसूस करने लगे थे।

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6(ख)पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुँह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आँखें पोंछता हुआ बोला—साहब! कैप्टन मर गया।Show solution
यह पानवाले की संवेदनशीलता, दुख और मानवीयता की ओर संकेत करता है। कैप्टन की मृत्यु उसे सचमुच दुखी करती है।

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6(ग)कैप्टन बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगा देता था।Show solution
यह कैप्टन की देशभक्ति, सेवा-भावना और नेताजी के प्रति सम्मान को दिखाता है। वह बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगाकर अपने मन का प्रेम व्यक्त करता था।

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7जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात् देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।Show solution
हालदार साहब के मन में कैप्टन का चित्र एक बूढ़े, लँगड़े, साधारण-से फेरीवाले का रहा होगा, जो शायद फौजी टोपी लगाए, चश्मे बेचता हुआ दिखाई देता होगा। उन्हें वह एक छोटे-से काम वाला, मगर देशभक्ति से भरा हुआ व्यक्ति लगा होगा।

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8कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है—Show solution
चौराहों पर मूर्तियाँ लगाने का प्रचलन सम्मान, प्रेरणा और स्मृति के लिए होता है। ऐसे व्यक्तियों के योगदान को याद रखा जाता है और जनता, विशेषकर बच्चों, को उनसे प्रेरणा मिलती है।

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8(क)इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?Show solution
इस तरह मूर्ति लगाने के उद्देश्य हो सकते हैं:
- प्रसिद्ध व्यक्ति के योगदान को सम्मान देना
- लोगों को प्रेरणा देना
- इतिहास और संस्कृति को याद रखना
- नई पीढ़ी में देशभक्ति और आदर की भावना जगाना

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8(ख)आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?Show solution
मैं अपने इलाके के चौराहे पर महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित करवाना चाहूँगा, क्योंकि वे अहिंसा, सत्य और स्वच्छता के प्रतीक हैं। उनकी मूर्ति लोगों को सदाचार और सेवा की प्रेरणा देगी।

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8(ग)उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?Show solution
उस मूर्ति के प्रति हमारा दायित्व होगा कि हम उसे स्वच्छ रखें, उसका अपमान न करें, उसके आसपास कूड़ा न फैलाएँ और बच्चों को उसके महत्त्व के बारे में बताएँ। दूसरे लोगों को भी उसके प्रति सम्मान रखना चाहिए।

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9सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यों में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे—सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।Show solution
हम अपने दैनिक जीवन में कई तरीकों से देश-प्रेम दिखा सकते हैं, जैसे—
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना
- पेड़ लगाना और पर्यावरण बचाना
- पानी और बिजली की बचत करना
- नियमों का पालन करना
- स्वच्छता बनाए रखना
- अपने काम को ईमानदारी से करना
- दूसरों की मदद करना
- किसी भी प्रकार के भेदभाव का विरोध करना
इन कार्यों को अपनाकर हम देश की सेवा करते हैं।

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10निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए—
कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।
Show solution
स्थानीय बोली के वाक्यों को मानक हिंदी में इस प्रकार लिखा जाएगा:
कोई ग्राहक आ गया, समझो। उसे चौड़ा फ्रेम चाहिए। तो कैप्टन कहाँ से लाएगा? तो उसे मूर्ति वाला फ्रेम दे दिया। उधर दूसरा लगा दिया।

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11'भई खूब! क्या आइडिया है।' इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?Show solution
एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्द आने से भाषा समृद्ध और जीवंत बनती है। नए विचारों, वस्तुओं और तकनीकी शब्दों को व्यक्त करना आसान होता है। भाषा में लचीलापन आता है और लोग अधिक सहजता से अपनी बात कह पाते हैं।

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भाषा-अध्ययन

12निम्नलिखित वाक्यों से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए—Show solution
निपात: तो, भी

नए वाक्य:
- तो: तुम आओगे तो मैं भी चलूँगा।
- भी: वह भी हमारे साथ जाएगा।

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12(क)नगरपालिका थी तो कुछ न कुछ करती भी रहती थी।Show solution
निपात: तो, भी

नए वाक्य:
- वह पढ़ता तो है, पर लिखता नहीं।
- मैं भी साथ चलूँगा।

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12(ख)किसी स्थानीय कलाकार को ही अवसर देने का निर्णय किया गया होगा।Show solution
निपात: ही

नए वाक्य:
- मुझे ही यह काम करना है।
- केवल वही ही सही उत्तर जानता था।

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12(ग)यानी चश्मा तो था लेकिन संगमरमर का नहीं था।
12(घ)हालदार साहब अब भी नहीं समझ पाए।
12(ङ)दो साल तक हालदार साहब अपने काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुजरते रहे।
13निम्नलिखित वाक्यों को कर्मवाच्य में बदलिए—
13(क)वह अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता है।
13(ख)पानवाला नया पान खा रहा था।
13(ग)पानवाले ने साफ बता दिया था।
13(घ)ड्राइवर ने जोर से ब्रेक मारे।
13(ङ)नेताजी ने देश के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया।
13(च)हालदार साहब ने चश्मेवाले की देशभक्ति का सम्मान किया।
14नीचे लिखे वाक्यों को भाववाच्य में बदलिए—

जैसे—अब चलते हैं। —अब चला जाए।
14(क)माँ बैठ नहीं सकती।
14(ख)मैं देख नहीं सकती।
14(ग)चलो, अब सोते हैं।
14(घ)माँ रो भी नहीं सकती।

पाठेतर सक्रियता

1लेखक का अनुमान है कि नेताजी की मूर्ति बनाने का काम मजबूरी में ही स्थानीय कलाकार को दिया गया—
(क)मूर्ति बनाने का काम मिलने पर कलाकार के क्या भाव रहे होंगे?
(ख)हम अपने इलाके के शिल्पकार, संगीतकार, चित्रकार एवं दूसरे कलाकारों के काम को कैसे महत्व और प्रोत्साहन दे सकते हैं, लिखिए।
4आपके विद्यालय में शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण विद्यार्थी हैं। उनके लिए विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्ष में किस तरह के प्रावधान किए जाएँ, प्रशासन को इस संदर्भ में पत्र द्वारा सुझाव दीजिए।
5कैप्टन फेरी लगाता था。
फेरीवाले हमारे दिन-प्रतिदिन की बहुत-सी जरूरतों को आसान बना देते हैं। फेरीवालों के योगदान व समस्याओं पर एक संपादकीय लेख तैयार कीजिए।
6नेताजी सुभाषचंद्र बोस के व्यक्तित्व और कृतित्व पर एक प्रोजेक्ट बनाइए।
7अपने घर के आस-पास देखिए और पता लगाइए कि नगरपालिका ने क्या-क्या काम करवाए हैं? हमारी भूमिका उसमें क्या हो सकती है?

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in स्वयं प्रकाश (नेताजी का चश्मा) for Bihar Board Class 10 Hindi?
Key topics in स्वयं प्रकाश (नेताजी का चश्मा) include कैप्टन के चश्मे की सच्चाई — सही बनाम गलत समझ, नेताजी का चश्मा — अवधारणा मानचित्र, नेताजी का चश्मा - कहानी के मुख्य तत्त्व. These are the concepts Bihar Board Class 10 examiners draw on most — study them first, then practise related questions.
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Sources & Official References

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