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Chapter 4 of 20
Important Questions

राजस्थान की रजत बूँदें (अनुपम मिश्र) (Part 2) — Important Questions

CBSE · Class 11 · Hindi

44 important questions from राजस्थान की रजत बूँदें (अनुपम मिश्र) (Part 2) for CBSE Class 11 Hindi, with answers. Part of the CBSE Class 11 Hindi syllabus.

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44 Questions·
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Important Questions from राजस्थान की रजत बूँदें (अनुपम मिश्र)

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खड़िया पत्थर की पट्टी का क्या महत्व है?

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यह वर्षा जल को भूजल में मिलने से रोकती है

खड़िया पत्थर की पट्टी का मुख्य काम वर्षा के जल को गहरे खारे भूजल तक जाकर मिलने से रोकना है। यह पट्टी रेत की सतह के नीचे 10-15 हाथ से 50-60 हाथ नीचे चलती है। इसके कारण बरसात का पानी रेतीली सतह और पथरीली पट्टी के बीच अटक जाता है और नमी के रूप में फैल जाता है। यही नमी कुंई में मीठे पानी का स्रोत बनती है।

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चेलवांजी अपने सिर पर क्यों धातु का बर्तन पहनते हैं?

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गिरती रेत और पत्थरों से सिर बचाने के लिए

चेलवांजी काम करते समय अपने सिर पर कांसे, पीतल या अन्य धातु का बर्तन टोप की तरह पहनते हैं क्योंकि ऊपर से हवा के संचार के लिए मुट्ठी भर रेत फेंकी जाती है और डोल से मलबा निकालते समय भी रेत-कंकड़ गिर सकते हैं। यह टोप उनके सिर को इन गिरने वाली चीजों से बचाने का काम करती है। यह सुरक्षा का उपाय है, न कि परंपरा या धूप से बचने के लिए।

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कुंई में हवा का संचार कैसे किया जाता है?

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ऊपर से रेत फेंककर

कुंई की गहराई में गर्मी बढ़ने और हवा कम होने पर, ऊपर जमीन पर खड़े लोग बीच-बीच में मुट्ठी भर रेत बहुत शोर के साथ नीचे फेंकते हैं। इससे ऊपर की ताजी हवा नीचे फिसलती है और गहराई में जमा दमघोंटू गर्म हवा ऊपर लौट जाती है। यह एक प्राकृतिक वेंटिलेशन का तरीका है। पंखे या नली जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग नहीं होता।

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वर्षा की मात्रा नापने के लिए कौन सा शब्द उपयोग किया जाता है?

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रेजा

राजस्थान में वर्षा की मात्रा नापने के लिए 'रेजा' शब्द का उपयोग होता है। रेजा का नाप धरातल पर हुई वर्षा को नहीं, बल्कि धरातल में समाई वर्षा को नापता है। उदाहरण के लिए, यदि पानी पांच अंगुल भीतर समा जाए तो उसे 'पांच अंगुल रेजो' कहेंगे। यह इंच या सेंटीमीटर से भिन्न स्थानीय माप पद्धति है जो वास्तविक जल संचयन को दर्शाती है।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in राजस्थान की रजत बूँदें (अनुपम मिश्र) for CBSE Class 11 Hindi?
Key topics in राजस्थान की रजत बूँदें (अनुपम मिश्र) include कुँई और कुआँ: मूल अंतर, जल के तीन रूप, खड़िया पत्थर की पट्टी और मरुभूमि की रेत, कुँई की खुदाई और निर्माण तकनीक. Study these first, then practise questions on each for Class 11 exams.
How many important questions are there in राजस्थान की रजत बूँदें (अनुपम मिश्र)?
Super Tutor has 44 practice questions for राजस्थान की रजत बूँदें (अनुपम मिश्र), including multiple choice, multiple correct questions. A sample with answers is on this page.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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