Skip to main content
Chapter 9 of 15
NCERT Solutions

मंगलेश डबराल (संगतकार) — NCERT Solutions

Jharkhand Board · Class 10 · Hindi

NCERT Solutions for मंगलेश डबराल (संगतकार), Jharkhand Board Class 10 Hindi: 10 textbook questions solved step by step.

43 questions30 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying मंगलेश डबराल (संगतकार)? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for NCERT solutions and more.

Free trial, no card needed.

A timeline illustrating key events in Mangalesh Dabral's life, including birth, education, career milestones, literary works, awards, and demise.
Super Tutor

Learn better with visuals Super Tutor pairs illustrations like this with notes and quizzes for मंगलेश डबराल (संगतकार).

10 Questions Solved · 1 Section

The first 5 solutions are open to read. The other 5 are free with a Super Tutor account.

बोध-प्रश्न एवं रचना-अभिव्यक्ति (क्षितिज-2, कक्षा 10)

1संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?Show solution

दिया गया है: कविता 'संगतकार' — कवि मंगलेश डबराल

उत्तर:
संगतकार के माध्यम से कवि उन व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाहता है जो किसी भी क्षेत्र में मुख्य व्यक्ति के पीछे रहकर उसे सफल बनाते हैं। ये लोग स्वयं प्रतिभावान होते हैं, परंतु अपनी प्रतिभा को मुख्य व्यक्ति की सफलता के लिए समर्पित कर देते हैं। ये सहयोगी, सहायक या पार्श्व-कर्मी होते हैं जो प्रसिद्धि की चाह न रखते हुए भी किसी बड़े काम को संभव बनाते हैं। कवि ऐसे निःस्वार्थ, विनम्र और समर्पित व्यक्तियों को 'मनुष्यता' का प्रतीक मानता है।

2संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देते हैं?Show solution

उत्तर:
संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा निम्नलिखित क्षेत्रों में भी दिखाई देते हैं—

  1. राजनीति में — नेता के पीछे काम करने वाले कार्यकर्ता और सलाहकार।
  2. फ़िल्म उद्योग में — निर्देशक, पटकथा लेखक, छायाकार, मेकअप कलाकार आदि जो मुख्य अभिनेता को चमकाते हैं।
  3. खेल के क्षेत्र में — कोच, फिजियोथेरेपिस्ट और सहायक खिलाड़ी।
  4. शिक्षा के क्षेत्र में — शिक्षक जो छात्रों को सफल बनाते हैं परंतु स्वयं पीछे रहते हैं।
  5. साहित्य में — संपादक जो लेखक की रचना को निखारते हैं।
  6. व्यापार में — कर्मचारी जो मालिक की सफलता के लिए परिश्रम करते हैं।

इस प्रकार जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संगतकार जैसे सहयोगी विद्यमान रहते हैं।

3संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?Show solution

उत्तर:
संगतकार निम्नलिखित रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं—

  1. स्वर-सहयोग द्वारा — वे मुख्य गायक के साथ गाते हैं और उसकी आवाज़ को बल देते हैं।
  2. राग की याद दिलाकर — जब मुख्य गायक किसी राग को भूल जाता है, तो संगतकार उसे पुनः याद दिलाता है।
  3. स्वर संभालकर — तारसप्तक की ऊँचाई पर जब मुख्य गायक का स्वर बिखरने लगता है, तब संगतकार अपनी आवाज़ से उसे सँभाल लेता है।
  4. ढाँढस बँधाकर — वे मुख्य गायक को मानसिक सहारा देते हैं और उसका उत्साह बनाए रखते हैं।
  5. वाद्य-यंत्र बजाकर — तबला, हारमोनियम, सारंगी आदि बजाकर वे संगीत को पूर्णता प्रदान करते हैं।
  6. पार्श्व में रहकर — वे मुख्य गायक को केंद्र में रखते हुए स्वयं पृष्ठभूमि में रहते हैं ताकि मुख्य गायक की प्रतिभा उभरकर सामने आए।
4भाव स्पष्ट कीजिए— 'और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है / या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है / उसे विफलता नहीं / उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।'Show solution

भाव-स्पष्टीकरण:

इन पंक्तियों में कवि मंगलेश डबराल संगतकार की उस विशेषता को उजागर करते हैं जो उसे महान बनाती है।

'आवाज़ में हिचक' — संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से ऊँचा नहीं उठाता। उसकी आवाज़ में जो हिचक दिखती है, वह उसकी कमज़ोरी नहीं बल्कि उसकी विनम्रता और समर्पण का प्रमाण है।

'स्वर को ऊँचा न उठाने की कोशिश' — संगतकार यह भली-भाँति जानता है कि यदि वह अपना स्वर ऊँचा उठाए तो मुख्य गायक की आवाज़ दब जाएगी। इसलिए वह सचेत रूप से अपने स्वर को नियंत्रित रखता है।

'उसे विफलता नहीं, उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए' — कवि कहता है कि संगतकार का पीछे रहना उसकी असफलता नहीं है। यह उसकी मानवीय संवेदना, त्याग और परोपकार की भावना है। दूसरों को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं पीछे रहना ही सच्ची मनुष्यता है।

निष्कर्ष: कवि यह संदेश देना चाहता है कि जो लोग दूसरों की सफलता के लिए अपनी प्रतिभा का बलिदान करते हैं, वे वास्तव में महान मानव हैं।

5किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले लोगों को अनेक लोग तरह-तरह से अपना योगदान देते हैं। कोई एक उदाहरण देकर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।Show solution

उत्तर:

यह कथन पूर्णतः सत्य है। किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाला व्यक्ति अकेले सफल नहीं होता — उसके पीछे अनेक लोगों का अदृश्य परिश्रम होता है।

उदाहरण — क्रिकेट:
जब कोई क्रिकेटर शतक लगाता है और पूरा देश उसकी प्रशंसा करता है, तब हम भूल जाते हैं कि उसके पीछे कितने लोगों का योगदान है —

  • कोच ने उसे वर्षों तक प्रशिक्षित किया।
  • फिजियोथेरेपिस्ट ने उसकी चोटों को ठीक किया।
  • परिवार ने उसे भावनात्मक सहारा दिया।
  • टीम के अन्य खिलाड़ियों ने उसे रन बनाने का अवसर दिया।
  • ग्राउंड स्टाफ ने पिच तैयार की।

विचार:
इसी प्रकार जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में — चाहे वह विज्ञान हो, कला हो या साहित्य — सफल व्यक्ति के पीछे अनेक सहयोगियों का अमूल्य योगदान होता है। हमें उन अनाम सहयोगियों को भी सम्मान देना चाहिए जो प्रसिद्धि की चाह के बिना दूसरों को सफल बनाते हैं। उनके बिना कोई भी शिखर पर नहीं पहुँच सकता।

6कभी-कभी तारसप्तक की ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर बिखरता नज़र आता है, उस समय संगतकार उसे बिखरने से बचा लेता है। इस कथन के आलोक में संगतकार की विशेष भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

Free with a Super Tutor account

7सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह सँभालते हैं?

Free with a Super Tutor account

8कल्पना कीजिए कि आपको किसी संगीत या नृत्य समारोह का कार्यक्रम प्रस्तुत करना है लेकिन आपके सहयोगी कलाकार किसी कारणवश नहीं पहुँच पाएँ— (क) ऐसे में अपनी स्थिति का वर्णन कीजिए। (ख) ऐसी परिस्थिति का आप कैसे सामना करेंगे?

Free with a Super Tutor account

9आपके विद्यालय में मनाए जाने वाले सांस्कृतिक समारोह में मंच के पीछे काम करने वाले सहयोगियों की भूमिका पर एक अनुच्छेद लिखिए।

Free with a Super Tutor account

10किसी भी क्षेत्र में संगतकार की पंक्ति वाले लोग प्रतिभावान होते हुए भी मुख्य या शीर्ष स्थान पर क्यों नहीं पहुँच पाते होंगे?

Free with a Super Tutor account

5 more solved questions in मंगलेश डबराल (संगतकार)

They are free with a Super Tutor account, along with practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start, no card needed.

Frequently Asked Questions

What are the important topics in मंगलेश डबराल (संगतकार) for Jharkhand Board Class 10 Hindi?
Key topics in मंगलेश डबराल (संगतकार) include कवि परिचय और रचना-परिचय, कविता का केंद्रीय भाव, मुख्य गायक की स्थिति और संगतकार की सहायता, संगतकार की पहचान और मानवीयता. Study these first, then practise questions on each for the Jharkhand Board Class 10 board exam.
Are these NCERT Solutions for मंगलेश डबराल (संगतकार) free?
The first 5 of the 10 solutions on this page are open to read. The other 5 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise मंगलेश डबराल (संगतकार) for the Jharkhand Board Class 10 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 43 practice questions on मंगलेश डबराल (संगतकार). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full मंगलेश डबराल (संगतकार) chapter — start free.

Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for Jharkhand Board Class 10 Hindi. Free to start, no card needed.