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Chapter 5 of 15
NCERT Solutions

जयशंकर प्रसाद (आत्मकथ्य)

Haryana Board · Class 10 · Hindi

NCERT Solutions for जयशंकर प्रसाद (आत्मकथ्य) — Haryana Board Class 10 Hindi.

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जयशंकर प्रसाद के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं और उनकी प्रमुख साहित्यिक कृतियों को दर्शाने वाली एक समयरेखा। इसमें जन्म, शिक्षा, प्रमुख काव्य, नाटक, उपन्यास और कहानी संग्रह शामिल होंगे, साथ ही उनके निधन की
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Exercises

1कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहता है?Show solution
कवि अपनी कमज़ोरियों, अभावों और बीते हुए दुःखों को सामने लाने से बचना चाहता है। उसे लगता है कि उसकी जीवन-कथा में कोई ऐसी उज्ज्वल या महान बात नहीं है जिसे सुनकर लोग आनंदित हों; इसलिए वह आत्मकथा लिखने से संकोच करता है।

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2आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में 'अभी समय भी नहीं' कवि ऐसा क्यों कहता है?Show solution
कवि यह इसलिए कहता है क्योंकि उसकी मौन व्यथा अभी शांत नहीं हुई है। वह अपने जीवन की बातों को कहने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं है और उसे लगता है कि अभी उसका दुख इतना ताज़ा है कि उसे व्यक्त करने का समय नहीं आया है।

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3स्मृति को 'पाथेय' बनाने से कवि का क्या आशय है?Show solution
स्मृति को पाथेय बनाने का आशय है कि बीते हुए सुख-दुख की यादें ही जीवन-यात्रा में कवि का सहारा और बल बन गई हैं। जैसे रास्ते के लिए पाथेय भोजन होता है, वैसे ही स्मृतियाँ उसके आगे बढ़ने का संबल हैं।

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4भाव स्पष्ट कीजिए—Show solution
इन पंक्तियों में कवि कहता है कि जिस सुख का उसने सपना देखा था, वह मिलते-मिलते रह गया। वह सुख इतना क्षणभंगुर था कि जैसे वह आलिंगन में आने ही वाला था और मुसकराकर दूर भाग गया। भाव यह है कि जीवन में उसे अपेक्षित सुख नहीं मिला, केवल उसकी स्मृति रह गई।

दूसरी पंक्तियों में कवि उस प्रेयसी/सुखद क्षण की सुंदरता का चित्रण करता है। उसके लाल गालों की छाया में भोर की प्रेममयी लाली भी मानो अपना सौभाग्य पा रही थी। यह सौंदर्य इतना अनुपम था कि प्रकृति भी उसमें अपना रूप सँवारती प्रतीत होती थी।

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5'उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की'—कथन के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?Show solution
कवि यह कहना चाहता है कि उसके जीवन में ऐसी कोई चमकदार, सुखमय और गर्व करने योग्य घटना नहीं है जिसे वह गाकर सुनाए। उसने जो कुछ भी जिया है, वह साधारण, पीड़ामय और निजी है; इसलिए वह अपने जीवन की उज्ज्वल गाथा सुनाने में असमर्थ है।

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6'आत्मकथ्य' कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।Show solution
आत्मकथ्य की काव्यभाषा की प्रमुख विशेषताएँ हैं—

- छायावादी सूक्ष्मता और ललितता
- सौंदर्यपूर्ण, नवीन और प्रतीकात्मक शब्दों का प्रयोग
- बिंबात्मकता और मनोभावों की मार्मिक अभिव्यक्ति
- भाषा में सरलता के साथ गहन भावुकता

उदाहरण—
- “मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी” — यहाँ मधुप प्रतीकात्मक शब्द है।
- “यह गागर रीती” — खाली जीवन का बिंब।
- “मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया” — सुख के क्षणभंगुर होने का मार्मिक चित्र।

इन पंक्तियों से स्पष्ट है कि भाषा सुंदर भी है और भाव-सघन भी।

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7कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था, उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है?

रचना और अभिव्यक्ति

1इस कविता के माध्यम से प्रसाद जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।
2आप किन व्यक्तियों की आत्मकथा पढ़ना चाहेंगे और क्यों?
3कोई भी अपनी आत्मकथा लिख सकता है। उसके लिए विशिष्ट या बड़ा होना जरूरी नहीं। हरियाणा राज्य के गुड़गाँव में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली बेबी हालदार की आत्मकथा 'आलो आंधारि' बहुतों के द्वारा सराही गई। आत्मकथात्मक शैली में अपने बारे में कुछ लिखिए।

पाठेतर सक्रियता

1किसी भी चर्चित व्यक्ति का अपनी निजता को सार्वजनिक करना या दूसरों का उनसे ऐसी अपेक्षा करना सही है—इस विषय के पक्ष-विपक्ष में कक्षा में चर्चा कीजिए।
2बिना ईमानदारी और साहस के आत्मकथा नहीं लिखी जा सकती। गांधी जी की आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' पढ़कर पता लगाइए कि उसकी क्या-क्या विशेषताएँ हैं?

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