संगतकार
Haryana Board · Class 10 · Hindi
NCERT Solutions for संगतकार — Haryana Board Class 10 Hindi.
Interactive on Super Tutor
Studying संगतकार? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.
1,000+ Class 10 students started this chapter today

Learn better with visuals Super Tutor has hundreds of illustrations like this across every chapter — all free to try.
Get startedसंगतकार — बोध-प्रश्न एवं रचना-अभिव्यक्ति (क्षितिज-2, कक्षा 10)
1संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?Show solution
उत्तर:
संगतकार के माध्यम से कवि उन व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाहता है जो किसी भी क्षेत्र में मुख्य व्यक्ति के पीछे रहकर उसे सफल बनाते हैं। ये लोग स्वयं प्रतिभावान होते हैं, परंतु अपनी प्रतिभा को मुख्य व्यक्ति की सफलता के लिए समर्पित कर देते हैं। ये सहयोगी, सहायक या पार्श्व-कर्मी होते हैं जो प्रसिद्धि की चाह न रखते हुए भी किसी बड़े काम को संभव बनाते हैं। कवि ऐसे निःस्वार्थ, विनम्र और समर्पित व्यक्तियों को 'मनुष्यता' का प्रतीक मानता है।
2संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देते हैं?Show solution
संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा निम्नलिखित क्षेत्रों में भी दिखाई देते हैं—
1. राजनीति में — नेता के पीछे काम करने वाले कार्यकर्ता और सलाहकार।
2. फ़िल्म उद्योग में — निर्देशक, पटकथा लेखक, छायाकार, मेकअप कलाकार आदि जो मुख्य अभिनेता को चमकाते हैं।
3. खेल के क्षेत्र में — कोच, फिजियोथेरेपिस्ट और सहायक खिलाड़ी।
4. शिक्षा के क्षेत्र में — शिक्षक जो छात्रों को सफल बनाते हैं परंतु स्वयं पीछे रहते हैं।
5. साहित्य में — संपादक जो लेखक की रचना को निखारते हैं।
6. व्यापार में — कर्मचारी जो मालिक की सफलता के लिए परिश्रम करते हैं।
इस प्रकार जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संगतकार जैसे सहयोगी विद्यमान रहते हैं।
3संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?Show solution
संगतकार निम्नलिखित रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं—
1. स्वर-सहयोग द्वारा — वे मुख्य गायक के साथ गाते हैं और उसकी आवाज़ को बल देते हैं।
2. राग की याद दिलाकर — जब मुख्य गायक किसी राग को भूल जाता है, तो संगतकार उसे पुनः याद दिलाता है।
3. स्वर संभालकर — तारसप्तक की ऊँचाई पर जब मुख्य गायक का स्वर बिखरने लगता है, तब संगतकार अपनी आवाज़ से उसे सँभाल लेता है।
4. ढाँढस बँधाकर — वे मुख्य गायक को मानसिक सहारा देते हैं और उसका उत्साह बनाए रखते हैं।
5. वाद्य-यंत्र बजाकर — तबला, हारमोनियम, सारंगी आदि बजाकर वे संगीत को पूर्णता प्रदान करते हैं।
6. पार्श्व में रहकर — वे मुख्य गायक को केंद्र में रखते हुए स्वयं पृष्ठभूमि में रहते हैं ताकि मुख्य गायक की प्रतिभा उभरकर सामने आए।
4भाव स्पष्ट कीजिए— 'और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है / या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है / उसे विफलता नहीं / उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।'Show solution
इन पंक्तियों में कवि मंगलेश डबराल संगतकार की उस विशेषता को उजागर करते हैं जो उसे महान बनाती है।
'आवाज़ में हिचक' — संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से ऊँचा नहीं उठाता। उसकी आवाज़ में जो हिचक दिखती है, वह उसकी कमज़ोरी नहीं बल्कि उसकी विनम्रता और समर्पण का प्रमाण है।
'स्वर को ऊँचा न उठाने की कोशिश' — संगतकार यह भली-भाँति जानता है कि यदि वह अपना स्वर ऊँचा उठाए तो मुख्य गायक की आवाज़ दब जाएगी। इसलिए वह सचेत रूप से अपने स्वर को नियंत्रित रखता है।
'उसे विफलता नहीं, उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए' — कवि कहता है कि संगतकार का पीछे रहना उसकी असफलता नहीं है। यह उसकी मानवीय संवेदना, त्याग और परोपकार की भावना है। दूसरों को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं पीछे रहना ही सच्ची मनुष्यता है।
निष्कर्ष: कवि यह संदेश देना चाहता है कि जो लोग दूसरों की सफलता के लिए अपनी प्रतिभा का बलिदान करते हैं, वे वास्तव में महान मानव हैं।
5किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले लोगों को अनेक लोग तरह-तरह से अपना योगदान देते हैं। कोई एक उदाहरण देकर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।Show solution
यह कथन पूर्णतः सत्य है। किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाला व्यक्ति अकेले सफल नहीं होता — उसके पीछे अनेक लोगों का अदृश्य परिश्रम होता है।
उदाहरण — क्रिकेट:
जब कोई क्रिकेटर शतक लगाता है और पूरा देश उसकी प्रशंसा करता है, तब हम भूल जाते हैं कि उसके पीछे कितने लोगों का योगदान है —
- कोच ने उसे वर्षों तक प्रशिक्षित किया।
- फिजियोथेरेपिस्ट ने उसकी चोटों को ठीक किया।
- परिवार ने उसे भावनात्मक सहारा दिया।
- टीम के अन्य खिलाड़ियों ने उसे रन बनाने का अवसर दिया।
- ग्राउंड स्टाफ ने पिच तैयार की।
विचार:
इसी प्रकार जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में — चाहे वह विज्ञान हो, कला हो या साहित्य — सफल व्यक्ति के पीछे अनेक सहयोगियों का अमूल्य योगदान होता है। हमें उन अनाम सहयोगियों को भी सम्मान देना चाहिए जो प्रसिद्धि की चाह के बिना दूसरों को सफल बनाते हैं। उनके बिना कोई भी शिखर पर नहीं पहुँच सकता।
6कभी-कभी तारसप्तक की ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर बिखरता नज़र आता है, उस समय संगतकार उसे बिखरने से बचा लेता है। इस कथन के आलोक में संगतकार की विशेष भूमिका को स्पष्ट कीजिए।Show solution
तारसप्तक संगीत की सबसे ऊँची स्वर-श्रृंखला होती है। इस ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर कभी-कभी थकान या तनाव के कारण बिखरने लगता है। ऐसे नाज़ुक क्षण में संगतकार की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो जाती है।
संगतकार की विशेष भूमिका:
1. स्वर-सेतु का काम — संगतकार अपनी आवाज़ से मुख्य गायक के बिखरते स्वर को थाम लेता है और श्रोताओं को यह अनुभव नहीं होने देता कि कुछ गड़बड़ हुई है।
2. आत्मविश्वास प्रदान करना — संगतकार की उपस्थिति मुख्य गायक को मानसिक बल देती है। वह जानता है कि यदि वह लड़खड़ाया तो संगतकार उसे सँभाल लेगा।
3. राग की निरंतरता बनाए रखना — जब मुख्य गायक का स्वर टूटता है, संगतकार उसी राग को आगे बढ़ाता है जिससे संगीत की धारा अटूट बनी रहती है।
4. निःस्वार्थ सेवा — संगतकार यह सब करते हुए भी श्रेय नहीं लेता। वह पर्दे के पीछे रहकर मुख्य गायक को सफल बनाता है।
निष्कर्ष: संगतकार की यह भूमिका उसे केवल एक सहायक नहीं, बल्कि एक सच्चे मित्र और रक्षक के रूप में स्थापित करती है।
7सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह सँभालते हैं?Show solution
सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने का मार्ग कठिन होता है और इस यात्रा में व्यक्ति कभी-कभी लड़खड़ा जाता है। ऐसे समय में सहयोगी निम्नलिखित प्रकार से उसे सँभालते हैं—
1. भावनात्मक सहारा देकर — सहयोगी उसे ढाँढस बँधाते हैं और उसका मनोबल ऊँचा रखते हैं।
2. कमियों को छुपाकर — जब मुख्य व्यक्ति की कोई कमज़ोरी सामने आती है, सहयोगी उसे अपने प्रयास से ढक लेते हैं ताकि बाहरी दुनिया को उसकी कमज़ोरी न दिखे।
3. पुनः सही दिशा दिखाकर — सहयोगी उसे याद दिलाते हैं कि वह कहाँ से चला था और उसका लक्ष्य क्या है।
4. अपना योगदान बढ़ाकर — जब मुख्य व्यक्ति कमज़ोर पड़ता है, सहयोगी अपनी भूमिका बढ़ा देते हैं ताकि कार्य बाधित न हो।
5. विश्वास जताकर — सहयोगी उसे यह विश्वास दिलाते हैं कि वह सफल हो सकता है और उसमें आगे बढ़ने की क्षमता है।
निष्कर्ष: सहयोगियों का यह सहारा ही किसी व्यक्ति को शिखर तक पहुँचाता है। बिना सहयोगियों के कोई भी अकेले सफलता के शिखर पर नहीं पहुँच सकता।
8कल्पना कीजिए कि आपको किसी संगीत या नृत्य समारोह का कार्यक्रम प्रस्तुत करना है लेकिन आपके सहयोगी कलाकार किसी कारणवश नहीं पहुँच पाएँ— (क) ऐसे में अपनी स्थिति का वर्णन कीजिए। (ख) ऐसी परिस्थिति का आप कैसे सामना करेंगे?Show solution
यदि संगीत समारोह में मेरे सहयोगी कलाकार नहीं पहुँच पाते तो मेरी स्थिति अत्यंत कठिन और तनावपूर्ण हो जाती। मंच पर अकेले खड़े होकर सैकड़ों दर्शकों के सामने प्रस्तुति देना बहुत चुनौतीपूर्ण होता। तबला, हारमोनियम और कोरस के बिना संगीत अधूरा और नीरस लगता। मन में घबराहट, बेचैनी और आत्मविश्वास की कमी होती। मुझे यह एहसास होता कि सहयोगियों का महत्त्व कितना अधिक है — जिन्हें हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
(ख) परिस्थिति का सामना:
ऐसी परिस्थिति में मैं निम्नलिखित उपाय करता—
1. घबराहट पर नियंत्रण — सबसे पहले मैं शांत रहने की कोशिश करता और घबराहट को मन पर हावी नहीं होने देता।
2. विकल्प खोजना — मैं तुरंत आयोजकों को सूचित करता और उपस्थित कलाकारों में से किसी को सहयोग के लिए तैयार करने का प्रयास करता।
3. कार्यक्रम में बदलाव — यदि सहयोगी न मिलें तो मैं कार्यक्रम को थोड़ा सरल बनाकर एकल प्रस्तुति देता।
4. रिकॉर्डेड संगत का उपयोग — आधुनिक तकनीक की सहायता से रिकॉर्डेड संगत पर प्रस्तुति दे सकता था।
5. दर्शकों से माफ़ी — यदि कुछ भी संभव न हो तो दर्शकों से विनम्रतापूर्वक परिस्थिति स्पष्ट करता।
इस अनुभव से मुझे सहयोगियों के महत्त्व का गहरा बोध होता।
9आपके विद्यालय में मनाए जाने वाले सांस्कृतिक समारोह में मंच के पीछे काम करने वाले सहयोगियों की भूमिका पर एक अनुच्छेद लिखिए।Show solution
विद्यालय के सांस्कृतिक समारोह में जब मंच पर कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं और दर्शक तालियाँ बजाते हैं, तब हम प्रायः उन लोगों को भूल जाते हैं जो मंच के पीछे अथक परिश्रम करते हैं। ये सहयोगी ही समारोह की असली रीढ़ होते हैं। मंच-सज्जा करने वाले छात्र घंटों पहले आकर मंच को सुंदर बनाते हैं। प्रकाश-व्यवस्था संभालने वाले सहयोगी सही समय पर सही रोशनी देकर प्रस्तुति को जीवंत बनाते हैं। ध्वनि-संचालक यह सुनिश्चित करते हैं कि माइक्रोफोन और स्पीकर सही काम करें। वेशभूषा और श्रृंगार करने वाले सहयोगी कलाकारों को मंच के लिए तैयार करते हैं। पर्दा उठाने-गिराने वाले, कुर्सियाँ लगाने वाले और दर्शकों को बैठाने वाले स्वयंसेवक भी इसी टीम का हिस्सा हैं। इन सबके बिना कोई भी सांस्कृतिक समारोह सफल नहीं हो सकता। इन अनाम सहयोगियों को भी उतना ही सम्मान मिलना चाहिए जितना मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को। वास्तव में ये लोग 'संगतकार' की भूमिका निभाते हैं — पर्दे के पीछे रहकर दूसरों को चमकाते हैं।
10किसी भी क्षेत्र में संगतकार की पंक्ति वाले लोग प्रतिभावान होते हुए भी मुख्य या शीर्ष स्थान पर क्यों नहीं पहुँच पाते होंगे?Show solution
संगतकार की पंक्ति वाले लोग प्रतिभावान होते हुए भी शीर्ष स्थान पर न पहुँच पाने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं—
1. अवसर की कमी — समाज में मुख्य स्थान सीमित होते हैं। हर प्रतिभावान व्यक्ति को आगे आने का समान अवसर नहीं मिलता।
2. आर्थिक और सामाजिक बाधाएँ — कई बार आर्थिक कमज़ोरी या सामाजिक पृष्ठभूमि के कारण प्रतिभावान लोग आगे नहीं बढ़ पाते।
3. स्वभाव की विनम्रता — कुछ लोग स्वभाव से ही विनम्र होते हैं और आगे आने की होड़ में नहीं पड़ते। वे दूसरों को सफल देखकर संतुष्ट हो जाते हैं।
4. प्रचार और पहचान का अभाव — शीर्ष पर पहुँचने के लिए केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि पहचान और प्रचार भी ज़रूरी है जो संगतकारों को नहीं मिलता।
5. समर्पण की भावना — कुछ लोग जानबूझकर पीछे रहते हैं क्योंकि वे किसी बड़े उद्देश्य या व्यक्ति के प्रति समर्पित होते हैं।
6. प्रतिस्पर्धा का दबाव — शीर्ष स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है जिसमें कई बार प्रतिभा से अधिक संपर्क और राजनीति काम आती है।
निष्कर्ष: इन सब कारणों से प्रतिभावान संगतकार शीर्ष पर नहीं पहुँच पाते, परंतु उनका योगदान किसी भी शीर्ष व्यक्ति से कम नहीं होता। वे समाज के सच्चे नायक हैं।
Stuck on a step?
Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.
Ask a Doubt FreeFrequently Asked Questions
What are the important topics in संगतकार for Haryana Board Class 10 Hindi?
How to score full marks in संगतकार — Haryana Board Class 10 Hindi?
Where can I get free NCERT Solutions for संगतकार Class 10 Hindi?
Sources & Official References
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for संगतकार
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
For serious students
Get the full संगतकार chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Haryana Board Class 10 Hindi.