Skip to main content
Chapter 13 of 38
NCERT Solutions

बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह)

Manipur Board · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) — Manipur Board Class 12 Hindi.

45 questions20 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह)? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.

1,000+ Class 12 students started this chapter today

एक इन्फोग्राफिक जो बनारस के प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक तत्वों को दर्शाता है, जैसे गंगा नदी, घाट, मंदिर, आरती, चितागिन, और मोक्ष की अवधारणा।
Super Tutor

This is just one of 5+ visuals inside Super Tutor's बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) chapter

Explore the full set
13 Questions Solved · 3 Sections

7 worked solutions below. Unlock all 13 free in Super Tutor

बनारस

1बनारस में वसंत का आगमन कैसे होता है और उसका क्या प्रभाव इस शहर पर पड़ता है?Show solution
कविता में वसंत का आगमन अचानक होता है। वह लहरतारा या मडुवाडीह की तरफ से उठते धूल के बवंडर के साथ आता है। उसके आने से पुराने शहर की जीभ किरकिराने लगती है; यानी शहर का वातावरण जाग उठता है। सुगबुगाहट फैलती है, खालीपन में भी जीवन का संचार होने लगता है। घाटों, बंदरों, भिखारियों के कटोरों—सब पर वसंत का प्रभाव दिखता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

2'खाली कटोरों में वसंत का उतरना' से क्या आशय है?Show solution
'खाली कटोरों में वसंत का उतरना' का आशय है कि जहाँ पहले रिक्तता थी, वहाँ भी जीवन, आशा और उल्लास का अनुभव होने लगता है। भिखारियों के खाली कटोरों में वसंत का उतरना एक काव्यात्मक बिंब है, जिसमें कवि बताना चाहता है कि बनारस में जीवन की हलचल और प्रकृति का प्रभाव इतनी गहराई से है कि खालीपन भी भर उठता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

3बनारस की पूर्णता और रिक्तता को कवि ने किस प्रकार दिखाया है?Show solution
कवि ने बनारस की पूर्णता और रिक्तता दोनों को साथ दिखाया है। शहर खुलता है, भरता है और खाली होता है—यह एक साथ होने वाली प्रक्रिया है। एक ओर घाट, मंदिर, गंगा, नाव, घंटों, आरती और चिताग्नि से शहर पूर्ण लगता है; दूसरी ओर भिखारियों के खाली कटोरे, खालीपन, शवयात्राएँ और विरक्ति उसे रिक्त भी बनाती हैं। इस तरह बनारस जीवन और शून्य, दोनों का नगर बन जाता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

4बनारस में धीरे-धीरे क्या-क्या होता है। 'धीरे-धीरे' से कवि इस शहर के बारे में क्या कहना चाहता है?Show solution
बनारस में धूल धीरे-धीरे उड़ती है, लोग धीरे-धीरे चलते हैं, घंटे धीरे-धीरे बजते हैं और शाम धीरे-धीरे होती है। कवि यह भी कहता है कि यह धीरे-धीरे होना पूरे शहर को एक सामूहिक लय में बाँधे रखता है। इससे वह बनारस की स्थिरता, धैर्य, ठहराव और अपनी अलग जीवन-गति को दिखाना चाहता है। यहाँ जीवन जल्दबाजी में नहीं, बल्कि अपनी मौन और गहरी चाल में चलता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

5धीरे-धीरे होने की सामूहिक लय में क्या-क्या बँधा है?Show solution
धीरे-धीरे होने की सामूहिक लय में ये सब बँधे हैं—
- समूचा शहर
- गंगा
- नाव
- तुलसीदास की खड़ाऊँ

कविता में यह भी कहा गया है कि इस लय से कुछ भी गिरता या हिलता नहीं; जो जहाँ है, वहीं स्थिर रहता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

6'सई साँझ' में घुसने पर बनारस की किन-किन विशेषताओं का पता चलता है?Show solution
'सई-साँझ' में बनारस में घुसने पर उसकी आरंभिक शाम, आरती का आलोक, और उसकी आध्यात्मिकता का पता चलता है। इस समय शहर में पूजा, दीप, धुआँ, घंटों की ध्वनि और शांत-गंभीर वातावरण दिखाई देता है। इससे बनारस की आस्था, श्रद्धा, भक्ति और रहस्यमय सुंदरता प्रकट होती है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

7बनारस शहर के लिए जो मानवीय क्रियाएँ इस कविता में आई हैं, उनका व्यंजनार्थ स्पष्ट कीजिए।Show solution
कविता में बनारस के लिए मानवीय क्रियाएँ जैसे शहर का खुलना, भरना, खाली होना, सुगबुगाना, किरकिराना, ले जाना, बाँधना, थामना, खड़ा होना आदि आई हैं। इनका व्यंजनार्थ है कि बनारस कोई जड़ शहर नहीं, बल्कि जीवंत, संवेदनशील और मानवीय व्यक्तित्व वाला नगर है। ये क्रियाएँ शहर के भीतर चल रही सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और जीवनगत हलचलों को व्यक्त करती हैं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

8शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए—

दिशा

1बच्चे का उधर-उधर कहना क्या प्रकट करता है?
2'मैं स्वीकार करूँ मैंने पहली बार जाना हिमालय किधर है'—प्रस्तुत पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।

योग्यता-विस्तार

1आप बनारस के बारे में क्या जानते हैं? लिखिए।
2बनारस के चित्र इकट्ठे कीजिए।
3बनारस शहर की विशेषताएँ जानिए।

6 more solved questions in बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह)

Every remaining exercise is solved step by step in Super Tutor, plus practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start.

Stuck on a step?

Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.

Ask a Doubt Free

Frequently Asked Questions

What are the important topics in बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) for Manipur Board Class 12 Hindi?
बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) covers several key topics that are frequently asked in Manipur Board Class 12 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) — Manipur Board Class 12 Hindi?
Understand the core concepts first, then work through the 45 practice questions available for this chapter. Revise formulas and definitions regularly, and use flashcards for quick recall before the exam.
Where can I get free NCERT Solutions for बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) Class 12 Hindi?
This page has free step-by-step NCERT Solutions for every exercise question in बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) (Manipur Board Class 12 Hindi) — written the way examiners award marks: given, formula, working, answer.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full बनारस / दिशा (केदारनाथ सिंह) chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Manipur Board Class 12 Hindi.