बिस्कोहर की माटी (Part 2) — NCERT Solutions
Mizoram Board · Class 12 · Hindi
NCERT Solutions for बिस्कोहर की माटी (Part 2), Mizoram Board Class 12 Hindi: 12 textbook questions solved step by step.
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प्रश्न-अभ्यास
1कोइयाँ किसे कहते हैं? उसकी विशेषताएँ बताइए।Show solution
दिया गया: पाठ 'बिस्कोहर की माटी' में लेखक ने कोइयाँ का वर्णन किया है।
उत्तर:
कोइयाँ एक जलीय पुष्प है जिसे 'कुमुद' भी कहते हैं। इसे कोकाबेली या कुइयाँ के नाम से भी जाना जाता है। यह तालाबों और जलाशयों में उगता है।
कोइयाँ की विशेषताएँ:
- यह एक जलपुष्प है जो तालाबों में खिलता है।
- इसका रंग सफेद होता है और यह अत्यंत सुंदर दिखता है।
- इसमें मनमोहक सुगंध होती है।
- यह औषधीय गुणों से भी युक्त होता है — अर्थात् यह केवल सुगंध ही नहीं देता, दवा का काम भी करता है।
- यह ग्रामीण परिवेश की प्रकृति का एक अभिन्न अंग है।
- इसका तना 'भसीण' (कमलनाल) कहलाता है।
निष्कर्ष: कोइयाँ ग्रामीण जीवन और प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक है जो लेखक की बचपन की स्मृतियों से गहराई से जुड़ा है।
2'बच्चे का माँ का दूध पीना सिर्फ दूध पीना नहीं, माँ से बच्चे के सारे संबंधों का जीवन-चरित होता है'—टिप्पणी कीजिए।Show solution
दिया गया: यह कथन लेखक बिसनाथ का है जो माँ और बच्चे के संबंध की गहराई को व्यक्त करता है।
टिप्पणी:
इस कथन में लेखक ने माँ के दूध को केवल एक शारीरिक पोषण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे माँ और बच्चे के बीच के समस्त भावनात्मक, आत्मिक और सामाजिक संबंधों का आधार बताया है।
- शारीरिक पोषण से परे: माँ का दूध बच्चे को केवल पोषण नहीं देता, बल्कि माँ की ममता, स्नेह और उष्णता भी प्रदान करता है।
- भावनात्मक बंधन: दूध पीते समय बच्चा माँ की गोद में होता है — यह स्पर्श, यह निकटता बच्चे के मन में माँ के प्रति असीम प्रेम और सुरक्षा की भावना जगाती है।
- जीवन-चरित: 'जीवन-चरित' शब्द से लेखक का आशय है कि माँ के दूध के साथ बच्चे को माँ के संस्कार, उसकी भाषा, उसकी संस्कृति और उसका स्वभाव भी मिलता है। यह एक पूरी जीवन-यात्रा का आरंभ है।
- आत्मिक संबंध: माँ और बच्चे का यह संबंध केवल जैविक नहीं, आत्मिक भी है। माँ का दूध पीते हुए बच्चा माँ की आत्मा से जुड़ता है।
निष्कर्ष: लेखक का यह कथन अत्यंत गहन और मार्मिक है। यह बताता है कि माँ और बच्चे का संबंध संसार का सबसे पवित्र और गहरा संबंध है, जिसकी नींव माँ के दूध से पड़ती है।
3बिसनाथ पर क्या अत्याचार हो गया?Show solution
दिया गया: पाठ 'बिस्कोहर की माटी' में लेखक बिसनाथ अपने बचपन की एक घटना का वर्णन करते हैं।
उत्तर:
बिसनाथ पर यह 'अत्याचार' हुआ कि उनकी माँ ने उन्हें दूध पिलाना बंद कर दिया। जब बिसनाथ कुछ बड़े हो गए तो माँ ने स्तनपान बंद करने का निर्णय लिया। इसके लिए माँ ने अपने स्तनों पर नीम का कड़वा रस या कोई कड़वी चीज़ लगा दी, ताकि बच्चा दूध पीने की कोशिश करे तो कड़वाहट के कारण मुँह फेर ले।
बिसनाथ के लिए यह एक बड़ा आघात था क्योंकि:
- माँ की गोद और माँ का दूध उनके लिए सबसे बड़ा सुख और सुरक्षा का स्थान था।
- अचानक इस सुख से वंचित होना उन्हें 'अत्याचार' जैसा लगा।
- यह उनके लिए माँ से पहली बार अलगाव का अनुभव था।
लेखक ने इसे व्यंग्यपूर्वक 'अत्याचार' कहा है, जो बचपन की मासूमियत और माँ के प्रति असीम लगाव को दर्शाता है।
4गरमी और लू से बचने के उपायों का विवरण दीजिए। क्या आप भी उन उपायों से परिचित हैं?Show solution
दिया गया: पाठ में लेखक ने बिस्कोहर गाँव में गरमी और लू से बचने के पारंपरिक उपायों का वर्णन किया है।
गरमी और लू से बचने के उपाय:
- कच्चे आम का पना: कच्चे आम को भूनकर उसका पना (शरबत) बनाया जाता था। इसे पीने से लू नहीं लगती।
- प्याज साथ रखना: लू से बचने के लिए लोग जेब में कच्चा प्याज रखते थे। माना जाता है कि प्याज लू के प्रभाव को रोकता है।
- सत्तू का सेवन: जौ या चने का सत्तू पानी में घोलकर पीने से शरीर ठंडा रहता है और लू नहीं लगती।
- ठंडे पानी का उपयोग: तालाब या कुएँ के ठंडे पानी से नहाना और पीना।
- छाँव में रहना: दोपहर की तेज धूप में घर से बाहर न निकलना।
- आँख आने पर उपाय: गरमियों में आँख आने (नेत्र रोग) पर नीम के पत्तों का रस या ठंडे पानी से आँखें धोना।
क्या हम इन उपायों से परिचित हैं?
हाँ, इनमें से अधिकांश उपाय आज भी प्रचलित हैं। कच्चे आम का पना, सत्तू और प्याज का उपयोग आज भी ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किया जाता है। ये उपाय वैज्ञानिक दृष्टि से भी उपयोगी सिद्ध हुए हैं।
5लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तुलना बतख से की है?Show solution
दिया गया: लेखक बिसनाथ ने अपनी माँ की तुलना बतख से की है।
तुलना के आधार:
- बच्चों को साथ लेकर चलना: जिस प्रकार बतख अपने बच्चों को अपने पंखों के नीचे और अपने साथ लेकर चलती है, उसी प्रकार लेखक की माँ भी अपने बच्चों को सदा अपने साथ रखती थीं।
- सुरक्षा का भाव: बतख अपने बच्चों को हर खतरे से बचाती है। माँ भी अपने बच्चों को हर विपत्ति और कठिनाई से बचाने के लिए सदा तत्पर रहती थीं।
- ममता और वात्सल्य: बतख की ममता और उसके बच्चों के प्रति उसका समर्पण माँ की ममता से मेल खाता है।
- निरंतर देखभाल: बतख जैसे अपने बच्चों की निरंतर देखभाल करती है, वैसे ही माँ भी बिसनाथ और उनके भाई-बहनों की हर समय देखभाल करती थीं।
निष्कर्ष: यह तुलना अत्यंत सटीक और भावपूर्ण है। लेखक ने इस उपमा के माध्यम से माँ की ममता, सुरक्षा और वात्सल्य को बड़े ही सरल और प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया है।
6बिस्कोहर में हुई बरसात का जो वर्णन बिसनाथ ने किया है उसे अपने शब्दों में लिखिए।Show solution
दिया गया: पाठ में लेखक बिसनाथ ने बिस्कोहर गाँव में होने वाली बरसात का सजीव वर्णन किया है।
बरसात का वर्णन:
बिस्कोहर में जब बरसात आती थी तो पूरा वातावरण बदल जाता था। गरमी की तपन के बाद जब पहली बारिश की बूँदें धरती पर पड़ती थीं तो मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू चारों ओर फैल जाती थी।
- आकाश का दृश्य: काले-काले बादल आकाश में छा जाते थे और बिजली चमकती थी।
- धरती का रूपांतरण: बारिश से सूखी धरती हरी-भरी हो जाती थी। खेत-खलिहान, तालाब और नदियाँ पानी से भर जाते थे।
- तालाबों का भरना: गाँव के तालाब बरसात के पानी से लबालब भर जाते थे। उनमें कमल, कोइयाँ और अन्य जलीय पुष्प खिल उठते थे।
- खेतों में पानी: खेतों में पानी भर जाता था और किसान खुशी से झूम उठते थे।
- प्रकृति का उल्लास: पेड़-पौधे, पशु-पक्षी सभी बरसात का स्वागत करते थे। मेंढकों की टर्र-टर्र और पक्षियों का कलरव वातावरण को संगीतमय बना देता था।
- बच्चों का आनंद: बच्चे बारिश में भीगते और खेलते थे।
निष्कर्ष: लेखक का यह वर्णन अत्यंत जीवंत और चित्रात्मक है जो पाठक को बिस्कोहर की बरसात का साक्षात अनुभव कराता है।
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in बिस्कोहर की माटी for Mizoram Board Class 12 Hindi?
Are these NCERT Solutions for बिस्कोहर की माटी free?
How should I revise बिस्कोहर की माटी for the Mizoram Board Class 12 board exam?
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