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Chapter 2 of 12
NCERT Solutions

न्याय की कुर्सी — NCERT Solutions

CBSE · Class 5 · Hindi

NCERT Solutions for न्याय की कुर्सी, CBSE Class 5 Hindi: 31 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 5 Hindi syllabus.

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31 Questions Solved · 10 Sections

The first 16 solutions are open to read. The other 15 are free with a Super Tutor account.

बातचीत के लिए

1आपका प्रिय खेल कौन-सा है? आप उसे कैसे खेलते हैं?Show solution

उत्तर (नमूना): मेरा प्रिय खेल क्रिकेट है। इसे खेलने के लिए दो टीमें बनाई जाती हैं। एक टीम बल्लेबाजी करती है और दूसरी टीम गेंदबाजी व क्षेत्ररक्षण करती है। गेंदबाज बल्लेबाज को आउट करने की कोशिश करता है और बल्लेबाज अधिक से अधिक रन बनाने की कोशिश करता है। जो टीम अधिक रन बनाती है, वह जीत जाती है। यह खेल मुझे इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें टीम भावना, एकाग्रता और शारीरिक स्फूर्ति तीनों का विकास होता है।

2क्या आपने कभी किसी समस्या का समाधान किया है? अपना अनुभव साझा कीजिए।Show solution

उत्तर (नमूना): हाँ, एक बार मेरे दो मित्रों के बीच एक पेंसिल को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों कह रहे थे कि पेंसिल उनकी है। मैंने शांति से दोनों की बात सुनी और पाया कि पेंसिल वास्तव में उस मित्र की थी जिसके बस्ते में से गिरी थी। मैंने दोनों को समझाया और झगड़ा सुलझा दिया। इस अनुभव से मुझे सीख मिली कि किसी भी समस्या को धैर्य और समझदारी से सुलझाया जा सकता है।

3यदि आप राजा के स्थान पर होते और आपको लड़के के बारे में पता चलता तो आप क्या करते?Show solution

उत्तर (नमूना): यदि मैं राजा के स्थान पर होता, तो मैं उस लड़के से मिलता और उसकी बुद्धिमत्ता की प्रशंसा करता। मैं उसे अपने दरबार में एक सम्मानजनक स्थान देता ताकि वह अपनी प्रतिभा का उपयोग राज्य की भलाई के लिए कर सके। साथ ही, मैं स्वयं भी अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग हो जाता और न्यायपूर्ण शासन करने का प्रयास करता।

4लड़के के अंदर ऐसे कौन-कौन से गुण होंगे जिनके कारण वह सिंहासन पर बैठ पा रहा था?Show solution

उत्तर: लड़के के अंदर निम्नलिखित गुण रहे होंगे जिनके कारण वह सिंहासन पर बैठ पाया:

  1. निर्मल मन – उसके मन में कोई कलुष (बुराई) नहीं था।
  2. निष्पक्षता – वह बिना किसी भेदभाव के न्याय करता था।
  3. सत्यनिष्ठा – वह सदा सच का साथ देता था।
  4. बुद्धिमत्ता – वह समस्याओं को समझकर सही निर्णय लेता था।
  5. निःस्वार्थ भाव – उसका उद्देश्य केवल न्याय करना था, न कि प्रसिद्धि पाना।
  6. भोलापन और सरलता – उसके मन में किसी के प्रति द्वेष या लालच नहीं था।

पाठ से (बहुविकल्पीय प्रश्न)

1राजा को लड़के द्वारा न्याय करने के विषय में कैसे पता चला?
(क) लड़के द्वारा की गई शरारतों को सुनकर
(ख) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर
(ग) लड़के द्वारा अपने न्याय की बुराई सुनकर
(घ) मंत्रियों द्वारा लड़के की बुद्धि की प्रशंसा सुनकर
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सही उत्तर: ★ (ख) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर

स्पष्टीकरण: जब लड़का सिंहासन पर बैठकर न्याय करने लगा और उसके न्याय से लोग संतुष्ट होने लगे, तो लोग उसकी प्रशंसा करने लगे। यह प्रशंसा राजा के कानों तक पहुँची और इस प्रकार राजा को लड़के के न्याय के बारे में पता चला।

2राजा को सबसे अधिक आश्चर्य किस बात से हुआ?
(क) बच्चे खेल-खेल में न्याय कर रहे थे।
(ख) लोग राजा के दरबार में नहीं आ रहे थे।
(ग) सिंहासन पर बैठने वाला लड़का सही न्याय करता था।
(घ) स्वयं सिंहासन में ही कोई चमत्कारी शक्ति विद्यमान थी।
Show solution

सही उत्तर: ★ (ग) सिंहासन पर बैठने वाला लड़का सही न्याय करता था।
★ (घ) स्वयं सिंहासन में ही कोई चमत्कारी शक्ति विद्यमान थी।

स्पष्टीकरण: राजा को यह देखकर सबसे अधिक आश्चर्य हुआ कि एक छोटा-सा लड़का सिंहासन पर बैठकर इतना सही न्याय कर रहा था। साथ ही उसे यह भी आश्चर्य हुआ कि शायद उस पत्थर के सिंहासन में ही कोई चमत्कारी शक्ति है जो बैठने वाले को न्याय करने की क्षमता देती है।

3लड़कों को यह खेल इतना अच्छा क्यों लगा कि वे प्रतिदिन इसे खेलने लगे?
(क) क्योंकि वे राजा जैसा बनने का आनंद ले रहे थे।
(ख) क्योंकि यह अन्य खेलों से अधिक मनोरंजक था।
(ग) क्योंकि उन्हें न्याय करने का अनुभव अच्छा लगा।
(घ) क्योंकि इस खेल से वे नगर भर में प्रसिद्ध हो गए थे।
Show solution

सही उत्तर: ★ (क) क्योंकि वे राजा जैसा बनने का आनंद ले रहे थे।
★ (ग) क्योंकि उन्हें न्याय करने का अनुभव अच्छा लगा।

स्पष्टीकरण: बच्चों को राजा की भूमिका निभाना और न्याय करना दोनों ही अच्छे लगे। सिंहासन पर बैठकर राजा जैसा अनुभव करना और लोगों की समस्याओं का समाधान करना उन्हें आनंददायक लगा, इसीलिए वे प्रतिदिन यह खेल खेलने लगे।

4राजा ने उपवास और प्रायश्चित क्यों किया?
(क) ताकि वह सिंहासन पर बैठने के योग्य बन सके।
(ख) क्योंकि उसे अपने कर्मों पर पछतावा था।
(ग) क्योंकि मूर्तियों ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था।
(घ) क्योंकि जनता ने उसे ऐसा करने को कहा था।
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सही उत्तर: ★ (क) ताकि वह सिंहासन पर बैठने के योग्य बन सके।
★ (ख) क्योंकि उसे अपने कर्मों पर पछतावा था।

स्पष्टीकरण: जब राजा सिंहासन पर नहीं बैठ पाया और मूर्तियाँ उड़ने लगीं, तो उसे अपने अन्यायपूर्ण कर्मों का एहसास हुआ। उसे पछतावा हुआ और वह सिंहासन पर बैठने योग्य बनने के लिए उपवास और प्रायश्चित करने लगा।

सोचिए और लिखिए

1सभी लड़के सिंहासन पर बैठ पा रहे थे लेकिन राजा नहीं बैठ पाया। ऐसा क्यों?Show solution

उत्तर: सभी लड़के सिंहासन पर बैठ पाए क्योंकि वे भोले-भाले और निर्मल मन के थे। उनके मन में कोई कलुष (पाप, बुराई, लालच या अहंकार) नहीं था। वे निःस्वार्थ भाव से न्याय करते थे।

राजा सिंहासन पर नहीं बैठ पाया क्योंकि:

  • उसके मन में अहंकार था — वह सोचता था कि वह सबसे बड़ा, धनवान और बुद्धिमान है।
  • उसने अपने जीवन में अन्यायपूर्ण कार्य किए थे।
  • उसके मन में लालच और स्वार्थ था।
  • वह सिंहासन पर बैठने के वास्तविक अर्थ — निष्पक्ष और निर्मल न्याय — को नहीं समझता था।

इस प्रकार, सिंहासन केवल उसी व्यक्ति को स्वीकार करता था जो सच्चे मन से न्यायप्रिय हो।

2क्या राजा को प्रायश्चित करने के बाद सिंहासन पर बैठने का अधिकार मिलना चाहिए था? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।Show solution

उत्तर: हाँ, राजा को प्रायश्चित करने के बाद सिंहासन पर बैठने का अधिकार मिलना चाहिए था, क्योंकि:

  1. पश्चाताप का महत्त्व: जब कोई व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार करके सच्चे मन से पश्चाताप करता है, तो उसे सुधरने का अवसर मिलना चाहिए।
  2. परिवर्तन की संभावना: उपवास और प्रायश्चित से राजा के मन में बदलाव आया होगा। वह अब अधिक विनम्र और न्यायप्रिय बन गया होगा।
  3. दूसरा अवसर: हर व्यक्ति को अपनी गलतियाँ सुधारने का एक अवसर मिलना चाहिए।

हालाँकि, यह भी सत्य है कि केवल बाहरी प्रायश्चित पर्याप्त नहीं है — राजा के मन का वास्तविक परिवर्तन आवश्यक है। यदि उसका मन सच में निर्मल हो गया हो, तभी वह सिंहासन पर बैठने का अधिकारी होगा।

3दोनों किसानों ने अपने झगड़े के निपटारे के लिए राजा के दरबार में जाने के बजाय लड़के के पास जाने का फैसला क्यों किया?Show solution

उत्तर: दोनों किसानों ने राजा के दरबार में न जाकर लड़के के पास जाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि:

  1. लड़के के न्याय की प्रसिद्धि: लड़के के निष्पक्ष और सही न्याय की चर्चा पूरे नगर में फैल चुकी थी। लोग उसके न्याय से संतुष्ट होते थे।
  2. सरल और सुलभ: लड़के के पास जाना आसान था। राजदरबार में जाने में समय, धन और परेशानी अधिक होती थी।
  3. विश्वास: लोगों को लड़के के न्याय पर भरोसा था कि वह सच्चा और निष्पक्ष न्याय करेगा।
  4. राजदरबार से मोहभंग: संभवतः राजदरबार में न्याय मिलने में देरी होती थी या न्याय पूरी तरह संतोषजनक नहीं होता था।

इन सभी कारणों से किसानों ने लड़के के पास जाना उचित समझा।

4चौथी मूर्ति सिंहासन के साथ आकाश में क्यों उड़ गई?Show solution

उत्तर: चौथी मूर्ति सिंहासन के साथ आकाश में इसलिए उड़ गई क्योंकि:

  1. राजा की अयोग्यता: राजा उस सिंहासन पर बैठने के योग्य नहीं था। वह अहंकारी, स्वार्थी और अन्यायी था।
  2. सिंहासन की पवित्रता की रक्षा: वह सिंहासन केवल उसी व्यक्ति के लिए था जो सच्चे मन से न्यायप्रिय हो। अयोग्य व्यक्ति के हाथों में पड़ने से उसकी पवित्रता और महत्ता नष्ट हो जाती।
  3. चमत्कारी शक्ति: सिंहासन में एक दैवीय शक्ति थी जो यह सुनिश्चित करती थी कि वह केवल योग्य और न्यायप्रिय व्यक्ति के पास रहे।
  4. संदेश: इस घटना से यह संदेश मिलता है कि न्याय का आसन केवल उसी को मिलता है जो वास्तव में उसके योग्य हो — केवल राजा होने से या शक्तिशाली होने से नहीं।
5इस कहानी को एक नया शीर्षक दीजिए और बताइए कि आपने यह शीर्षक क्यों चुना?Show solution

उत्तर:

नया शीर्षक: 'निर्मल मन का न्याय'

कारण: मैंने यह शीर्षक इसलिए चुना क्योंकि इस पूरी कहानी का मूल संदेश यही है कि सच्चा न्याय केवल वही व्यक्ति कर सकता है जिसका मन निर्मल और निःस्वार्थ हो। लड़का सिंहासन पर इसलिए बैठ पाया क्योंकि उसका मन साफ था। राजा इसलिए नहीं बैठ पाया क्योंकि उसका मन अहंकार और स्वार्थ से भरा था। इस प्रकार 'निर्मल मन का न्याय' शीर्षक कहानी के मूल भाव को सबसे अच्छी तरह व्यक्त करता है।

(अन्य संभावित शीर्षक: 'बुद्धिमान बालक', 'सच्चे न्याय की कुर्सी', 'योग्यता की परीक्षा')

अनुमान और कल्पना

1कहानी में सिंहासन की मूर्तियाँ उड़कर किसी और जगह चली जाती हैं। वे कहाँ जाती होंगी और वहाँ क्या करती होंगी?Show solution

उत्तर (कल्पना पर आधारित): सिंहासन की मूर्तियाँ उड़कर किसी ऐसे स्थान पर गई होंगी जहाँ कोई सच्चा, न्यायप्रिय और निर्मल मन वाला शासक हो। वे किसी ऐसे राज्य में गई होंगी जहाँ का राजा प्रजा की भलाई के लिए काम करता हो और जहाँ सभी को समान न्याय मिलता हो।

वहाँ जाकर वे मूर्तियाँ उस योग्य शासक को अपनी शक्ति और आशीर्वाद देती होंगी ताकि वह और भी अच्छा शासन कर सके। वे उसे न्याय करने की प्रेरणा देती होंगी और उसके राज्य में सुख-शांति बनाए रखने में सहायता करती होंगी।

2यदि इस कहानी के अंत में राजा सिंहासन पर बैठने में सफल हो जाता तो क्या होता?Show solution

उत्तर (कल्पना पर आधारित): यदि राजा सिंहासन पर बैठने में सफल हो जाता, तो संभवतः निम्नलिखित हो सकता था:

  1. सकारात्मक पक्ष: यदि राजा का प्रायश्चित सच्चा था और उसका मन वास्तव में बदल गया था, तो वह एक अच्छा और न्यायप्रिय राजा बन जाता। प्रजा को सुख मिलता और राज्य में खुशहाली आती।
  1. नकारात्मक पक्ष: यदि राजा का मन नहीं बदला था और वह केवल दिखावे के लिए प्रायश्चित कर रहा था, तो सिंहासन पर बैठते ही मूर्तियाँ उसे सच्चाई का एहसास कराती और वह फिर से नीचे गिर जाता।

इस कहानी का संदेश यही है कि सच्चा परिवर्तन केवल बाहरी कर्मकांड से नहीं, बल्कि मन की शुद्धि से आता है।

भाषा की बात

1(क)नीचे दिए गए वाक्यों में उचित स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए—
(क) चौथी मूर्ति ने कहा ठहरो जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे वे भोले भाले थे उनके मन में कलुष नहीं था अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो
Show solution

उत्तर:

चौथी मूर्ति ने कहा, "ठहरो! जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे, वे भोले-भाले थे। उनके मन में कलुष नहीं था। अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो, तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो।"

प्रयुक्त विराम चिह्न:

  • अल्पविराम (,) — वाक्य के बीच में ठहराव के लिए
  • विस्मयादिबोधक चिह्न (!) — 'ठहरो' के बाद आदेश/भाव दर्शाने के लिए
  • पूर्ण विराम (।) — वाक्य की समाप्ति पर
  • उद्धरण चिह्न (" ") — कथन को दर्शाने के लिए
  • योजक चिह्न (-) — 'भोले-भाले' में
1(ख)(ख) राजा बड़ी देर तक सोचता रहा फिर उसने मन ही मन कहा अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ मैं राजा हूँ मुझसे ज्यादा धनवान बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ

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2'तीसरी मूर्ति भी उड़ गईं!' इस वाक्य के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखिए—
(क) इस वाक्य में संज्ञा शब्द कौन-सा है?
(ख) कौन-सा शब्द इस संज्ञा शब्द के गुण या विशेषता को बता रहा है?

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3कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इनमें विशेषण शब्द पहचानकर उनके नीचे रेखा खींचिए—
(क) एक दिन लड़कों का एक झुंड वहाँ खेल रहा था।
(ख) उज्जैन की प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी के बाहर एक लंबा-चौड़ा मैदान था।
(ग) इतनी छोटी उम्र में इतनी बुद्धि का होना आश्चर्य की बात है।
(घ) राजा ने देखा कि वह पत्थर नहीं, बहुत ही सुंदर सिंहासन था।
(ड) बात ही बात में वहाँ अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई।

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4आपमें कौन-कौन सी विशेषताएँ होनी चाहिए जिससे आप कहानी के सिंहासन पर बैठ सकें? लिखिए।

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पाठ से आगे

1कहानी में गाँव वाले न्याय करवाने या झगड़े सुलझाने बच्चों के पास जाया करते थे। आप अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए किन-किनके पास जाते हैं? आप उन्हीं के पास क्यों जाते हैं?

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2क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी ने आपके साथ अन्याय किया हो? आपने उस स्थिति का सामना कैसे किया?

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पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत

1पुस्तकालय में से 'सिंहासन बत्तीसी' पुस्तक खोजकर पढ़िए और अपनी मनपसंद कहानी कक्षा में सुनाइए।

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2सिंहासन बत्तीसी की तरह भारत में अनेक पारंपरिक कहानियाँ प्रचलित हैं, जैसे – पंचतंत्र, हितोपदेश, जातक कथाएँ आदि। इन्हें भी पुस्तकालय से ढूँढ़कर पढ़िए।

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पता लगाकर कीजिए (बैठने की वस्तुओं का वर्णन)

1सिंहासन एक विशेष प्रकार की भव्य कुर्सी हुआ करती थी। आज भी हम बैठने के लिए अनेक प्रकार की वस्तुओं का उपयोग करते हैं। दी गई वस्तुओं का वर्णन कीजिए और यह भी लिखिए कि आपकी भाषा में इन्हें क्या कहते हैं।

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बुझो तो जानें (पहेलियाँ)

1गोंड पहेली: न तो खाय न तो पीवैह, संग मा रेंगत है। (न खाती है, न पीती है, संग-संग चलती है)

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2निमाड़ी पहेली: हरो माथणो, लाल पेट, रस पी लेव भर-भर पेट। (हरे मटके का लाल पेट, रस पी लो भर-भर पेट)

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3मालवी पहेली: एक जानवर ऐसो, जिकी दूम पे पैसो। (एक जानवर ऐसा, जिसकी दुम पर पैसा)

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4बुंदेली पहेली: एक लकड़ी की ऐसी कहानी, ऊमें लुको है मीठो पानी। (एक लकड़ी की ऐसी कहानी, उसमें छिपा है मीठा पानी)

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5बघेली पहेली: एक दिया सबतर उंजियार। (एक दीपक से चारों ओर उजियारा)

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मेरा न्याय (कक्षा गतिविधि)

1अपनी कक्षा से किन्हीं दो ऐसी समस्याओं को चुनिए जिन पर न्याय किया जाना है। कक्षा को दो समूहों में विभाजित कीजिए। दोनों समूह एक समस्या लेकर उस पर विचार करेंगे और नाटक-मंचन के द्वारा समस्या को सुलझाएँगे।

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15 more solved questions in न्याय की कुर्सी

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in न्याय की कुर्सी for CBSE Class 5 Hindi?
Key topics in न्याय की कुर्सी include कहानी का क्रम, मुख्य पात्र और उनकी भूमिका, महत्वपूर्ण घटनाएँ और सीख, सिंहासन बत्तीसी से संबंध. Study these first, then practise questions on each for Class 5 exams.
Are these NCERT Solutions for न्याय की कुर्सी free?
The first 16 of the 31 solutions on this page are open to read. The other 15 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise न्याय की कुर्सी for Class 5 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 45 practice questions on न्याय की कुर्सी. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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