न्याय — NCERT Solutions
CBSE · Class 5 · Hindi
NCERT Solutions for न्याय, CBSE Class 5 Hindi: 23 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 5 Hindi syllabus.
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बातचीत के लिए
1जब शाम होती है तो आपको प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?Show solution
जब शाम होती है तो प्रकृति में निम्नलिखित परिवर्तन दिखाई देते हैं —
- सूर्य पश्चिम दिशा में अस्त होने लगता है और आकाश लाल-नारंगी रंग का हो जाता है।
- पक्षी अपने-अपने घोंसलों की ओर लौटने लगते हैं।
- फूल धीरे-धीरे बंद होने लगते हैं।
- ठंडी हवा चलने लगती है।
- चारों ओर हल्का अँधेरा छाने लगता है और तारे दिखाई देने लगते हैं।
- जुगनू चमकने लगते हैं और रात्रिचर जीव सक्रिय हो जाते हैं।
2क्या आपने कभी किसी पशु-पक्षी को बचाया है? उनसे जुड़ा कोई अनुभव साझा कीजिए।Show solution
हाँ, एक बार मैंने एक घायल गौरैया को बचाया था। वह हमारे घर की खिड़की के शीशे से टकराकर नीचे गिर गई थी। मैंने उसे धीरे से उठाया, एक छोटे डिब्बे में रुई बिछाकर उसे रखा और थोड़ा पानी पिलाया। कुछ घंटों की देखभाल के बाद वह ठीक हो गई और उड़ गई। उस दिन मुझे बहुत खुशी और संतोष मिला। इस अनुभव ने मुझे सिखाया कि छोटे-से प्रयास से भी किसी की जान बचाई जा सकती है।
(नोट: यह एक नमूना उत्तर है। विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर उत्तर लिखें।)
3यदि आप मंत्री के स्थान पर होते तो न्याय कैसे करते?Show solution
यदि मैं मंत्री के स्थान पर होता तो मैं भी यही निर्णय देता कि हंस उसी का है जिसने उसे बचाया, न कि उसका जिसने उसे घायल किया। मेरे विचार से —
- जो व्यक्ति किसी जीव को कष्ट देता है, उसका उस जीव पर कोई अधिकार नहीं होता।
- जो व्यक्ति किसी की जान बचाता है, उसका उस जीव से प्रेम और करुणा का संबंध बनता है।
- मैं दोनों पक्षों की बात ध्यान से सुनता और फिर न्यायपूर्ण निर्णय लेता।
- मैं देवदत्त को समझाता कि जीवों के साथ क्रूरता करना उचित नहीं है।
4इस नाटक में सभी पात्र पुरुष हैं। यदि किन्हीं दो पात्रों को महिला पात्र के रूप में प्रस्तुत करना हो तो आप किन्हें बदलकर प्रस्तुत करना चाहेंगे और क्यों?Show solution
यदि मुझे दो पात्रों को महिला पात्र के रूप में प्रस्तुत करना हो तो मैं निम्नलिखित पात्रों को बदलना चाहूँगा —
- मंत्री — मैं मंत्री को एक महिला मंत्री के रूप में प्रस्तुत करना चाहूँगा, क्योंकि महिलाएँ भी बुद्धिमान, न्यायप्रिय और निर्णय लेने में सक्षम होती हैं। इससे यह संदेश जाएगा कि न्याय करना किसी एक लिंग तक सीमित नहीं है।
- सिद्धार्थ का सखा — सखा को एक सखी के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, क्योंकि लड़कियाँ भी प्रकृति से प्रेम करती हैं और करुणाशील होती हैं।
इससे नाटक में महिला पात्रों की भागीदारी बढ़ेगी और लैंगिक समानता का संदेश मिलेगा।
सोचिए और लिखिए
1हंस को घायल देखकर सिद्धार्थ ने क्या किया?Show solution
दिया गया: नाटक 'न्याय' में हंस को तीर लगकर घायल होते देखा गया।
उत्तर:
हंस को घायल देखकर सिद्धार्थ का हृदय करुणा से भर गया। उन्होंने तुरंत उस घायल हंस को उठाया और उसके पंख में लगे तीर को सावधानी से निकाला। फिर उन्होंने हंस के घाव पर औषधि लगाई और उसे अपनी गोद में रखकर प्यार से सहलाया। उन्होंने हंस की देखभाल की और उसे स्वस्थ करने का प्रयास किया। सिद्धार्थ ने हंस को देवदत्त को देने से मना कर दिया, क्योंकि उनका मानना था कि जिसने जीव को बचाया है, उसी का उस पर अधिकार है।
2अंततः हंस सिद्धार्थ को ही क्यों मिला?Show solution
दिया गया: देवदत्त और सिद्धार्थ दोनों हंस पर अपना-अपना अधिकार जता रहे थे।
उत्तर:
अंततः हंस सिद्धार्थ को इसलिए मिला क्योंकि —
- न्यायपूर्ण तर्क: मंत्री और राजा ने यह निर्णय दिया कि जीव उसका होता है जो उसे जीवन देता है, न कि उसका जो उसे मारता है।
- करुणा और प्रेम: सिद्धार्थ ने हंस को बचाया, उसकी देखभाल की और उसे स्वस्थ किया। उनका हंस के प्रति सच्चा प्रेम और करुणा था।
- देवदत्त का अधिकार कमज़ोर: देवदत्त ने हंस को तीर मारकर घायल किया था। घायल करने वाले का उस जीव पर नैतिक अधिकार नहीं बनता।
- न्याय की जीत: न्यायालय ने यह सिद्ध किया कि जीवन देने वाले का अधिकार, जीवन लेने वाले से बड़ा होता है।
इस प्रकार न्याय की जीत हुई और हंस सिद्धार्थ को मिला।
3कहानी को अपने ढंग से प्रवाह चार्ट के रूप में लिखिए।Show solution
कहानी का प्रवाह चार्ट:
सिद्धार्थ व उनके सखा का राज उद्यान में प्रकृति को निहारना।
आकाश में उड़ते हंसों के झुंड का दिखाई देना।
देवदत्त द्वारा धनुष से तीर चलाना — एक हंस का घायल होकर गिरना।
सिद्धार्थ का घायल हंस को उठाना, तीर निकालना और देखभाल करना।
देवदत्त का आकर हंस पर अपना अधिकार जताना।
सिद्धार्थ का हंस देने से इनकार करना।
दोनों का मंत्री के पास न्याय के लिए जाना।
मंत्री द्वारा दोनों पक्षों की बात सुनना।
मंत्री का न्यायपूर्ण निर्णय — हंस सिद्धार्थ का।
न्याय की जीत — करुणा और जीवन-रक्षा की विजय।
अनुमान और कल्पना
1जिस समय आकाश में हंस को तीर लगा उस समय उसके अन्य साथियों ने आपस में क्या बातें की होंगी?Show solution
जिस समय हंस को तीर लगा, उस समय उसके साथियों ने आपस में कुछ इस प्रकार बातें की होंगी —
पहला हंस: अरे! हमारे साथी को तीर लग गया! वह नीचे गिर पड़ा!
दूसरा हंस: यह मनुष्य इतना निर्दयी क्यों है? हम तो बस शांति से उड़ रहे थे।
तीसरा हंस: हमें जल्दी से यहाँ से उड़ जाना चाहिए, नहीं तो हम भी खतरे में पड़ जाएँगे।
पहला हंस: लेकिन हम अपने साथी को ऐसे कैसे छोड़ दें? उसे बहुत दर्द हो रहा होगा।
दूसरा हंस: देखो, वह छोटा लड़का उसे उठा रहा है। लगता है वह उसकी मदद करेगा।
तीसरा हंस: भगवान करे, हमारा साथी जल्दी ठीक हो जाए और फिर से हमारे साथ उड़ सके।
(नोट: यह एक कल्पनाशील उत्तर है। विद्यार्थी अपनी कल्पना से और भी बातें जोड़ सकते हैं।)
2हंस देवदत्त के पास उड़कर क्यों नहीं गया?Show solution
हंस देवदत्त के पास उड़कर इसलिए नहीं गया क्योंकि —
- भय: देवदत्त ने ही उसे तीर मारकर घायल किया था। हंस को देवदत्त से डर लगता था। जो व्यक्ति कष्ट देता है, उसके पास कोई भी जीव नहीं जाना चाहता।
- प्रेम और विश्वास: सिद्धार्थ ने हंस की देखभाल की, उसके घाव पर दवा लगाई और उसे प्यार दिया। हंस को सिद्धार्थ पर विश्वास और प्रेम हो गया था।
- स्वाभाविक प्रवृत्ति: जीव-जंतु स्वाभाविक रूप से उसी के पास जाते हैं जो उनसे प्रेम करता है और उनकी रक्षा करता है।
- कृतज्ञता: हंस सिद्धार्थ का आभारी था क्योंकि उन्होंने उसकी जान बचाई थी।
3राजा शुद्धोदन ने निर्णय के बाद सिद्धार्थ से क्या कहा होगा?Show solution
निर्णय के बाद राजा शुद्धोदन ने सिद्धार्थ से कुछ इस प्रकार कहा होगा —
"प्रिय पुत्र सिद्धार्थ, आज तुमने जो किया वह अत्यंत प्रशंसनीय है। तुमने एक निर्दोष और घायल पक्षी की जान बचाई और उसके लिए न्याय माँगने का साहस दिखाया। तुम्हारी करुणा और दयालुता देखकर मेरा हृदय गर्व से भर गया है। एक सच्चे राजकुमार का यही धर्म होता है कि वह निर्बल और असहाय की रक्षा करे। तुमने आज यह सिद्ध कर दिया कि जीवन देने वाले का अधिकार सबसे बड़ा होता है। मुझे विश्वास है कि एक दिन तुम एक महान और न्यायप्रिय राजा बनोगे।"
4एक रात सिद्धार्थ मीठी नींद सो रहे हैं। उनके सपने में हंस आता है और सिद्धार्थ के साथ न्याय वाले दिन का अपना अनुभव सुनाता है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि हंस ने सिद्धार्थ से क्या-क्या बातें की होंगी?Show solution
सपने में हंस ने सिद्धार्थ से कुछ इस प्रकार बातें की होंगी —
हंस: प्रिय सिद्धार्थ, मैं तुम्हारा वही हंस हूँ जिसे तुमने उस दिन बचाया था। मैं तुम्हारा आभार व्यक्त करने आया हूँ।
हंस: जब वह तीर मुझे लगा, तो मुझे बहुत असहनीय पीड़ा हुई। मुझे लगा अब मेरा अंत आ गया। लेकिन जब तुमने मुझे अपनी गोद में उठाया और तीर निकाला, तो मुझे एक नई उम्मीद मिली।
हंस: न्यायालय में जब मेरे भाग्य का फैसला हो रहा था, तब मैं बहुत डरा हुआ था। लेकिन तुम्हारे शब्दों ने मुझे ढाढ़स दिया।
हंस: जब मंत्री ने निर्णय सुनाया कि मैं तुम्हारा हूँ, तो मेरा मन खुशी से भर गया। उस दिन मुझे समझ आया कि इस संसार में करुणा और न्याय की जीत होती है।
हंस: तुमने मुझे केवल जीवन ही नहीं दिया, बल्कि यह विश्वास भी दिया कि मनुष्य और पशु-पक्षी मिलकर प्रेम से रह सकते हैं। तुम्हारा बहुत-बहुत धन्यवाद, मित्र!
(नोट: यह एक कल्पनाशील उत्तर है। विद्यार्थी अपनी कल्पना से और भी बातें जोड़ सकते हैं।)
भाषा की बात
1पाठ में हंस और हँस शब्द आए हैं। हंस में अनुस्वार (ं) का प्रयोग हुआ है और हँस में चंद्रबिंदु (ँ) का प्रयोग हुआ है। अब आप इस पाठ में आए अनुस्वार एवं चंद्रबिंदु वाले शब्दों को खोजिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। उनका वाक्यों में भी प्रयोग कीजिए।Show solution
अनुस्वार (ं) वाले शब्द और उनका वाक्यों में प्रयोग:
| शब्द | वाक्य |
|---|---|
| हंस | सरोवर में सुंदर हंस तैर रहे हैं। |
| संदेश | सिद्धार्थ ने देवदत्त को संदेश भेजा। |
| अंत | हर कहानी का अंत होता है। |
| बंधु | देवदत्त सिद्धार्थ का बंधु था। |
| रंग | आकाश का रंग नीला है। |
| अंदर | हंस को अंदर लाया गया। |
| संभव | यह काम संभव है। |
चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्द और उनका वाक्यों में प्रयोग:
| शब्द | वाक्य |
|---|---|
| हँस | बच्चे खुशी से हँस रहे थे। |
| आँख | सिद्धार्थ की आँखें करुणा से भर गईं। |
| पाँव | हंस के पाँव में चोट लगी थी। |
| माँ | माँ बच्चे को प्यार से देखती है। |
| हाँ | हाँ, मैं यह काम करूँगा। |
अनुस्वार और चंद्रबिंदु में अंतर:
- अनुस्वार (ं) का प्रयोग तब होता है जब उसके बाद कोई व्यंजन आता है — जैसे: हंस, संदेश।
- चंद्रबिंदु (ँ) का प्रयोग नासिक्य स्वर के लिए होता है — जैसे: हँस, आँख।
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in न्याय for CBSE Class 5 Hindi?
Are these NCERT Solutions for न्याय free?
How should I revise न्याय for Class 5 exams?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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