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Chapter 11 of 13
NCERT Solutions

कविता का कमाल

CBSE · Class 4 · Hindi

NCERT Solutions for कविता का कमाल — CBSE Class 4 Hindi.

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34 Questions Solved · 12 Sections

बातचीत के लिए

1क्या आपको कथा-कहानी सुनना-सुनाना पसंद है? अपने उत्तर का कारण बताइए।Show solution
हाँ, मुझे कथा-कहानी सुनना-सुनाना बहुत पसंद है। कहानियाँ सुनने से हमें नई-नई जानकारी मिलती है, कल्पनाशक्ति बढ़ती है और मनोरंजन भी होता है। कहानियों में जीवन के अनुभव और नैतिक शिक्षाएँ छिपी होती हैं जो हमें बहुत कुछ सिखाती हैं।
2इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा कौन-सा है और क्यों?Show solution
इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा वह है जब मदन की अधूरी और विचित्र-सी कविता राजा के खजाने की रक्षा कर देती है। चोर यह सोचकर भाग जाते हैं कि कोई उन्हें देख रहा है। यह हिस्सा इसलिए रोचक है क्योंकि एक साधारण-सी कविता अनजाने में इतना बड़ा काम कर देती है — यह बात बहुत आश्चर्यजनक और मनोरंजक है।
3राजा का खजाना मदन की कविता के कारण बचा या राजा के कारण जो कविता को जोर-जोर से बोल रहे थे?Show solution
राजा का खजाना मुख्यतः मदन की कविता के कारण बचा, क्योंकि कविता के शब्द — 'खुदुर-खुदुर का खोदत है', 'सरक-सरक कहाँ भागत है' आदि — ऐसे थे जिन्हें सुनकर चोरों को लगा कि कोई उनकी हर हरकत देख रहा है। राजा ने कविता को जोर-जोर से बोला, इससे चोरों तक आवाज़ पहुँची और वे डरकर भाग गए। इस प्रकार दोनों का योगदान था, परंतु कविता के शब्दों की विशेषता ही असली कारण थी।
4राजमहल में जब मदन ने अपनी कविता सुनाई तो सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह क्यों ताकने लगे?Show solution
राजमहल में उपस्थित सभी विद्वान और दरबारी बड़ी-बड़ी, सुंदर और अर्थपूर्ण कविताएँ सुनने के आदी थे। मदन की कविता बहुत सरल, अजीब और पहेली जैसी थी — उसमें 'खुदुर-खुदुर', 'सुरू-सुरू', 'सरक-सरक' जैसे अनोखे शब्द थे। सुनने वालों को यह कविता समझ नहीं आई, इसलिए वे हैरान होकर एक-दूसरे का मुँह ताकने लगे।
5आप इस कहानी का कोई और शीर्षक सुझाइए तथा बताइए कि यह शीर्षक क्यों देना चाहते हैं।Show solution
इस कहानी का एक और शीर्षक हो सकता है — 'अनजाने में खजाने की रक्षा' या 'मदन की अनोखी कविता'।

'अनजाने में खजाने की रक्षा' शीर्षक इसलिए उचित है क्योंकि मदन ने जानबूझकर खजाने की रक्षा नहीं की थी — उसकी कविता अनजाने में ही चोरों को भगाने का काम कर गई। यह शीर्षक कहानी के मूल भाव को सही तरह से व्यक्त करता है।

कविता की बात

1सुरू-सुरू का ………… है? (क) पीयत (ख) खोजत (ग) पीबत (घ) चलतShow solution
सही उत्तर: (ग) पीबत

कविता की पंक्ति है — 'सुरू-सुरू का पीबत है?' यहाँ 'सुरू-सुरू' की आवाज़ पीने की क्रिया से जुड़ी है, इसलिए 'पीबत' सही शब्द है।
2………………… का खोदत है? (क) सरक-सरक (ख) हम जानत (ग) ताक-झाँक (घ) खुदुर-खुदुरShow solution
सही उत्तर: (घ) खुदुर-खुदुर

कविता की पंक्ति है — 'खुदुर-खुदुर का खोदत है?' 'खुदुर-खुदुर' खोदने की आवाज़ को दर्शाता है, इसलिए यही सही विकल्प है।
3"आप कौन हैं, साहब?" उत्तर मिला — ………………… (क) धनु शाह (ख) धन्नु शाह (ग) धनी शाह (घ) धन्नू शाहShow solution
सही उत्तर: (घ) धन्नू शाह

कहानी में जब मदन ने महल का रास्ता पूछा तो उस व्यक्ति ने अपना नाम 'धन्नू शाह' बताया था।

मिलान कीजिए

1नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को उनके क्रम से मिलाएँ।Show solution
कविता का सही क्रम इस प्रकार है:

1. जानत हो हम देखत हैं। — क्रम 1
2. खुदुर-खुदुर का खोदत है? — क्रम 2
3. हम जानत का ढूँढ़त है! — क्रम 3
4. धन्नू शाह, भाई धन्नू शाह! — क्रम 4
5. सरक-सरक कहाँ भागत है? — क्रम 5
6. हमसे न बच सकत है। — क्रम 6
7. सुरू-सुरू का पीबत है? — क्रम 7
8. ताक-झाँक का खोजत है? — क्रम 8
2रिक्त स्थानों में उपयुक्त पंक्ति लिखिए और चित्र बनाकर उनका मिलान कीजिए।Show solution
रिक्त स्थान में निम्नलिखित पंक्ति लिखी जाएगी:

'ताक-झाँक का खोजत है?'

मिलान:
- 'खुदुर-खुदुर का खोदत है?' — चूहे के चित्र से (चूहा खोद रहा है)
- 'सुरू-सुरू का पीबत है?' — साँप के चित्र से (साँप पानी पी रहा है)
- 'ताक-झाँक का खोजत है?' — बिल्ली/नेवले के चित्र से (झाँककर देख रहा है)
- 'सरक-सरक कहाँ भागत है?' — साँप के चित्र से (साँप रेंगकर भाग रहा है)

(नोट: चित्र उपलब्ध न होने के कारण अनुमान के आधार पर मिलान किया गया है।)

सोचिए और लिखिए

1"अब मैं तुझे और बिठाकर नहीं खिला सकती।" मदन की माँ ने ऐसा क्यों कहा?Show solution
मदन की माँ ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि घर में खाने-पीने की तंगी थी। मदन बड़ा हो गया था और घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। माँ चाहती थी कि मदन कोई काम-धंधा करे और अपनी रोज़ी-रोटी खुद कमाए। वह मदन को यह समझाना चाहती थी कि अब उसे स्वावलंबी बनना चाहिए।
2जब मदन ने महल का रास्ता पूछा तो धन्नू शाह ने ऐसा क्यों कहा कि अगर वह नहीं तो और कौन जानेगा?Show solution
धन्नू शाह एक बड़े व्यापारी और प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। वे राजमहल में आते-जाते रहते थे और राजा से उनका परिचय था। इसलिए उन्हें गर्व था कि राजमहल का रास्ता वे भली-भाँति जानते हैं। उन्होंने यह बात अपनी जानकारी और महत्व को दर्शाने के लिए कही।
3कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है। क्या आपको भी ऐसा ही लगता है? कारण सहित लिखिए।Show solution
हाँ, मुझे भी मदन की कविता विचित्र लगती है। इसके कारण:

1. इस कविता में 'खुदुर-खुदुर', 'सुरू-सुरू', 'सरक-सरक' जैसे अजीब शब्द हैं जो आम कविताओं में नहीं होते।
2. कविता की भाषा बोलचाल की देसी भाषा में है जो साहित्यिक कविता से बिल्कुल अलग है।
3. कविता का अर्थ पहली बार सुनने पर समझ नहीं आता — यह पहेली जैसी लगती है।
4. फिर भी यह कविता बहुत प्रभावशाली निकली और खजाने की रक्षा कर गई — यह भी विचित्र ही है।
4राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी। आपको यह कैसी लगी?Show solution
मुझे मदन की कविता बहुत मज़ेदार और अनोखी लगी। पहली बार पढ़ने पर यह समझ नहीं आती, लेकिन जब पता चलता है कि यह कविता चूहे, साँप और अन्य जीवों की हरकतों पर आधारित है, तो बहुत रोचक लगती है। इसकी भाषा सरल और देसी है जो इसे और भी आकर्षक बनाती है। यह कविता हमें सिखाती है कि कविता किसी भी विषय पर लिखी जा सकती है।

समझ और अनुभव

1"सुरुर-सुरुर का पीबल है" पंक्ति में पीने के साथ 'सुरुर-सुरुर' शब्द का ही प्रयोग क्यों किया गया है?Show solution
'सुरुर-सुरुर' एक ध्वनि-अनुकरण शब्द है जो किसी तरल पदार्थ को धीरे-धीरे चूसकर या सुड़ककर पीने की आवाज़ को दर्शाता है। जब साँप पानी पीता है तो वह इसी प्रकार की आवाज़ करता है। इस शब्द के प्रयोग से कविता में जीवंतता आती है और पाठक के मन में पीने की क्रिया का स्पष्ट चित्र बन जाता है। इसीलिए 'सुरुर-सुरुर' शब्द का ही प्रयोग किया गया है।
2राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ पुरस्कार में मिलेंगी। सौ अशर्फियों से आप क्या समझते हैं?Show solution
अशर्फी सोने का एक पुराना सिक्का होता था जो बहुत मूल्यवान होता था। पुराने ज़माने में राजा-महाराजा पुरस्कार के रूप में अशर्फियाँ दिया करते थे। सौ अशर्फियाँ उस समय बहुत बड़ी धनराशि होती थी जिससे कोई व्यक्ति कई वर्षों तक आराम से जीवन-यापन कर सकता था। यह पुरस्कार किसी कवि के लिए बहुत बड़ा सम्मान और आर्थिक सहायता दोनों था।
3"सरक-सरक कहाँ भागत है" पंक्ति में 'सरक-सरक' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? यहाँ 'सरक-सरक' का ही प्रयोग क्यों किया गया है?Show solution
'सरक-सरक' शब्द साँप के रेंगने की क्रिया के लिए प्रयुक्त हुआ है। साँप बिना पैरों के धीरे-धीरे सरककर चलता है। 'सरक-सरक' एक ध्वनि-अनुकरण और गति-अनुकरण शब्द है जो साँप की रेंगने की विशेष चाल को बहुत सटीक रूप से व्यक्त करता है। इस शब्द के प्रयोग से साँप की गति का जीवंत चित्र मन में उभर आता है, इसीलिए यहाँ 'सरक-सरक' का ही प्रयोग किया गया है।
4"अब कोई चारा नहीं। बस राजा साहब से दया की भीख माँग सकता हूँ।" ऐसा धन्नू शाह ने क्यों सोचा?Show solution
धन्नू शाह ने ऐसा इसलिए सोचा क्योंकि उनके खजाने में चोरी हो गई थी और वे बहुत परेशान थे। उन्हें लग रहा था कि अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा। राजा न्याय करने वाले होते थे और प्रजा की रक्षा करना उनका कर्तव्य था। इसलिए धन्नू शाह ने सोचा कि राजा से दया और सहायता माँगना ही एकमात्र उपाय है।

अनुमान और कल्पना

1यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता तो क्या होता?Show solution
यदि मदन घर से बाहर नहीं निकलता तो:
1. उसकी माँ को बहुत कठिनाई होती और घर की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती।
2. मदन को धन्नू शाह नहीं मिलते और वह राजमहल नहीं जा पाता।
3. उसकी कविता कभी राजा तक नहीं पहुँचती।
4. धन्नू शाह के खजाने की रक्षा नहीं होती।
5. मदन को पुरस्कार नहीं मिलता और उसकी प्रतिभा छिपी रह जाती।
इस प्रकार घर से बाहर निकलने के कारण ही मदन की किस्मत बदली।
2अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि राजमहल कैसा होता होगा।Show solution
राजमहल बहुत विशाल और भव्य होता होगा। उसमें ऊँची-ऊँची दीवारें और सुंदर दरवाज़े होते होंगे। महल के अंदर बड़े-बड़े कमरे, सुंदर बगीचे और फव्वारे होते होंगे। दरबार में सोने-चाँदी की सजावट होती होगी। राजा का सिंहासन बहुत सुंदर और कीमती पत्थरों से जड़ा होता होगा। चारों ओर सैनिक पहरा देते होंगे और सेवक राजा की सेवा में तत्पर रहते होंगे।
3राजा के खजाने में क्या-क्या होता होगा और कितना-कितना होता होगा?Show solution
राजा के खजाने में निम्नलिखित चीज़ें होती होंगी:
1. सोने और चाँदी के सिक्के — हज़ारों की संख्या में
2. हीरे, मोती, माणिक, पन्ना जैसे कीमती रत्न
3. सोने-चाँदी के बर्तन और आभूषण
4. कीमती कपड़े और रेशमी वस्त्र
5. अशर्फियाँ और अन्य मूल्यवान धातुएँ
6. दूसरे राजाओं से मिले उपहार और भेंट
यह सब इतना अधिक होता होगा कि गिनना मुश्किल हो जाता होगा।
4मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे विदा करते समय क्या-क्या उपहार दिए होंगे?Show solution
राजा ने मदन को विदा करते समय निम्नलिखित उपहार दिए होंगे:
1. सौ अशर्फियाँ — जो कवि-सम्मेलन का पुरस्कार था
2. सुंदर और कीमती वस्त्र
3. एक घोड़ा या पालकी
4. राजदरबार में कवि का पद
5. खाने-पीने का सामान
6. राजा का आशीर्वाद और प्रशंसा-पत्र
राजा ने मदन को 'राजकवि' का सम्मान भी दिया होगा।
5राजा ने मदन को बहुत सारा धन दिया होगा। उसे यह सब कहाँ-कहाँ खर्च करना चाहिए?Show solution
मदन को धन इस प्रकार खर्च करना चाहिए:

| क्रम संख्या | खर्च करने हेतु प्रस्तावित सुझाव | आपकी राय |
|---|---|---|
| 1. | माँ के लिए कपड़े खरीदना | यह बहुत अच्छा विचार है — माँ ने बहुत कष्ट उठाए हैं |
| 2. | कुछ रुपये बैंक में जमा करना | यह भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है |
| 3. | घर की मरम्मत करवाना | ताकि परिवार आराम से रह सके |
| 4. | गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहायता करना | समाज की सेवा करना हमारा कर्तव्य है |
| 5. | अपनी पढ़ाई और कविता-लेखन जारी रखना | प्रतिभा को और निखारना चाहिए |

कहाँ कहानी, सुनो कहानी

1स्वयं को मदन की जगह रखकर यह कहानी अपनी मातृभाषा या अपनी पसंद की भाषा में सुनाइए।Show solution
(यह एक गतिविधि प्रश्न है जिसे कक्षा में मौखिक रूप से करना है।)

सुझाव: मदन की जगह खुद को रखकर कहानी इस प्रकार शुरू करें —

'मेरा नाम मदन है। एक दिन मेरी माँ ने कहा कि अब मुझे काम की तलाश में निकलना चाहिए। मैं घर से निकला और रास्ते में मुझे एक चूहा दिखा जो खोद रहा था...'

इस प्रकार पूरी कहानी अपनी भाषा में, हाव-भाव के साथ सुनाएँ।
2मदन आपका मित्र है। मदन ने कुछ समय पहले आपको यह कहानी सुनाई थी। अब आप यह कहानी अपनी कक्षा में सुनाइए।Show solution
(यह एक गतिविधि प्रश्न है।)

सुझाव: कहानी इस प्रकार शुरू करें —

'मेरे मित्र मदन ने मुझे एक बहुत रोचक कहानी सुनाई थी। वह बताता है कि एक बार उसकी माँ ने उसे काम की तलाश में भेजा। रास्ते में उसने एक चूहे को खोदते देखा और उसके मुँह से निकल पड़ा — खुदुर-खुदुर का खोदत है?...'

पूरी कहानी उत्साह और हाव-भाव के साथ सुनाएँ।

पाठ से आगे

1साँप रेंगकर चलते हैं। रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूची बनाइए और कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।Show solution
रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूची:

1. साँप
2. छिपकली
3. मगरमच्छ
4. कछुआ
5. गिरगिट
6. केंचुआ
7. घोंघा
8. कोमोडो ड्रैगन
9. गेको (एक प्रकार की छिपकली)
10. अजगर

ये सभी जीव सरीसृप (Reptiles) या अकशेरुकी (Invertebrates) वर्ग के हैं। इनकी विशेषता यह है कि ये पेट के बल या बहुत छोटे पैरों की सहायता से रेंगकर चलते हैं।
2राजमहल में कवि-सम्मेलन की सूचना देने के लिए डिंढोरा पीटा जा रहा था। आजकल ऐसी सूचनाएँ कैसे दी जाती हैं?Show solution
आजकल सूचनाएँ निम्नलिखित तरीकों से दी जाती हैं:

1. समाचार-पत्र — अखबारों में विज्ञापन देकर
2. टेलीविज़न — टीवी चैनलों पर विज्ञापन
3. रेडियो — रेडियो पर घोषणा
4. सोशल मीडिया — फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम पर
5. पोस्टर और बैनर — दीवारों और सार्वजनिक स्थानों पर
6. लाउडस्पीकर — गाड़ी पर लगाकर घोषणा
7. SMS और ईमेल — मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से
8. वेबसाइट — इंटरनेट पर सूचना डालकर
3आपके विद्यालय में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आप इसकी सूचना कैसे देंगे?Show solution
विद्यालय में कवि-सम्मेलन की सूचना देने के तरीके:

1. नोटिस बोर्ड — विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर सूचना लगाना
2. कक्षा में घोषणा — प्रत्येक कक्षा में जाकर शिक्षक द्वारा घोषणा
3. प्रार्थना सभा — सुबह की प्रार्थना में सभी छात्रों को बताना
4. पर्चे बाँटना — छात्रों को हाथ से लिखे या छपे पर्चे देना
5. अभिभावकों को सूचित करना — डायरी में लिखकर
6. विद्यालय की वेबसाइट — यदि हो तो उस पर सूचना डालना

सूचना का नमूना:
'सूचना — हमारे विद्यालय में दिनांक ... को कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सभी इच्छुक छात्र भाग लें।'

मीडिया और आप

1विजेता बनने के बाद मदन को मीडिया के प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। अपने को मदन मानते हुए इन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।Show solution
मीडिया: कवि-सम्मेलन में पुरस्कार पाकर आपको कैसा लग रहा है?

मदन: मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी छोटी-सी कविता इतना बड़ा पुरस्कार दिलाएगी। यह मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन है।

---

मीडिया: आप इस उपलब्धि का श्रेय किसे देना चाहेंगे?

मदन: मैं इस उपलब्धि का श्रेय सबसे पहले अपनी माँ को देना चाहूँगा जिन्होंने मुझे घर से बाहर निकलने और कुछ करने की प्रेरणा दी। साथ ही धन्नू शाह जी को भी धन्यवाद देना चाहूँगा जो मुझे राजमहल तक ले गए।

---

मीडिया: आपको राजदरबार में कविता सुनाकर कैसा लगा?

मदन: पहले तो मैं बहुत घबरा गया था। इतने विद्वान लोगों के सामने अपनी सरल-सी कविता सुनाना डरावना लग रहा था। लेकिन जब राजा जी ने मेरी कविता की प्रशंसा की तो मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया।

---

मीडिया: आगे आपकी क्या योजनाएँ हैं?

मदन: मैं और अधिक कविताएँ लिखूँगा। अपनी माँ की देखभाल करूँगा और गाँव के गरीब बच्चों की पढ़ाई में भी मदद करूँगा।

---

मीडिया: बहुत-बहुत धन्यवाद मदन जी।

मदन: आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहे।

आपकी कविता

1सियार को आधार बनाकर कविता को पूरा करने में रजनी की सहायता कीजिए।Show solution
सियार को आधार बनाकर कविता की पंक्तियाँ:

हुआँ-हुआँ का चिल्लात है?
जानत हो हम देखत हैं।
हम जानत का ढूँढ़त है!
हमसे न बच सकत है।

(नोट: यह एक रचनात्मक गतिविधि है। छात्र अपनी कल्पना से सियार की आवाज़ 'हुआँ-हुआँ' को आधार बनाकर कविता की शैली में पंक्तियाँ बना सकते हैं।)

भाषा की बात

1निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए: (क) मन में लड्डू फूटना (ख) मुँह ताकनाShow solution
(क) मन में लड्डू फूटना

अर्थ: मन ही मन बहुत प्रसन्न होना; अत्यधिक खुशी महसूस करना।

वाक्य प्रयोग: जब रमेश को पता चला कि उसे परीक्षा में प्रथम स्थान मिला है, तो उसके मन में लड्डू फूटने लगे।

---

(ख) मुँह ताकना

अर्थ: हैरान होकर एक-दूसरे की ओर देखना; कुछ समझ न आने पर चुप रह जाना।

वाक्य प्रयोग: जब शिक्षक ने कठिन प्रश्न पूछा तो सभी छात्र एक-दूसरे का मुँह ताकने लगे।
2निम्नलिखित गद्यांश में कहीं-कहीं विराम चिह्नों का प्रयोग हुआ है। इस गद्यांश को उचित ठहराव के साथ पढ़िए।Show solution
गद्यांश: 'उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, "ताक-झाँक का खोजत है?" तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपने आप एक और पंक्ति सूझ गई, "हम जानत का ढूँढ़त है।"'

इस गद्यांश में प्रयुक्त विराम चिह्न:
1. अल्पविराम (,) — 'निकल पड़ा,' और 'सूझ गई,' के बाद
2. प्रश्नवाचक चिह्न (?) — 'खोजत है?' के बाद
3. उद्धरण चिह्न (" ") — बोले गए वाक्यों के लिए
4. पूर्ण विराम (।) — वाक्य के अंत में

पढ़ते समय अल्पविराम पर थोड़ा रुकें, पूर्ण विराम पर पूरा रुकें और प्रश्नवाचक चिह्न पर प्रश्न का भाव लाएँ।
3नीचे लिखे वाक्यों में उपयुक्त विराम चिह्न लगाकर वाक्य पूरा कीजिए: (क) क्या ताक झाँक कर रहे हो (ख) अरे वाह क्या चौका मारा है (ग) आइए राजा से मिलवाता हूँ (घ) दादी देखते ही बोली कहाँ जा रहे होShow solution
(क) क्या ताक-झाँक कर रहे हो?

(प्रश्नवाचक चिह्न — क्योंकि यह प्रश्न है)

(ख) अरे वाह! क्या चौका मारा है!

(विस्मयादिबोधक चिह्न — क्योंकि यह प्रशंसा और आश्चर्य का भाव है)

(ग) आइए, राजा से मिलवाता हूँ।

(अल्पविराम 'आइए' के बाद, पूर्ण विराम अंत में)

(घ) दादी देखते ही बोली, "कहाँ जा रहे हो?"

(अल्पविराम 'बोली' के बाद, उद्धरण चिह्न बोले गए वाक्य के लिए, प्रश्नवाचक चिह्न अंत में)

आपकी सूझ-बूझ

1एक व्यक्ति के घर के बाहर दस मीटर ऊँचा एक खजूर का पेड़ था। एक बंदर उस पर चढ़ने लगा। वह पेड़ की चोटी पर पहुँचना चाहता था। समस्या यह थी कि वह दिन के समय तो 5 मीटर चढ़ जाता था परंतु जब रात होती तो वह 4 मीटर नीचे फिसल जाता था। क्या आप बता सकते हैं कि बंदर पेड़ की चोटी पर पहुँचने में कितने दिन में सफल होगा?Show solution
दिया गया:
- पेड़ की ऊँचाई = 10 मीटर
- दिन में चढ़ाई = 5 मीटर
- रात में फिसलन = 4 मीटर
- प्रतिदिन शुद्ध प्रगति = 5 - 4 = 1 मीटर

हल:

पहले दिन के अंत में (रात के बाद): 5 - 4 = 1 मीटर
दूसरे दिन के अंत में: 2 मीटर
तीसरे दिन के अंत में: 3 मीटर
चौथे दिन के अंत में: 4 मीटर
पाँचवें दिन के अंत में: 5 मीटर
छठे दिन के अंत में: 6 मीटर

सातवें दिन की शुरुआत में बंदर 6 मीटर पर है।
सातवें दिन वह 5 मीटर और चढ़ता है: 6 + 5 = 11 मीटर — लेकिन पेड़ केवल 10 मीटर का है।

इसका अर्थ है कि सातवें दिन बंदर पेड़ की चोटी (10 मीटर) पर पहुँच जाएगा, क्योंकि छठे दिन की रात के बाद वह 6 मीटर पर है और सातवें दिन 4 मीटर और चढ़ने पर (6 + 4 = 10 मीटर) वह चोटी पर पहुँच जाएगा।

उत्तर: बंदर 7वें दिन पेड़ की चोटी पर पहुँचेगा।

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Sources & Official References

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