ओणम के रंग — NCERT Solutions
CBSE · Class 4 · Hindi
NCERT Solutions for ओणम के रंग, CBSE Class 4 Hindi: 26 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 4 Hindi syllabus.
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पाठ के भीतर
1(क)बच्चों की किन गतिविधियों से पता चलता है कि ओणम का त्योहार आरंभ हो गया है?
i. बच्चे सुबह-सुबह नहा-धो लेते हैं।
ii. बच्चे उपज की कटाई में सहायता करते हैं।
iii. बच्चे आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं।
iv. बच्चे समुद्र-तट पर घूमने के लिए जाते हैं।Show solution
सही उत्तर: (iii) बच्चे आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं। ♦
स्पष्टीकरण: ओणम के त्योहार की शुरुआत का सबसे प्रमुख संकेत यह है कि बच्चे आँगन में रंग-बिरंगे फूलों से पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं। यह गतिविधि ओणम के आगमन की विशेष पहचान है।
1(ख)महाबली ने वामन से कौन-सा वरदान माँगा?
i. ओणम के त्योहार में भाग लेने का
ii. तीन पग भूमि देने का
iii. अपनी प्रजा को सुखी-संपन्न देखने का
iv. अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने काShow solution
सही उत्तर: (iv) अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने का। ♦
स्पष्टीकरण: महाबली अपनी प्रजा से अत्यंत प्रेम करते थे। जब वामन ने तीन पग में तीनों लोक नाप लिए और महाबली को पाताल लोक जाना पड़ा, तब महाबली ने वरदान माँगा कि वे वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आ सकें।
1(ग)तिरुवोणम के दिन आँगन में बनाई गई कलाकृतियाँ महाबली के चले जाने के बाद ही हटा दी जाती हैं क्योंकि—
i. महाबली की पूजा केवल तीन दिन ही होती है।
ii. तीसरे दिन महाबली पाताल लोक लौट जाते हैं।
iii. उनका राज्य पाताल, पृथ्वी और स्वर्ग तीनों जगह फैला हुआ था।
iv. कलाकृतियों का सौंदर्य तीन दिन से अधिक नहीं रहता।Show solution
सही उत्तर: (ii) तीसरे दिन महाबली पाताल लोक लौट जाते हैं। ♦
स्पष्टीकरण: ओणम के त्योहार में यह मान्यता है कि महाबली तिरुवोणम के दिन अपनी प्रजा से मिलने आते हैं और उसी दिन पाताल लोक वापस लौट जाते हैं। इसीलिए उनके जाने के बाद ही आँगन में बनाई गई कलाकृतियाँ हटाई जाती हैं — जब तक महाबली हैं, तब तक कलाकृतियाँ बनी रहती हैं।
2स्तंभ 'क' का स्तंभ 'ख' से मिलान कीजिए।Show solution
मिलान इस प्रकार है:
(नोट: स्तंभ 'क' में शब्द/नाम दिए गए हैं और स्तंभ 'ख' में उनके विवरण। OCR में चित्र उपलब्ध न होने के कारण विवरण के आधार पर मिलान किया गया है।)
| स्तंभ 'क' | स्तंभ 'ख' (विवरण) |
|---|---|
| पंथु कळि | नारियल के पत्तों से बनी गेंद (पंथु) से खेला जाने वाला खेल जिसमें एक दल गेंद फेंकता है और दूसरा लपकता है। |
| पूक्कलम | फूल-पत्तियों तथा तरह-तरह के सूखे रंगों से भूमि पर बनाई गई रंगोली (अल्पना)। |
| थुम्पा / द्रोण-पुष्प | गोफा, गुमा नामों से भी जाना जाने वाला औषधीय पुष्प जो वर्षा ऋतु में फलता-फूलता है; पौधे की गाँठों पर सफेद फूलों के गुच्छे होते हैं। |
| तिरुवतिराकली | हाथ से ताली बजाकर ताल देने वाला नृत्य जो मुख्यतः महिलाओं द्वारा किया जाता है। |
| अट्टकळम | भूमि पर आयताकार आकृति बनाकर खेला जाने वाला खेल जिसमें एक खिलाड़ी 'किली' की भूमिका निभाता है। |
| त्रिविक्रम | तीनों लोकों को जीतने वाले (विष्णु भगवान)। |
3(क)ओणम के भोज में कौन-कौन से भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं? किसी एक भोज्य पदार्थ के बारे में विस्तार से लिखिए।Show solution
उत्तर:
ओणम के भोज को 'ओणसद्या' कहते हैं। इस भोज में अनेक प्रकार के भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं, जैसे —
- चावल (उबले हुए)
- सांभर
- अवियल (मिश्रित सब्जियाँ)
- थोरन (नारियल के साथ बनी सब्जी)
- पायसम (खीर)
- पापड़
- अचार
- रसम
- मोरू (छाछ)
एक भोज्य पदार्थ — पायसम (खीर) के बारे में:
पायसम केरल की एक प्रसिद्ध मिठाई है जो ओणसद्या का अनिवार्य हिस्सा है। यह मुख्यतः चावल, गुड़ या चीनी, नारियल के दूध और इलायची से बनाई जाती है। कभी-कभी इसमें काजू और किशमिश भी डाले जाते हैं। पायसम को केले के पत्ते पर परोसा जाता है। इसका स्वाद मीठा और सुगंधित होता है। ओणम के भोज में पायसम के बिना भोज अधूरा माना जाता है।
3(ख)आपके राज्य में कौन-से त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं? उन त्योहारों की कौन-सी बातें ओणम से मिलती-जुलती हैं?Show solution
उत्तर:
(नोट: यह उत्तर उत्तर भारत के संदर्भ में लिखा गया है। विद्यार्थी अपने राज्य के अनुसार उत्तर लिखें।)
हमारे राज्य में दीपावली, होली, दशहरा और मकर संक्रांति जैसे त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं।
ओणम से मिलती-जुलती बातें:
- सामूहिकता: जिस प्रकार ओणम में सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं, उसी प्रकार हमारे त्योहारों में भी पड़ोसी, मित्र और परिवार सब साथ आते हैं।
- विशेष भोज: ओणम में ओणसद्या बनती है, वैसे ही दीपावली और होली में भी विशेष पकवान बनाए जाते हैं।
- घर की सजावट: ओणम में पूक्कलम बनाई जाती है, उसी तरह दीपावली में रंगोली बनाई जाती है और घर को दीपों से सजाया जाता है।
- नए वस्त्र: दोनों ही त्योहारों में नए कपड़े पहनने की परंपरा है।
- प्रकृति से जुड़ाव: मकर संक्रांति भी फसल से जुड़ा त्योहार है, जैसे ओणम।
3(ग)ओणम में गाए जाने वाले लोकगीत में महाबली के शासन की किन विशेषताओं का उल्लेख है?Show solution
उत्तर:
ओणम के लोकगीत में महाबली के शासन की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख है —
- समानता: महाबली के राज में सभी लोग एक समान थे; कोई ऊँच-नीच का भेद नहीं था।
- दुख और दरिद्रता का अभाव: उनके राज्य में कोई दुखी या गरीब नहीं था।
- अपराध-मुक्त राज्य: डाका नहीं पड़ता था, कोई धोखा नहीं देता था।
- सत्यनिष्ठा: कोई झूठ नहीं बोलता था।
- ईमानदार व्यापार: तराजू में गड़बड़ी नहीं होती थी, नाप में कमी नहीं होती थी।
- छल-कपट का अभाव: किसी प्रकार का छल या कपट नहीं था।
- प्रेम और प्रसन्नता: चारों ओर प्रेम और प्रसन्नता का वातावरण था।
इस प्रकार लोकगीत में महाबली के शासन को एक आदर्श और न्यायपूर्ण शासन के रूप में चित्रित किया गया है।
3(घ)पाठ में आए किस उल्लेख के आधार पर कहा जा सकता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते थे?Show solution
उत्तर:
पाठ में निम्नलिखित उल्लेखों से स्पष्ट होता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत प्रेम करते थे —
- जब वामन ने तीन पग में तीनों लोक नाप लिए और महाबली को पाताल लोक जाना पड़ा, तब उन्होंने वामन से एक ही वरदान माँगा — कि वे वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आ सकें। यह इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि महाबली को अपनी प्रजा की कितनी चिंता थी।
- लोकगीत में वर्णित उनके शासन की विशेषताएँ — जैसे सबको समान अधिकार, दुख-दरिद्रता का अभाव, न्यायपूर्ण व्यवस्था — यह दर्शाती हैं कि वे अपनी प्रजा की भलाई के लिए सदा सचेत रहते थे।
इन उल्लेखों से स्पष्ट है कि महाबली एक प्रजावत्सल राजा थे।
3(ड)पाठ में आई किन बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है?Show solution
उत्तर:
पाठ में निम्नलिखित बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है —
- वर्षा ऋतु की विदाई: वर्षा के बादल छँटने लगते हैं और ठंडी-ठंडी तेज हवाएँ थम जाती हैं — मानो प्रकृति ओणम के लिए मौसम साफ कर रही हो।
- हल्की-हल्की बयार: हल्की-हल्की बयार के झोंके चलने लगते हैं जो मन को प्रसन्न करते हैं।
- द्रोण-पुष्प का खिलना: नन्हे-नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प (थुम्पा) खिल उठते हैं — ये फूल ओणम के आगमन के प्रतीक माने जाते हैं।
- रंग-बिरंगी तितलियाँ: रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडराती दिखाई देती हैं।
- समुद्र की लहरों का चमकना: पूर्व दिशा में सह्य पर्वत के पीछे से सूरज निकलता है और पश्चिमी तट पर समुद्र की लहरें चमकने लगती हैं।
इन सभी प्राकृतिक संकेतों से लगता है कि प्रकृति स्वयं ओणम का स्वागत कर रही है।
मधुर स्मृतियाँ
1अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाइए कि वे अपने जीवन के बीते हुए किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। उन बातों को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।Show solution
उत्तर (नमूना):
मैंने अपने दादा-दादी और माता-पिता से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे निम्नलिखित अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं —
- बचपन के खेल: दादाजी को अपने बचपन में गाँव में खेले गए खेल — गिल्ली-डंडा, कबड्डी और पतंगबाजी — याद करके बहुत खुशी होती है।
- त्योहारों की यादें: दादी माँ को होली और दीपावली पर पूरे परिवार का एक साथ मिलना और मिलकर पकवान बनाना याद है।
- विद्यालय के दिन: माँ को अपने विद्यालय की सहेलियों के साथ बिताए दिन और वार्षिकोत्सव में नृत्य करना याद है।
- पहली सफलता: पिताजी को अपनी पहली नौकरी मिलने का दिन बहुत प्रिय है।
ये सभी यादें उनके जीवन की अनमोल धरोहर हैं।
2आपके घर के सदस्य आपकी किन बातों से प्रसन्न होते हैं? वे आपकी प्रसन्नता के लिए क्या-क्या प्रयास करते हैं? आप उनके प्रति आभार कैसे व्यक्त करते हैं?Show solution
उत्तर (नमूना):
घर के सदस्य मेरी इन बातों से प्रसन्न होते हैं:
- जब मैं परीक्षा में अच्छे अंक लाता/लाती हूँ।
- जब मैं घर के छोटे-छोटे कामों में सहायता करता/करती हूँ।
- जब मैं बड़ों का आदर करता/करती हूँ और छोटों से प्यार से पेश आता/आती हूँ।
- जब मैं समय पर सोता/सोती और उठता/उठती हूँ।
वे मेरी प्रसन्नता के लिए ये प्रयास करते हैं:
- मेरी पसंद का खाना बनाते हैं।
- मुझे घुमाने ले जाते हैं।
- मेरी पसंद की किताबें और खिलौने लाते हैं।
- मेरी बातें ध्यान से सुनते हैं।
मैं उनके प्रति आभार इस प्रकार व्यक्त करता/करती हूँ:
- उन्हें 'धन्यवाद' कहता/कहती हूँ।
- उनके काम में हाथ बँटाता/बँटाती हूँ।
- उनके लिए कार्ड या चित्र बनाता/बनाती हूँ।
- उनकी बातें मानता/मानती हूँ और उन्हें कभी दुखी नहीं करता/करती।
देश हमारा एक, रंग इसके अनेक
1पाठ में आई उस पंक्ति को चिह्नित करके लिखिए जिससे यह पता चलता है कि ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है।Show solution
उत्तर:
पाठ में यह पंक्ति ओणम के खेतों की उपज से जुड़े होने का संकेत देती है —
"खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो जाती है और किसान उसकी कटाई की तैयारी करते हैं।"
इस पंक्ति से स्पष्ट होता है कि ओणम का त्योहार धान की फसल पकने और उसकी कटाई के समय मनाया जाता है। यह एक कृषि-उत्सव है जो खेतों की उपज की खुशी में मनाया जाता है।
2कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह बनाकर आपस में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि हमारे देश में खेतों की उपज से जुड़े और कौन-कौन से त्योहार हैं। ऐसे त्योहारों की सूची भी तैयार कीजिए।Show solution
उत्तर:
भारत में खेतों की उपज से जुड़े प्रमुख त्योहारों की सूची —
| क्र.सं. | त्योहार का नाम | राज्य | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | ओणम | केरल | धान की फसल पकने पर |
| 2 | पोंगल | तमिलनाडु | धान की फसल की कटाई पर |
| 3 | लोहड़ी | पंजाब | गेहूँ की बुआई और फसल से जुड़ा |
| 4 | बिहू | असम | धान की फसल से जुड़ा |
| 5 | मकर संक्रांति | उत्तर भारत | फसल कटाई का उत्सव |
| 6 | नुआखाई | ओडिशा | नई फसल के स्वागत का त्योहार |
| 7 | फूलदेई | उत्तराखंड | फूलों और फसल से जुड़ा |
| 8 | साडकेन | अरुणाचल प्रदेश | फसल उत्सव |
| 9 | छठ | बिहार/उत्तर प्रदेश | सूर्य और फसल से जुड़ा |
इन सभी त्योहारों में किसान अपनी मेहनत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in ओणम के रंग for CBSE Class 4 Hindi?
Are these NCERT Solutions for ओणम के रंग free?
How should I revise ओणम के रंग for Class 4 exams?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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