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Chapter 8 of 13
NCERT Solutions

ओणम के रंग

CBSE · Class 4 · Hindi

NCERT Solutions for ओणम के रंग — CBSE Class 4 Hindi.

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26 Questions Solved · 6 Sections

पाठ के भीतर

1(क)बच्चों की किन गतिविधियों से पता चलता है कि ओणम का त्योहार आरंभ हो गया है?
i. बच्चे सुबह-सुबह नहा-धो लेते हैं।
ii. बच्चे उपज की कटाई में सहायता करते हैं।
iii. बच्चे आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं।
iv. बच्चे समुद्र-तट पर घूमने के लिए जाते हैं।
Show solution
सही उत्तर: (iii) बच्चे आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं।

स्पष्टीकरण: ओणम के त्योहार की शुरुआत का सबसे प्रमुख संकेत यह है कि बच्चे आँगन में रंग-बिरंगे फूलों से पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं। यह गतिविधि ओणम के आगमन की विशेष पहचान है।
1(ख)महाबली ने वामन से कौन-सा वरदान माँगा?
i. ओणम के त्योहार में भाग लेने का
ii. तीन पग भूमि देने का
iii. अपनी प्रजा को सुखी-संपन्न देखने का
iv. अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने का
Show solution
सही उत्तर: (iv) अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने का।

स्पष्टीकरण: महाबली अपनी प्रजा से अत्यंत प्रेम करते थे। जब वामन ने तीन पग में तीनों लोक नाप लिए और महाबली को पाताल लोक जाना पड़ा, तब महाबली ने वरदान माँगा कि वे वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आ सकें।
1(ग)तिरुवोणम के दिन आँगन में बनाई गई कलाकृतियाँ महाबली के चले जाने के बाद ही हटा दी जाती हैं क्योंकि—
i. महाबली की पूजा केवल तीन दिन ही होती है।
ii. तीसरे दिन महाबली पाताल लोक लौट जाते हैं।
iii. उनका राज्य पाताल, पृथ्वी और स्वर्ग तीनों जगह फैला हुआ था।
iv. कलाकृतियों का सौंदर्य तीन दिन से अधिक नहीं रहता।
Show solution
सही उत्तर: (ii) तीसरे दिन महाबली पाताल लोक लौट जाते हैं।

स्पष्टीकरण: ओणम के त्योहार में यह मान्यता है कि महाबली तिरुवोणम के दिन अपनी प्रजा से मिलने आते हैं और उसी दिन पाताल लोक वापस लौट जाते हैं। इसीलिए उनके जाने के बाद ही आँगन में बनाई गई कलाकृतियाँ हटाई जाती हैं — जब तक महाबली हैं, तब तक कलाकृतियाँ बनी रहती हैं।
2स्तंभ 'क' का स्तंभ 'ख' से मिलान कीजिए।Show solution
मिलान इस प्रकार है:

(नोट: स्तंभ 'क' में शब्द/नाम दिए गए हैं और स्तंभ 'ख' में उनके विवरण। OCR में चित्र उपलब्ध न होने के कारण विवरण के आधार पर मिलान किया गया है।)

| स्तंभ 'क' | स्तंभ 'ख' (विवरण) |
|---|---|
| पंथु कळि | नारियल के पत्तों से बनी गेंद (पंथु) से खेला जाने वाला खेल जिसमें एक दल गेंद फेंकता है और दूसरा लपकता है। |
| पूक्कलम | फूल-पत्तियों तथा तरह-तरह के सूखे रंगों से भूमि पर बनाई गई रंगोली (अल्पना)। |
| थुम्पा / द्रोण-पुष्प | गोफा, गुमा नामों से भी जाना जाने वाला औषधीय पुष्प जो वर्षा ऋतु में फलता-फूलता है; पौधे की गाँठों पर सफेद फूलों के गुच्छे होते हैं। |
| तिरुवतिराकली | हाथ से ताली बजाकर ताल देने वाला नृत्य जो मुख्यतः महिलाओं द्वारा किया जाता है। |
| अट्टकळम | भूमि पर आयताकार आकृति बनाकर खेला जाने वाला खेल जिसमें एक खिलाड़ी 'किली' की भूमिका निभाता है। |
| त्रिविक्रम | तीनों लोकों को जीतने वाले (विष्णु भगवान)। |
3(क)ओणम के भोज में कौन-कौन से भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं? किसी एक भोज्य पदार्थ के बारे में विस्तार से लिखिए।Show solution
उत्तर:

ओणम के भोज को 'ओणसद्या' कहते हैं। इस भोज में अनेक प्रकार के भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं, जैसे —
- चावल (उबले हुए)
- सांभर
- अवियल (मिश्रित सब्जियाँ)
- थोरन (नारियल के साथ बनी सब्जी)
- पायसम (खीर)
- पापड़
- अचार
- रसम
- मोरू (छाछ)

एक भोज्य पदार्थ — पायसम (खीर) के बारे में:

पायसम केरल की एक प्रसिद्ध मिठाई है जो ओणसद्या का अनिवार्य हिस्सा है। यह मुख्यतः चावल, गुड़ या चीनी, नारियल के दूध और इलायची से बनाई जाती है। कभी-कभी इसमें काजू और किशमिश भी डाले जाते हैं। पायसम को केले के पत्ते पर परोसा जाता है। इसका स्वाद मीठा और सुगंधित होता है। ओणम के भोज में पायसम के बिना भोज अधूरा माना जाता है।
3(ख)आपके राज्य में कौन-से त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं? उन त्योहारों की कौन-सी बातें ओणम से मिलती-जुलती हैं?Show solution
उत्तर:

(नोट: यह उत्तर उत्तर भारत के संदर्भ में लिखा गया है। विद्यार्थी अपने राज्य के अनुसार उत्तर लिखें।)

हमारे राज्य में दीपावली, होली, दशहरा और मकर संक्रांति जैसे त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं।

ओणम से मिलती-जुलती बातें:

1. सामूहिकता: जिस प्रकार ओणम में सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं, उसी प्रकार हमारे त्योहारों में भी पड़ोसी, मित्र और परिवार सब साथ आते हैं।
2. विशेष भोज: ओणम में ओणसद्या बनती है, वैसे ही दीपावली और होली में भी विशेष पकवान बनाए जाते हैं।
3. घर की सजावट: ओणम में पूक्कलम बनाई जाती है, उसी तरह दीपावली में रंगोली बनाई जाती है और घर को दीपों से सजाया जाता है।
4. नए वस्त्र: दोनों ही त्योहारों में नए कपड़े पहनने की परंपरा है।
5. प्रकृति से जुड़ाव: मकर संक्रांति भी फसल से जुड़ा त्योहार है, जैसे ओणम।
3(ग)ओणम में गाए जाने वाले लोकगीत में महाबली के शासन की किन विशेषताओं का उल्लेख है?Show solution
उत्तर:

ओणम के लोकगीत में महाबली के शासन की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख है —

1. समानता: महाबली के राज में सभी लोग एक समान थे; कोई ऊँच-नीच का भेद नहीं था।
2. दुख और दरिद्रता का अभाव: उनके राज्य में कोई दुखी या गरीब नहीं था।
3. अपराध-मुक्त राज्य: डाका नहीं पड़ता था, कोई धोखा नहीं देता था।
4. सत्यनिष्ठा: कोई झूठ नहीं बोलता था।
5. ईमानदार व्यापार: तराजू में गड़बड़ी नहीं होती थी, नाप में कमी नहीं होती थी।
6. छल-कपट का अभाव: किसी प्रकार का छल या कपट नहीं था।
7. प्रेम और प्रसन्नता: चारों ओर प्रेम और प्रसन्नता का वातावरण था।

इस प्रकार लोकगीत में महाबली के शासन को एक आदर्श और न्यायपूर्ण शासन के रूप में चित्रित किया गया है।
3(घ)पाठ में आए किस उल्लेख के आधार पर कहा जा सकता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते थे?Show solution
उत्तर:

पाठ में निम्नलिखित उल्लेखों से स्पष्ट होता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत प्रेम करते थे —

1. जब वामन ने तीन पग में तीनों लोक नाप लिए और महाबली को पाताल लोक जाना पड़ा, तब उन्होंने वामन से एक ही वरदान माँगा — कि वे वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आ सकें। यह इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि महाबली को अपनी प्रजा की कितनी चिंता थी।

2. लोकगीत में वर्णित उनके शासन की विशेषताएँ — जैसे सबको समान अधिकार, दुख-दरिद्रता का अभाव, न्यायपूर्ण व्यवस्था — यह दर्शाती हैं कि वे अपनी प्रजा की भलाई के लिए सदा सचेत रहते थे।

इन उल्लेखों से स्पष्ट है कि महाबली एक प्रजावत्सल राजा थे।
3(ड)पाठ में आई किन बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है?Show solution
उत्तर:

पाठ में निम्नलिखित बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है —

1. वर्षा ऋतु की विदाई: वर्षा के बादल छँटने लगते हैं और ठंडी-ठंडी तेज हवाएँ थम जाती हैं — मानो प्रकृति ओणम के लिए मौसम साफ कर रही हो।
2. हल्की-हल्की बयार: हल्की-हल्की बयार के झोंके चलने लगते हैं जो मन को प्रसन्न करते हैं।
3. द्रोण-पुष्प का खिलना: नन्हे-नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प (थुम्पा) खिल उठते हैं — ये फूल ओणम के आगमन के प्रतीक माने जाते हैं।
4. रंग-बिरंगी तितलियाँ: रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडराती दिखाई देती हैं।
5. समुद्र की लहरों का चमकना: पूर्व दिशा में सह्य पर्वत के पीछे से सूरज निकलता है और पश्चिमी तट पर समुद्र की लहरें चमकने लगती हैं।

इन सभी प्राकृतिक संकेतों से लगता है कि प्रकृति स्वयं ओणम का स्वागत कर रही है।

मधुर स्मृतियाँ

1अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाइए कि वे अपने जीवन के बीते हुए किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। उन बातों को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।Show solution
उत्तर (नमूना):

मैंने अपने दादा-दादी और माता-पिता से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे निम्नलिखित अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं —

1. बचपन के खेल: दादाजी को अपने बचपन में गाँव में खेले गए खेल — गिल्ली-डंडा, कबड्डी और पतंगबाजी — याद करके बहुत खुशी होती है।
2. त्योहारों की यादें: दादी माँ को होली और दीपावली पर पूरे परिवार का एक साथ मिलना और मिलकर पकवान बनाना याद है।
3. विद्यालय के दिन: माँ को अपने विद्यालय की सहेलियों के साथ बिताए दिन और वार्षिकोत्सव में नृत्य करना याद है।
4. पहली सफलता: पिताजी को अपनी पहली नौकरी मिलने का दिन बहुत प्रिय है।

ये सभी यादें उनके जीवन की अनमोल धरोहर हैं।
2आपके घर के सदस्य आपकी किन बातों से प्रसन्न होते हैं? वे आपकी प्रसन्नता के लिए क्या-क्या प्रयास करते हैं? आप उनके प्रति आभार कैसे व्यक्त करते हैं?Show solution
उत्तर (नमूना):

घर के सदस्य मेरी इन बातों से प्रसन्न होते हैं:
- जब मैं परीक्षा में अच्छे अंक लाता/लाती हूँ।
- जब मैं घर के छोटे-छोटे कामों में सहायता करता/करती हूँ।
- जब मैं बड़ों का आदर करता/करती हूँ और छोटों से प्यार से पेश आता/आती हूँ।
- जब मैं समय पर सोता/सोती और उठता/उठती हूँ।

वे मेरी प्रसन्नता के लिए ये प्रयास करते हैं:
- मेरी पसंद का खाना बनाते हैं।
- मुझे घुमाने ले जाते हैं।
- मेरी पसंद की किताबें और खिलौने लाते हैं।
- मेरी बातें ध्यान से सुनते हैं।

मैं उनके प्रति आभार इस प्रकार व्यक्त करता/करती हूँ:
- उन्हें 'धन्यवाद' कहता/कहती हूँ।
- उनके काम में हाथ बँटाता/बँटाती हूँ।
- उनके लिए कार्ड या चित्र बनाता/बनाती हूँ।
- उनकी बातें मानता/मानती हूँ और उन्हें कभी दुखी नहीं करता/करती।

देश हमारा एक, रंग इसके अनेक

1पाठ में आई उस पंक्ति को चिह्नित करके लिखिए जिससे यह पता चलता है कि ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है।Show solution
उत्तर:

पाठ में यह पंक्ति ओणम के खेतों की उपज से जुड़े होने का संकेत देती है —

"खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो जाती है और किसान उसकी कटाई की तैयारी करते हैं।"

इस पंक्ति से स्पष्ट होता है कि ओणम का त्योहार धान की फसल पकने और उसकी कटाई के समय मनाया जाता है। यह एक कृषि-उत्सव है जो खेतों की उपज की खुशी में मनाया जाता है।
2कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह बनाकर आपस में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि हमारे देश में खेतों की उपज से जुड़े और कौन-कौन से त्योहार हैं। ऐसे त्योहारों की सूची भी तैयार कीजिए।Show solution
उत्तर:

भारत में खेतों की उपज से जुड़े प्रमुख त्योहारों की सूची —

| क्र.सं. | त्योहार का नाम | राज्य | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | ओणम | केरल | धान की फसल पकने पर |
| 2 | पोंगल | तमिलनाडु | धान की फसल की कटाई पर |
| 3 | लोहड़ी | पंजाब | गेहूँ की बुआई और फसल से जुड़ा |
| 4 | बिहू | असम | धान की फसल से जुड़ा |
| 5 | मकर संक्रांति | उत्तर भारत | फसल कटाई का उत्सव |
| 6 | नुआखाई | ओडिशा | नई फसल के स्वागत का त्योहार |
| 7 | फूलदेई | उत्तराखंड | फूलों और फसल से जुड़ा |
| 8 | साडकेन | अरुणाचल प्रदेश | फसल उत्सव |
| 9 | छठ | बिहार/उत्तर प्रदेश | सूर्य और फसल से जुड़ा |

इन सभी त्योहारों में किसान अपनी मेहनत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
3उपज से जुड़े निम्नलिखित त्योहार भारत के किन-किन राज्यों में मनाए जाते हैं? उन्हें मानचित्र में दर्शाइए — ओणम, लोहड़ी, पोंगल, साडकेन, बिहू, छठ, फूलदेईShow solution
उत्तर:

| त्योहार | राज्य | रंग |
|---|---|---|
| ओणम | केरल | पीला |
| लोहड़ी | पंजाब, हरियाणा | लाल |
| पोंगल | तमिलनाडु | हरा |
| साडकेन | अरुणाचल प्रदेश | नीला |
| बिहू | असम | भूरा |
| छठ | बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड | नारंगी |
| फूलदेई | उत्तराखंड | गुलाबी |

(नोट: विद्यार्थी भारत के मानचित्र में इन राज्यों को ऊपर दिए गए रंगों से रंगें।)

विशेष जानकारी:
- ओणम — केरल का सबसे बड़ा त्योहार, धान की फसल से जुड़ा।
- लोहड़ी — पंजाब में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मनाया जाता है।
- पोंगल — तमिलनाडु में चार दिनों तक मनाया जाने वाला फसल उत्सव।
- बिहू — असम में तीन बार मनाया जाता है; बोहाग बिहू, काटी बिहू और माघ बिहू।
- छठ — सूर्य देव की उपासना और फसल के प्रति कृतज्ञता का पर्व।
- फूलदेई — उत्तराखंड में बच्चों द्वारा फूल चढ़ाने का त्योहार।
4ओणम पर गाया जाने वाला लोकगीत (मलयालम लोकगीत का हिंदी रूप) पढ़िए।Show solution
लोकगीत का भावार्थ:

इस लोकगीत में महाबली के शासनकाल का गुणगान किया गया है। गीत के अनुसार —

- महाबली के राज में सभी लोग एक समान थे — कोई भेदभाव नहीं था।
- उनके राज्य में दुख और दरिद्रता का नामोनिशान नहीं था।
- डाका और धोखा नहीं होता था।
- कोई झूठ नहीं बोलता था।
- तराजू में गड़बड़ी नहीं होती थी और नाप में कमी नहीं होती थी।
- छल-कपट का कोई प्रपंच नहीं था।
- प्रेम और प्रसन्नता का वातावरण चारों ओर छाया रहता था।

यह लोकगीत महाबली के आदर्श शासन की याद में गाया जाता है और ओणम के त्योहार की आत्मा को व्यक्त करता है।

शब्दों का चमत्कार

1पाठ में आए वाक्यांशों में विशेषता बताने वाले शब्दों का दो बार प्रयोग किया गया है जैसे — हल्की-हल्की, ऊँचे-ऊँचे, नन्हे-नन्हे। अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए कि इस प्रकार दो बार प्रयोग करने से क्या विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है। ऐसे कुछ वाक्य लिखिए।Show solution
उत्तर:

विशेष प्रभाव:
जब किसी विशेषण का दो बार प्रयोग किया जाता है तो उससे उस गुण या विशेषता की तीव्रता और गहराई का बोध होता है। जैसे 'हल्की बयार' कहने से केवल हल्की हवा का बोध होता है, परंतु 'हल्की-हल्की बयार' कहने से बहुत ही मंद, सुखद और धीरे-धीरे चलने वाली हवा का चित्र मन में उभरता है। यह प्रयोग भाषा को अधिक जीवंत, चित्रात्मक और भावपूर्ण बनाता है।

ऐसे वाक्यों के उदाहरण:

1. बगीचे में धीरे-धीरे कदम रखते हुए वह आगे बढ़ा।
2. आसमान में काले-काले बादल छा गए।
3. नदी में ठंडा-ठंडा पानी बह रहा था।
4. बच्चे छोटे-छोटे हाथों से रंगोली बना रहे थे।
5. पहाड़ पर हरे-हरे पेड़ लहरा रहे थे।
6. माँ ने मीठी-मीठी लोरी सुनाई।
7. रात को तारे-तारे टिमटिमा रहे थे।
2नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों — 'चमकना', 'मँडराना' और 'थमना' — का प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्य बनाइए।Show solution
उत्तर:

चमकना:
1. बारिश के बाद धूप निकलने पर पत्तियाँ चमकने लगती हैं।
2. रात को तारे आसमान में चमकते हैं।
3. माँ के गहने दीपक की रोशनी में चमक रहे थे।

मँडराना:
1. बगीचे में रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडरा रही थीं।
2. खाने की महक से मक्खियाँ थाली के ऊपर मँडराने लगीं।
3. बाज आकाश में शिकार की तलाश में मँडरा रहा था।

थमना:
1. तेज बारिश अचानक थम गई।
2. शोर सुनकर सभी के कदम थम गए।
3. घड़ी की सुइयाँ थम जाएँ तो समय रुक जाए।
3इस पाठ में आए विशेषता बताने वाले शब्दों (विशेषण) को छाँटकर लिखिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।Show solution
उत्तर:

पाठ में आए विशेषण और उनका वाक्यों में प्रयोग —

| विशेषण | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|
| सफेद (द्रोण-पुष्प) | बच्चे मूर्तियों को सफेद द्रोण-पुष्पों से सजा रहे थे। |
| रंग-बिरंगी (तितलियाँ) | बगीचे में रंग-बिरंगी तितलियाँ उड़ रही थीं। |
| हल्की-हल्की (बयार) | ओणम के दिन हल्की-हल्की बयार मन को प्रसन्न कर रही थी। |
| ऊँचे-ऊँचे (दीपदान) | मंदिर के द्वार पर ऊँचे-ऊँचे दीपदान जल रहे थे। |
| नन्हे-नन्हे (फूल) | क्यारी में नन्हे-नन्हे फूल खिल उठे थे। |
| ठंडी-ठंडी (हवाएँ) | वर्षा के बाद ठंडी-ठंडी हवाएँ चलने लगीं। |
| तेज (हवाएँ) | तेज हवाएँ चलने से पेड़ हिलने लगे। |
4केरल की मुख्य भाषा मलयालम है। इस शब्द को उलटकर पढ़ें तो भी यह मलयालम ही पढ़ा जाएगा। ऐसे और भी शब्द हैं जो आगे-पीछे से पढ़ने पर एक समान रहते हैं, जैसे – सरस और जहाज। आप भी पाँच-पाँच की टोलियों में ऐसे और शब्द खोजिए।Show solution
उत्तर:

ऐसे शब्द जो आगे-पीछे से पढ़ने पर एक समान रहते हैं —

1. मलयालम — म-ल-य-ा-ल-म (उलटने पर भी मलयालम)
2. सरस — स-र-स (उलटने पर भी सरस)
3. जहाज — ज-ह-ा-ज (उलटने पर भी जहाज)
4. नयन — न-य-न (उलटने पर भी नयन)
5. दरद — द-र-द (उलटने पर भी दरद)
6. कनक — क-न-क (उलटने पर भी कनक)
7. तरत — त-र-त (उलटने पर भी तरत)
8. रहर — र-ह-र (उलटने पर भी रहर)
9. नमन — न-म-न (उलटने पर भी नमन)
10. सजस — स-ज-स (उलटने पर भी सजस)

(नोट: विद्यार्थी अपनी टोली में मिलकर और अधिक ऐसे शब्द खोज सकते हैं।)

त्योहार और सामूहिकता

1इस पाठ को पुनः पढ़िए और उन पंक्तियों को चिह्नित कीजिए जिनसे यह भाव निकलता है कि त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं।Show solution
उत्तर:

पाठ में निम्नलिखित पंक्तियाँ मिल-जुलकर त्योहार मनाने का भाव व्यक्त करती हैं —

1. "बच्चे मिलकर आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं।" — इससे पता चलता है कि बच्चे सामूहिक रूप से रंगोली बनाते हैं।

2. "महिलाएँ मिलकर तिरुवतिराकली नृत्य करती हैं।" — यह सामूहिक नृत्य का उदाहरण है।

3. "ओणसद्या में परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते हैं।" — यह सामूहिक भोज का प्रतीक है।

4. "नौका दौड़ में दल के सभी खिलाड़ी मिलकर नाव खेते हैं।" — यह सामूहिक खेल का उदाहरण है।

इन पंक्तियों से स्पष्ट होता है कि ओणम एक सामूहिक त्योहार है जिसमें सभी लोग मिल-जुलकर भाग लेते हैं।
2(क)आपके विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन किया जाना है। सभी सहपाठी मिलकर योजना बनाइए कि 'वन महोत्सव' के आयोजन हेतु क्या-क्या किया जाएगा।Show solution
उत्तर:

वन महोत्सव आयोजन की योजना:

दिनांक: ________ स्थान: विद्यालय प्रांगण

कार्यक्रम की रूपरेखा:

1. तैयारी (एक सप्ताह पहले):
- पौधों की खरीद की व्यवस्था करना।
- गड्ढे खोदने की व्यवस्था करना।
- अभिभावकों और अतिथियों को आमंत्रण भेजना।

2. कार्यक्रम के दिन:
- प्रातःकाल सभी विद्यार्थी एकत्र होंगे।
- मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन।
- वनों के महत्व पर भाषण।
- सभी विद्यार्थी एक-एक पौधा लगाएँगे।
- पौधों के नाम की पट्टिका लगाना।
- पर्यावरण पर नाटक/कविता पाठ।
- पौधों की देखभाल का संकल्प लेना।

3. जिम्मेदारियों का बँटवारा:
- सजावट समूह, स्वागत समूह, कार्यक्रम समूह और सफाई समूह बनाना।
2(ख)वन महोत्सव में अभिभावकों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र तैयार कीजिए।Show solution
उत्तर:

---

आमंत्रण पत्र

सेवा में,
श्रीमान/श्रीमती ___________
(अभिभावक)

विषय: वन महोत्सव में सादर आमंत्रण

महोदय/महोदया,

सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय [विद्यालय का नाम] में दिनांक [तारीख] को प्रातः [समय] बजे वन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

इस अवसर पर पौधारोपण, पर्यावरण पर भाषण, नाटक तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।

आपसे सादर अनुरोध है कि आप इस कार्यक्रम में पधारकर हमें अनुग्रहीत करें।

धन्यवाद सहित,

[विद्यालय का नाम]
[प्रधानाचार्य का नाम]
[दिनांक]

---
3दिए गए स्थान पर पूक्कलम (रंगोली) बनाइए।Show solution
उत्तर:

पूक्कलम बनाने की विधि:

1. सबसे पहले एक गोल आकृति बनाइए।
2. उसके बाहर एक और बड़ा गोला बनाइए।
3. इस प्रकार कई गोले बनाते जाइए।
4. अब इन गोलों में रंग-बिरंगे फूलों की पंखुड़ियाँ सजाइए।
5. बीच में एक सुंदर फूल रखिए।
6. विभिन्न रंगों के फूलों से पूरी रंगोली को सजाइए।

(नोट: विद्यार्थी दिए गए स्थान पर रंग-बिरंगे फूलों और रंगों से पूक्कलम बनाएँ। पूक्कलम में पीले, लाल, नारंगी, सफेद और बैंगनी रंग के फूलों का प्रयोग करें।)
4आप अपने विद्यालय में आयोजित उत्सवों में किस प्रकार योगदान देते हैं?Show solution
उत्तर (नमूना):

मैं अपने विद्यालय में आयोजित उत्सवों में निम्नलिखित प्रकार से योगदान देता/देती हूँ —

1. सजावट में सहायता: मैं कक्षा और मंच की सजावट में अपने सहपाठियों के साथ मिलकर काम करता/करती हूँ।
2. सांस्कृतिक कार्यक्रम: मैं नृत्य, गायन या नाटक में भाग लेता/लेती हूँ।
3. स्वागत: अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत करने में सहायता करता/करती हूँ।
4. सफाई: कार्यक्रम के बाद विद्यालय की सफाई में योगदान देता/देती हूँ।
5. पोस्टर बनाना: उत्सव के लिए पोस्टर और बैनर बनाने में सहायता करता/करती हूँ।
6. अनुशासन: कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करता/करती हूँ।

मुझे लगता है कि मिल-जुलकर काम करने से उत्सव और भी आनंददायक बन जाता है।

यह भी जानिए

1नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर केरल के बारे में अध्यापकों और पुस्तकालय की सहायता से कुछ और जानकारी जुटाइए।Show solution
उत्तर:

केरल के बारे में जानकारी:

1. भौगोलिक स्थिति:
- केरल भारत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
- इसके पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में सह्याद्रि (पश्चिमी घाट) पर्वत है।
- इसे 'भगवान का अपना देश' (God's Own Country) कहा जाता है।

2. राजधानी और भाषा:
- राजधानी: तिरुवनंतपुरम
- मुख्य भाषा: मलयालम

3. प्रमुख त्योहार:
- ओणम, विशु, तिरुवातिरा

4. प्रमुख नृत्य और कला:
- कथकली, मोहिनीअट्टम, थेय्यम

5. प्रमुख फसलें:
- नारियल, चाय, काली मिर्च, रबर, इलायची

6. प्रसिद्ध स्थान:
- मुन्नार, अलेप्पी (बैकवाटर), कोवलम बीच, पेरियार वन्यजीव अभयारण्य

7. साक्षरता:
- केरल भारत का सबसे अधिक साक्षर राज्य है।

8. खान-पान:
- चावल, नारियल, मछली, सांभर, अवियल, पायसम
2'वामन' शब्द का प्रयोग सामान्यतः छोटे कद के व्यक्तियों के लिए किया जाता है। हम भी किसी के शारीरिक रंग-रूप को देखकर उसकी क्षमता के बारे में विशेष धारणा बना लेते हैं जो हमेशा सही नहीं होती। कुछ ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता कीजिए और उनकी एक सूची बनाइए जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त की।Show solution
उत्तर:

ऐसे महान व्यक्तियों की सूची जिन्होंने शारीरिक अक्षमताओं को पार करके बड़ी उपलब्धि प्राप्त की —

| क्र.सं. | नाम | शारीरिक अक्षमता | उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| 1 | हेलेन केलर | दृष्टिहीन और बधिर | लेखिका और समाजसेविका बनीं |
| 2 | स्टीफन हॉकिंग | शरीर लगभग पूरी तरह लकवाग्रस्त | विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक |
| 3 | सुधा चंद्रन | एक पैर कटा हुआ | प्रसिद्ध नृत्यांगना और अभिनेत्री |
| 4 | रवींद्र जैन | जन्म से दृष्टिहीन | प्रसिद्ध संगीतकार और गीतकार |
| 5 | लुई ब्रेल | दृष्टिहीन | नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि का आविष्कार |
| 6 | दीपा मलिक | कमर से नीचे लकवाग्रस्त | पैरालंपिक में रजत पदक विजेता |
| 7 | अरुणिमा सिन्हा | एक पैर कटा हुआ | एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली विकलांग महिला |

निष्कर्ष: इन महान व्यक्तियों के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि शारीरिक अक्षमता कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए हमें कभी भी किसी के बाहरी रूप-रंग या शारीरिक बनावट को देखकर उसकी क्षमता का आकलन नहीं करना चाहिए।

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