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Chapter 9 of 13
NCERT Solutions

मिठाइयों का सम्मेलन

CBSE · Class 4 · Hindi

NCERT Solutions for मिठाइयों का सम्मेलन — CBSE Class 4 Hindi.

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20 Questions Solved · 10 Sections

बातचीत के लिए

1आपको कौन-सी मिठाई सबसे अधिक पसंद है और क्यों?Show solution
(यह प्रश्न विद्यार्थी के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। नमूना उत्तर—)

मुझे गुलाबजामुन सबसे अधिक पसंद है क्योंकि यह मुलायम, रसीला और मीठा होता है। इसे खाने से मुँह में एक अलग ही मिठास घुल जाती है। त्योहारों पर जब माँ गुलाबजामुन बनाती हैं तो पूरे घर में उसकी खुशबू फैल जाती है।
2आपके घर में मिठाई कब-कब बनाई और बाँटी जाती है?Show solution
(यह प्रश्न विद्यार्थी के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। नमूना उत्तर—)

हमारे घर में मिठाई निम्नलिखित अवसरों पर बनाई और बाँटी जाती है—
1. दीपावली, होली, ईद जैसे त्योहारों पर।
2. जन्मदिन और शादी-विवाह के अवसर पर।
3. परीक्षा में अच्छे अंक आने पर।
4. किसी नए काम की शुरुआत करने पर।
5. मेहमानों के आने पर।
3घर से विद्यालय तक जाते हुए आपको किन-किन वस्तुओं की दुकानें मिलती हैं?Show solution
(यह प्रश्न विद्यार्थी के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। नमूना उत्तर—)

घर से विद्यालय तक जाते हुए मुझे निम्नलिखित दुकानें मिलती हैं—
1. मिठाई की दुकान
2. सब्जी की दुकान
3. फल की दुकान
4. किराने की दुकान
5. कपड़े की दुकान
6. चाय-नाश्ते की दुकान
7. स्टेशनरी की दुकान
4अगर आप अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करते तो किन-किन बातों पर चर्चा करते?Show solution
(यह प्रश्न विद्यार्थी की कल्पनाशीलता पर आधारित है। नमूना उत्तर—)

अगर मैं अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करता तो निम्नलिखित बातों पर चर्चा करता—
1. स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में।
2. पर्यावरण की रक्षा कैसे करें।
3. पढ़ाई में एक-दूसरे की मदद कैसे करें।
4. खेल-कूद और शारीरिक व्यायाम का महत्त्व।
5. देश के महान नेताओं और वीरों के बारे में।

पाठ के भीतर

1रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण है?Show solution
रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का मुख्य कारण यह है कि लोग अपनी सेहत का बहाना बनाकर मिठाइयाँ खाना छोड़ रहे हैं। डॉक्टर मीठा खाने से मना करते हैं और लोग मधुमेह (शुगर) आदि बीमारियों के डर से मिठाइयों से दूर रहने लगे हैं। इसी कारण मिठाइयों की बिक्री कम हो गई है और उनकी उपेक्षा होने लगी है।
2लड्डू दादा ने क्या-क्या सुझाव दिए?Show solution
लड्डू दादा ने सम्मेलन में निम्नलिखित सुझाव दिए—
1. मिठाइयों को अपनी मिठास और गुणवत्ता बनाए रखनी चाहिए।
2. लोगों को समझाना चाहिए कि सीमित मात्रा में मिठाई खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है।
3. मिठाइयाँ खुशी और उत्सव का प्रतीक हैं, इसलिए इनका महत्त्व बना रहना चाहिए।
4. जीभ पर नियंत्रण रखते हुए उचित मात्रा में मिठाई खाई जाए तो कोई नुकसान नहीं होगा।
3"फिर हमें मिठाई कौन कहेगा?" गुलाबजामुन ने ऐसा क्यों कहा?Show solution
गुलाबजामुन ने यह बात इसलिए कही क्योंकि सम्मेलन में कुछ मिठाइयों ने सुझाव दिया कि वे अपनी मिठास कम कर लें ताकि लोग उन्हें अधिक खाएँ और उनकी उपेक्षा न हो। इस पर गुलाबजामुन ने कहा कि यदि हम मीठी ही नहीं रहेंगी तो हमारी पहचान ही समाप्त हो जाएगी। मिठाई की असली पहचान उसकी मिठास से है। बिना मिठास के हम मिठाई नहीं कहलाएँगी।
4इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात क्यों कही गई है?Show solution
इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि अधिक मीठा खाने से स्वास्थ्य को नुकसान होता है। मधुमेह, मोटापा और दाँतों की सड़न जैसी बीमारियाँ अधिक मिठाई खाने से होती हैं। यदि हम जीभ पर नियंत्रण रखें और सीमित मात्रा में मिठाई खाएँ तो स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और मिठाइयों का आनंद भी लिया जा सकेगा। 'जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है' — यही संदेश इस पाठ में दिया गया है।
5इस पाठ में मिठाइयों को लड्डू दादा, बरफी बहन आदि नामों से पुकारा गया है। नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार मिठाइयों को अपनी पसंद के नाम देते हुए उनके चित्र भी बनाइए— गुलाबजामुन — "गुलाबजामुन मामा", काजूकतली — " ", गुझिया — " ", मैसूरपाक — " "Show solution
उदाहरण के अनुसार मिठाइयों के नाम इस प्रकार दिए जा सकते हैं—

- गुलाबजामुन — "गुलाबजामुन मामा"
- काजूकतली — "काजूकतली दीदी"
- गुझिया — "गुझिया चाची"
- मैसूरपाक — "मैसूरपाक नाना"

(विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार अन्य संबंधवाचक नाम भी दे सकते हैं जैसे— मामी, भैया, ताऊ, नानी आदि। साथ ही प्रत्येक मिठाई का चित्र भी बनाइए।)

हमारी मिठास

1हमारे देश के विभिन्न प्रदेशों में बनाई जाने वाली मिठाइयों के बारे में पता कीजिए और उनके नाम भी लिखिए।Show solution
विभिन्न प्रदेशों की प्रसिद्ध मिठाइयाँ इस प्रकार हैं—

| प्रदेश/केंद्रशासित प्रदेश | मिठाई |
|---|---|
| गोवा | बेबिंका |
| ओडिशा | छेना पोड़ा |
| पश्चिम बंगाल | रसगुल्ला, संदेश |
| उत्तर प्रदेश | पेड़ा, गुझिया |
| राजस्थान | घेवर, मावा कचौरी |
| गुजरात | मोहनथाल, बासुंदी |
| महाराष्ट्र | पूरनपोली, मोदक |
| तमिलनाडु | मैसूरपाक, अडाई |
| पंजाब | पिन्नी, जलेबी |
| मध्य प्रदेश | खोपरापाक, मावाबाटी |

(विद्यार्थी अपने अध्यापक या अभिभावक की सहायता से और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।)
2पढ़िए, समझिए और लिखिए — (चित्र पर आधारित प्रश्न)Show solution
(यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में दिए गए चित्र पर आधारित है जो यहाँ उपलब्ध नहीं है। विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक में दिए गए चित्र को ध्यान से देखें और उसमें दी गई जानकारी को पढ़कर समझें तथा अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखें।)
3विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ बनाने के लिए अनाज, साग-भाजी, फल-फूल, पत्ते, दलहन, तिलहन और सूखे मेवे आदि का उपयोग होता है। अपने अध्यापक या अभिभावक की सहायता से दी गई तालिका को पूरा कीजिए।Show solution
तालिका को इस प्रकार पूरा किया जा सकता है—

| मिठाई | अनाज | फल/फूल | सूखे मेवे | दलहन | तिलहन | साग-भाजी |
|---|---|---|---|---|---|---|
| बरफी | गेहूँ/चावल | नारियल/केसर | काजू/बादाम/पिस्ता | चना/मूँग | तिल | लौकी/कद्दू |
| लड्डू | बेसन/आटा | केसर | काजू/किशमिश | चना | तिल | — |
| हलवा | सूजी/आटा | केसर | काजू/बादाम | — | — | गाजर/लौकी |

(विद्यार्थी अपने अध्यापक या अभिभावक की सहायता से अन्य मिठाइयों की जानकारी भरें।)

भाषा-कार्य (मुहावरे)

1'मन में लड्डू फूटना' का अर्थ है अत्यधिक प्रसन्न होना। इसी प्रकार फलों, मसालों और साग-तरकारियों पर आधारित मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उनके अर्थ लिखकर वाक्य भी बनाइए।Show solution
फलों, मसालों और साग-तरकारियों पर आधारित मुहावरे इस प्रकार हैं—

(क) अंगूर खट्टे हैं।
- अर्थ: जो वस्तु न मिले उसे बुरा कहना।
- वाक्य: जब राम को परीक्षा में पुरस्कार नहीं मिला तो उसने कहा कि परीक्षा में भाग लेना व्यर्थ है — यह तो 'अंगूर खट्टे हैं' वाली बात हुई।

(ख) आम के आम, गुठलियों के दाम।
- अर्थ: दोहरा लाभ उठाना।
- वाक्य: सीमा ने पुरानी किताबें बेचकर पैसे कमाए और उन्हीं किताबों से पढ़ाई भी की — यह तो आम के आम, गुठलियों के दाम हो गया।

(ग) नमक-मिर्च लगाना।
- अर्थ: किसी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना।
- वाक्य: रमेश ने छोटी-सी बात में नमक-मिर्च लगाकर पूरे मोहल्ले में फैला दिया।

(घ) आलू बनना।
- अर्थ: हर जगह फिट हो जाना।
- वाक्य: मोहन हर काम में आलू की तरह फिट हो जाता है।

(ङ) जले पर नमक छिड़कना।
- अर्थ: दुखी व्यक्ति को और अधिक दुखी करना।
- वाक्य: वह पहले से ही परेशान था, ऊपर से तुमने उसकी गलती निकालकर जले पर नमक छिड़क दिया।

भाषा-कार्य (बहुवचन)

2नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार शब्दों के बहुवचन लिखिए— मिठाई — मिठाइयाँ, जलेबी — ?, रसगुल्ला — ?, इमरती — ?, पेड़ा — ?Show solution
एकवचन से बहुवचन इस प्रकार बनेंगे—

| एक (एकवचन) | अनेक (बहुवचन) |
|---|---|
| मिठाई | मिठाइयाँ |
| जलेबी | जलेबियाँ |
| रसगुल्ला | रसगुल्ले |
| इमरती | इमरतियाँ |
| पेड़ा | पेड़े |

नियम: 'ई' की मात्रा वाले शब्दों में 'ई' को 'इ' करके 'याँ' जोड़ते हैं। 'आ' की मात्रा वाले शब्दों में 'आ' को 'ए' कर देते हैं।

भाषा-कार्य (मिठाइयों के नाम)

3कुछ मिठाइयों के नाम दो शब्दों के मेल से बनते हैं। इनकी सहायता से मिठाइयों के पूरे नाम लिखिए— सोन, रस, कला, पेठा, जामुन, बालू, कतली, भोग (क) "रस" + "मलाई" = "रसमलाई", (ख) "गुलाब" + ?, (ग) "शाही" + ?, (घ) "मोहन" + ?, (ङ) "कंद" + ?, (च) "काजू" + ?, (छ) "पापड़ी" + ?, (ज) "अंगूरी" + ?Show solution
मिठाइयों के पूरे नाम इस प्रकार हैं—

(क) "रस" + "मलाई" = रसमलाई

(ख) "गुलाब" + "जामुन" = गुलाबजामुन

(ग) "शाही" + "टुकड़ा" (अथवा "शाही" + "पेठा") = शाहीपेठा

(घ) "मोहन" + "भोग" = मोहनभोग

(ङ) "कंद" + "मूल" (अथवा "सोन" + "कंद") = सोनकंद

(च) "काजू" + "कतली" = काजूकतली

(छ) "पापड़ी" + "बालू" (अथवा "बालू" + "शाही") = बालूशाही

(ज) "अंगूरी" + "रस" = अंगूरी रसगुल्ला

(नोट: दिए गए शब्द — सोन, रस, कला, पेठा, जामुन, बालू, कतली, भोग — इन्हीं से मिलाकर नाम बनाने हैं। विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से सही मिलान करें।)

साग-भाजियों का सम्मेलन

1ऋषभ और गुरप्रीत एक दिन घर में खेल रहे थे कि अचानक उन्हें रसोईघर से कुछ आवाजें आईं। वहाँ साग-भाजियाँ आपस में बातें कर रही थीं। उनकी बातचीत को पूरा कीजिए।Show solution
साग-भाजियों की बातचीत इस प्रकार पूरी की जा सकती है—

- आलू – मैं साग-भाजियों का राजा हूँ। मेरे बिना सारी साग-भाजियाँ अधूरी हैं।
- बैंगन – तुम राजा हो तो क्या हुआ? मैं भी कम स्वादिष्ट नहीं!
- टमाटर – मैं तो हर सब्जी में डाला जाता हूँ। मेरे बिना सब्जी का स्वाद ही नहीं आता। मैं खट्टा-मीठा होकर सबका मन मोह लेता हूँ।
- प्याज – मैं भी किसी से कम नहीं! हर सब्जी की शुरुआत मुझसे होती है। मेरे बिना तड़का अधूरा है।
- मिर्च – मैं सबमें तीखापन और स्वाद भरती हूँ। मेरे बिना खाना फीका लगता है।
- भिंडी – मैं बच्चों की पसंदीदा सब्जी हूँ। मुझे खाने से शरीर को ताकत मिलती है।
- गोभी – मैं सर्दियों की रानी हूँ। मुझसे पराँठे, सब्जी और अचार सब बनते हैं।
- करेला – मैं कड़वा जरूर हूँ, लेकिन मधुमेह के रोगियों के लिए मैं बहुत लाभकारी हूँ।
- पालक – मैं हरी-भरी और पौष्टिक हूँ। मुझमें आयरन भरपूर होता है जो खून बढ़ाता है।
- लौकी – मैं हल्की और सुपाच्य हूँ। बीमार लोगों के लिए मैं सबसे अच्छी सब्जी हूँ।

हम और हमारा स्वास्थ्य

1स्वस्थ रहने के लिए आप क्या-क्या करते हैं? इससे संबंधित पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।Show solution
स्वस्थ रहने के लिए मैं निम्नलिखित कार्य करता/करती हूँ—

1. मैं प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करता/करती हूँ।
2. मैं ताजे फल और सब्जियाँ खाता/खाती हूँ।
3. मैं प्रतिदिन कम से कम आठ गिलास पानी पीता/पीती हूँ।
4. मैं रात को समय पर सोता/सोती हूँ और सुबह जल्दी उठता/उठती हूँ।
5. मैं जंक फूड और अधिक मीठी चीजें खाने से बचता/बचती हूँ।
2"जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है।" अगर आपके पास इस कथन से संबंधित कोई अनुभव है तो उसे कक्षा में साझा कीजिए।Show solution
(यह प्रश्न विद्यार्थी के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। नमूना उत्तर—)

"जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है" — इस कथन का अर्थ है कि किसी भी चीज की अधिकता हानिकारक होती है।

एक बार मैंने बहुत अधिक मिठाई खा ली। उसके बाद मेरा पेट दर्द करने लगा और मुझे उल्टी भी हुई। डॉक्टर ने कहा कि अधिक मीठा खाने से यही होता है। उस दिन मुझे समझ आया कि किसी भी चीज को सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। अति हमेशा नुकसानदायक होती है।

(विद्यार्थी अपने स्वयं के अनुभव कक्षा में साझा करें।)

भूल-भुलैया

1भाई-बहन मिठाइयों के सम्मेलन में गए थे और लौटते समय घर का रास्ता भूल गए। इन्हें जलेबी भूल-भुलैया से बाहर निकालिए।Show solution
(यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में दिए गए भूल-भुलैया के चित्र पर आधारित है। विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक में दिए गए चित्र को ध्यान से देखें और पेंसिल की सहायता से सही रास्ता ढूँढ़कर भाई-बहन को जलेबी भूल-भुलैया से बाहर निकालें। रास्ता ढूँढ़ते समय ध्यान रखें कि गलत रास्ते पर न जाएँ और एक ही रास्ते से आगे बढ़ते रहें।)

चटपटी चाट

1चटपटी चाट बनाने की विधि पाठ में दी गई है। इसे पढ़कर समझिए।Show solution
चटपटी चाट बनाने की विधि:

आवश्यक सामग्री:
- अंकुरित चने, मूँग आदि
- उबले आलू
- टमाटर
- प्याज
- खीरा
- हरी मिर्च और हरा धनिया (इच्छानुसार)
- नींबू
- काला/सादा नमक (स्वादानुसार)
- चाट मसाला
- भुना जीरा पाउडर

बनाने की विधि:
1. सबसे पहले अंकुरित किए हुए मूँग और चने को एक कटोरे में लीजिए।
2. अब इसमें बारीक कटी प्याज, टमाटर, खीरा, उबले आलू, हरी मिर्च और हरा धनिया डालिए।
3. इसके बाद इसमें स्वादानुसार सादा नमक/काला नमक, चाट मसाला, नींबू का रस और भुना जीरा पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लीजिए।
4. स्वादिष्ट और पौष्टिक चाट तैयार है।

विशेषता: यह चाट स्वाद के साथ-साथ पौष्टिकता से भी भरपूर है।

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Sources & Official References

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