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Chapter 2 of 13
NCERT Solutions

बगीचे का घोंघा

CBSE · Class 4 · Hindi

NCERT Solutions for बगीचे का घोंघा — CBSE Class 4 Hindi.

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26 Questions Solved · 7 Sections

बातचीत के लिए

1घोंघे को बगीचे (उद्यान) के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन क्यों लगते थे?Show solution
घोंघा बहुत धीरे-धीरे चलता है। उसके पाँव बहुत छोटे और कमज़ोर होते हैं, इसलिए वह एक स्थान से दूसरे स्थान तक बहुत कम गति से जाता है। यही कारण है कि उद्यान के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में उसे दो दिन लग जाते थे।
2आप अपने विद्यालय कैसे जाते हैं और आपको कितना समय लगता है?Show solution
(यह प्रश्न छात्र के अपने अनुभव पर आधारित है।)
उदाहरण उत्तर: मैं अपने विद्यालय पैदल / साइकिल / स्कूल बस से जाता/जाती हूँ। मुझे लगभग 10–15 मिनट का समय लगता है।
3घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था?Show solution
घोंघा उद्यान से बाहर इसलिए जाना चाहता था क्योंकि वह बाहर की दुनिया देखना चाहता था। उसने सुना था कि उद्यान की दीवार के बाहर एक बड़ी और अद्भुत दुनिया है। वह उस दुनिया को अपनी आँखों से देखने के लिए उत्सुक था।
4आपका कहाँ-कहाँ जाने का मन करता है?Show solution
(यह प्रश्न छात्र के अपने अनुभव पर आधारित है।)
उदाहरण उत्तर: मेरा पहाड़ों पर, समुद्र के किनारे, किसी ऐतिहासिक स्थान और मेले में जाने का मन करता है।
5आप घूमने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं और किसके साथ जाते हैं?Show solution
(यह प्रश्न छात्र के अपने अनुभव पर आधारित है।)
उदाहरण उत्तर: मैं अपने माता-पिता और भाई-बहन के साथ पार्क, चिड़ियाघर, मंदिर और कभी-कभी पहाड़ी स्थानों पर घूमने जाता/जाती हूँ।

पाठ के भीतर

1घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था?
(क) उसे उद्यान में अच्छा नहीं लगता था।
(ख) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था।
(ग) उसे उद्यान सुंदर नहीं लगता था।
(घ) उसे उद्यान बहुत छोटा लगता था।
Show solution
सही उत्तर: (ख) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था।

घोंघे को उद्यान में सब कुछ अच्छा लगता था, परंतु वह उद्यान की दीवार के बाहर की बड़ी दुनिया को देखने और उसका अनुभव करने के लिए उत्सुक था। इसीलिए वह बाहर जाना चाहता था।
2घोंघे को बड़ा-सा पत्थर पहाड़ जैसा क्यों लगा होगा?
(क) पत्थर पहाड़ की तरह बहुत ही बड़ा था।
(ख) घोंघे ने उद्यान में पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नहीं देखी थी।
(ग) घोंघे को पत्थर पर चढ़कर दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।
(घ) पत्थर की आकृति पहाड़ जैसी थी।
Show solution
सही उत्तर: (ख) घोंघे ने उद्यान में पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नहीं देखी थी।

घोंघा सारी उम्र उद्यान में रहा था और वहाँ उसने कभी इतनी बड़ी वस्तु नहीं देखी थी। इसलिए उसे वह साधारण पत्थर भी पहाड़ जैसा विशाल लगा।
3घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार क्या देखा?
(क) अपने लंबे-पतले पाँवों से आ-जा रहे लाल चाँटें
(ख) अपना शंख
(ग) पीपल का पेड़
(घ) हरी-हरी घास
Show solution
सही उत्तर: (क) अपने लंबे-पतले पाँवों से आ-जा रहे लाल चींटें

उद्यान से बाहर निकलने पर घोंघे ने पहली बार लाल चींटों को अपने लंबे-पतले पाँवों से तेज़ी से आते-जाते देखा, जो उसके लिए बिल्कुल नया और अद्भुत अनुभव था।
4घोंघे की आँखें आश्चर्य से क्यों खुली रह गईं?
(क) उसके ऊपर एक बड़ा पत्ता गिरा।
(ख) वह उद्यान में एक नए कीट से मिला।
(ग) उसने पहली बार एक तालाब देखा।
(घ) उसने बड़ के एक पेड़ को देखा।
Show solution
सही उत्तर: (घ) उसने बड़ के एक पेड़ को देखा।

घोंघे ने जब विशाल बड़ का पेड़ देखा, जिसकी जड़ें ज़मीन पर फैली हुई थीं और जिसकी शाखाएँ आकाश तक फैली थीं, तो वह आश्चर्यचकित रह गया और उसकी आँखें खुली की खुली रह गईं।
5छेद से बाहर निकलते ही घोंघे का जिन वस्तुओं से सामना हुआ, उनमें से कुछ वस्तुएँ छूट गई हैं। उन्हें पूरा कीजिए।Show solution
छेद से बाहर निकलते ही घोंघे का सामना निम्नलिखित वस्तुओं से हुआ:

| खुला मैदान | लाल चींटें | बड़ा पत्थर |
|---|---|---|
| सूखा पत्ता | गिलहरी | लुढ़कती गेंद |
| तेज़ भागता कुत्ता | बच्चों का खेलने का स्थान | बड़ का पेड़ |

सोचिए और लिखिए

1उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को कौन-सी बात याद आती थी?Show solution
उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को यह बात याद आती थी कि उस छेद के दूसरी ओर एक बड़ी और अद्भुत दुनिया है। उसने सुना था कि बाहर की दुनिया बहुत विशाल और मज़ेदार है। वह उस दुनिया को देखने के लिए बहुत उत्सुक रहता था।
2छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघा चकित क्यों रह गया?Show solution
छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघे ने जो दृश्य देखा वह उसके लिए बिल्कुल नया था। उसने एक विशाल खुला मैदान, तेज़ गति से दौड़ती चींटें, एक बड़ा पत्थर जो उसे पहाड़ जैसा लगा, गिलहरी, लुढ़कती गेंद के पीछे भागता कुत्ता और विशाल बड़ का पेड़ देखा। उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे और शांत था, परंतु बाहर सब कुछ बहुत तेज़ और बड़ा था। इसीलिए वह चकित रह गया।
3घोंघे ने ऐसा क्यों कहा होगा कि उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे चलता है?Show solution
घोंघे ने उद्यान में अपना पूरा जीवन बिताया था। वहाँ सब कुछ शांत और धीमी गति से चलता था। परंतु जब वह उद्यान से बाहर आया तो उसने देखा कि बाहर की दुनिया में सब कुछ बहुत तेज़ी से हो रहा है — चींटें तेज़ दौड़ रही हैं, गेंद लुढ़क रही है, कुत्ता भाग रहा है। उद्यान की शांत और धीमी दुनिया की तुलना में बाहर की दुनिया बहुत तेज़ लगी। इसीलिए उसने कहा कि उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे चलता है।
4घोंघे की तरह आपको अपने घर, विद्यालय तथा आस-पास क्या-क्या अद्भुत लगता है और क्यों?Show solution
(यह प्रश्न छात्र के अपने अनुभव पर आधारित है।)
उदाहरण उत्तर: मुझे अपने घर के बगीचे में रंग-बिरंगी तितलियाँ अद्भुत लगती हैं क्योंकि उनके पंखों पर बहुत सुंदर रंग होते हैं। विद्यालय में पुस्तकालय अद्भुत लगता है क्योंकि वहाँ हज़ारों किताबें हैं। आस-पास बरसात के बाद इंद्रधनुष देखना अद्भुत लगता है।
5घोंघे ने उद्यान के भीतर और बाहर क्या-क्या देखा? नीचे लिखिए।Show solution
| उद्यान के भीतर | उद्यान के बाहर |
|---|---|
| हरी-हरी घास | खुला मैदान |
| फूल-पौधे | लाल चींटें |
| छोटे-छोटे कीड़े-मकोड़े | बड़ा पत्थर (पहाड़ जैसा) |
| उद्यान की दीवार | गिलहरी, लुढ़कती गेंद, भागता कुत्ता, बड़ का विशाल पेड़ |

भाषा की बात

1कहानी में आए निम्न शब्दों के आधार पर वाक्य बनाकर लिखिए — आश्चर्य, अद्भुत, अचानक, छोरShow solution
आश्चर्य — बड़ा पेड़ देखकर घोंघे को बहुत आश्चर्य हुआ।

अद्भुत — बाहर की दुनिया घोंघे को बहुत अद्भुत लगी।

अचानक — अचानक घोंघे के ऊपर एक सूखा पत्ता गिरा।

छोर — घोंघे को उद्यान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे।
2जब घोंघे के ऊपर सूखा पत्ता गिरा, तब उसने 'वाह!' न कहकर 'उई!' कहा। आपके मुँह से कब 'वाह' और 'उई' जैसे शब्द निकलते हैं?Show solution
'वाह' जैसे शब्द तब निकलते हैं जब हम कोई सुंदर, अच्छी या खुशी देने वाली चीज़ देखते हैं।
उदाहरण: 'वाह! कितना सुंदर इंद्रधनुष है!'

'उई' जैसे शब्द तब निकलते हैं जब हमें अचानक चोट लगती है, कुछ गिरता है या हम डर जाते हैं।
उदाहरण: 'उई! पत्थर से पाँव में चोट लग गई!'
3घोंघे ने अपने शंख में कौन-कौन सा सामान बाँधा होगा?Show solution
घोंघे ने अपने शंख में निम्नलिखित सामान बाँधा होगा:
फल, पत्ता, छोटे-छोटे बीज, ओस की बूँदें, सूखी घास, छोटे-छोटे कंकड़।

(नोट: यह कल्पना पर आधारित उत्तर है। छात्र अपनी कल्पना से और वस्तुएँ जोड़ सकते हैं।)
4मिलान कीजिए — नीचे लिखी बातें घोंघे ने कब-कब कहीं?Show solution
सही मिलान इस प्रकार है:

| घोंघे का कथन | कब कहा? |
|---|---|
| 'वाह! दुनिया में सब कुछ कितनी तेज़ी से चलता है!' | जब उसने लुढ़कती गेंद के पीछे कुत्ते को भागते हुए देखा। |
| 'वाह! दुनिया सचमुच कितनी बड़ी है!' | जब उसने बड़ का पेड़ देखा। |
| 'वाह! दुनिया तो कितनी मज़ेदार है!' | जब उसने बच्चों के खेलने का स्थान देखा। |
| 'वाह! सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है!' | जब उस पर सूखा पत्ता गिरा। |
5विभिन्न ध्वनियाँ — इनकी ध्वनियाँ कैसी होंगी: बादलों का गरजना, पानी का बरसना, नल से बूँदों का गिरना, घंटी का बजना, मेंढक का बोलना, हवा का बहनाShow solution
| ध्वनि का स्रोत | ध्वनि |
|---|---|
| बादलों का गरजना | गड़-गड़, कड़-कड़ |
| पानी का बरसना | झर-झर, टप-टप |
| नल से बूँदों का गिरना | टप-टप, छप-छप |
| घंटी का बजना | टन-टन, घन-घन |
| मेंढक का बोलना | टर्र-टर्र |
| हवा का बहना | सन-सन, सरसर |

अपनी-अपनी विशेषताएँ

1घोंघे ने उद्यान से बाहर आकर जो भी देखा, वह किसी-न-किसी रूप में विशेष था। पाठ के आधार पर उनकी विशेषताएँ लिखिए।Show solution
(नोट: प्रश्न में चित्रों के आधार पर तालिका भरनी है। चित्र उपलब्ध न होने के कारण पाठ के आधार पर उत्तर दिया जा रहा है।)

| जो देखा | उसकी विशेषता |
|---|---|
| लाल चींटें | वे अपने लंबे-पतले पाँवों से बहुत तेज़ी से आ-जा रही थीं। |
| बड़ा पत्थर | वह घोंघे को पहाड़ जैसा विशाल लगा। |
| गिलहरी | वह बहुत फुर्तीली थी और तेज़ी से इधर-उधर दौड़ रही थी। |
| लुढ़कती गेंद और कुत्ता | कुत्ता गेंद के पीछे बहुत तेज़ी से भाग रहा था। |
| बड़ का पेड़ | वह बहुत विशाल था, उसकी जड़ें ज़मीन पर और शाखाएँ आकाश तक फैली थीं। |

अनुमान और कल्पना

1अनुमान लगाकर बताइए कि घोंघा उद्यान में कब से रह रहा होगा।Show solution
अनुमान: घोंघा उद्यान में बहुत लंबे समय से, संभवतः अपने जन्म से ही रह रहा होगा। चूँकि वह उद्यान का कोना-कोना पहचानता था और उसने कभी बाहर की दुनिया नहीं देखी थी, इसलिए लगता है कि वह कई वर्षों से, शायद 5–10 वर्षों से उद्यान में रह रहा होगा।
2घोंघे को उद्यान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे और उसे वापस लौटने में 48 घंटे लगते थे। ऐसा क्यों?Show solution
दो दिन और 48 घंटे दोनों बराबर होते हैं (1 दिन = 24 घंटे, इसलिए 2 दिन = 48 घंटे)। घोंघा बहुत धीमी गति से चलता है। चाहे वह उद्यान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाए या वापस लौटे, दूरी समान होती है और उसकी चाल भी समान होती है। इसलिए दोनों दिशाओं में उसे समान समय — दो दिन यानी 48 घंटे — लगते थे।
3आप अपने विद्यालय में कितने वर्षों से पढ़ रहे हैं? आपने वहाँ अब तक क्या-क्या देखा है?Show solution
(यह प्रश्न छात्र के अपने अनुभव पर आधारित है।)
उदाहरण उत्तर: मैं अपने विद्यालय में चार वर्षों से पढ़ रहा/रही हूँ। मैंने वहाँ पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल का मैदान, बगीचा, कंप्यूटर कक्ष और वार्षिक उत्सव देखे हैं।
4आपको अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान और विद्यालय के मुख्य द्वार तक जाने में कितना समय लगता है?Show solution
(यह प्रश्न छात्र के अपने अनुभव पर आधारित है।)
उदाहरण उत्तर: मुझे अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान तक जाने में लगभग 2 मिनट और विद्यालय के मुख्य द्वार तक जाने में लगभग 5 मिनट का समय लगता है।

घोंघे से आपकी भेंट

1कल्पना कीजिए कि बच्चों ने घोंघे को देखा और उससे बातें कीं। संवाद पूरा कीजिए।Show solution
बच्चे – अरे! आप कौन?
घोंघा – मुझे नहीं पहचानते! मैं घोंघा, नहीं तो और कौन?
बच्चे – अरे घोंघे भाई, तुम यहाँ कहाँ से आए? हमने तुम्हें पहले कभी नहीं देखा।
घोंघा – मैं उस उद्यान से आया हूँ जो उस दीवार के पीछे है। आज पहली बार दीवार के छेद से बाहर निकला हूँ।
बच्चे – वाह! तो क्या तुमने पहले कभी हमारा यह मैदान नहीं देखा था? यहाँ हम रोज़ खेलते हैं।
घोंघा – नहीं, मैंने पहले कभी इतनी बड़ी और मज़ेदार दुनिया नहीं देखी थी। यहाँ सब कुछ कितनी तेज़ी से चलता है! मुझे तो बहुत आश्चर्य हो रहा है।
बच्चे – क्या तुम हमारे साथ खेलोगे?
घोंघा – मैं तो बहुत धीरे-धीरे चलता हूँ, इसलिए तुम्हारे साथ दौड़ नहीं सकता। लेकिन मैं यहाँ बैठकर तुम्हारा खेल ज़रूर देखूँगा और तुम्हारा उत्साह बढ़ाऊँगा!

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Sources & Official References

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