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Chapter 12 of 13
NCERT Solutions

शतरंज में मात

CBSE · Class 4 · Hindi

NCERT Solutions for शतरंज में मात — CBSE Class 4 Hindi.

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15 Questions Solved · 6 Sections

बातचीत के लिए

1आपको यह नाटक कैसा लगा और क्यों?Show solution
यह नाटक बहुत रोचक और मनोरंजक लगा। इसमें तेनालीरामन की बुद्धिमत्ता और चतुराई का बहुत सुंदर चित्रण किया गया है। नाटक यह सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी बुद्धि और सूझबूझ से काम लेने पर समस्या का हल निकाला जा सकता है। दरबारियों की ईर्ष्या और तेनालीरामन की चतुराई ने नाटक को और भी रोमांचक बना दिया।
2आपने तेनालीरामन के किस्सों की तरह और किसके बुद्धिमानी के किस्से सुने हैं? उनमें से कोई एक सुनाइए।Show solution
तेनालीरामन के किस्सों की तरह हमने बीरबल के बुद्धिमानी के किस्से सुने हैं। एक किस्सा इस प्रकार है — एक बार अकबर ने दरबार में पूछा कि 'दुनिया में सबसे बड़ी चीज़ क्या है?' सभी दरबारी अलग-अलग उत्तर देने लगे। बीरबल ने मुस्कुराते हुए कहा — 'महाराज, दुनिया में सबसे बड़ी चीज़ है — हमारी भूख, क्योंकि भूख लगने पर बड़े से बड़ा राजा भी जमीन पर बैठकर खाना खा लेता है।' अकबर बीरबल के इस चतुर उत्तर से बहुत प्रसन्न हुए।
3तेनालीरामन की तरह क्या आपने भी कभी किसी कठिन परिस्थिति को संभाला है? यदि संभाला है तो कैसे?Show solution
हाँ, एक बार परीक्षा में एक प्रश्न का उत्तर मुझे याद नहीं आ रहा था। मैंने घबराने की बजाय शांत मन से सोचा और उस प्रश्न से मिलते-जुलते जो भी तथ्य मुझे याद थे, उन्हें लिखा। अपनी सूझबूझ से मैंने उस कठिन परिस्थिति को संभाल लिया और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए। इससे मुझे सीख मिली कि कठिन समय में धैर्य और बुद्धि से काम लेना चाहिए।
4यदि तेनालीरामन शतरंज का खेल जानते तो नाटक का अंत क्या होता?Show solution
यदि तेनालीरामन शतरंज का खेल जानते तो नाटक का अंत बिल्कुल अलग होता। वे राजा के साथ शतरंज खेलते और अपनी बुद्धिमत्ता से राजा को मात देते। राजा उनकी प्रशंसा करते और दरबारियों की चाल विफल हो जाती। परंतु तब नाटक में वह रोचकता और चतुराई नहीं आती जो तेनालीरामन के शतरंज न जानते हुए भी स्थिति को संभालने में दिखी।

सोचिए और लिखिए

1निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाठ के आधार पर दीजिए—
(क) सभी दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या क्यों करते थे?
(ख) दरबारियों ने राजा से तेनालीरामन के बारे में क्या कहा?
(ग) शतरंज खेलते समय राजा को तेनालीरामन पर क्रोध क्यों आ रहा था?
(घ) तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए क्या चाल चली?
(ड) घर में खेले जाने वाले खेलों में आपको सबसे अच्छा खेल कौन-सा लगता है? वह खेल कैसे खेला जाता है?
Show solution
(क) सभी दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या इसलिए करते थे क्योंकि तेनालीरामन बहुत बुद्धिमान और चतुर थे। राजा कृष्णदेव राय उन्हें बहुत मानते थे और हर कठिन परिस्थिति में उनकी सहायता लेते थे। दरबार में तेनालीरामन की बहुत प्रशंसा होती थी, जो अन्य दरबारियों को सहन नहीं होती थी।

(ख) दरबारियों ने राजा से कहा कि तेनालीरामन शतरंज के बहुत बड़े खिलाड़ी हैं और उन्होंने बड़े-बड़े खिलाड़ियों को मात दी है। उन्होंने यह बात इसलिए कही ताकि राजा तेनालीरामन को शतरंज खेलने के लिए बुलाएँ और जब तेनालीरामन हार जाएँ तो उन्हें दंड मिले।

(ग) शतरंज खेलते समय राजा को तेनालीरामन पर क्रोध इसलिए आ रहा था क्योंकि तेनालीरामन जानबूझकर गलत चालें चल रहे थे और राजा को लग रहा था कि तेनालीरामन उन्हें हल्के में ले रहे हैं। राजा को लगा कि तेनालीरामन ने उनसे झूठ बोला था कि वे शतरंज नहीं जानते।

(घ) तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए बहुत चतुराई से काम लिया। उन्होंने राजा से कहा कि यदि वे हारे तो उनका मुंडन होगा, परंतु यदि राजा हारे तो राजा का भी मुंडन होगा। राजा इस शर्त पर राजी हो गए। तेनालीरामन ने ऐसी चाल चली कि राजा स्वयं हार गए। इस प्रकार तेनालीरामन ने अपनी बुद्धि से मुंडन से बचकर दरबारियों की चाल को विफल कर दिया।

(ड) घर में खेले जाने वाले खेलों में मुझे साँप-सीढ़ी का खेल सबसे अच्छा लगता है। इस खेल में एक बोर्ड होता है जिस पर 1 से 100 तक के खाने बने होते हैं। इसमें साँप और सीढ़ियाँ बनी होती हैं। खिलाड़ी बारी-बारी से पासा फेंकते हैं और उतने खाने आगे बढ़ते हैं। यदि सीढ़ी के नीचे वाले खाने पर पहुँचें तो सीढ़ी चढ़कर ऊपर जाते हैं और यदि साँप के मुँह वाले खाने पर पहुँचें तो साँप की पूँछ तक नीचे आ जाते हैं। जो पहले 100वें खाने पर पहुँचता है, वह जीत जाता है।
2किसने, किससे कहा?
(क) 'शतरंज? क्या तेनालीरामन शतरंज के शौकीन हैं?'
(ख) 'और यह है मेरा दाँव!'
(ग) 'अरे, इतने महान आदमी का मुंडन!'
(घ) 'हाँ महाराज, बड़े-बड़ों को मात दी है तेनाली ने!'
(ड) 'उठो, उठो! तुम्हें कोई दंड नहीं मिल रहा है!'
Show solution
(क) किसने: राजा कृष्णदेव राय ने — किससे: दरबारियों से

(ख) किसने: तेनालीरामन ने — किससे: राजा से

(ग) किसने: दरबारियों ने — किससे: आपस में (एक-दूसरे से)

(घ) किसने: दरबारियों ने — किससे: राजा से

(ड) किसने: राजा कृष्णदेव राय ने — किससे: तेनालीरामन से

भाषा की बात

1दिए गए शब्दों का मिलान उनके समान अर्थ वाले शब्दों से कीजिए—
प्रशंसा, युक्ति, मात, घाघ, माहिर, न्योता
Show solution
शब्द और उनके समान अर्थ वाले शब्दों का मिलान:

| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| प्रशंसा | बड़ाई |
| युक्ति | उपाय |
| मात | हार |
| घाघ | चालाक |
| माहिर | कुशल |
| न्योता | आमंत्रण |
2मटके में से उपयुक्त विशेषण चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—
खिलाड़ी: महान, नई, पाँच हजार, चतुर
तेनाली: आदमी
चाल: गूढ़, कुशल
चाल: अश्फियाँ
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उपयुक्त विशेषण चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति:

- महान खिलाड़ी
- चतुर तेनाली / महान आदमी
- नई चाल / गूढ़ चाल
- पाँच हजार अश्फियाँ
- कुशल खिलाड़ी

(नोट: विशेषण — महान, नई, पाँच हजार, चतुर, गूढ़, कुशल — इन्हें संदर्भ के अनुसार उचित संज्ञा के साथ लगाया जाता है।)
3आप भी निम्नलिखित मनोभावों को संवाद के रूप में लिखिए—
प्रसन्न — 'मेरी खोई हुई पुस्तक मिल गई है!'
चकित —
शांत —
दुखी —
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मनोभावों को संवाद के रूप में:

प्रसन्न — राहुल (प्रसन्न होकर): 'मेरी खोई हुई पुस्तक मिल गई है! अब मैं परीक्षा की तैयारी कर सकूँगा।'

चकित — सीमा (चकित होकर): 'अरे! यह क्या! इतनी छोटी-सी चींटी इतना बड़ा दाना उठाकर ले जा रही है!'

शांत — माँ (शांत स्वर में): 'बेटा, घबराओ मत। सब ठीक हो जाएगा। धैर्य रखो और शांति से काम करो।'

दुखी — मोहन (दुखी होकर): 'मेरा प्रिय खिलौना टूट गया। अब वह कभी ठीक नहीं होगा।'
4नीचे दी गई सूचना के आधार पर नए शब्दों का निर्माण कीजिए—
(क) किसी को आने के लिए कहना
(ख) जाना का विपरीत अर्थ वाला शब्द
(ग) किसी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना
(घ) किसी व्यक्ति या वस्तु का आना या पहुँचना
(ङ) जो बहुत जरूरी हो
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सूचना के आधार पर नए शब्दों का निर्माण:

(क) किसी को आने के लिए कहना → बुलाना (आ + मंत्रण = आमंत्रण / बुलावा)

(ख) जाना का विपरीत अर्थ वाला शब्द → आना

(ग) किसी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना → आभार (धन्यवाद)

(घ) किसी व्यक्ति या वस्तु का आना या पहुँचना → आगमन

(ङ) जो बहुत जरूरी हो → आवश्यक

पाठ से आगे

1शतरंज के प्रत्येक मोहरे की चाल अलग-अलग होती है। शतरंज के मोहरों की चाल पता कीजिए और लिखिए—
घोड़े की चाल, हाथी की चाल, मंत्री की चाल, राजा की चाल, ऊँट की चाल, प्यादे (सिपाही) की चाल
Show solution
शतरंज के मोहरों की चाल:

घोड़े की चाल: घोड़ा 'L' आकार में चलता है — यह दो खाने सीधे और एक खाना बगल में, या एक खाना सीधे और दो खाने बगल में चलता है। यह एकमात्र मोहरा है जो दूसरे मोहरों को लाँघ सकता है।

हाथी की चाल: हाथी सीधी रेखा में — आगे, पीछे, दाएँ या बाएँ — जितने चाहे उतने खाने चल सकता है। यह तिरछा नहीं चल सकता।

मंत्री की चाल: मंत्री सबसे शक्तिशाली मोहरा है। यह सीधे और तिरछे — किसी भी दिशा में जितने चाहे उतने खाने चल सकता है।

राजा की चाल: राजा किसी भी दिशा में — सीधे या तिरछे — केवल एक-एक खाना चल सकता है। राजा को 'शह' में नहीं आना चाहिए।

ऊँट की चाल: ऊँट केवल तिरछी दिशा में जितने चाहे उतने खाने चल सकता है। यह हमेशा एक ही रंग के खानों पर रहता है।

प्यादे (सिपाही) की चाल: प्यादा केवल एक खाना सीधे आगे चलता है। पहली चाल में यह दो खाने भी चल सकता है। यह मोहरा मारने के लिए तिरछा (एक खाना आगे-बगल) चलता है।
2चित्र के साथ खेल के नाम का मिलान कीजिए। साथ ही यह भी लिखिए कि आपकी स्थानीय भाषा में इस खेल को क्या कहते हैं—
लट्टू, साँप-सीढ़ी, राजा-मंत्री-चोर-सिपाही, गुट्टे, अष्टा-चक्कन
Show solution
खेलों के नाम और स्थानीय भाषा में उनके नाम:

(नोट: चित्र उपलब्ध नहीं है, अतः स्थानीय भाषा के नाम उदाहरण के रूप में दिए गए हैं। विद्यार्थी अपनी स्थानीय भाषा के अनुसार नाम भरें।)

| खेल का नाम | आपकी भाषा में नाम (उदाहरण) |
|---|---|
| लट्टू | भँवरा / बम्बरम (तमिल में) |
| साँप-सीढ़ी | नाग-सीढ़ी / Snakes and Ladders |
| राजा-मंत्री-चोर-सिपाही | राजा-वजीर-चोर-सिपाही |
| गुट्टे | पाँच पत्थर / Knucklebones |
| अष्टा-चक्कन | अट्ठा-चक्कर / Ashta Chamma |

विद्यार्थी अपनी स्थानीय/क्षेत्रीय भाषा में इन खेलों के नाम पता करके लिखें।

पुस्तकालय या अन्य स्रोत से

तेनालीरामन के किस्सों की पुस्तक अपने पुस्तकालय या किसी अन्य स्रोत से लेकर पढ़िए।Show solution
विद्यार्थी अपने विद्यालय के पुस्तकालय से या किसी ऑनलाइन स्रोत से 'तेनालीरामन के किस्से' पुस्तक प्राप्त करें और उसे पढ़ें। इस पुस्तक में तेनालीरामन की बुद्धिमत्ता, हास्य और चतुराई के अनेक रोचक किस्से हैं जो पढ़ने में बहुत आनंददायक हैं। (यह एक क्रियाकलाप है — विद्यार्थी स्वयं करें।)
'तेनालीरामन के किस्से' नाम से मित्र-मंडली की एक बैठक आयोजित कर तेनालीरामन की बुद्धिमत्ता के किस्से सुनाइए।Show solution
विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ मिलकर एक बैठक आयोजित करें। प्रत्येक विद्यार्थी तेनालीरामन का एक-एक किस्सा पढ़कर आए और बारी-बारी से सुनाए। इससे सुनने और बोलने की कला का विकास होगा तथा तेनालीरामन की बुद्धिमत्ता से प्रेरणा मिलेगी। (यह एक समूह क्रियाकलाप है — विद्यार्थी स्वयं करें।)

शतरंज की भूल-भुलैया

1केवल नाम वाले शब्दों (संज्ञा) को एक-दूसरे से मिलाते हुए मंत्री को राजा तक पहुँचाइए। ध्यान रहे कि आपको संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया को आपस में नहीं मिलाना है।Show solution
इस क्रियाकलाप में विद्यार्थी को भूल-भुलैया में केवल संज्ञा शब्दों को जोड़ते हुए मंत्री से राजा तक का रास्ता बनाना है।

संज्ञा की पहचान: संज्ञा वे शब्द होते हैं जो किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु या भाव के नाम को बताते हैं। जैसे — राजा, मंत्री, दरबार, शतरंज, घोड़ा, हाथी, किला आदि।

सर्वनाम (जैसे — वह, यह, मैं, तुम) को नहीं जोड़ना है।
विशेषण (जैसे — सुंदर, बड़ा, चतुर) को नहीं जोड़ना है।
क्रिया (जैसे — जाना, खाना, खेलना) को नहीं जोड़ना है।

(नोट: भूल-भुलैया का चित्र उपलब्ध नहीं है। विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक में दिए गए चित्र को देखकर केवल संज्ञा शब्दों को चुनते हुए मंत्री से राजा तक का रास्ता बनाएँ।)

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Sources & Official References

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