मैं क्यों लिखता हूँ-अज्ञेय (Part 2) — NCERT Solutions
Tripura Board · Class 10 · Hindi
NCERT Solutions for मैं क्यों लिखता हूँ-अज्ञेय (Part 2), Tripura Board Class 10 Hindi: 8 textbook questions solved step by step. Covers अभ्यास प्रश्न.
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अभ्यास प्रश्न
1लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?Show solution
उत्तर:
लेखक (अज्ञेय) के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव केवल बाहरी घटना का ज्ञान कराता है — वह आँखों से देखा और कानों से सुना हुआ होता है। उससे बुद्धि तो प्रभावित होती है, किंतु हृदय की गहराइयाँ नहीं हिलतीं।
इसके विपरीत अनुभूति वह अवस्था है जब बाहरी घटना भीतर उतरकर संवेदना का हिस्सा बन जाती है — लेखक स्वयं उस पीड़ा या आनंद का भोक्ता बन जाता है। जब कोई बात केवल जानी नहीं जाती, बल्कि महसूस की जाती है, तभी वह रचना में सच्चाई और प्रामाणिकता ला सकती है।
लेखक ने हिरोशिमा का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया है कि जापान में विस्फोट-स्थल देखने पर भी उन्हें कविता नहीं सूझी, क्योंकि वह केवल प्रत्यक्ष अनुभव था। जब भारत लौटकर एक झुलसी हुई पत्थर की छाया देखकर वह पीड़ा उनके भीतर उतरी — अनुभूति बनी — तभी कविता फूटी। इसीलिए लेखक के लिए अनुभूति, प्रत्यक्ष अनुभव से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है।
2लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?Show solution
उत्तर:
कब: लेखक ने स्वयं को हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता तब महसूस किया जब वे जापान से लौटने के बाद भारत में एक अस्पताल के सामने से गुज़र रहे थे। वहाँ उन्होंने एक व्यक्ति की झुलसी हुई छाया पत्थर पर अंकित देखी — जो हिरोशिमा के विस्फोट में किसी मनुष्य के भाप बन जाने का प्रमाण थी।
किस तरह: उस छाया को देखते ही लेखक को जैसे एक थप्पड़-सा लगा। उस एक क्षण में अणु-विस्फोट की भयावहता उनकी अनुभूति-प्रत्यक्ष में आ गई। इतिहास की वह घटना अचानक उनके भीतर एक जलते हुए सूर्य की तरह उग आई। वे बौद्धिक स्तर से आगे बढ़कर संवेदनात्मक स्तर पर उस पीड़ा के भोक्ता बन गए — अर्थात् उन्होंने उस विस्फोट की पीड़ा को भीतर से जिया। इसी आंतरिक आकुलता और विवशता से प्रेरित होकर उन्होंने रेलगाड़ी में बैठे-बैठे हिरोशिमा पर कविता लिखी।
3मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि—
(क) लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?
(ख) किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत किसी दूसरे को कुछ भी रचने के लिए किस तरह उत्साहित कर सकते हैं?Show solution
उत्तर:
(क) लेखक को लिखने के लिए प्रेरित करने वाली बातें:
लेखक के अनुसार उन्हें मुख्यतः दो प्रकार की बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं —
- आंतरिक विवशता (अंतः दबाव): जब भीतर कोई बात इतनी तीव्रता से उठती है कि उसे बाहर निकाले बिना चैन नहीं मिलता। यह अनुभूति-जन्य आकुलता ही लेखक की सबसे बड़ी प्रेरणा है। जब कोई घटना या संवेदना बुद्धि के क्षेत्र से बढ़कर हृदय के क्षेत्र में आ जाती है, तब लिखना अनिवार्य हो जाता है।
- बाह्य दबाव: प्रकाशकों की माँग, पाठकों की अपेक्षा, आर्थिक आवश्यकता आदि भी कभी-कभी लेखन के लिए प्रेरित करते हैं। यद्यपि लेखक इसे कम महत्त्व देते हैं, पर इसे नकारते भी नहीं।
(ख) रचनाकार के प्रेरणा स्रोत दूसरों को कैसे उत्साहित कर सकते हैं:
जब कोई रचनाकार अपनी रचना-प्रक्रिया और प्रेरणा के स्रोत ईमानदारी से साझा करता है, तो पाठक या अन्य कलाकार यह समझ पाते हैं कि —
- रचना केवल प्रतिभा का नहीं, गहरी अनुभूति का परिणाम है।
- साधारण जीवन की घटनाएँ भी रचना का आधार बन सकती हैं।
- अपनी पीड़ा, संवेदना और विचारों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त किया जा सकता है।
इस प्रकार एक रचनाकार की प्रेरणा-कथा दूसरों के भीतर सोई हुई संवेदनशीलता को जगाकर उन्हें सृजन के लिए प्रेरित करती है।
4कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति/स्वयं के अनुभव के साथ-साथ बाह्य दबाव भी महत्वपूर्ण होता है। ये बाह्य दबाव कौन-कौन से हो सकते हैं?Show solution
उत्तर:
रचनाकारों पर पड़ने वाले प्रमुख बाह्य दबाव निम्नलिखित हो सकते हैं —
- प्रकाशकों का दबाव: प्रकाशक समय-सीमा के भीतर रचना माँगते हैं, जिससे लेखक को लिखना पड़ता है।
- आर्थिक आवश्यकता: जीविकोपार्जन के लिए लिखना पड़ता है। पत्र-पत्रिकाओं के लिए नियमित लेखन इसी श्रेणी में आता है।
- पाठकों की माँग और अपेक्षाएँ: पाठक किसी लेखक की अगली रचना की प्रतीक्षा करते हैं, जो लेखक पर एक सकारात्मक दबाव बनाता है।
- सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियाँ: समाज में व्याप्त अन्याय, अत्याचार, युद्ध आदि रचनाकार को लिखने के लिए बाध्य करते हैं।
- संपादकों का आग्रह: पत्रिकाओं के संपादक विशेष विषयों पर लिखने का अनुरोध करते हैं।
- पुरस्कार एवं प्रतिष्ठा की चाह: कभी-कभी सामाजिक मान्यता और पुरस्कार पाने की इच्छा भी लेखन को प्रेरित करती है।
इन बाह्य दबावों के कारण लिखी गई रचनाएँ भी महत्त्वपूर्ण हो सकती हैं, यदि उनमें अनुभूति की सच्चाई हो।
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Frequently Asked Questions
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How should I revise मैं क्यों लिखता हूँ-अज्ञेय for the Tripura Board Class 10 board exam?
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